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हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश नाकाम, 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

US: Alleged plot to attack Hindu temple in Illinois foiled, 19-year-old arrested

Kanpur Live News Desk ·

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हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश नाकाम, 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय को चिंता में डालने वाली खबर सामने आई है। इलिनॉय राज्य में पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर ऑरोरा इलाके के एक हिंदू पूजा स्थल पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने का आरोप है। अभियोजकों के अनुसार युवक श्वेत वर्चस्ववादी विचारों से प्रभावित था। समय रहते उसके सहकर्मियों ने पुलिस को सूचना दे दी, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जनता के लिए किसी चल रहे खतरे की जानकारी नहीं है। कैसे नाकाम हुई साजिश अभियोजकों के अनुसार आरोपी युवक शिकागो के पास आर्लिंग्टन हाइट्स में एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट में काम करता था। उसने अपने सहकर्मियों से कथित तौर पर कहा था कि वह ऑरोरा के सबसे बड़े हिंदू मंदिर पर हमला करने की योजना बना रहा है और भारी मात्रा में गोला-बारूद इस्तेमाल करेगा। बाद में एक फोन कॉल में उसने कथित तौर पर बताया कि उसकी बंदूक जाम हो गई थी। इसके बाद एक सहकर्मी और एक अन्य कर्मचारी ने तुरंत 911 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पैलेटाइन पुलिस ने एफबीआई के शिकागो फील्ड ऑफिस की मदद से युवक को उसके अपार्टमेंट के पास एक पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया। क्या-क्या बरामद होने का आरोप अभियोजकों के अनुसार आरोपी के पास से ये चीजें मिलीं: बिना सीरियल नंबर वाली एक एआर-स्टाइल राइफल एक टैक्टिकल वेस्ट करीब 300 कारतूस, जिनमें आठ भरी हुई मैगजीन और एक भरी हुई एक्सटेंडेड मैगजीन शामिल एक गैस कैन नाजी प्रतीकों वाली कुछ वस्तुएं आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र, जिसमें हमले की योजना और भारतीय मूल के लोगों, यहूदियों और अश्वेत लोगों को निशाना बनाने की बातें लिखी होने का आरोप है किन धाराओं में मामला युवक पर दो आरोप लगाए गए हैं: आतंकी धमकी देना, जिसे इलिनॉय में सबसे गंभीर श्रेणी (क्लास एक्स) का अपराध माना जाता है। 16 इंच से छोटी बैरल वाली राइफल अवैध रूप से रखना। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। पुलिस और एफबीआई यह भी देख रही हैं कि क्या उस पर और आरोप लगाए जाने चाहिए। ध्यान रहे कि ये सभी आरोप अभियोजन पक्ष के हैं और अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। किस मंदिर को बनाया था निशाना अभियोजकों के अनुसार कथित निशाना ऑरोरा इलाके का एक हिंदू पूजा स्थल था। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मंदिर के नाम की पुष्टि नहीं की है। ऑरोरा पुलिस ने एहतियात के तौर पर अपने इलाके के सभी हिंदू पूजा स्थलों से संपर्क कर सुरक्षा पर बात की। पुलिस प्रमुख ने क्या कहा पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि इस कथित धमकी की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि समुदायों और पूजा स्थलों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय मूल के नेताओं की प्रतिक्रिया भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि एक श्वेत वर्चस्ववादी ने उस मंदिर में भारतीय अमेरिकियों को निशाना बनाने की कोशिश की, जहां उनका परिवार भी पूजा करता है। उन्होंने पुलिस को सूचना देने वाले सहकर्मियों और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों का आभार जताया। ऑरोरा की एल्डरवुमन श्वेता बैद ने इस घटना पर दुख जताते हुए धमकी की निंदा की और नफरत के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की। सहकर्मियों की सजगता ने बचाई जानें इस मामले में सबसे अहम भूमिका आरोपी के सहकर्मियों की रही। उन्होंने उसकी बातों को मजाक समझकर नजरअंदाज नहीं किया और समय पर पुलिस को खबर दी। सुरक्षा विशेषज्ञ हमेशा कहते हैं कि "कुछ दिखे तो कुछ कहें"। यानी अगर कोई व्यक्ति हिंसा की बात करे या संदिग्ध व्यवहार दिखाए, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। यह मामला इसी सजगता का उदाहरण है। अमेरिका में बढ़ती चिंता पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और नफरत भरे संदेश लिखने की कई घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय मूल के लोगों के संगठन लगातार ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई और पूजा स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। इस ताजा मामले के बाद भी भारतीय समुदाय में चिंता है और मंदिर प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। अमेरिका में भारतीय समुदाय अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है, जो डॉक्टर, इंजीनियर, कारोबारी और शिक्षक के रूप में वहां की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देती है। शिकागो और उसके आसपास का इलाका भी बड़ी भारतीय आबादी वाला क्षेत्र है, जहां कई बड़े मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र हैं। उत्तर प्रदेश और कानपुर से भी बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई और नौकरी के लिए अमेरिका गए हैं। ऐसी खबरें उनके परिवारों के लिए भी चिंता का कारण बनती हैं। विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए सलाह अपने इलाके के भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास के संपर्क नंबर हमेशा पास रखें। किसी संदिग्ध गतिविधि या धमकी की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। सामुदायिक संगठनों और मंदिर समितियों की सुरक्षा बैठकों में हिस्सा लें। सोशल मीडिया पर नफरत भरे संदेश दिखें, तो उनकी रिपोर्ट करें। अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। भारत में भी चिंता ऐसी घटनाएं भारत में बैठे परिवारों के लिए भी चिंता का विषय होती हैं। विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए हमेशा अहम मुद्दा रही है। ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहते हैं और समुदाय की चिंताओं को उठाते हैं। इस मामले में सहकर्मियों की सजगता यह याद दिलाती है कि आम नागरिकों की एक सूचना भी कई निर्दोष लोगों की जान बचा सकती है। निष्कर्ष इलिनॉय में हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश का नाकाम होना राहत की बात है, लेकिन यह घटना नफरत आधारित हिंसा के बढ़ते खतरे की चेतावनी भी है। सहकर्मियों की सजगता और पुलिस की तेज कार्रवाई ने संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया। अब अदालत में मामले की सुनवाई होगी, जिससे आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। दुनिया भर में भारतीयों से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश नाकाम, 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय को चिंता में डालने वाली खबर सामने आई है। इलिनॉय राज्य में पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर ऑरोरा इलाके के एक हिंदू पूजा स्थल पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने का आरोप है। अभियोजकों के अनुसार युवक श्वेत वर्चस्ववादी विचारों से प्रभावित था। समय रहते उसके सहकर्मियों ने पुलिस को सूचना दे दी, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जनता के लिए किसी चल रहे खतरे की जानकारी नहीं है। कैसे नाकाम हुई साजिश अभियोजकों के अनुसार आरोपी युवक शिकागो के पास आर्लिंग्टन हाइट्स में एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट में काम करता था। उसने अपने सहकर्मियों से कथित तौर पर कहा था कि वह ऑरोरा के सबसे बड़े हिंदू मंदिर पर हमला करने की योजना बना रहा है और भारी मात्रा में गोला-बारूद इस्तेमाल करेगा। बाद में एक फोन कॉल में उसने कथित तौर पर बताया कि उसकी बंदूक जाम हो गई थी। इसके बाद एक सहकर्मी और एक अन्य कर्मचारी ने तुरंत 911 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पैलेटाइन पुलिस ने एफबीआई के शिकागो फील्ड ऑफिस की मदद से युवक को उसके अपार्टमेंट के पास एक पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया। क्या-क्या बरामद होने का आरोप अभियोजकों के अनुसार आरोपी के पास से ये चीजें मिलीं: बिना सीरियल नंबर वाली एक एआर-स्टाइल राइफल एक टैक्टिकल वेस्ट करीब 300 कारतूस, जिनमें आठ भरी हुई मैगजीन और एक भरी हुई एक्सटेंडेड मैगजीन शामिल एक गैस कैन नाजी प्रतीकों वाली कुछ वस्तुएं आठ पन्नों का एक कथित घोषणापत्र, जिसमें हमले की योजना और भारतीय मूल के लोगों, यहूदियों और अश्वेत लोगों को निशाना बनाने की बातें लिखी होने का आरोप है किन धाराओं में मामला युवक पर दो आरोप लगाए गए हैं: आतंकी धमकी देना, जिसे इलिनॉय में सबसे गंभीर श्रेणी (क्लास एक्स) का अपराध माना जाता है। 16 इंच से छोटी बैरल वाली राइफल अवैध रूप से रखना। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। पुलिस और एफबीआई यह भी देख रही हैं कि क्या उस पर और आरोप लगाए जाने चाहिए। ध्यान रहे कि ये सभी आरोप अभियोजन पक्ष के हैं और अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। किस मंदिर को बनाया था निशाना अभियोजकों के अनुसार कथित निशाना ऑरोरा इलाके का एक हिंदू पूजा स्थल था। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर मंदिर के नाम की पुष्टि नहीं की है। ऑरोरा पुलिस ने एहतियात के तौर पर अपने इलाके के सभी हिंदू पूजा स्थलों से संपर्क कर सुरक्षा पर बात की। पुलिस प्रमुख ने क्या कहा पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि इस कथित धमकी की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि समुदायों और पूजा स्थलों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय मूल के नेताओं की प्रतिक्रिया भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि एक श्वेत वर्चस्ववादी ने उस मंदिर में भारतीय अमेरिकियों को निशाना बनाने की कोशिश की, जहां उनका परिवार भी पूजा करता है। उन्होंने पुलिस को सूचना देने वाले सहकर्मियों और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों का आभार जताया। ऑरोरा की एल्डरवुमन श्वेता बैद ने इस घटना पर दुख जताते हुए धमकी की निंदा की और नफरत के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की। सहकर्मियों की सजगता ने बचाई जानें इस मामले में सबसे अहम भूमिका आरोपी के सहकर्मियों की रही। उन्होंने उसकी बातों को मजाक समझकर नजरअंदाज नहीं किया और समय पर पुलिस को खबर दी। सुरक्षा विशेषज्ञ हमेशा कहते हैं कि "कुछ दिखे तो कुछ कहें"। यानी अगर कोई व्यक्ति हिंसा की बात करे या संदिग्ध व्यवहार दिखाए, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। यह मामला इसी सजगता का उदाहरण है। अमेरिका में बढ़ती चिंता पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और नफरत भरे संदेश लिखने की कई घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय मूल के लोगों के संगठन लगातार ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई और पूजा स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। इस ताजा मामले के बाद भी भारतीय समुदाय में चिंता है और मंदिर प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। अमेरिका में भारतीय समुदाय अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है, जो डॉक्टर, इंजीनियर, कारोबारी और शिक्षक के रूप में वहां की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देती है। शिकागो और उसके आसपास का इलाका भी बड़ी भारतीय आबादी वाला क्षेत्र है, जहां कई बड़े मंदिर और सांस्कृतिक केंद्र हैं। उत्तर प्रदेश और कानपुर से भी बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई और नौकरी के लिए अमेरिका गए हैं। ऐसी खबरें उनके परिवारों के लिए भी चिंता का कारण बनती हैं। विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए सलाह अपने इलाके के भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास के संपर्क नंबर हमेशा पास रखें। किसी संदिग्ध गतिविधि या धमकी की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। सामुदायिक संगठनों और मंदिर समितियों की सुरक्षा बैठकों में हिस्सा लें। सोशल मीडिया पर नफरत भरे संदेश दिखें, तो उनकी रिपोर्ट करें। अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। भारत में भी चिंता ऐसी घटनाएं भारत में बैठे परिवारों के लिए भी चिंता का विषय होती हैं। विदेश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए हमेशा अहम मुद्दा रही है। ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहते हैं और समुदाय की चिंताओं को उठाते हैं। इस मामले में सहकर्मियों की सजगता यह याद दिलाती है कि आम नागरिकों की एक सूचना भी कई निर्दोष लोगों की जान बचा सकती है। निष्कर्ष इलिनॉय में हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश का नाकाम होना राहत की बात है, लेकिन यह घटना नफरत आधारित हिंसा के बढ़ते खतरे की चेतावनी भी है। सहकर्मियों की सजगता और पुलिस की तेज कार्रवाई ने संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया। अब अदालत में मामले की सुनवाई होगी, जिससे आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। दुनिया भर में भारतीयों से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

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