ब्रेकिंग न्यूज़
India's Skyroot Aerospace wins two-launch order from US firm Reflect Orbital | Model Mission Shakti Kendra opens at Kanpur's Badshahinaka police station | India-New Zealand FTA comes into force; 100% duty-free access for Indian exports, new visa pathways | PLFS September 2026: Unemployment rate falls to 5%, urban female participation rises | Asian Para Games 2026: India reaches 30 medals; Deepthi Jeevanji, Simran set Games records | Global Hunger Index 2026: India ranks 100th of 122 countries, child wasting a concern | PM Modi inaugurates five projects worth ₹3,350 crore in Ladakh | Rain washes out Bengaluru decider, India-West Indies T20I series ends 2-2
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur

हाईवे पर खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा: महाराजपुर पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए, सात बाइक, स्कॉर्पियो और तीन तमंचे बरामद

Diesel Theft Gang Targeting Trucks on Highways Busted in Kanpur: Three Arrested, Seven Bikes, Scorpio and Three Country-Made Pistols Recovered

Kanpur Live News Desk ·

WhatsApp पर भेजेंFacebookX
हाईवे पर खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा: महाराजपुर पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए, सात बाइक, स्कॉर्पियो और तीन तमंचे बरामद
मुख्य बातें: महाराजपुर पुलिस ने हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कॉर्पियो, 3 तमंचे और 22 कारतूस बरामद हुए। गिरोह कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा समेत कई जिलों में ढाबों और सुनसान जगहों पर खड़े ट्रकों को निशाना बनाता था। आरोप है कि चोरी का डीजल ग्रामीण इलाकों में सस्ते दाम पर बेचा जाता था। गिरोह के दो सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हाईवे पर रात में खड़े ट्रकों और डंपरों से डीजल चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच कानपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार महाराजपुर पुलिस ने गुरुवार को सूचना के आधार पर हाईवे के पास से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से वाहन और हथियार भी बरामद हुए हैं। कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? आरोपी निवास दर्ज मुकदमे दीपक सिंह महाराजपुर 4 सौरभ सिंह नरवल 6 हिमांशु सिंह मवैया गांव, महाराजपुर 2 रिपोर्टों के अनुसार आरोपियों पर अलग-अलग थानों में ये मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य फरार हैं और पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से उनके बारे में पूछताछ कर रही है। क्या-क्या बरामद हुआ? 7 मोटरसाइकिल 1 स्कॉर्पियो गाड़ी 3 तमंचे 22 कारतूस पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद वाहन चोरी के तो नहीं हैं। कैसे करते थे चोरी? पूछताछ में आरोपियों ने जो तरीका बताया, उसके अनुसार: रात में हाईवे पर घूमना: गिरोह रात के समय हाईवे पर वाहनों से घूमता था। निशाना चुनना: ढाबों के पास और सुनसान इलाकों में खड़े ट्रक और डंपर निशाने पर रहते थे। डीजल निकालना: खड़े वाहनों की टंकी से डीजल निकाल लिया जाता था। सस्ते में बिक्री: चोरी का डीजल ग्रामीण इलाकों में सस्ते दाम पर बेच दिया जाता था। गिरोह कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा और दूसरे जिलों में वारदातें करता था। पकड़े जाने पर करते थे हवाई फायरिंग एडीसीपी शिवा सिंह के अनुसार गिरोह चोरी के दौरान हथियार साथ रखता था। पकड़े जाने की स्थिति में आरोपी हवा में फायरिंग कर भाग निकलते थे। इसी वजह से ट्रक चालक और ढाबा कर्मचारी भी उन्हें रोकने से डरते थे। अधिकारियों ने क्या कहा? अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) संकल्प शर्मा: हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी की घटनाएं लगातार हो रही थीं और पुलिस टीमें इस पर काम कर रही थीं। गुरुवार को सूचना के आधार पर महाराजपुर पुलिस ने गिरोह को हाईवे के पास से गिरफ्तार किया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता: उन्होंने आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दी। एडीसीपी शिवा सिंह: गिरोह के हथियार रखने और पकड़े जाने पर फायरिंग करने की जानकारी दी। ट्रांसपोर्टरों को कितना नुकसान? भारी वाहनों की डीजल टंकी में सैकड़ों लीटर डीजल होता है। एक रात में टंकी खाली होने से ट्रक मालिक को हजारों रुपये का नुकसान होता है। इसके अलावा: चालक बीच रास्ते में फंस जाते हैं। माल की डिलीवरी में देरी होती है। चालकों पर ही चोरी का शक जाता है, जिससे विवाद होते हैं। बीमा और पुलिस की औपचारिकताओं में समय बर्बाद होता है। चोरी का डीजल खरीदना भी अपराध चोरी का डीजल सस्ते में खरीदना भी कानूनन अपराध है। चोरी का माल जानबूझकर खरीदने या रखने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, ऐसे डीजल की गुणवत्ता का कोई भरोसा नहीं होता और इसमें मिलावट से इंजन खराब हो सकता है। ट्रक चालक और मालिक ऐसे रहें सतर्क सुरक्षित पार्किंग: रात में ट्रक रोशनी वाली और सुरक्षित पार्किंग या भरोसेमंद ढाबों पर ही खड़े करें। लॉक वाली टंकी: डीजल टंकी पर मजबूत ताला या एंटी-थेफ्ट कैप लगवाएं। जीपीएस और सेंसर: फ्यूल सेंसर और जीपीएस ट्रैकर से डीजल के स्तर पर नजर रखी जा सकती है। समूह में रुकें: सुनसान जगह पर अकेले रुकने से बचें। तुरंत सूचना: संदिग्ध गतिविधि दिखे तो 112 पर कॉल करें। हथियारबंद लोगों से खुद न उलझें। सीसीटीवी: ढाबा संचालक पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। हाईवे सुरक्षा पर जोर हाईवे पर रात की गश्त और ढाबों के आसपास पुलिस की मौजूदगी ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने में मदद करती है। ट्रांसपोर्ट संगठनों और पुलिस के बीच तालमेल से भी ऐसे गिरोहों की जानकारी जल्द मिल सकती है। चालकों की सुरक्षा भी जरूरी रात में हाईवे किनारे ट्रक खड़ा कर आराम करने वाले चालकों के लिए हथियारबंद गिरोह बड़ा खतरा होते हैं। ऐसे में चालक अपनी जान जोखिम में डालकर चोरों से न उलझें। केबिन के दरवाजे अंदर से बंद रखें, मोबाइल चार्ज रखें और ट्रांसपोर्ट कंपनी या परिवार को अपनी लोकेशन की जानकारी देते रहें। हाईवे पर बने सरकारी या अधिकृत ट्रक पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती है। लंबी दूरी के सफर में दो चालकों का होना भी सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद रहता है। आगे की जांच रिपोर्टों के अनुसार पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से फरार साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिलों और स्कॉर्पियो के चोरी के होने की भी जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और चोरी का डीजल खरीदने वालों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है। kanpur.live की राय डीजल चोरी गिरोह का पकड़ा जाना ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों के लिए राहत की खबर है। उम्मीद है कि फरार आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे और चोरी का डीजल खरीदने वालों तक भी जांच पहुंचेगी। हम ट्रांसपोर्टरों से अपील करते हैं कि सुरक्षा उपाय अपनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल प्रश्न 1. डीजल चोरी गिरोह को किस थाने की पुलिस ने पकड़ा? महाराजपुर थाने की पुलिस ने। प्रश्न 2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए? तीन, दीपक सिंह, सौरभ सिंह और हिमांशु सिंह। प्रश्न 3. क्या बरामद हुआ? 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कॉर्पियो, 3 तमंचे और 22 कारतूस। प्रश्न 4. गिरोह किन जिलों में चोरी करता था? कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा और दूसरे जिलों में। प्रश्न 5. चोरी का डीजल कहां बेचा जाता था? आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में सस्ते दाम पर। प्रश्न 6. कितने आरोपी फरार हैं? दो। प्रश्न 7. सौरभ सिंह पर कितने मुकदमे दर्ज हैं? छह। स्रोत: पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित स्थानीय रिपोर्ट, 15 अक्टूबर 2026।

हाईवे पर खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा: महाराजपुर पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार किए, सात बाइक, स्कॉर्पियो और तीन तमंचे बरामद

मुख्य बातें: महाराजपुर पुलिस ने हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कॉर्पियो, 3 तमंचे और 22 कारतूस बरामद हुए। गिरोह कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा समेत कई जिलों में ढाबों और सुनसान जगहों पर खड़े ट्रकों को निशाना बनाता था। आरोप है कि चोरी का डीजल ग्रामीण इलाकों में सस्ते दाम पर बेचा जाता था। गिरोह के दो सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हाईवे पर रात में खड़े ट्रकों और डंपरों से डीजल चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच कानपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार महाराजपुर पुलिस ने गुरुवार को सूचना के आधार पर हाईवे के पास से डीजल चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से वाहन और हथियार भी बरामद हुए हैं। कौन हैं गिरफ्तार आरोपी? आरोपी निवास दर्ज मुकदमे दीपक सिंह महाराजपुर 4 सौरभ सिंह नरवल 6 हिमांशु सिंह मवैया गांव, महाराजपुर 2 रिपोर्टों के अनुसार आरोपियों पर अलग-अलग थानों में ये मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य फरार हैं और पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से उनके बारे में पूछताछ कर रही है। क्या-क्या बरामद हुआ? 7 मोटरसाइकिल 1 स्कॉर्पियो गाड़ी 3 तमंचे 22 कारतूस पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद वाहन चोरी के तो नहीं हैं। कैसे करते थे चोरी? पूछताछ में आरोपियों ने जो तरीका बताया, उसके अनुसार: रात में हाईवे पर घूमना: गिरोह रात के समय हाईवे पर वाहनों से घूमता था। निशाना चुनना: ढाबों के पास और सुनसान इलाकों में खड़े ट्रक और डंपर निशाने पर रहते थे। डीजल निकालना: खड़े वाहनों की टंकी से डीजल निकाल लिया जाता था। सस्ते में बिक्री: चोरी का डीजल ग्रामीण इलाकों में सस्ते दाम पर बेच दिया जाता था। गिरोह कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा और दूसरे जिलों में वारदातें करता था। पकड़े जाने पर करते थे हवाई फायरिंग एडीसीपी शिवा सिंह के अनुसार गिरोह चोरी के दौरान हथियार साथ रखता था। पकड़े जाने की स्थिति में आरोपी हवा में फायरिंग कर भाग निकलते थे। इसी वजह से ट्रक चालक और ढाबा कर्मचारी भी उन्हें रोकने से डरते थे। अधिकारियों ने क्या कहा? अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) संकल्प शर्मा: हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से डीजल चोरी की घटनाएं लगातार हो रही थीं और पुलिस टीमें इस पर काम कर रही थीं। गुरुवार को सूचना के आधार पर महाराजपुर पुलिस ने गिरोह को हाईवे के पास से गिरफ्तार किया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता: उन्होंने आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी दी। एडीसीपी शिवा सिंह: गिरोह के हथियार रखने और पकड़े जाने पर फायरिंग करने की जानकारी दी। ट्रांसपोर्टरों को कितना नुकसान? भारी वाहनों की डीजल टंकी में सैकड़ों लीटर डीजल होता है। एक रात में टंकी खाली होने से ट्रक मालिक को हजारों रुपये का नुकसान होता है। इसके अलावा: चालक बीच रास्ते में फंस जाते हैं। माल की डिलीवरी में देरी होती है। चालकों पर ही चोरी का शक जाता है, जिससे विवाद होते हैं। बीमा और पुलिस की औपचारिकताओं में समय बर्बाद होता है। चोरी का डीजल खरीदना भी अपराध चोरी का डीजल सस्ते में खरीदना भी कानूनन अपराध है। चोरी का माल जानबूझकर खरीदने या रखने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, ऐसे डीजल की गुणवत्ता का कोई भरोसा नहीं होता और इसमें मिलावट से इंजन खराब हो सकता है। ट्रक चालक और मालिक ऐसे रहें सतर्क सुरक्षित पार्किंग: रात में ट्रक रोशनी वाली और सुरक्षित पार्किंग या भरोसेमंद ढाबों पर ही खड़े करें। लॉक वाली टंकी: डीजल टंकी पर मजबूत ताला या एंटी-थेफ्ट कैप लगवाएं। जीपीएस और सेंसर: फ्यूल सेंसर और जीपीएस ट्रैकर से डीजल के स्तर पर नजर रखी जा सकती है। समूह में रुकें: सुनसान जगह पर अकेले रुकने से बचें। तुरंत सूचना: संदिग्ध गतिविधि दिखे तो 112 पर कॉल करें। हथियारबंद लोगों से खुद न उलझें। सीसीटीवी: ढाबा संचालक पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। हाईवे सुरक्षा पर जोर हाईवे पर रात की गश्त और ढाबों के आसपास पुलिस की मौजूदगी ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने में मदद करती है। ट्रांसपोर्ट संगठनों और पुलिस के बीच तालमेल से भी ऐसे गिरोहों की जानकारी जल्द मिल सकती है। चालकों की सुरक्षा भी जरूरी रात में हाईवे किनारे ट्रक खड़ा कर आराम करने वाले चालकों के लिए हथियारबंद गिरोह बड़ा खतरा होते हैं। ऐसे में चालक अपनी जान जोखिम में डालकर चोरों से न उलझें। केबिन के दरवाजे अंदर से बंद रखें, मोबाइल चार्ज रखें और ट्रांसपोर्ट कंपनी या परिवार को अपनी लोकेशन की जानकारी देते रहें। हाईवे पर बने सरकारी या अधिकृत ट्रक पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती है। लंबी दूरी के सफर में दो चालकों का होना भी सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद रहता है। आगे की जांच रिपोर्टों के अनुसार पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से फरार साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही बरामद मोटरसाइकिलों और स्कॉर्पियो के चोरी के होने की भी जांच की जा रही है। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों और चोरी का डीजल खरीदने वालों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है। kanpur.live की राय डीजल चोरी गिरोह का पकड़ा जाना ट्रांसपोर्टरों और ट्रक चालकों के लिए राहत की खबर है। उम्मीद है कि फरार आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे और चोरी का डीजल खरीदने वालों तक भी जांच पहुंचेगी। हम ट्रांसपोर्टरों से अपील करते हैं कि सुरक्षा उपाय अपनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल प्रश्न 1. डीजल चोरी गिरोह को किस थाने की पुलिस ने पकड़ा? महाराजपुर थाने की पुलिस ने। प्रश्न 2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए? तीन, दीपक सिंह, सौरभ सिंह और हिमांशु सिंह। प्रश्न 3. क्या बरामद हुआ? 7 मोटरसाइकिल, 1 स्कॉर्पियो, 3 तमंचे और 22 कारतूस। प्रश्न 4. गिरोह किन जिलों में चोरी करता था? कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा और दूसरे जिलों में। प्रश्न 5. चोरी का डीजल कहां बेचा जाता था? आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में सस्ते दाम पर। प्रश्न 6. कितने आरोपी फरार हैं? दो। प्रश्न 7. सौरभ सिंह पर कितने मुकदमे दर्ज हैं? छह। स्रोत: पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित स्थानीय रिपोर्ट, 15 अक्टूबर 2026।

यह खबर अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

WhatsApp पर भेजेंFacebookX

किसी तथ्य में गलती दिखे तो हमें बताएं — हमारी संपादकीय नीति पढ़ें।

और पढ़ें | Related News

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई | Most Read

  1. 1वृद्धावस्था-विधवा-दिव्यांग पेंशन योजनाओं के नाम बदले, दिव्यांगों को बड़ी राहत
  2. 2भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट को अमेरिकी कंपनी से दो लॉन्च का ऑर्डर
  3. 3कानपुर के बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र शुरू
  4. 4भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, भारतीय सामान को 100% शुल्क मुक्त पहुंच
  5. 5सितंबर में बेरोजगारी दर घटकर 5%, शहरों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी