कानपुर आरटीओ में दलालों की वापसी: दोपहर में हटाए गए स्टॉल, घंटेभर में फिर सजे; अफसरों ने गेटों पर निगरानी के दिए निर्देश
Brokers Return at Kanpur RTO: Stalls Removed in Afternoon Reappear Within an Hour, Officials Order Monitoring at Gates
Kanpur Live News Desk ·

मुख्य बातें:
कानपुर आरटीओ कार्यालय को दलालों से मुक्त कराने का अभियान केवल करीब दो महीने ही असरदार रहा।
सितंबर के अंत तक बाहर स्टॉल नहीं थे, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में टेबल, कुर्सी और लैपटॉप के साथ लोग फिर बैठने लगे।
गुरुवार को अधिकारियों के निरीक्षण में स्टॉल हटवाए गए, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार करीब घंटेभर में फिर लग गए।
बाहरी और अंदर के मुख्य गेट, साइड गेट और सारथी भवन के प्रवेश द्वार पर निगरानी के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने दोबारा स्टॉल लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और परमिट जैसे कामों के लिए रोज सैकड़ों लोग कानपुर के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) पहुंचते हैं। इन लोगों को दलालों से बचाने के लिए चलाया गया अभियान फिर कमजोर पड़ता दिख रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार को अधिकारियों ने कार्यालय के बाहर लगे स्टॉल हटवाए, लेकिन अधिकारियों के अंदर लौटते ही करीब एक घंटे में स्टॉल फिर से सज गए।
दो महीने चला अभियान
रिपोर्टों के अनुसार आरटीओ कार्यालय को दलालों और बिचौलियों से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया था, जो करीब दो महीने तक असरदार रहा। सितंबर के अंत तक कार्यालय के बाहर स्टॉल नहीं दिखे। लेकिन अक्टूबर की शुरुआत होते ही कार्यालय के बाहर फिर से लोग टेबल, कुर्सी और लैपटॉप लेकर बैठने लगे।
गुरुवार को हुआ निरीक्षण
गुरुवार, 15 अक्टूबर को अधिकारियों ने कार्यालय का निरीक्षण किया:
मुख्य गेट के पास सड़क किनारे टेबल-कुर्सी और लैपटॉप लेकर बैठे लोगों को फटकार लगाई गई, जिसके बाद वे वहां से हट गए।
सड़क के दूसरी ओर बैठे लोग भी हट गए।
परिसर के अंदर जमीन पर सामान बेचने वाले अस्थायी विक्रेताओं को भी हटाया गया।
लेकिन रिपोर्टों के अनुसार अधिकारियों के कार्यालय के अंदर लौटते ही करीब एक घंटे में स्टॉल फिर से लग गए। इससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
निरीक्षण में शामिल अधिकारी
अधिकारी पद
राकेंद्र कुमार सिंह संभागीय परिवहन अधिकारी / आरटीओ (प्रशासन)
राहुल श्रीवास्तव आरटीओ (प्रवर्तन)
कहकशां खातून एआरटीओ (प्रशासन)
संतोष कुमार मोटर वाहन निरीक्षक
इन जगहों पर निगरानी के निर्देश
अधिकारियों ने इन स्थानों पर निगरानी के निर्देश दिए:
दोनों बाहरी मुख्य गेट
अंदर का मुख्य गेट
साइड गेट
सारथी भवन का प्रवेश द्वार
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर लोग फिर से स्टॉल लगाते मिले, तो उन पर कार्रवाई होगी।
दलालों से नुकसान क्या है?
ज्यादा पैसा: दलाल सरकारी शुल्क के अलावा अपनी मनमानी फीस वसूलते हैं।
धोखाधड़ी का खतरा: कई बार फर्जी दस्तावेज या गलत आवेदन से बाद में परेशानी होती है।
निजी जानकारी का दुरुपयोग: आधार, मोबाइल नंबर और दूसरे दस्तावेज गलत हाथों में जा सकते हैं।
नियमों की अनदेखी: बिना सही परीक्षण के लाइसेंस मिलने का दावा सड़क सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
ईमानदार व्यवस्था पर असर: दलालों की मौजूदगी से आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कम होता है।
आरटीओ के ज्यादातर काम अब ऑनलाइन
आज परिवहन विभाग के ज्यादातर काम ऑनलाइन हो चुके हैं, जिन्हें आम लोग खुद कर सकते हैं:
लर्निंग लाइसेंस: परिवहन सेवा पोर्टल पर आवेदन, कई मामलों में ऑनलाइन टेस्ट की सुविधा।
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस: ऑनलाइन आवेदन और टेस्ट के लिए स्लॉट बुकिंग।
लाइसेंस नवीनीकरण और पता बदलना: ऑनलाइन आवेदन।
वाहन संबंधी सेवाएं: स्वामित्व हस्तांतरण, डुप्लीकेट आरसी, एनओसी आदि।
शुल्क भुगतान: पूरी फीस ऑनलाइन जमा होती है और रसीद मिलती है।
सारथी (लाइसेंस) और वाहन (पंजीकरण) सेवाएं केंद्र सरकार के परिवहन सेवा पोर्टल (parivahan.gov.in) पर उपलब्ध हैं।
खुद आवेदन कैसे करें?
परिवहन सेवा की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
अपना राज्य और जरूरी सेवा चुनें।
आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन करें।
फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
ऑनलाइन शुल्क जमा करें और रसीद सुरक्षित रखें।
जरूरत हो तो टेस्ट के लिए स्लॉट बुक करें और तय समय पर कार्यालय पहुंचें।
अगर ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, तो आरटीओ कार्यालय के हेल्प डेस्क या अधिकृत जन सेवा केंद्र की मदद ली जा सकती है।
शिकायत कहां करें?
कोई व्यक्ति काम कराने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगे या दलाली करे, तो इसकी शिकायत आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों से की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
आरटीओ आने से पहले जरूरी तैयारी
आरटीओ कार्यालय जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखने से काम जल्दी होता है और दलालों की जरूरत नहीं पड़ती। सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें और शुल्क जमा कर रसीद का प्रिंट साथ रखें। आधार कार्ड, पते का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे मूल दस्तावेज और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जाएं। टेस्ट के लिए बुक किए गए स्लॉट के समय से पहले पहुंचें। कार्यालय के अंदर किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत कर्मचारियों या हेल्प डेस्क से ही संपर्क करें। परिसर के बाहर "जल्दी काम कराने" का दावा करने वाले लोगों से दूरी बनाए रखें।
नियमित अभियान की जरूरत
जानकारों का मानना है कि दलालों पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अचानक निरीक्षण, सीसीटीवी से निगरानी और पुलिस के सहयोग से लगातार अभियान जरूरी है। इसके साथ ही कार्यालय के अंदर सुविधा केंद्र और हेल्प डेस्क को मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को बाहर जाकर मदद लेने की जरूरत ही न पड़े।
kanpur.live की राय
आरटीओ को दलाल मुक्त बनाने के लिए केवल कभी-कभार निरीक्षण काफी नहीं है। लगातार निगरानी के साथ-साथ लोगों को ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। जब लोग खुद आवेदन करना सीख जाएंगे, तो दलालों की जरूरत अपने आप खत्म हो जाएगी। हम पाठकों से अपील करते हैं कि परिवहन सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक माध्यम ही अपनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. आरटीओ के बाहर स्टॉल कब से फिर लगने लगे? रिपोर्टों के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत से।
प्रश्न 2. निरीक्षण कब हुआ? गुरुवार, 15 अक्टूबर को।
प्रश्न 3. हटाए गए स्टॉल कितनी देर में लौटे? रिपोर्टों के अनुसार करीब एक घंटे में।
प्रश्न 4. किन जगहों पर निगरानी के निर्देश दिए गए? दोनों बाहरी मुख्य गेट, अंदर का मुख्य गेट, साइड गेट और सारथी भवन का प्रवेश द्वार।
प्रश्न 5. क्या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं? हां, परिवहन सेवा पोर्टल (parivahan.gov.in) पर।
प्रश्न 6. दलालों की शिकायत कहां करें? आरटीओ अधिकारियों से या जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर।
प्रश्न 7. आरटीओ (प्रवर्तन) कौन हैं? राहुल श्रीवास्तव।
स्रोत: आरटीओ अधिकारियों के निरीक्षण पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 15 अक्टूबर 2026।
कानपुर आरटीओ में दलालों की वापसी: दोपहर में हटाए गए स्टॉल, घंटेभर में फिर सजे; अफसरों ने गेटों पर निगरानी के दिए निर्देश
मुख्य बातें:
कानपुर आरटीओ कार्यालय को दलालों से मुक्त कराने का अभियान केवल करीब दो महीने ही असरदार रहा।
सितंबर के अंत तक बाहर स्टॉल नहीं थे, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में टेबल, कुर्सी और लैपटॉप के साथ लोग फिर बैठने लगे।
गुरुवार को अधिकारियों के निरीक्षण में स्टॉल हटवाए गए, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार करीब घंटेभर में फिर लग गए।
बाहरी और अंदर के मुख्य गेट, साइड गेट और सारथी भवन के प्रवेश द्वार पर निगरानी के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने दोबारा स्टॉल लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और परमिट जैसे कामों के लिए रोज सैकड़ों लोग कानपुर के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) पहुंचते हैं। इन लोगों को दलालों से बचाने के लिए चलाया गया अभियान फिर कमजोर पड़ता दिख रहा है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार को अधिकारियों ने कार्यालय के बाहर लगे स्टॉल हटवाए, लेकिन अधिकारियों के अंदर लौटते ही करीब एक घंटे में स्टॉल फिर से सज गए।
दो महीने चला अभियान
रिपोर्टों के अनुसार आरटीओ कार्यालय को दलालों और बिचौलियों से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया था, जो करीब दो महीने तक असरदार रहा। सितंबर के अंत तक कार्यालय के बाहर स्टॉल नहीं दिखे। लेकिन अक्टूबर की शुरुआत होते ही कार्यालय के बाहर फिर से लोग टेबल, कुर्सी और लैपटॉप लेकर बैठने लगे।
गुरुवार को हुआ निरीक्षण
गुरुवार, 15 अक्टूबर को अधिकारियों ने कार्यालय का निरीक्षण किया:
मुख्य गेट के पास सड़क किनारे टेबल-कुर्सी और लैपटॉप लेकर बैठे लोगों को फटकार लगाई गई, जिसके बाद वे वहां से हट गए।
सड़क के दूसरी ओर बैठे लोग भी हट गए।
परिसर के अंदर जमीन पर सामान बेचने वाले अस्थायी विक्रेताओं को भी हटाया गया।
लेकिन रिपोर्टों के अनुसार अधिकारियों के कार्यालय के अंदर लौटते ही करीब एक घंटे में स्टॉल फिर से लग गए। इससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
निरीक्षण में शामिल अधिकारी
अधिकारी पद
राकेंद्र कुमार सिंह संभागीय परिवहन अधिकारी / आरटीओ (प्रशासन)
राहुल श्रीवास्तव आरटीओ (प्रवर्तन)
कहकशां खातून एआरटीओ (प्रशासन)
संतोष कुमार मोटर वाहन निरीक्षक
इन जगहों पर निगरानी के निर्देश
अधिकारियों ने इन स्थानों पर निगरानी के निर्देश दिए:
दोनों बाहरी मुख्य गेट
अंदर का मुख्य गेट
साइड गेट
सारथी भवन का प्रवेश द्वार
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर लोग फिर से स्टॉल लगाते मिले, तो उन पर कार्रवाई होगी।
दलालों से नुकसान क्या है?
ज्यादा पैसा: दलाल सरकारी शुल्क के अलावा अपनी मनमानी फीस वसूलते हैं।
धोखाधड़ी का खतरा: कई बार फर्जी दस्तावेज या गलत आवेदन से बाद में परेशानी होती है।
निजी जानकारी का दुरुपयोग: आधार, मोबाइल नंबर और दूसरे दस्तावेज गलत हाथों में जा सकते हैं।
नियमों की अनदेखी: बिना सही परीक्षण के लाइसेंस मिलने का दावा सड़क सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
ईमानदार व्यवस्था पर असर: दलालों की मौजूदगी से आम लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा कम होता है।
आरटीओ के ज्यादातर काम अब ऑनलाइन
आज परिवहन विभाग के ज्यादातर काम ऑनलाइन हो चुके हैं, जिन्हें आम लोग खुद कर सकते हैं:
लर्निंग लाइसेंस: परिवहन सेवा पोर्टल पर आवेदन, कई मामलों में ऑनलाइन टेस्ट की सुविधा।
स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस: ऑनलाइन आवेदन और टेस्ट के लिए स्लॉट बुकिंग।
लाइसेंस नवीनीकरण और पता बदलना: ऑनलाइन आवेदन।
वाहन संबंधी सेवाएं: स्वामित्व हस्तांतरण, डुप्लीकेट आरसी, एनओसी आदि।
शुल्क भुगतान: पूरी फीस ऑनलाइन जमा होती है और रसीद मिलती है।
सारथी (लाइसेंस) और वाहन (पंजीकरण) सेवाएं केंद्र सरकार के परिवहन सेवा पोर्टल (parivahan.gov.in) पर उपलब्ध हैं।
खुद आवेदन कैसे करें?
परिवहन सेवा की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
अपना राज्य और जरूरी सेवा चुनें।
आधार और मोबाइल नंबर से सत्यापन करें।
फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
ऑनलाइन शुल्क जमा करें और रसीद सुरक्षित रखें।
जरूरत हो तो टेस्ट के लिए स्लॉट बुक करें और तय समय पर कार्यालय पहुंचें।
अगर ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत हो, तो आरटीओ कार्यालय के हेल्प डेस्क या अधिकृत जन सेवा केंद्र की मदद ली जा सकती है।
शिकायत कहां करें?
कोई व्यक्ति काम कराने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगे या दलाली करे, तो इसकी शिकायत आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों से की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
आरटीओ आने से पहले जरूरी तैयारी
आरटीओ कार्यालय जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखने से काम जल्दी होता है और दलालों की जरूरत नहीं पड़ती। सबसे पहले ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें और शुल्क जमा कर रसीद का प्रिंट साथ रखें। आधार कार्ड, पते का प्रमाण, जन्मतिथि का प्रमाण और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे मूल दस्तावेज और उनकी फोटोकॉपी साथ ले जाएं। टेस्ट के लिए बुक किए गए स्लॉट के समय से पहले पहुंचें। कार्यालय के अंदर किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत कर्मचारियों या हेल्प डेस्क से ही संपर्क करें। परिसर के बाहर "जल्दी काम कराने" का दावा करने वाले लोगों से दूरी बनाए रखें।
नियमित अभियान की जरूरत
जानकारों का मानना है कि दलालों पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अचानक निरीक्षण, सीसीटीवी से निगरानी और पुलिस के सहयोग से लगातार अभियान जरूरी है। इसके साथ ही कार्यालय के अंदर सुविधा केंद्र और हेल्प डेस्क को मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को बाहर जाकर मदद लेने की जरूरत ही न पड़े।
kanpur.live की राय
आरटीओ को दलाल मुक्त बनाने के लिए केवल कभी-कभार निरीक्षण काफी नहीं है। लगातार निगरानी के साथ-साथ लोगों को ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है। जब लोग खुद आवेदन करना सीख जाएंगे, तो दलालों की जरूरत अपने आप खत्म हो जाएगी। हम पाठकों से अपील करते हैं कि परिवहन सेवाओं के लिए केवल आधिकारिक माध्यम ही अपनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. आरटीओ के बाहर स्टॉल कब से फिर लगने लगे? रिपोर्टों के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत से।
प्रश्न 2. निरीक्षण कब हुआ? गुरुवार, 15 अक्टूबर को।
प्रश्न 3. हटाए गए स्टॉल कितनी देर में लौटे? रिपोर्टों के अनुसार करीब एक घंटे में।
प्रश्न 4. किन जगहों पर निगरानी के निर्देश दिए गए? दोनों बाहरी मुख्य गेट, अंदर का मुख्य गेट, साइड गेट और सारथी भवन का प्रवेश द्वार।
प्रश्न 5. क्या ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं? हां, परिवहन सेवा पोर्टल (parivahan.gov.in) पर।
प्रश्न 6. दलालों की शिकायत कहां करें? आरटीओ अधिकारियों से या जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर।
प्रश्न 7. आरटीओ (प्रवर्तन) कौन हैं? राहुल श्रीवास्तव।
स्रोत: आरटीओ अधिकारियों के निरीक्षण पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 15 अक्टूबर 2026।
यह खबर अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:
किसी तथ्य में गलती दिखे तो हमें बताएं — हमारी संपादकीय नीति पढ़ें।
और पढ़ें | Related News
कानपुर कैंट में अतिक्रमण हटा, अगले ही दिन फिर सजी दुकानें: छह दिन में 250 अतिक्रमण हटाए, जयपुरिया पुल पर लगा जाम; अगले हफ्ते फिर चलेगा बुलडोजर
हाईवे पर खड़े वाहनों से हादसे, सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से पूछे सवाल
हाईवे पर खड़े वाहनों से हादसे, सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से पूछे सवाल
यूपी में बाइक पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, न लगाने पर कटेगा ई-चालान; नया सिस्टम जल्द होगा लागू
आरटीओ सेवाओं में मोबाइल नंबर का सत्यापन सख्त, अब दूसरे के सिम से नहीं कर सकेंगे आवेदन
कानपुर की बदहाल सड़कों पर महापौर सख्त, 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा करने का लक्ष्य
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई | Most Read
- 1वृद्धावस्था-विधवा-दिव्यांग पेंशन योजनाओं के नाम बदले, दिव्यांगों को बड़ी राहत
- 2भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट को अमेरिकी कंपनी से दो लॉन्च का ऑर्डर
- 3कानपुर के बादशाहीनाका थाने में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र शुरू
- 4भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, भारतीय सामान को 100% शुल्क मुक्त पहुंच
- 5सितंबर में बेरोजगारी दर घटकर 5%, शहरों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी