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होमगार्ड भर्ती में मेडिकल के नाम पर वसूली का आरोप: पुलिस लाइन में अभ्यर्थियों का तीन घंटे हंगामा, दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार पर एफआईआर

Allegations of Money Collection in Name of Medical Test at Kanpur Home Guard Recruitment: Three-Hour Protest at Police Lines, FIR Against Two Doctors

Kanpur Live News Desk ·

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होमगार्ड भर्ती में मेडिकल के नाम पर वसूली का आरोप: पुलिस लाइन में अभ्यर्थियों का तीन घंटे हंगामा, दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार पर एफआईआर
मुख्य बातें: कानपुर पुलिस लाइन में चल रही होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में वसूली के आरोप पर गुरुवार रात करीब तीन घंटे हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेडिकल फिटनेस के नाम पर उनसे 15 हजार से 50 हजार रुपये तक मांगे गए। आरोप है कि रुपये न देने वालों को अनफिट घोषित किया गया। रुपये लेते पकड़े गए एक युवक को आक्रोशित अभ्यर्थियों ने पीट दिया, जिसे पुलिस ने बचाया। जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा के अनुसार दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कानपुर में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान गुरुवार रात पुलिस लाइन में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब अभ्यर्थियों ने मेडिकल परीक्षण कर रहे डॉक्टरों पर फिटनेस के नाम पर रुपये वसूलने का आरोप लगाया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई। हालात संभालने के लिए कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में जिला होमगार्ड कमांडेंट ने एफआईआर दर्ज होने और अभ्यर्थियों के रुपये वापस कराने का भरोसा दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ। कई दिनों से चल रहा था मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार होमगार्ड भर्ती के तहत पुलिस लाइन में कई दिनों से अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण चल रहा था। यह परीक्षण भर्ती प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, जिसमें फिट पाए जाने पर ही अभ्यर्थी आगे बढ़ सकते हैं। अभ्यर्थियों के आरोप अभ्यर्थियों ने ये आरोप लगाए: मेडिकल परीक्षण कर रहे डॉक्टरों ने "मेडिकल फिटनेस" के नाम पर रुपये मांगे। हर अभ्यर्थी से 15 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग की गई। रुपये न देने वाले अभ्यर्थियों को अनफिट घोषित कर दिया गया। अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को पर्चियां देकर रुपये लिए जा रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार मेडिकल परीक्षण सरकारी डॉक्टर डॉ. प्रवीण अग्रवाल और डॉ. महेश त्रिवेदी कर रहे थे। आरोप है कि रुपये लेने के लिए डॉक्टर अपने साथ रिश्तेदारों को लाए थे। एक रिपोर्ट में डॉक्टर के बेटे के शामिल होने की बात भी कही गई है। डॉक्टरों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। कार में रुपये लेते पकड़ा गया युवक रिपोर्टों के अनुसार जब अभ्यर्थियों ने आवाज उठानी शुरू की, तो एक युवक रुपये लेते हुए पकड़ा गया। वह एक डॉक्टर की कार (यूपी 78 जेजे 8030) में बैठा था। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने उसे घेरकर बुरी तरह पीट दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया। नारेबाजी और तोड़फोड़ की कोशिश इसके बाद अभ्यर्थियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। स्थिति बिगड़ती देख कई थानों से भारी पुलिस बल बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक पुलिस लाइन में तनाव का माहौल बना रहा। कमांडेंट ने दिया भरोसा जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा मौके पर पहुंचीं और अभ्यर्थियों से बात की। रिपोर्टों के अनुसार: उन्होंने बताया कि दोनों डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार के खिलाफ वसूली के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने अभ्यर्थियों को भरोसा दिया कि उनके रुपये वापस कराए जाएंगे। कमांडेंट के अनुसार अभ्यर्थियों के आरोप सही पाए गए। रिपोर्टों के अनुसार दोनों डॉक्टरों पर कुल करीब 2.5 से 3 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। इस भरोसे के बाद अभ्यर्थी शांत हुए। मामले का संक्षिप्त ब्योरा विवरण जानकारी स्थान पुलिस लाइन, कानपुर समय गुरुवार (15 अक्टूबर) रात हंगामे की अवधि करीब तीन घंटे आरोपित वसूली 15,000 से 50,000 रुपये प्रति अभ्यर्थी कुल कथित वसूली करीब 2.5 से 3 लाख रुपये कार्रवाई दो डॉक्टरों और रिश्तेदार पर एफआईआर बयान जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा अभी किन सवालों के जवाब बाकी हैं? अनफिट घोषित किए गए अभ्यर्थियों का दोबारा मेडिकल होगा या नहीं। कितने अभ्यर्थियों से रुपये लिए गए, इसकी पूरी सूची। आरोपितों की गिरफ्तारी हुई या नहीं। मारपीट में घायल युवक की हालत और उस मामले में कार्रवाई। इन सभी बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी आना बाकी है। होमगार्ड क्या है? होमगार्ड एक स्वयंसेवी बल है, जो पुलिस की सहायता के लिए काम करता है। होमगार्ड जवान ट्रैफिक व्यवस्था, मेलों और त्योहारों में भीड़ प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी, आपदा राहत और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग की भर्ती में बड़ी संख्या में युवा हिस्सा लेते हैं, क्योंकि इससे उन्हें रोजगार और समाज सेवा दोनों का मौका मिलता है। भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल का महत्व होमगार्ड जैसी शारीरिक मेहनत वाली सेवा के लिए उम्मीदवार का स्वस्थ होना जरूरी है। मेडिकल परीक्षण में आंखों की रोशनी, शारीरिक बनावट और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती है। यह जांच पूरी तरह निःशुल्क और निष्पक्ष होनी चाहिए। किसी भी सरकारी भर्ती में मेडिकल या किसी दूसरे चरण के लिए अलग से रुपये देने का कोई प्रावधान नहीं होता। अभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान किसी को रुपये न दें: सरकारी भर्ती में पास या फिट कराने के नाम पर रुपये मांगने वाले से सावधान रहें। शिकायत करें: कोई रुपये मांगे तो तुरंत भर्ती बोर्ड, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी या पुलिस को सूचना दें। सबूत रखें: संभव हो तो बातचीत, पर्ची या लेन-देन का सबूत सुरक्षित रखें। ऑनलाइन शिकायत: उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। कानून हाथ में न लें: शिकायत कानूनी तरीके से करें। मारपीट से खुद अभ्यर्थी भी कानूनी मुश्किल में पड़ सकते हैं। दलालों से बचें: भर्ती कराने का दावा करने वाले बाहरी लोगों पर भरोसा न करें। भ्रष्टाचार की शिकायत कहां करें? सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) से भी की जा सकती है। शिकायत मिलने पर यह संगठन जांच कर कार्रवाई करता है। इसके अलावा संबंधित विभाग के जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों से भी लिखित शिकायत की जा सकती है। kanpur.live की राय सरकारी भर्ती युवाओं के सपनों से जुड़ी होती है। अगर मेडिकल जैसे चरण में वसूली के आरोप लगें, तो यह पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर डालता है। एफआईआर दर्ज होना सही दिशा में कदम है। उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी, अभ्यर्थियों के रुपये लौटेंगे और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा। साथ ही हम अभ्यर्थियों से अपील करते हैं कि विरोध शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से करें। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल प्रश्न 1. हंगामा कहां हुआ? कानपुर पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के दौरान। प्रश्न 2. अभ्यर्थियों का आरोप क्या है? मेडिकल फिटनेस के नाम पर 15 से 50 हजार रुपये मांगने और रुपये न देने पर अनफिट करने का। प्रश्न 3. किन पर एफआईआर दर्ज हुई? मेडिकल कर रहे दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार पर। प्रश्न 4. हंगामा कितनी देर चला? करीब तीन घंटे। प्रश्न 5. कुल कितनी वसूली का आरोप है? रिपोर्टों के अनुसार करीब 2.5 से 3 लाख रुपये। प्रश्न 6. अभ्यर्थियों को क्या भरोसा दिया गया? जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा ने रुपये वापस कराने और कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रश्न 7. भर्ती में रुपये मांगे जाएं तो कहां शिकायत करें? विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस, एंटी करप्शन संगठन या जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर। स्रोत: अभ्यर्थियों के आरोपों और जिला होमगार्ड कमांडेंट के बयान पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 16 अक्टूबर 2026।

होमगार्ड भर्ती में मेडिकल के नाम पर वसूली का आरोप: पुलिस लाइन में अभ्यर्थियों का तीन घंटे हंगामा, दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार पर एफआईआर

मुख्य बातें: कानपुर पुलिस लाइन में चल रही होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में वसूली के आरोप पर गुरुवार रात करीब तीन घंटे हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेडिकल फिटनेस के नाम पर उनसे 15 हजार से 50 हजार रुपये तक मांगे गए। आरोप है कि रुपये न देने वालों को अनफिट घोषित किया गया। रुपये लेते पकड़े गए एक युवक को आक्रोशित अभ्यर्थियों ने पीट दिया, जिसे पुलिस ने बचाया। जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा के अनुसार दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कानपुर में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान गुरुवार रात पुलिस लाइन में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब अभ्यर्थियों ने मेडिकल परीक्षण कर रहे डॉक्टरों पर फिटनेस के नाम पर रुपये वसूलने का आरोप लगाया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट भी हुई। हालात संभालने के लिए कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में जिला होमगार्ड कमांडेंट ने एफआईआर दर्ज होने और अभ्यर्थियों के रुपये वापस कराने का भरोसा दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ। कई दिनों से चल रहा था मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार होमगार्ड भर्ती के तहत पुलिस लाइन में कई दिनों से अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण चल रहा था। यह परीक्षण भर्ती प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, जिसमें फिट पाए जाने पर ही अभ्यर्थी आगे बढ़ सकते हैं। अभ्यर्थियों के आरोप अभ्यर्थियों ने ये आरोप लगाए: मेडिकल परीक्षण कर रहे डॉक्टरों ने "मेडिकल फिटनेस" के नाम पर रुपये मांगे। हर अभ्यर्थी से 15 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग की गई। रुपये न देने वाले अभ्यर्थियों को अनफिट घोषित कर दिया गया। अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को पर्चियां देकर रुपये लिए जा रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार मेडिकल परीक्षण सरकारी डॉक्टर डॉ. प्रवीण अग्रवाल और डॉ. महेश त्रिवेदी कर रहे थे। आरोप है कि रुपये लेने के लिए डॉक्टर अपने साथ रिश्तेदारों को लाए थे। एक रिपोर्ट में डॉक्टर के बेटे के शामिल होने की बात भी कही गई है। डॉक्टरों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। कार में रुपये लेते पकड़ा गया युवक रिपोर्टों के अनुसार जब अभ्यर्थियों ने आवाज उठानी शुरू की, तो एक युवक रुपये लेते हुए पकड़ा गया। वह एक डॉक्टर की कार (यूपी 78 जेजे 8030) में बैठा था। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने उसे घेरकर बुरी तरह पीट दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया। नारेबाजी और तोड़फोड़ की कोशिश इसके बाद अभ्यर्थियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। स्थिति बिगड़ती देख कई थानों से भारी पुलिस बल बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक पुलिस लाइन में तनाव का माहौल बना रहा। कमांडेंट ने दिया भरोसा जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा मौके पर पहुंचीं और अभ्यर्थियों से बात की। रिपोर्टों के अनुसार: उन्होंने बताया कि दोनों डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार के खिलाफ वसूली के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने अभ्यर्थियों को भरोसा दिया कि उनके रुपये वापस कराए जाएंगे। कमांडेंट के अनुसार अभ्यर्थियों के आरोप सही पाए गए। रिपोर्टों के अनुसार दोनों डॉक्टरों पर कुल करीब 2.5 से 3 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। इस भरोसे के बाद अभ्यर्थी शांत हुए। मामले का संक्षिप्त ब्योरा विवरण जानकारी स्थान पुलिस लाइन, कानपुर समय गुरुवार (15 अक्टूबर) रात हंगामे की अवधि करीब तीन घंटे आरोपित वसूली 15,000 से 50,000 रुपये प्रति अभ्यर्थी कुल कथित वसूली करीब 2.5 से 3 लाख रुपये कार्रवाई दो डॉक्टरों और रिश्तेदार पर एफआईआर बयान जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा अभी किन सवालों के जवाब बाकी हैं? अनफिट घोषित किए गए अभ्यर्थियों का दोबारा मेडिकल होगा या नहीं। कितने अभ्यर्थियों से रुपये लिए गए, इसकी पूरी सूची। आरोपितों की गिरफ्तारी हुई या नहीं। मारपीट में घायल युवक की हालत और उस मामले में कार्रवाई। इन सभी बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी आना बाकी है। होमगार्ड क्या है? होमगार्ड एक स्वयंसेवी बल है, जो पुलिस की सहायता के लिए काम करता है। होमगार्ड जवान ट्रैफिक व्यवस्था, मेलों और त्योहारों में भीड़ प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी, आपदा राहत और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग की भर्ती में बड़ी संख्या में युवा हिस्सा लेते हैं, क्योंकि इससे उन्हें रोजगार और समाज सेवा दोनों का मौका मिलता है। भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल का महत्व होमगार्ड जैसी शारीरिक मेहनत वाली सेवा के लिए उम्मीदवार का स्वस्थ होना जरूरी है। मेडिकल परीक्षण में आंखों की रोशनी, शारीरिक बनावट और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती है। यह जांच पूरी तरह निःशुल्क और निष्पक्ष होनी चाहिए। किसी भी सरकारी भर्ती में मेडिकल या किसी दूसरे चरण के लिए अलग से रुपये देने का कोई प्रावधान नहीं होता। अभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान किसी को रुपये न दें: सरकारी भर्ती में पास या फिट कराने के नाम पर रुपये मांगने वाले से सावधान रहें। शिकायत करें: कोई रुपये मांगे तो तुरंत भर्ती बोर्ड, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी या पुलिस को सूचना दें। सबूत रखें: संभव हो तो बातचीत, पर्ची या लेन-देन का सबूत सुरक्षित रखें। ऑनलाइन शिकायत: उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। कानून हाथ में न लें: शिकायत कानूनी तरीके से करें। मारपीट से खुद अभ्यर्थी भी कानूनी मुश्किल में पड़ सकते हैं। दलालों से बचें: भर्ती कराने का दावा करने वाले बाहरी लोगों पर भरोसा न करें। भ्रष्टाचार की शिकायत कहां करें? सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) से भी की जा सकती है। शिकायत मिलने पर यह संगठन जांच कर कार्रवाई करता है। इसके अलावा संबंधित विभाग के जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों से भी लिखित शिकायत की जा सकती है। kanpur.live की राय सरकारी भर्ती युवाओं के सपनों से जुड़ी होती है। अगर मेडिकल जैसे चरण में वसूली के आरोप लगें, तो यह पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर डालता है। एफआईआर दर्ज होना सही दिशा में कदम है। उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी, अभ्यर्थियों के रुपये लौटेंगे और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा। साथ ही हम अभ्यर्थियों से अपील करते हैं कि विरोध शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से करें। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल प्रश्न 1. हंगामा कहां हुआ? कानपुर पुलिस लाइन में होमगार्ड भर्ती के दौरान। प्रश्न 2. अभ्यर्थियों का आरोप क्या है? मेडिकल फिटनेस के नाम पर 15 से 50 हजार रुपये मांगने और रुपये न देने पर अनफिट करने का। प्रश्न 3. किन पर एफआईआर दर्ज हुई? मेडिकल कर रहे दो डॉक्टरों और उनके रिश्तेदार पर। प्रश्न 4. हंगामा कितनी देर चला? करीब तीन घंटे। प्रश्न 5. कुल कितनी वसूली का आरोप है? रिपोर्टों के अनुसार करीब 2.5 से 3 लाख रुपये। प्रश्न 6. अभ्यर्थियों को क्या भरोसा दिया गया? जिला होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा ने रुपये वापस कराने और कार्रवाई का भरोसा दिया। प्रश्न 7. भर्ती में रुपये मांगे जाएं तो कहां शिकायत करें? विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस, एंटी करप्शन संगठन या जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर। स्रोत: अभ्यर्थियों के आरोपों और जिला होमगार्ड कमांडेंट के बयान पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 16 अक्टूबर 2026।

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