ब्रेकिंग न्यूज़
Kanpur Weather: Cyclone Arnab Brings Storm and Rain Alert From Sept 24–27, Monsoon to Withdraw on October 3 | Fake Anti-Rabies Vaccine Case: Two Birhana Road Agencies Sealed in Kanpur, Raids on 20+ Medical Stores Planned | Kanpur Nagar Nigam Tender Scam: Action Against Chief Engineer Likely After CDO Probe Finds Firms Registered Without Verification | Vineet Minocha Murder Case: Big Twist During Remand, Police Arrest Son Subrat | Bikru Case: Allahabad High Court Grants Conditional Bail to Dismissed SI KK Sharma and Shivam Dubey After Six Years | Strained Relationships: Kanpur's Sharia Courts Receive Around 30 Cases a Month, Maintenance and Divorce Cases Rise | Kanpur Vegetable Prices Crash by ₹20–30 per kg: Lauki, Tomato, Bhindi and Dhaniya Get Cheaper as Supply Returns from Across the Ganga | 'Chor Nala' in Jajmau Sending Dirty Water Straight into the Ganga, Pollution Board Orders Probe; Questions Raised on Namami Gange Work
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur
Back to Home

Fake Anti-Rabies Vaccine Case: Two Birhana Road Agencies Sealed in Kanpur, Raids on 20+ Medical Stores Planned

crime - Thu Sep 24

Fake Anti-Rabies Vaccine Case: Two Birhana Road Agencies Sealed in Kanpur, Raids on 20+ Medical Stores Planned
मुख्य बातें: दिल्ली में बरामद नकली एंटी रैबीज वैक्सीन 'अभयरब' के 481 वायल की आपूर्ति कानपुर की एक एजेंसी से होने की बात सामने आई है। ड्रग विभाग ने बुधवार को बिरहाना रोड स्थित दो दवा फर्मों, न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी, को सील कर दिया। छापे के दौरान मौके पर वैक्सीन नहीं मिली, लेकिन दस्तावेजों की जांच जारी है। विभाग अब शहर के 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर छापे की तैयारी कर रहा है। बिरहाना रोड थोक बाजार में हर महीने करीब 5000-6000 एंटी रैबीज इंजेक्शन बिकते हैं। दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी रैबीज वैक्सीन के मामले में कानपुर का नाम अब और गहराई से जुड़ता दिख रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में छापे के दौरान बरामद की गई 'अभयरब' वैक्सीन के 481 वायल की सप्लाई कानपुर की एक एजेंसी ने की थी। इसके बाद कानपुर के ड्रग विभाग ने बुधवार, 23 सितंबर को शहर के सबसे बड़े दवा थोक बाजार बिरहाना रोड पर बड़ी कार्रवाई की। दो दवा फर्में सील दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के बीच ड्रग विभाग की टीम ने बिरहाना रोड स्थित दो दवा फर्मों पर छापा मारा: न्यू आरजे एजेंसी एलेक्सा एजेंसी ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह और देवयानी दुबे की टीम ने न्यू आरजे एजेंसी पर छापा मारा। ड्रग इंस्पेक्टर देवयानी दुबे के मुताबिक टीम को मौके पर संबंधित वैक्सीन नहीं मिली। दुकान की प्रोपराइटर भी मौके पर मौजूद नहीं थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुकान को सील कर दिया गया और टीम ने खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिलिंग से जुड़े कागजात और दूसरे जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद टीम एलेक्सा एजेंसी पहुंची, जहां शटर बंद मिला। इस एजेंसी को भी सील कर दिया गया। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने बताया कि एलेक्सा के मालिक से फोन पर संपर्क कर दस्तावेज मांगे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार जांच टीम ने 22 सितंबर को भी न्यू आरजे एजेंसी पर छापा मारा था, लेकिन उस समय कुछ बरामद नहीं हुआ था और दुकान बंद कराकर टीम लौट गई थी। विभाग ने क्या कहा ड्रग विभाग के सहायक आयुक्त गोविंद गुप्ता ने बताया कि नकली एंटी रैबीज वैक्सीन मामले की जांच चल रही है। उनके अनुसार छापे के दौरान मौके पर कोई नकली दवा नहीं मिली है, लेकिन दस्तावेजों से कोई छेड़छाड़ न हो सके, इसलिए दोनों दुकानों को सील किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह मामला अभी जांच के चरण में है। कानपुर के दो थोक दवा कारोबारियों पर दिल्ली में नकली वैक्सीन बेचने का आरोप है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। जांच किन सवालों पर टिकी है जांच एजेंसियां मुख्य रूप से तीन बातों का पता लगा रही हैं: यह कथित नकली वैक्सीन आखिर बनाई कहां गई? यह दिल्ली तक किस रास्ते से पहुंची? कानपुर से यह किन-किन जिलों और जगहों पर सप्लाई की गई? ड्रग विभाग को मिली गोपनीय जानकारी के अनुसार यह खेप केवल कानपुर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों और दूसरे जिलों में भी भेजी गई हो सकती है। इसी वजह से विभाग ने शहर के 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर एक साथ छापे मारने की योजना बनाई है। वैक्सीन की किल्लत का फायदा? बिरहाना रोड के थोक बाजार में हर महीने करीब 5000 से 6000 अभयरब एंटी रैबीज इंजेक्शन की बिक्री होती है। हाल के दिनों में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ने से इस वैक्सीन की किल्लत की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं इसी कमी का फायदा उठाकर नकली वैक्सीन का नेटवर्क तो सक्रिय नहीं हुआ। पहले भी पकड़ी गई थीं नकली दवाएं बिरहाना रोड पर नकली दवाओं का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल अक्टूबर में यहां श्री लक्ष्मी फार्मा पर ड्रग विभाग के छापे में करीब पांच लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। रिपोर्टों के अनुसार वहां नकली दवाओं पर एक्सपायरी तिथि, बैच नंबर और एमआरपी तक प्रिंट की जा रही थी। उस कार्रवाई में पंजाब पुलिस भी शामिल थी। इसी तरह पिछले साल ज्ञानवीर निगम ब्रदर्स पर छापे में नकली दवाएं मिली थीं। वहां से लिए गए सैंपल जांच में फेल हुए थे, जिसके बाद दुकान सील कर लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। रेबीज क्यों है इतना खतरनाक? रेबीज एक वायरल बीमारी है जो आम तौर पर संक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर या दूसरे जानवर के काटने या खरोंचने से फैलती है। यह वायरस सीधे दिमाग और नसों पर असर करता है। एक बार लक्षण दिखने शुरू हो जाएं तो यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है। यही वजह है कि जानवर के काटने के बाद समय पर सही वैक्सीन लगवाना जिंदगी और मौत का सवाल होता है। अगर किसी को नकली वैक्सीन लग जाए तो उसे लगता है कि वह सुरक्षित है, जबकि असल में शरीर में कोई सुरक्षा बनती ही नहीं। इसलिए नकली एंटी रैबीज वैक्सीन का मामला आम नकली दवा से कहीं ज्यादा गंभीर माना जाता है। कुत्ता काटे तो तुरंत क्या करें घाव को तुरंत धोएं: साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक घाव को अच्छी तरह धोएं। घाव पर मिर्च, तेल या घरेलू लेप न लगाएं। जल्द से जल्द अस्पताल जाएं: डॉक्टर की सलाह पर एंटी रैबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स लें। गहरे घाव में डॉक्टर इम्युनोग्लोबुलिन भी दे सकते हैं। कोर्स बीच में न छोड़ें: सभी डोज तय तारीखों पर लगवाएं। सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन आम तौर पर उपलब्ध रहती है। निजी दुकान से वैक्सीन खरीदनी पड़े तो कुछ सावधानियां जरूर रखें। असली दवा की पहचान कैसे करें हमेशा लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही दवा या वैक्सीन खरीदें। पक्का बिल जरूर लें, जिसमें बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि लिखी हो। पैकिंग पर छपाई, सील और लेबल को ध्यान से देखें। धुंधली छपाई या टूटी सील पर शक करें। कई दवाओं पर अब QR कोड होता है, जिसे स्कैन कर जानकारी जांची जा सकती है। वैक्सीन को ठंडे तापमान पर रखना जरूरी होता है। अगर दुकानदार उसे फ्रिज से नहीं निकाल रहा, तो सवाल पूछें। बहुत सस्ते दाम पर मिल रही वैक्सीन से सावधान रहें। आगे क्या होगा ड्रग विभाग आने वाले दिनों में शहर में विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। सील की गई एजेंसियों के दस्तावेजों की जांच से यह तय होगा कि नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन शामिल है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के नतीजे भी इस मामले में अहम होंगे। kanpur.live इस मामले से जुड़े हर अपडेट पर नजर रखेगा। अगर आपको किसी दुकान पर नकली या संदिग्ध दवा की जानकारी हो, तो इसकी शिकायत ड्रग विभाग से कर सकते हैं। दवा कारोबार पर क्या असर बिरहाना रोड कानपुर ही नहीं, आसपास के कई जिलों के लिए दवाओं का बड़ा थोक केंद्र है। यहां से सैकड़ों खुदरा मेडिकल स्टोर और अस्पतालों तक दवाएं जाती हैं। ऐसे में इस मामले ने ईमानदारी से कारोबार करने वाले दवा व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी है। कारोबारियों का मानना है कि कुछ लोगों की गलत हरकतों से पूरे बाजार की साख पर असर पड़ता है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। kanpur.live की राय सेहत से जुड़ी चीजों में मिलावट या नकली सामान सबसे गंभीर अपराधों में गिना जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर लोगों की जान पर पड़ता है। जांच एजेंसियों से उम्मीद है कि वे इस नेटवर्क की हर कड़ी तक पहुंचेंगी। आम लोगों से भी अपील है कि दवा खरीदते समय जागरूक रहें। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल प्रश्न 1. कानपुर में कौन सी दुकानें सील हुई हैं? बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी। प्रश्न 2. क्या दुकानों से नकली वैक्सीन बरामद हुई? नहीं, विभाग के अनुसार मौके पर वैक्सीन नहीं मिली। दस्तावेजों की जांच हो रही है। प्रश्न 3. कितने वायल की सप्लाई का आरोप है? रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में बरामद 481 वायल की सप्लाई कानपुर की एजेंसी से होने की बात सामने आई है। प्रश्न 4. आगे क्या कार्रवाई होगी? ड्रग विभाग शहर के 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर छापे की तैयारी कर रहा है। प्रश्न 5. कुत्ता काटने पर सबसे पहले क्या करें? घाव को साबुन और बहते पानी से 15 मिनट तक धोएं और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। प्रश्न 6. असली वैक्सीन की पहचान कैसे करें? लाइसेंसधारी दुकान से खरीदें, पक्का बिल लें और पैकिंग, बैच नंबर व QR कोड जांचें। प्रश्न 7. नकली दवा की शिकायत कहां करें? जिले के ड्रग विभाग (औषधि निरीक्षक कार्यालय) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। स्रोत: ड्रग विभाग के अधिकारियों के बयान पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 24 सितंबर 2026।

नकली एंटी रैबीज वैक्सीन का कानपुर कनेक्शन: बिरहाना रोड की दो दवा एजेंसियां सील, 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर छापे की तैयारी

मुख्य बातें: दिल्ली में बरामद नकली एंटी रैबीज वैक्सीन 'अभयरब' के 481 वायल की आपूर्ति कानपुर की एक एजेंसी से होने की बात सामने आई है। ड्रग विभाग ने बुधवार को बिरहाना रोड स्थित दो दवा फर्मों, न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी, को सील कर दिया। छापे के दौरान मौके पर वैक्सीन नहीं मिली, लेकिन दस्तावेजों की जांच जारी है। विभाग अब शहर के 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर छापे की तैयारी कर रहा है। बिरहाना रोड थोक बाजार में हर महीने करीब 5000-6000 एंटी रैबीज इंजेक्शन बिकते हैं। दिल्ली में पकड़ी गई नकली एंटी रैबीज वैक्सीन के मामले में कानपुर का नाम अब और गहराई से जुड़ता दिख रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में छापे के दौरान बरामद की गई 'अभयरब' वैक्सीन के 481 वायल की सप्लाई कानपुर की एक एजेंसी ने की थी। इसके बाद कानपुर के ड्रग विभाग ने बुधवार, 23 सितंबर को शहर के सबसे बड़े दवा थोक बाजार बिरहाना रोड पर बड़ी कार्रवाई की। दो दवा फर्में सील दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के बीच ड्रग विभाग की टीम ने बिरहाना रोड स्थित दो दवा फर्मों पर छापा मारा: न्यू आरजे एजेंसी एलेक्सा एजेंसी ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह और देवयानी दुबे की टीम ने न्यू आरजे एजेंसी पर छापा मारा। ड्रग इंस्पेक्टर देवयानी दुबे के मुताबिक टीम को मौके पर संबंधित वैक्सीन नहीं मिली। दुकान की प्रोपराइटर भी मौके पर मौजूद नहीं थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुकान को सील कर दिया गया और टीम ने खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिलिंग से जुड़े कागजात और दूसरे जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद टीम एलेक्सा एजेंसी पहुंची, जहां शटर बंद मिला। इस एजेंसी को भी सील कर दिया गया। ड्रग इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह ने बताया कि एलेक्सा के मालिक से फोन पर संपर्क कर दस्तावेज मांगे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार जांच टीम ने 22 सितंबर को भी न्यू आरजे एजेंसी पर छापा मारा था, लेकिन उस समय कुछ बरामद नहीं हुआ था और दुकान बंद कराकर टीम लौट गई थी। विभाग ने क्या कहा ड्रग विभाग के सहायक आयुक्त गोविंद गुप्ता ने बताया कि नकली एंटी रैबीज वैक्सीन मामले की जांच चल रही है। उनके अनुसार छापे के दौरान मौके पर कोई नकली दवा नहीं मिली है, लेकिन दस्तावेजों से कोई छेड़छाड़ न हो सके, इसलिए दोनों दुकानों को सील किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह मामला अभी जांच के चरण में है। कानपुर के दो थोक दवा कारोबारियों पर दिल्ली में नकली वैक्सीन बेचने का आरोप है, जिसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। जांच किन सवालों पर टिकी है जांच एजेंसियां मुख्य रूप से तीन बातों का पता लगा रही हैं: यह कथित नकली वैक्सीन आखिर बनाई कहां गई? यह दिल्ली तक किस रास्ते से पहुंची? कानपुर से यह किन-किन जिलों और जगहों पर सप्लाई की गई? ड्रग विभाग को मिली गोपनीय जानकारी के अनुसार यह खेप केवल कानपुर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों और दूसरे जिलों में भी भेजी गई हो सकती है। इसी वजह से विभाग ने शहर के 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर एक साथ छापे मारने की योजना बनाई है। वैक्सीन की किल्लत का फायदा? बिरहाना रोड के थोक बाजार में हर महीने करीब 5000 से 6000 अभयरब एंटी रैबीज इंजेक्शन की बिक्री होती है। हाल के दिनों में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ने से इस वैक्सीन की किल्लत की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं इसी कमी का फायदा उठाकर नकली वैक्सीन का नेटवर्क तो सक्रिय नहीं हुआ। पहले भी पकड़ी गई थीं नकली दवाएं बिरहाना रोड पर नकली दवाओं का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल अक्टूबर में यहां श्री लक्ष्मी फार्मा पर ड्रग विभाग के छापे में करीब पांच लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद हुई थीं। रिपोर्टों के अनुसार वहां नकली दवाओं पर एक्सपायरी तिथि, बैच नंबर और एमआरपी तक प्रिंट की जा रही थी। उस कार्रवाई में पंजाब पुलिस भी शामिल थी। इसी तरह पिछले साल ज्ञानवीर निगम ब्रदर्स पर छापे में नकली दवाएं मिली थीं। वहां से लिए गए सैंपल जांच में फेल हुए थे, जिसके बाद दुकान सील कर लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। रेबीज क्यों है इतना खतरनाक? रेबीज एक वायरल बीमारी है जो आम तौर पर संक्रमित कुत्ते, बिल्ली, बंदर या दूसरे जानवर के काटने या खरोंचने से फैलती है। यह वायरस सीधे दिमाग और नसों पर असर करता है। एक बार लक्षण दिखने शुरू हो जाएं तो यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है। यही वजह है कि जानवर के काटने के बाद समय पर सही वैक्सीन लगवाना जिंदगी और मौत का सवाल होता है। अगर किसी को नकली वैक्सीन लग जाए तो उसे लगता है कि वह सुरक्षित है, जबकि असल में शरीर में कोई सुरक्षा बनती ही नहीं। इसलिए नकली एंटी रैबीज वैक्सीन का मामला आम नकली दवा से कहीं ज्यादा गंभीर माना जाता है। कुत्ता काटे तो तुरंत क्या करें घाव को तुरंत धोएं: साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक घाव को अच्छी तरह धोएं। घाव पर मिर्च, तेल या घरेलू लेप न लगाएं। जल्द से जल्द अस्पताल जाएं: डॉक्टर की सलाह पर एंटी रैबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स लें। गहरे घाव में डॉक्टर इम्युनोग्लोबुलिन भी दे सकते हैं। कोर्स बीच में न छोड़ें: सभी डोज तय तारीखों पर लगवाएं। सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन आम तौर पर उपलब्ध रहती है। निजी दुकान से वैक्सीन खरीदनी पड़े तो कुछ सावधानियां जरूर रखें। असली दवा की पहचान कैसे करें हमेशा लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही दवा या वैक्सीन खरीदें। पक्का बिल जरूर लें, जिसमें बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि लिखी हो। पैकिंग पर छपाई, सील और लेबल को ध्यान से देखें। धुंधली छपाई या टूटी सील पर शक करें। कई दवाओं पर अब QR कोड होता है, जिसे स्कैन कर जानकारी जांची जा सकती है। वैक्सीन को ठंडे तापमान पर रखना जरूरी होता है। अगर दुकानदार उसे फ्रिज से नहीं निकाल रहा, तो सवाल पूछें। बहुत सस्ते दाम पर मिल रही वैक्सीन से सावधान रहें। आगे क्या होगा ड्रग विभाग आने वाले दिनों में शहर में विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। सील की गई एजेंसियों के दस्तावेजों की जांच से यह तय होगा कि नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन शामिल है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के नतीजे भी इस मामले में अहम होंगे। kanpur.live इस मामले से जुड़े हर अपडेट पर नजर रखेगा। अगर आपको किसी दुकान पर नकली या संदिग्ध दवा की जानकारी हो, तो इसकी शिकायत ड्रग विभाग से कर सकते हैं। दवा कारोबार पर क्या असर बिरहाना रोड कानपुर ही नहीं, आसपास के कई जिलों के लिए दवाओं का बड़ा थोक केंद्र है। यहां से सैकड़ों खुदरा मेडिकल स्टोर और अस्पतालों तक दवाएं जाती हैं। ऐसे में इस मामले ने ईमानदारी से कारोबार करने वाले दवा व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी है। कारोबारियों का मानना है कि कुछ लोगों की गलत हरकतों से पूरे बाजार की साख पर असर पड़ता है, इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। kanpur.live की राय सेहत से जुड़ी चीजों में मिलावट या नकली सामान सबसे गंभीर अपराधों में गिना जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर लोगों की जान पर पड़ता है। जांच एजेंसियों से उम्मीद है कि वे इस नेटवर्क की हर कड़ी तक पहुंचेंगी। आम लोगों से भी अपील है कि दवा खरीदते समय जागरूक रहें। अक्सर पूछे जाने वाले सवाल प्रश्न 1. कानपुर में कौन सी दुकानें सील हुई हैं? बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसी और एलेक्सा एजेंसी। प्रश्न 2. क्या दुकानों से नकली वैक्सीन बरामद हुई? नहीं, विभाग के अनुसार मौके पर वैक्सीन नहीं मिली। दस्तावेजों की जांच हो रही है। प्रश्न 3. कितने वायल की सप्लाई का आरोप है? रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में बरामद 481 वायल की सप्लाई कानपुर की एजेंसी से होने की बात सामने आई है। प्रश्न 4. आगे क्या कार्रवाई होगी? ड्रग विभाग शहर के 20 से ज्यादा मेडिकल स्टोर पर छापे की तैयारी कर रहा है। प्रश्न 5. कुत्ता काटने पर सबसे पहले क्या करें? घाव को साबुन और बहते पानी से 15 मिनट तक धोएं और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। प्रश्न 6. असली वैक्सीन की पहचान कैसे करें? लाइसेंसधारी दुकान से खरीदें, पक्का बिल लें और पैकिंग, बैच नंबर व QR कोड जांचें। प्रश्न 7. नकली दवा की शिकायत कहां करें? जिले के ड्रग विभाग (औषधि निरीक्षक कार्यालय) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। स्रोत: ड्रग विभाग के अधिकारियों के बयान पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 24 सितंबर 2026।