कानपुर के बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र शुरू
Model Mission Shakti Kendra opens at Kanpur's Badshahinaka police station
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। शहर के बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र की शुरुआत की गई है। इस केंद्र में महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर काउंसलिंग, जरूरी सहायता, आश्रय और पुनर्वास तक की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। इसे महिलाओं की समस्याओं के लिए एकीकृत सहायता केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। केंद्र की शुरुआत मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तहत शारदीय नवरात्र के दौरान की गई।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
मॉडल मिशन शक्ति केंद्र में महिलाओं को ये सुविधाएं मिलेंगी:
शिकायत दर्ज करना: घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या किसी भी तरह की परेशानी की शिकायत।
काउंसलिंग: पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की स्थिति में परामर्श।
जरूरी सहायता: कानूनी और प्रशासनिक मदद के लिए मार्गदर्शन।
आश्रय: मुश्किल हालात में सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था।
पुनर्वास: पीड़ित महिलाओं को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने में मदद।
केंद्र के लिए भवन का नवीनीकरण, स्टाफ का प्रशिक्षण और रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। डिजिटल रिकॉर्ड से शिकायतों की निगरानी और उनके निपटारे में तेजी आएगी।
जागरूकता चौपाल में 350 लोग
केंद्र की शुरुआत के मौके पर एक बड़ी जागरूकता चौपाल भी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) शिवा सिंह ने की। चौपाल में करीब 350 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें महिलाएं, बच्चे, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और स्कूलों के शिक्षक व छात्र शामिल थे।
कार्यक्रम में अपर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) स्नेहा तिवारी, एसीपी कलक्टरगंज आकांक्षा पांडेय, बादशाहीनाका थाना प्रभारी राहुल कुमार, महिला थाना प्रभारी कमर सुल्ताना और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
किन मुद्दों पर हुई बात
चौपाल में कई अहम विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया:
बाल विवाह की रोकथाम: बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चियों की पढ़ाई, सेहत और भविष्य पर बुरा असर पड़ता है।
महिला सुरक्षा: किसी भी खतरे या परेशानी में तुरंत पुलिस से मदद लेने के तरीके बताए गए।
शिक्षा और सशक्तिकरण: बेटियों की पढ़ाई और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
गोपनीयता का भरोसा: लोगों को बताया गया कि शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
'बढ़ते बच्चे' फिल्म दिखाई गई
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की बनाई लघु फिल्म "बढ़ते बच्चे" भी दिखाई गई। इस फिल्म के जरिये किशोरों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों, निजी सुरक्षा, सहमति और ऑनलाइन व ऑफलाइन उत्पीड़न के बारे में जानकारी दी गई। आज के दौर में जब बच्चे कम उम्र में ही मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़ जाते हैं, ऐसी जानकारी उन्हें सुरक्षित रहने में मदद करती है।
मिशन शक्ति क्या है
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार का महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए चलाया जा रहा अभियान है। इसकी शुरुआत अक्टूबर 2020 में शारदीय नवरात्र के दौरान हुई थी। इसके तहत पुलिस, महिला कल्याण, शिक्षा और दूसरे विभाग मिलकर जागरूकता कार्यक्रम, सुरक्षा उपाय और सहायता सेवाएं चलाते हैं। अभियान अब अपने छठे चरण में है। प्रदेश के थानों में मिशन शक्ति केंद्र और महिला हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, ताकि महिलाओं को थाने में सहज माहौल मिल सके।
मॉडल केंद्र क्यों खास
अक्सर महिलाएं थाने जाने में झिझकती हैं। उन्हें डर होता है कि उनकी बात सुनी जाएगी या नहीं, और उनकी पहचान सुरक्षित रहेगी या नहीं। मॉडल मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य इसी झिझक को दूर करना है। यहां महिला पुलिसकर्मी और प्रशिक्षित स्टाफ महिलाओं की बात सुनेंगे। शिकायत के साथ-साथ काउंसलिंग और आश्रय जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलने से पीड़ित महिला को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जरूरी हेल्पलाइन नंबर
किसी भी परेशानी में महिलाएं इन नंबरों पर संपर्क कर सकती हैं:
1090: वुमेन पावर लाइन (उत्तर प्रदेश)
112: आपातकालीन पुलिस सहायता
181: महिला हेल्पलाइन
1098: चाइल्डलाइन (बच्चों के लिए)
1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन
1090 पर शिकायत करने वाली महिला की पहचान गोपनीय रखी जाती है। चौपाल में भी लोगों को इस हेल्पलाइन के बारे में विस्तार से बताया गया।
ऑनलाइन उत्पीड़न से कैसे बचें
आजकल महिलाओं और किशोरियों के साथ सोशल मीडिया और फोन के जरिये उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं। इनसे बचने के लिए:
अपनी निजी तस्वीरें और जानकारी अनजान लोगों से साझा न करें।
सोशल मीडिया खातों की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें।
अनजान लोगों की दोस्ती की रिक्वेस्ट सोच-समझकर स्वीकार करें।
धमकी या ब्लैकमेल होने पर डरें नहीं, तुरंत 1930 या 1090 पर शिकायत करें।
सबूत के तौर पर संदेशों और कॉल के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
अभिभावकों की भूमिका
बच्चों की सुरक्षा में अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम है। बच्चों से खुलकर बात करें, ताकि वे किसी भी परेशानी को आपसे साझा कर सकें। उन्हें "अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श" के बारे में सिखाएं। उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें, लेकिन भरोसे का माहौल बनाए रखें। बेटियों की पढ़ाई बीच में न छुड़वाएं और कम उम्र में शादी के दबाव से उन्हें बचाएं।
शहर के दूसरे थानों में भी विस्तार की उम्मीद
बादशाहीनाका थाने में शुरू हुआ यह मॉडल केंद्र अगर सफल रहता है, तो भविष्य में शहर के दूसरे थानों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे कानपुर की ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को अपने नजदीकी थाने में ही पूरी सहायता मिल सकेगी।
शिकायत करते समय क्या ध्यान रखें
अगर कोई महिला मिशन शक्ति केंद्र में शिकायत करने जा रही है, तो कुछ बातों का ध्यान रखना मददगार होगा। घटना की तारीख, समय और जगह लिखकर ले जाएं। अगर कोई सबूत हो, जैसे संदेश, फोटो, मेडिकल रिपोर्ट या गवाह, तो उसकी जानकारी भी दें। अपनी पहचान का दस्तावेज साथ रखें। शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी रसीद या संख्या जरूर लें, ताकि आगे की कार्रवाई की जानकारी ली जा सके। अगर किसी कारण से थाने जाना संभव न हो, तो 1090 या 112 पर फोन करके भी मदद मांगी जा सकती है।
निष्कर्ष
बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र की शुरुआत कानपुर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम है। शिकायत, काउंसलिंग, आश्रय और पुनर्वास एक ही जगह मिलने से पीड़ित महिलाओं को राहत मिलेगी। जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस सुविधा के बारे में जानें और बिना डर के इसका लाभ उठाएं।
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कानपुर के बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र शुरू
कानपुर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। शहर के बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र की शुरुआत की गई है। इस केंद्र में महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर काउंसलिंग, जरूरी सहायता, आश्रय और पुनर्वास तक की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी। इसे महिलाओं की समस्याओं के लिए एकीकृत सहायता केंद्र के रूप में तैयार किया गया है। केंद्र की शुरुआत मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तहत शारदीय नवरात्र के दौरान की गई।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी
मॉडल मिशन शक्ति केंद्र में महिलाओं को ये सुविधाएं मिलेंगी:
शिकायत दर्ज करना: घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या किसी भी तरह की परेशानी की शिकायत।
काउंसलिंग: पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की स्थिति में परामर्श।
जरूरी सहायता: कानूनी और प्रशासनिक मदद के लिए मार्गदर्शन।
आश्रय: मुश्किल हालात में सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था।
पुनर्वास: पीड़ित महिलाओं को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने में मदद।
केंद्र के लिए भवन का नवीनीकरण, स्टाफ का प्रशिक्षण और रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। डिजिटल रिकॉर्ड से शिकायतों की निगरानी और उनके निपटारे में तेजी आएगी।
जागरूकता चौपाल में 350 लोग
केंद्र की शुरुआत के मौके पर एक बड़ी जागरूकता चौपाल भी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) शिवा सिंह ने की। चौपाल में करीब 350 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें महिलाएं, बच्चे, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और स्कूलों के शिक्षक व छात्र शामिल थे।
कार्यक्रम में अपर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) स्नेहा तिवारी, एसीपी कलक्टरगंज आकांक्षा पांडेय, बादशाहीनाका थाना प्रभारी राहुल कुमार, महिला थाना प्रभारी कमर सुल्ताना और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
किन मुद्दों पर हुई बात
चौपाल में कई अहम विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया:
बाल विवाह की रोकथाम: बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चियों की पढ़ाई, सेहत और भविष्य पर बुरा असर पड़ता है।
महिला सुरक्षा: किसी भी खतरे या परेशानी में तुरंत पुलिस से मदद लेने के तरीके बताए गए।
शिक्षा और सशक्तिकरण: बेटियों की पढ़ाई और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
गोपनीयता का भरोसा: लोगों को बताया गया कि शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
'बढ़ते बच्चे' फिल्म दिखाई गई
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की बनाई लघु फिल्म "बढ़ते बच्चे" भी दिखाई गई। इस फिल्म के जरिये किशोरों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों, निजी सुरक्षा, सहमति और ऑनलाइन व ऑफलाइन उत्पीड़न के बारे में जानकारी दी गई। आज के दौर में जब बच्चे कम उम्र में ही मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़ जाते हैं, ऐसी जानकारी उन्हें सुरक्षित रहने में मदद करती है।
मिशन शक्ति क्या है
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार का महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए चलाया जा रहा अभियान है। इसकी शुरुआत अक्टूबर 2020 में शारदीय नवरात्र के दौरान हुई थी। इसके तहत पुलिस, महिला कल्याण, शिक्षा और दूसरे विभाग मिलकर जागरूकता कार्यक्रम, सुरक्षा उपाय और सहायता सेवाएं चलाते हैं। अभियान अब अपने छठे चरण में है। प्रदेश के थानों में मिशन शक्ति केंद्र और महिला हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, ताकि महिलाओं को थाने में सहज माहौल मिल सके।
मॉडल केंद्र क्यों खास
अक्सर महिलाएं थाने जाने में झिझकती हैं। उन्हें डर होता है कि उनकी बात सुनी जाएगी या नहीं, और उनकी पहचान सुरक्षित रहेगी या नहीं। मॉडल मिशन शक्ति केंद्र का उद्देश्य इसी झिझक को दूर करना है। यहां महिला पुलिसकर्मी और प्रशिक्षित स्टाफ महिलाओं की बात सुनेंगे। शिकायत के साथ-साथ काउंसलिंग और आश्रय जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलने से पीड़ित महिला को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जरूरी हेल्पलाइन नंबर
किसी भी परेशानी में महिलाएं इन नंबरों पर संपर्क कर सकती हैं:
1090: वुमेन पावर लाइन (उत्तर प्रदेश)
112: आपातकालीन पुलिस सहायता
181: महिला हेल्पलाइन
1098: चाइल्डलाइन (बच्चों के लिए)
1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन
1090 पर शिकायत करने वाली महिला की पहचान गोपनीय रखी जाती है। चौपाल में भी लोगों को इस हेल्पलाइन के बारे में विस्तार से बताया गया।
ऑनलाइन उत्पीड़न से कैसे बचें
आजकल महिलाओं और किशोरियों के साथ सोशल मीडिया और फोन के जरिये उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं। इनसे बचने के लिए:
अपनी निजी तस्वीरें और जानकारी अनजान लोगों से साझा न करें।
सोशल मीडिया खातों की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखें।
अनजान लोगों की दोस्ती की रिक्वेस्ट सोच-समझकर स्वीकार करें।
धमकी या ब्लैकमेल होने पर डरें नहीं, तुरंत 1930 या 1090 पर शिकायत करें।
सबूत के तौर पर संदेशों और कॉल के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
अभिभावकों की भूमिका
बच्चों की सुरक्षा में अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम है। बच्चों से खुलकर बात करें, ताकि वे किसी भी परेशानी को आपसे साझा कर सकें। उन्हें "अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श" के बारे में सिखाएं। उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें, लेकिन भरोसे का माहौल बनाए रखें। बेटियों की पढ़ाई बीच में न छुड़वाएं और कम उम्र में शादी के दबाव से उन्हें बचाएं।
शहर के दूसरे थानों में भी विस्तार की उम्मीद
बादशाहीनाका थाने में शुरू हुआ यह मॉडल केंद्र अगर सफल रहता है, तो भविष्य में शहर के दूसरे थानों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे कानपुर की ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को अपने नजदीकी थाने में ही पूरी सहायता मिल सकेगी।
शिकायत करते समय क्या ध्यान रखें
अगर कोई महिला मिशन शक्ति केंद्र में शिकायत करने जा रही है, तो कुछ बातों का ध्यान रखना मददगार होगा। घटना की तारीख, समय और जगह लिखकर ले जाएं। अगर कोई सबूत हो, जैसे संदेश, फोटो, मेडिकल रिपोर्ट या गवाह, तो उसकी जानकारी भी दें। अपनी पहचान का दस्तावेज साथ रखें। शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी रसीद या संख्या जरूर लें, ताकि आगे की कार्रवाई की जानकारी ली जा सके। अगर किसी कारण से थाने जाना संभव न हो, तो 1090 या 112 पर फोन करके भी मदद मांगी जा सकती है।
निष्कर्ष
बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र की शुरुआत कानपुर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम है। शिकायत, काउंसलिंग, आश्रय और पुनर्वास एक ही जगह मिलने से पीड़ित महिलाओं को राहत मिलेगी। जरूरत इस बात की है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इस सुविधा के बारे में जानें और बिना डर के इसका लाभ उठाएं।
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