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कानपुर की बदहाल सड़कों पर महापौर सख्त, 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा करने का लक्ष्य

Kanpur Mayor sets October 10 deadline for road patchwork after review meeting

Kanpur Live News Desk ·

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कानपुर की बदहाल सड़कों पर महापौर सख्त, 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा करने का लक्ष्य
कानपुर शहर में सड़कों की हालत को लेकर लंबे समय से नागरिकों की शिकायतें सामने आती रही हैं। बारिश के मौसम में गड्ढों वाली सड़कें और भी परेशानी का कारण बन जाती हैं। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अब एक समयबद्ध योजना के साथ सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। सभी विभागों के साथ हाई-लेवल बैठक महापौर प्रमिला पांडेय ने शुक्रवार को मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ जलकल, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी (एनएच), केस्को और मेट्रो के अधिकारी शामिल हुए। amarujala इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें वे सभी विभाग एक मंच पर आए, जिनका किसी न किसी रूप में शहर की सड़कों से सीधा संबंध है। पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन, बिजली की केबल और मेट्रो जैसे कार्यों के लिए अलग-अलग विभाग सड़कें खोदते हैं, इसलिए आपसी तालमेल बेहद जरूरी माना जाता है। किन मुद्दों पर हुई समीक्षा बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों की मौजूदा स्थिति, टूटी सड़कों की मरम्मत, और विभिन्न विभागों द्वारा खुदाई के बाद सड़कों को दोबारा ठीक कराने की स्थिति की समीक्षा की गई। महापौर ने कहा कि कई जगह सड़कें गड्ढों में बदल गई हैं, तो कई जगह पाइपलाइन, बिजली लाइन या दूसरे विकास कार्यों के लिए खुदाई के बाद मरम्मत नहीं हुई है। amarujala amarujala "जहां तुरंत जरूरत है, वहां देरी न हो" महापौर ने बताया कि शहर की बड़ी संख्या में खराब सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं, लेकिन उनकी खराब हालत का दोष अक्सर नगर निगम पर आता है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से ऐसी सड़कों की जल्द मरम्मत कराने को कहा और निर्देश दिए कि जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है, वहां काम में देरी न की जाए। amarujala यह बात आम नागरिकों के लिए भी समझने लायक है। शहर में हर सड़क नगर निगम की नहीं होती। कई मुख्य मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) या राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधीन होते हैं। ऐसे में शिकायत दर्ज कराते समय यह जानना उपयोगी होता है कि कौन सी सड़क किस विभाग की है। एक विभाग बनाए, दूसरा न खोदे बैठक में एक अहम मुद्दा विभागों के बीच तालमेल का रहा। बैठक में साफ किया गया कि किसी एक विभाग द्वारा सड़क बनाने के बाद दूसरे विभाग की खुदाई से वह दोबारा खराब नहीं होनी चाहिए। amarujala शहरों में अक्सर देखा जाता है कि नई सड़क बनने के कुछ ही हफ्तों बाद कोई दूसरा विभाग पाइपलाइन या केबल डालने के लिए उसे खोद देता है। इससे सार्वजनिक धन की बर्बादी होती है और लोगों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है। विभागों के बीच पहले से योजना साझा करने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा करने का लक्ष्य नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर सड़कों पर चल रहे और प्रस्तावित कामों की समीक्षा की गई है, और अधिकारियों को 10 अक्टूबर तक क्षतिग्रस्त सड़कों का पैचवर्क पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। amarujala उन्होंने यह भी बताया कि जहां बारिश की वजह से पैचवर्क रुका है, वहां मौसम साफ होते ही तेजी से काम कराया जाएगा, और जहां नई सड़क बननी है, वहां संबंधित विभाग अपनी कार्ययोजना के अनुसार काम करेंगे। amarujala गौरतलब है कि इन दिनों कानपुर में लगातार बारिश हो रही है। बारिश में डामर का पैचवर्क टिकाऊ नहीं रहता, इसलिए विभाग मौसम साफ होने का इंतजार करते हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की वापसी हो सकती है, जिसके बाद काम में तेजी आने की उम्मीद है। जीटी रोड, कालपी रोड और मॉल रोड प्राथमिकता में बैठक में जीटी रोड, कालपी रोड, मॉल रोड समेत शहर की प्रमुख सड़कों और दक्षिण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। नगर निगम के सभी जोनों में क्षतिग्रस्त प्रमुख सड़कों की सूची बनाकर पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई है। amarujala ये वे सड़कें हैं जिन पर रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। जीटी रोड शहर को पूर्व-पश्चिम दिशा में जोड़ने वाली प्रमुख धुरी है, कालपी रोड दक्षिण और औद्योगिक इलाकों को जोड़ती है, और मॉल रोड शहर का व्यावसायिक केंद्र है। इन सड़कों के सुधरने से यातायात की रफ्तार और लोगों की सुविधा दोनों पर सीधा असर पड़ेगा। 74 सड़कें कार्ययोजना में, 34 को मंजूरी नगर आयुक्त के मुताबिक पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना में करीब 74 सड़कें शामिल हैं, जिनमें से करीब 34 के काम को स्वीकृति मिल चुकी है। इन पर तय योजना के अनुसार काम होगा, जबकि तुरंत मरम्मत वाली सड़कों पर पैचवर्क कराया जाएगा। amarujala यानी दो स्तर पर काम होगा। पहला, तात्कालिक राहत के लिए गड्ढों को भरना (पैचवर्क), और दूसरा, स्वीकृत सड़कों का पूर्ण निर्माण या पुनर्निर्माण। पैचवर्क से फौरी राहत मिलती है, जबकि पूर्ण निर्माण से लंबी अवधि का समाधान निकलता है। त्योहारी सीजन से पहले राहत की उम्मीद अक्टूबर-नवंबर का समय त्योहारों का होता है। नवरात्र, दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है और सड़कों पर यातायात का दबाव कई गुना हो जाता है। ऐसे में 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा होने का लक्ष्य शहरवासियों और व्यापारियों दोनों के लिए अहम है। अगर यह काम समय पर पूरा होता है, तो त्योहारी खरीदारी के दौरान लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। नागरिक कैसे दर्ज कराएं शिकायत अगर आपके इलाके में सड़क पर गड्ढा है या खुदाई के बाद सड़क ठीक नहीं की गई है, तो आप इन तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं: अपने वार्ड के पार्षद को जानकारी दें। नगर निगम के जोनल कार्यालय में लिखित शिकायत दें। उत्तर प्रदेश सरकार के आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। शिकायत के साथ गड्ढे या खराब सड़क की फोटो और सटीक लोकेशन जरूर जोड़ें। सटीक लोकेशन और फोटो के साथ की गई शिकायत पर कार्रवाई की संभावना ज्यादा रहती है। बारिश में गड्ढों से सावधान जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, तब तक नागरिकों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश में पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। रात के समय कम रोशनी वाली सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलाएं, हेलमेट जरूर पहनें और खुले नालों व मैनहोल का ध्यान रखें। आगे क्या नगर निगम ने लक्ष्य तय कर दिया है। अब 10 अक्टूबर तक काम की प्रगति पर शहरवासियों की नजर रहेगी। कानपुर लाइव इस मामले में आगे की हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा। अगर आपके इलाके की सड़क की स्थिति से जुड़ी कोई जानकारी है, तो हमसे साझा करें।

कानपुर की बदहाल सड़कों पर महापौर सख्त, 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा करने का लक्ष्य

कानपुर शहर में सड़कों की हालत को लेकर लंबे समय से नागरिकों की शिकायतें सामने आती रही हैं। बारिश के मौसम में गड्ढों वाली सड़कें और भी परेशानी का कारण बन जाती हैं। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अब एक समयबद्ध योजना के साथ सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। सभी विभागों के साथ हाई-लेवल बैठक महापौर प्रमिला पांडेय ने शुक्रवार को मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ जलकल, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी (एनएच), केस्को और मेट्रो के अधिकारी शामिल हुए। amarujala इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें वे सभी विभाग एक मंच पर आए, जिनका किसी न किसी रूप में शहर की सड़कों से सीधा संबंध है। पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन, बिजली की केबल और मेट्रो जैसे कार्यों के लिए अलग-अलग विभाग सड़कें खोदते हैं, इसलिए आपसी तालमेल बेहद जरूरी माना जाता है। किन मुद्दों पर हुई समीक्षा बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों की मौजूदा स्थिति, टूटी सड़कों की मरम्मत, और विभिन्न विभागों द्वारा खुदाई के बाद सड़कों को दोबारा ठीक कराने की स्थिति की समीक्षा की गई। महापौर ने कहा कि कई जगह सड़कें गड्ढों में बदल गई हैं, तो कई जगह पाइपलाइन, बिजली लाइन या दूसरे विकास कार्यों के लिए खुदाई के बाद मरम्मत नहीं हुई है। amarujala amarujala "जहां तुरंत जरूरत है, वहां देरी न हो" महापौर ने बताया कि शहर की बड़ी संख्या में खराब सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं, लेकिन उनकी खराब हालत का दोष अक्सर नगर निगम पर आता है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से ऐसी सड़कों की जल्द मरम्मत कराने को कहा और निर्देश दिए कि जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है, वहां काम में देरी न की जाए। amarujala यह बात आम नागरिकों के लिए भी समझने लायक है। शहर में हर सड़क नगर निगम की नहीं होती। कई मुख्य मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) या राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधीन होते हैं। ऐसे में शिकायत दर्ज कराते समय यह जानना उपयोगी होता है कि कौन सी सड़क किस विभाग की है। एक विभाग बनाए, दूसरा न खोदे बैठक में एक अहम मुद्दा विभागों के बीच तालमेल का रहा। बैठक में साफ किया गया कि किसी एक विभाग द्वारा सड़क बनाने के बाद दूसरे विभाग की खुदाई से वह दोबारा खराब नहीं होनी चाहिए। amarujala शहरों में अक्सर देखा जाता है कि नई सड़क बनने के कुछ ही हफ्तों बाद कोई दूसरा विभाग पाइपलाइन या केबल डालने के लिए उसे खोद देता है। इससे सार्वजनिक धन की बर्बादी होती है और लोगों को बार-बार परेशानी झेलनी पड़ती है। विभागों के बीच पहले से योजना साझा करने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा करने का लक्ष्य नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर सड़कों पर चल रहे और प्रस्तावित कामों की समीक्षा की गई है, और अधिकारियों को 10 अक्टूबर तक क्षतिग्रस्त सड़कों का पैचवर्क पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। amarujala उन्होंने यह भी बताया कि जहां बारिश की वजह से पैचवर्क रुका है, वहां मौसम साफ होते ही तेजी से काम कराया जाएगा, और जहां नई सड़क बननी है, वहां संबंधित विभाग अपनी कार्ययोजना के अनुसार काम करेंगे। amarujala गौरतलब है कि इन दिनों कानपुर में लगातार बारिश हो रही है। बारिश में डामर का पैचवर्क टिकाऊ नहीं रहता, इसलिए विभाग मौसम साफ होने का इंतजार करते हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत में मानसून की वापसी हो सकती है, जिसके बाद काम में तेजी आने की उम्मीद है। जीटी रोड, कालपी रोड और मॉल रोड प्राथमिकता में बैठक में जीटी रोड, कालपी रोड, मॉल रोड समेत शहर की प्रमुख सड़कों और दक्षिण क्षेत्र की सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। नगर निगम के सभी जोनों में क्षतिग्रस्त प्रमुख सड़कों की सूची बनाकर पीडब्ल्यूडी को सौंपी गई है। amarujala ये वे सड़कें हैं जिन पर रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। जीटी रोड शहर को पूर्व-पश्चिम दिशा में जोड़ने वाली प्रमुख धुरी है, कालपी रोड दक्षिण और औद्योगिक इलाकों को जोड़ती है, और मॉल रोड शहर का व्यावसायिक केंद्र है। इन सड़कों के सुधरने से यातायात की रफ्तार और लोगों की सुविधा दोनों पर सीधा असर पड़ेगा। 74 सड़कें कार्ययोजना में, 34 को मंजूरी नगर आयुक्त के मुताबिक पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना में करीब 74 सड़कें शामिल हैं, जिनमें से करीब 34 के काम को स्वीकृति मिल चुकी है। इन पर तय योजना के अनुसार काम होगा, जबकि तुरंत मरम्मत वाली सड़कों पर पैचवर्क कराया जाएगा। amarujala यानी दो स्तर पर काम होगा। पहला, तात्कालिक राहत के लिए गड्ढों को भरना (पैचवर्क), और दूसरा, स्वीकृत सड़कों का पूर्ण निर्माण या पुनर्निर्माण। पैचवर्क से फौरी राहत मिलती है, जबकि पूर्ण निर्माण से लंबी अवधि का समाधान निकलता है। त्योहारी सीजन से पहले राहत की उम्मीद अक्टूबर-नवंबर का समय त्योहारों का होता है। नवरात्र, दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है और सड़कों पर यातायात का दबाव कई गुना हो जाता है। ऐसे में 10 अक्टूबर तक पैचवर्क पूरा होने का लक्ष्य शहरवासियों और व्यापारियों दोनों के लिए अहम है। अगर यह काम समय पर पूरा होता है, तो त्योहारी खरीदारी के दौरान लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। नागरिक कैसे दर्ज कराएं शिकायत अगर आपके इलाके में सड़क पर गड्ढा है या खुदाई के बाद सड़क ठीक नहीं की गई है, तो आप इन तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं: अपने वार्ड के पार्षद को जानकारी दें। नगर निगम के जोनल कार्यालय में लिखित शिकायत दें। उत्तर प्रदेश सरकार के आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। शिकायत के साथ गड्ढे या खराब सड़क की फोटो और सटीक लोकेशन जरूर जोड़ें। सटीक लोकेशन और फोटो के साथ की गई शिकायत पर कार्रवाई की संभावना ज्यादा रहती है। बारिश में गड्ढों से सावधान जब तक मरम्मत पूरी नहीं 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