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यूपी में बाइक पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, न लगाने पर कटेगा ई-चालान; नया सिस्टम जल्द होगा लागू

UP makes helmet mandatory for pillion riders, e-challan to be issued under new system

Kanpur Live News Desk ·

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यूपी में बाइक पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, न लगाने पर कटेगा ई-चालान; नया सिस्टम जल्द होगा लागू
उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए एक अहम खबर है। अब बाइक या स्कूटी पर केवल चलाने वाले को ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना होगा। अगर पीछे बैठी सवारी ने हेलमेट नहीं पहना, तो वाहन का ऑनलाइन चालान कट जाएगा। यह प्रावधान यातायात विभाग की नई ई-चालान व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है, जो जल्द ही शुरू होने वाली है। कानपुर समेत प्रदेश के सभी शहरों में यह नियम लागू होगा, इसलिए लाखों दोपहिया वाहन चालकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अब पीछे बैठी सवारी पर भी होगी कार्रवाई नई व्यवस्था के तहत अगर बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति ने हेलमेट नहीं लगाया है, तो वाहन का ऑनलाइन चालान होगा। नई ई-चालान प्रणाली में इसके लिए अलग विकल्प रखा जा रहा है। अब तक चालान का प्रावधान मुख्य रूप से केवल बाइक चलाने वाले के हेलमेट न पहनने पर ही लागू होता था। नियम पहले से, पर पालन कम यह ध्यान देने वाली बात है कि बाइक पर पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए हेलमेट का नियम काफी पहले से मौजूद है। इसका मकसद सड़क हादसों में लोगों की जान बचाना है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में लोग इस नियम का पालन नहीं करते। अब नई व्यवस्था में सहयात्री के लिए भी हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाना होगा और उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था सख्ती से लागू की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम के तहत देशभर में दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठने वाले, दोनों के लिए हेलमेट जरूरी माना गया है। कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट के प्रावधान भी हैं। नई ई-चालान व्यवस्था इसी नियम को तकनीक की मदद से प्रभावी ढंग से लागू करने की कोशिश है। चालान का भुगतान वाहन स्वामी करेगा यातायात विभाग इस समय चालान प्रणाली को अपडेट कर रहा है। नई प्रणाली में सहयात्री के हेलमेट न पहनने पर चालान की व्यवस्था होगी और तय जुर्माना राशि का भुगतान वाहन स्वामी को करना होगा। इसका मतलब है कि अगर आपकी बाइक पर कोई दूसरा व्यक्ति बिना हेलमेट बैठा है, तो जिम्मेदारी वाहन के मालिक की होगी। इसलिए वाहन मालिकों को खुद सावधान रहना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर बैठने वाला हर व्यक्ति हेलमेट पहने। कैसे कटेगा चालान नई व्यवस्था में चालान कई तरीकों से किए जा सकेंगे: ऐप के जरिये: यातायात पुलिसकर्मी मोबाइल ऐप की मदद से मौके पर ही चालान कर सकेंगे। आईटीएमएस कैमरे: शहरों में लगे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस के कैमरे नियम तोड़ने वालों की तस्वीर कैद करेंगे और उसके आधार पर चालान जारी होगा। फोटो क्लिक करके: पुलिसकर्मी फोटो खींचकर भी चालान कर सकेंगे। इस तरह अब सड़क पर पुलिसकर्मी न दिखने पर भी नियम तोड़ना भारी पड़ सकता है, क्योंकि कैमरे लगातार निगरानी करते रहेंगे। आईटीएमएस क्या है इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस शहरों में यातायात को नियंत्रित और निगरानी करने की एक आधुनिक व्यवस्था है। इसके तहत प्रमुख चौराहों और सड़कों पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाते हैं, जो नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ सकते हैं। रेड लाइट जंप करना, बिना हेलमेट वाहन चलाना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और ट्रिपल राइडिंग जैसे उल्लंघन इन कैमरों में दर्ज हो जाते हैं। इसके बाद वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चालान का संदेश भेजा जाता है। कानपुर समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में यह व्यवस्था काम कर रही है। एक सप्ताह से बंद है ई-चालान चालान प्रणाली को अपडेट करने के लिए 21 सितंबर की रात से ई-चालान बंद हैं। इस दौरान पुराने सिस्टम का डेटा नए सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा है। पूरा डेटा नए सर्वर पर पहुंचने के बाद चालान फिर से शुरू होंगे। अधिकारियों के अनुसार इसमें थोड़ा और समय लगेगा। नई व्यवस्था में उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। यानी फिलहाल ई-चालान अस्थायी रूप से बंद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नियम तोड़ने की छूट है। नया सिस्टम शुरू होते ही सख्ती और बढ़ेगी। कानपुर के लिए क्यों अहम है यह फैसला कानपुर प्रदेश के सबसे बड़े और सबसे घने शहरों में से एक है, जहां लाखों दोपहिया वाहन रोजाना सड़कों पर चलते हैं। शहर की तंग गलियों से लेकर जीटी रोड, कालपी रोड और कानपुर-लखनऊ हाईवे तक, हर जगह बाइक और स्कूटी सबसे आम सवारी हैं। दफ्तर जाने वाले लोग, छात्र, छोटे व्यापारी और डिलीवरी कर्मी बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में यह नियम शहर के बड़े हिस्से को सीधे प्रभावित करेगा। शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों के कारण नियम तोड़ने वालों की पहचान भी आसानी से हो सकेगी। डिलीवरी और टैक्सी बाइक चालकों पर असर शहर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स डिलीवरी और बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े हजारों लोग काम करते हैं। बाइक टैक्सी में पीछे बैठने वाला यात्री होता है, इसलिए ऐसे चालकों को यात्री के लिए भी हेलमेट की व्यवस्था रखनी होगी। कई कंपनियां अपने चालकों को यात्री के लिए अतिरिक्त हेलमेट रखने को कहती हैं। यात्रियों को भी चाहिए कि वे हेलमेट पहनकर ही सफर करें, क्योंकि यह उनकी अपनी सुरक्षा के लिए है और नियम तोड़ने पर चालान वाहन स्वामी के नाम कटेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर अक्सर देखा जाता है कि बाइक पर पीछे बैठी महिलाएं और बच्चे बिना हेलमेट के सफर करते हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार कहते रहे हैं कि परिवार के हर सदस्य की सुरक्षा बराबर जरूरी है। नया नियम इसी सोच को बढ़ावा देता है। हेलमेट क्यों है जरूरी सड़क हादसों में दोपहिया वाहन सवारों को सबसे ज्यादा चोटें सिर में लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सिर की गंभीर चोट दोपहिया हादसों में मौत की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट सिर पर लगने वाले झटके को काफी हद तक कम कर देता है और जान बचाने में मदद करता है। कई लोग यह सोचते हैं कि पीछे बैठने वाले को खतरा कम होता है, लेकिन यह गलतफहमी है। हादसे में पीछे बैठा व्यक्ति भी उतना ही गिरता है और कई बार उसे चालक से ज्यादा चोट लगती है, क्योंकि उसके पास पकड़ने के लिए हैंडल नहीं होता। इसलिए सहयात्री के लिए भी हेलमेट उतना ही जरूरी है। सही हेलमेट कैसे चुनें आईएसआई मार्क जरूर देखें: केवल भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणित आईएसआई मार्क वाला हेलमेट ही खरीदें। सही साइज चुनें: हेलमेट सिर पर ठीक से फिट होना चाहिए, न ज्यादा ढीला और न ज्यादा टाइट। फुल फेस हेलमेट बेहतर: पूरा चेहरा ढकने वाला हेलमेट ठोड़ी और चेहरे को भी सुरक्षा देता है। स्ट्रैप जरूर बांधें: बिना स्ट्रैप बांधे हेलमेट पहनना लगभग बेकार है, क्योंकि हादसे में वह सिर से निकल सकता है। खराब हेलमेट बदलें: अगर हेलमेट किसी हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया है या उसमें दरार है, तो उसे तुरंत बदल दें। सस्ते और नकली हेलमेट से बचें बाजार में सड़क किनारे बहुत कम कीमत पर ऐसे हेलमेट बिकते हैं, जो केवल चालान से बचने के लिए पहने जाते हैं। ऐसे हेलमेट पतले प्लास्टिक के होते हैं और हादसे में कोई सुरक्षा नहीं देते। थोड़े से पैसे बचाने के लिए अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में न डालें। अच्छी गुणवत्ता का प्रमाणित हेलमेट एक बार का निवेश है, जो सालों तक आपकी सुरक्षा करता है। परिवार के साथ सफर करने वाले ध्यान दें बहुत से लोग बाइक पर पूरे परिवार के साथ सफर करते हैं। ऐसे में पत्नी, बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता के लिए भी हेलमेट की व्यवस्था रखें। बच्चों के लिए उनके सिर के आकार के अनुसार अलग से छोटे हेलमेट आते हैं। नियमों के अनुसार दोपहिया वाहन पर दो से ज्यादा लोगों का बैठना मना है, इसलिए ट्रिपल राइडिंग से भी बचें। चालान कैसे चेक करें और भरें नई व्यवस्था शुरू होने के बाद वाहन स्वामी परिवहन विभाग के आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन नंबर से चालान की स्थिति देख सकेंगे। चालान का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है। ध्यान रखें कि चालान से जुड़ा संदेश केवल आधिकारिक माध्यम से ही आता है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके भुगतान न करें, क्योंकि फर्जी चालान संदेश भेजकर ठगी के मामले भी सामने आते रहे हैं। संदेह होने पर सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जांच करें और ठगी की शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें। सड़क सुरक्षा के अन्य जरूरी नियम वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। तय गति सीमा का पालन करें। नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएं। रेड लाइट और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें। वाहन के कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र हमेशा अपडेट रखें। निष्कर्ष पीछे बैठने वाले के लिए हेलमेट अनिवार्य करने और उस पर ई-चालान की व्यवस्था का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। नियम का पालन करके हम न केवल चालान से बचेंगे, बल्कि अपनी और अपनों की जान भी सुरक्षित रखेंगे। इसलिए अगली बार बाइक पर निकलें, तो दो हेलमेट साथ रखना न भूलें। यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़ी हर ज

यूपी में बाइक पर पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य, न लगाने पर कटेगा ई-चालान; नया सिस्टम जल्द होगा लागू

उत्तर प्रदेश में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए एक अहम खबर है। अब बाइक या स्कूटी पर केवल चलाने वाले को ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना होगा। अगर पीछे बैठी सवारी ने हेलमेट नहीं पहना, तो वाहन का ऑनलाइन चालान कट जाएगा। यह प्रावधान यातायात विभाग की नई ई-चालान व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है, जो जल्द ही शुरू होने वाली है। कानपुर समेत प्रदेश के सभी शहरों में यह नियम लागू होगा, इसलिए लाखों दोपहिया वाहन चालकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। अब पीछे बैठी सवारी पर भी होगी कार्रवाई नई व्यवस्था के तहत अगर बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति ने हेलमेट नहीं लगाया है, तो वाहन का ऑनलाइन चालान होगा। नई ई-चालान प्रणाली में इसके लिए अलग विकल्प रखा जा रहा है। अब तक चालान का प्रावधान मुख्य रूप से केवल बाइक चलाने वाले के हेलमेट न पहनने पर ही लागू होता था। नियम पहले से, पर पालन कम यह ध्यान देने वाली बात है कि बाइक पर पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए हेलमेट का नियम काफी पहले से मौजूद है। इसका मकसद सड़क हादसों में लोगों की जान बचाना है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बड़ी संख्या में लोग इस नियम का पालन नहीं करते। अब नई व्यवस्था में सहयात्री के लिए भी हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाना होगा और उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था सख्ती से लागू की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम के तहत देशभर में दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठने वाले, दोनों के लिए हेलमेट जरूरी माना गया है। कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट के प्रावधान भी हैं। नई ई-चालान व्यवस्था इसी नियम को तकनीक की मदद से प्रभावी ढंग से लागू करने की कोशिश है। चालान का भुगतान वाहन स्वामी करेगा यातायात विभाग इस समय चालान प्रणाली को अपडेट कर रहा है। नई प्रणाली में सहयात्री के हेलमेट न पहनने पर चालान की व्यवस्था होगी और तय जुर्माना राशि का भुगतान वाहन स्वामी को करना होगा। इसका मतलब है कि अगर आपकी बाइक पर कोई दूसरा व्यक्ति बिना हेलमेट बैठा है, तो जिम्मेदारी वाहन के मालिक की होगी। इसलिए वाहन मालिकों को खुद सावधान रहना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर बैठने वाला हर व्यक्ति हेलमेट पहने। कैसे कटेगा चालान नई व्यवस्था में चालान कई तरीकों से किए जा सकेंगे: ऐप के जरिये: यातायात पुलिसकर्मी मोबाइल ऐप की मदद से मौके पर ही चालान कर सकेंगे। आईटीएमएस कैमरे: शहरों में लगे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस के कैमरे नियम तोड़ने वालों की तस्वीर कैद करेंगे और उसके आधार पर चालान जारी होगा। फोटो क्लिक करके: पुलिसकर्मी फोटो खींचकर भी चालान कर सकेंगे। इस तरह अब सड़क पर पुलिसकर्मी न दिखने पर भी नियम तोड़ना भारी पड़ सकता है, क्योंकि कैमरे लगातार निगरानी करते रहेंगे। आईटीएमएस क्या है इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस शहरों में यातायात को नियंत्रित और निगरानी करने की एक आधुनिक व्यवस्था है। इसके तहत प्रमुख चौराहों और सड़कों पर हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाते हैं, जो नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ सकते हैं। रेड लाइट जंप करना, बिना हेलमेट वाहन चलाना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और ट्रिपल राइडिंग जैसे उल्लंघन इन कैमरों में दर्ज हो जाते हैं। इसके बाद वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चालान का संदेश भेजा जाता है। कानपुर समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में यह व्यवस्था काम कर रही है। एक सप्ताह से बंद है ई-चालान चालान प्रणाली को अपडेट करने के लिए 21 सितंबर की रात से ई-चालान बंद हैं। इस दौरान पुराने सिस्टम का डेटा नए सिस्टम में ट्रांसफर किया जा रहा है। पूरा डेटा नए सर्वर पर पहुंचने के बाद चालान फिर से शुरू होंगे। अधिकारियों के अनुसार इसमें थोड़ा और समय लगेगा। नई व्यवस्था में उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। यानी फिलहाल ई-चालान अस्थायी रूप से बंद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नियम तोड़ने की छूट है। नया सिस्टम शुरू होते ही सख्ती और बढ़ेगी। कानपुर के लिए क्यों अहम है यह फैसला कानपुर प्रदेश के सबसे बड़े और सबसे घने शहरों में से एक है, जहां लाखों दोपहिया वाहन रोजाना सड़कों पर चलते हैं। शहर की तंग गलियों से लेकर जीटी रोड, कालपी रोड और कानपुर-लखनऊ हाईवे तक, हर जगह बाइक और स्कूटी सबसे आम सवारी हैं। दफ्तर जाने वाले लोग, छात्र, छोटे व्यापारी और डिलीवरी कर्मी बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों पर निर्भर हैं। ऐसे में यह नियम शहर के बड़े हिस्से को सीधे प्रभावित करेगा। शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों के कारण नियम तोड़ने वालों की पहचान भी आसानी से हो सकेगी। डिलीवरी और टैक्सी बाइक चालकों पर असर शहर में ऑनलाइन फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स डिलीवरी और बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े हजारों लोग काम करते हैं। बाइक टैक्सी में पीछे बैठने वाला यात्री होता है, इसलिए ऐसे चालकों को यात्री के लिए भी हेलमेट की व्यवस्था रखनी होगी। कई कंपनियां अपने चालकों को यात्री के लिए अतिरिक्त हेलमेट रखने को कहती हैं। यात्रियों को भी चाहिए कि वे हेलमेट पहनकर ही सफर करें, क्योंकि यह उनकी अपनी सुरक्षा के लिए है और नियम तोड़ने पर चालान वाहन स्वामी के नाम कटेगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर अक्सर देखा जाता है कि बाइक पर पीछे बैठी महिलाएं और बच्चे बिना हेलमेट के सफर करते हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार कहते रहे हैं कि परिवार के हर सदस्य की सुरक्षा बराबर जरूरी है। नया नियम इसी सोच को बढ़ावा देता है। हेलमेट क्यों है जरूरी सड़क हादसों में दोपहिया वाहन सवारों को सबसे ज्यादा चोटें सिर में लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सिर की गंभीर चोट दोपहिया हादसों में मौत की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट सिर पर लगने वाले झटके को काफी हद तक कम कर देता है और जान बचाने में मदद करता है। कई लोग यह सोचते हैं कि पीछे बैठने वाले को खतरा कम होता है, लेकिन यह गलतफहमी है। हादसे में पीछे बैठा व्यक्ति भी उतना ही गिरता है और कई बार उसे चालक से ज्यादा चोट लगती है, क्योंकि उसके पास पकड़ने के लिए हैंडल नहीं होता। इसलिए सहयात्री के लिए भी हेलमेट उतना ही जरूरी है। सही हेलमेट कैसे चुनें आईएसआई मार्क जरूर देखें: केवल भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणित आईएसआई मार्क वाला हेलमेट ही खरीदें। सही साइज चुनें: हेलमेट सिर पर ठीक से फिट होना चाहिए, न ज्यादा ढीला और न ज्यादा टाइट। फुल फेस हेलमेट बेहतर: पूरा चेहरा ढकने वाला हेलमेट ठोड़ी और चेहरे को भी सुरक्षा देता है। स्ट्रैप जरूर बांधें: बिना स्ट्रैप बांधे हेलमेट पहनना लगभग बेकार है, क्योंकि हादसे में वह सिर से निकल सकता है। खराब हेलमेट बदलें: अगर हेलमेट किसी हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया है या उसमें दरार है, तो उसे तुरंत बदल दें। सस्ते और नकली हेलमेट से बचें बाजार में सड़क किनारे बहुत कम कीमत पर ऐसे हेलमेट बिकते हैं, जो केवल चालान से बचने के लिए पहने जाते हैं। ऐसे हेलमेट पतले प्लास्टिक के होते हैं और हादसे में कोई सुरक्षा नहीं देते। थोड़े से पैसे बचाने के लिए अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में न डालें। अच्छी गुणवत्ता का प्रमाणित हेलमेट एक बार का निवेश है, जो सालों तक आपकी सुरक्षा करता है। परिवार के साथ सफर करने वाले ध्यान दें बहुत से लोग बाइक पर पूरे परिवार के साथ सफर करते हैं। ऐसे में पत्नी, बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता के लिए भी हेलमेट की व्यवस्था रखें। बच्चों के लिए उनके सिर के आकार के अनुसार अलग से छोटे हेलमेट आते हैं। नियमों के अनुसार दोपहिया वाहन पर दो से ज्यादा लोगों का बैठना मना है, इसलिए ट्रिपल राइडिंग से भी बचें। चालान कैसे चेक करें और भरें नई व्यवस्था शुरू होने के बाद वाहन स्वामी परिवहन विभाग के आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर जाकर अपने वाहन नंबर से चालान की स्थिति देख सकेंगे। चालान का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है। ध्यान रखें कि चालान से जुड़ा संदेश केवल आधिकारिक माध्यम से ही आता है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके भुगतान न करें, क्योंकि फर्जी चालान संदेश भेजकर ठगी के मामले भी सामने आते रहे हैं। संदेह होने पर सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जांच करें और ठगी की शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें। सड़क सुरक्षा के अन्य जरूरी नियम वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। तय गति सीमा का पालन करें। नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएं। रेड लाइट और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें। वाहन के कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र हमेशा अपडेट रखें। निष्कर्ष पीछे बैठने वाले के लिए हेलमेट अनिवार्य करने और उस पर ई-चालान की व्यवस्था का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। नियम का पालन करके हम न केवल चालान से बचेंगे, बल्कि अपनी और अपनों की जान भी सुरक्षित रखेंगे। इसलिए अगली बार बाइक पर निकलें, तो दो हेलमेट साथ रखना न भूलें। यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़ी हर ज

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