कानपुर में आवारा कुत्तों का आतंक: नौबस्ता में दिव्यांग और बेगमपुरवा में छात्र को काटा, कांशीराम अस्पताल में हुआ इलाज; लोगों में दहशत
Stray Dog Menace in Kanpur: Person With Disability and a Student Bitten in Naubasta and Begumpurwa, Treated at Kanshiram Hospital
Kanpur Live News Desk ·

मुख्य बातें:
गुरुवार को कानपुर दक्षिण में आवारा कुत्तों ने एक दिव्यांग व्यक्ति और एक छात्र को काट लिया।
नौबस्ता के बसंत विहार निवासी 56 वर्षीय प्रमोद मिश्रा के बाएं पैर में कुत्ते ने काटा।
रायबरेली से भाई की शादी में बेगमपुरवा आए 16 वर्षीय छात्र मोहम्मद कैफ के दाएं पैर में कुत्तों ने काटा।
दोनों का इलाज कांशीराम अस्पताल में हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कुत्तों का आतंक है। इससे पहले भी शहर में कई लोगों पर कुत्तों के हमले हो चुके हैं।
कानपुर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार सुबह शहर के दक्षिणी इलाके में दो अलग-अलग जगहों पर आवारा कुत्तों ने एक दिव्यांग व्यक्ति और एक छात्र को काटकर घायल कर दिया। दोनों को परिजन कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज किया गया। घटनाओं के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है।
पहली घटना: नौबस्ता में दिव्यांग पर हमला
रिपोर्टों के अनुसार नौबस्ता के बसंत विहार निवासी 56 वर्षीय प्रमोद मिश्रा दिव्यांग हैं और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। गुरुवार सुबह वह किसी काम से स्कूटी से घर से निकले थे। घर से करीब 500 मीटर दूर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया। एक कुत्ते ने उनके बाएं पैर में काट लिया। उन्होंने अपनी बैसाखी से किसी तरह कुत्तों को भगाया।
दूसरी घटना: भाई की शादी में आए छात्र को काटा
रायबरेली निवासी 16 वर्षीय मोहम्मद कैफ इंटरमीडिएट का छात्र है। वह बुधवार को अपने भाई कामरान की शादी में शामिल होने बेगमपुरवा आया था। गुरुवार सुबह बाइक से जाते समय कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया और दाएं पैर में काट लिया।
"इलाके में कुत्तों का आतंक है"
स्थानीय निवासी अभिषेक, राजेश और अर्पित ने बताया कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक है। उनका कहना है कि सुबह-शाम कुत्तों के झुंड सड़कों पर घूमते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
रिपोर्टों के अनुसार शहर में पहले भी कुत्तों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं:
तारीख स्थान घटना
3 अक्टूबर 2025 सचेंडी खेत में काम कर रहे बाबू यादव को काटा
18 जुलाई 2026 रेलबाजार ट्रक के नीचे आराम कर रहे चालक शिवकिशोर पर हमला
4 अगस्त 2026 चकेरी, पटेलनगर इंटर के छात्र सागर कुमार पर हमला
3 अक्टूबर 2026 तिवारीपुर, जाजमऊ दूध लेने जा रहे विनोद कुमार निषाद पर हमला
कुत्ते के काटने पर तुरंत क्या करें?
घाव धोएं: काटे गए हिस्से को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं। यह सबसे जरूरी कदम है।
एंटीसेप्टिक लगाएं: धोने के बाद एंटीसेप्टिक लगाएं।
घाव पर कुछ न लगाएं: मिर्च, तेल, हल्दी या कोई घरेलू लेप न लगाएं।
पट्टी कसकर न बांधें: घाव को खुला या हल्का ढका रखें।
तुरंत अस्पताल जाएं: उसी दिन नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर से मिलें।
वैक्सीन का कोर्स पूरा करें: डॉक्टर की सलाह पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं और पूरा कोर्स समय पर पूरा करें।
रेबीज क्यों है खतरनाक?
रेबीज एक वायरस से होने वाली बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से फैलती है। लक्षण शुरू हो जाने के बाद यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है। लेकिन समय पर घाव धोने और सही टीकाकरण से इससे पूरी तरह बचा जा सकता है। इसलिए कुत्ते के काटने को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए, चाहे घाव छोटा ही क्यों न हो। सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध रहती है।
कुत्तों के हमले से कैसे बचें?
कुत्तों के झुंड के पास से गुजरते समय दौड़ें नहीं, शांत होकर धीरे-धीरे आगे बढ़ें।
कुत्ते को घूरें नहीं और उसे परेशान न करें।
खाना खा रहे या बच्चों के साथ बैठे कुत्ते के पास न जाएं।
दोपहिया वाहन पर कुत्ते पीछा करें तो रफ्तार अचानक न बढ़ाएं, संभव हो तो वाहन रोक दें।
बच्चों को समझाएं कि आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें।
सुबह-शाम टहलते समय हाथ में छड़ी रखें।
आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान
आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के तहत नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसमें कुत्तों की नसबंदी कर उन्हें रेबीज का टीका लगाया जाता है और फिर उसी इलाके में छोड़ा जाता है। इससे धीरे-धीरे कुत्तों की संख्या कम होती है और रेबीज का खतरा घटता है। आक्रामक कुत्तों की शिकायत नगर निगम से की जा सकती है। साथ ही, कुत्तों को मारना या उन्हें नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है।
शिकायत कहां करें?
आवारा कुत्तों से परेशानी होने पर नगर निगम के कंट्रोल रूम या पशु कल्याण विभाग में शिकायत की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
kanpur.live की राय
कुत्तों के हमले की लगातार घटनाएं चिंता का विषय हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए। नसबंदी और टीकाकरण अभियान को तेज करने के साथ लोगों को भी जागरूक होना होगा। कुत्ते के काटने पर लापरवाही न करें और तुरंत इलाज कराएं। हम पाठकों से अपील करते हैं कि अपने इलाके में आक्रामक कुत्तों की जानकारी नगर निगम तक जरूर पहुंचाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. कुत्तों ने किन लोगों को काटा? नौबस्ता के 56 वर्षीय दिव्यांग प्रमोद मिश्रा और रायबरेली से आए 16 वर्षीय छात्र मोहम्मद कैफ को।
प्रश्न 2. घायलों का इलाज कहां हुआ? कांशीराम अस्पताल में।
प्रश्न 3. प्रमोद मिश्रा पर कहां हमला हुआ? घर से करीब 500 मीटर दूर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास।
प्रश्न 4. मोहम्मद कैफ कानपुर क्यों आया था? बेगमपुरवा में अपने भाई कामरान की शादी में।
प्रश्न 5. कुत्ते के काटने पर सबसे पहले क्या करें? घाव को बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं।
प्रश्न 6. क्या रेबीज से बचा जा सकता है? हां, समय पर घाव धोने और एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स लेने से।
प्रश्न 7. आवारा कुत्तों की शिकायत कहां करें? नगर निगम में या जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर।
स्रोत: पीड़ितों और स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 15 अक्टूबर 2026। स्वास्थ्य जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
कानपुर में आवारा कुत्तों का आतंक: नौबस्ता में दिव्यांग और बेगमपुरवा में छात्र को काटा, कांशीराम अस्पताल में हुआ इलाज; लोगों में दहशत
मुख्य बातें:
गुरुवार को कानपुर दक्षिण में आवारा कुत्तों ने एक दिव्यांग व्यक्ति और एक छात्र को काट लिया।
नौबस्ता के बसंत विहार निवासी 56 वर्षीय प्रमोद मिश्रा के बाएं पैर में कुत्ते ने काटा।
रायबरेली से भाई की शादी में बेगमपुरवा आए 16 वर्षीय छात्र मोहम्मद कैफ के दाएं पैर में कुत्तों ने काटा।
दोनों का इलाज कांशीराम अस्पताल में हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कुत्तों का आतंक है। इससे पहले भी शहर में कई लोगों पर कुत्तों के हमले हो चुके हैं।
कानपुर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार सुबह शहर के दक्षिणी इलाके में दो अलग-अलग जगहों पर आवारा कुत्तों ने एक दिव्यांग व्यक्ति और एक छात्र को काटकर घायल कर दिया। दोनों को परिजन कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज किया गया। घटनाओं के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल है।
पहली घटना: नौबस्ता में दिव्यांग पर हमला
रिपोर्टों के अनुसार नौबस्ता के बसंत विहार निवासी 56 वर्षीय प्रमोद मिश्रा दिव्यांग हैं और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। गुरुवार सुबह वह किसी काम से स्कूटी से घर से निकले थे। घर से करीब 500 मीटर दूर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास आवारा कुत्तों ने उन्हें घेर लिया। एक कुत्ते ने उनके बाएं पैर में काट लिया। उन्होंने अपनी बैसाखी से किसी तरह कुत्तों को भगाया।
दूसरी घटना: भाई की शादी में आए छात्र को काटा
रायबरेली निवासी 16 वर्षीय मोहम्मद कैफ इंटरमीडिएट का छात्र है। वह बुधवार को अपने भाई कामरान की शादी में शामिल होने बेगमपुरवा आया था। गुरुवार सुबह बाइक से जाते समय कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया और दाएं पैर में काट लिया।
"इलाके में कुत्तों का आतंक है"
स्थानीय निवासी अभिषेक, राजेश और अर्पित ने बताया कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक है। उनका कहना है कि सुबह-शाम कुत्तों के झुंड सड़कों पर घूमते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
रिपोर्टों के अनुसार शहर में पहले भी कुत्तों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं:
तारीख स्थान घटना
3 अक्टूबर 2025 सचेंडी खेत में काम कर रहे बाबू यादव को काटा
18 जुलाई 2026 रेलबाजार ट्रक के नीचे आराम कर रहे चालक शिवकिशोर पर हमला
4 अगस्त 2026 चकेरी, पटेलनगर इंटर के छात्र सागर कुमार पर हमला
3 अक्टूबर 2026 तिवारीपुर, जाजमऊ दूध लेने जा रहे विनोद कुमार निषाद पर हमला
कुत्ते के काटने पर तुरंत क्या करें?
घाव धोएं: काटे गए हिस्से को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं। यह सबसे जरूरी कदम है।
एंटीसेप्टिक लगाएं: धोने के बाद एंटीसेप्टिक लगाएं।
घाव पर कुछ न लगाएं: मिर्च, तेल, हल्दी या कोई घरेलू लेप न लगाएं।
पट्टी कसकर न बांधें: घाव को खुला या हल्का ढका रखें।
तुरंत अस्पताल जाएं: उसी दिन नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर से मिलें।
वैक्सीन का कोर्स पूरा करें: डॉक्टर की सलाह पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं और पूरा कोर्स समय पर पूरा करें।
रेबीज क्यों है खतरनाक?
रेबीज एक वायरस से होने वाली बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से फैलती है। लक्षण शुरू हो जाने के बाद यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है। लेकिन समय पर घाव धोने और सही टीकाकरण से इससे पूरी तरह बचा जा सकता है। इसलिए कुत्ते के काटने को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए, चाहे घाव छोटा ही क्यों न हो। सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध रहती है।
कुत्तों के हमले से कैसे बचें?
कुत्तों के झुंड के पास से गुजरते समय दौड़ें नहीं, शांत होकर धीरे-धीरे आगे बढ़ें।
कुत्ते को घूरें नहीं और उसे परेशान न करें।
खाना खा रहे या बच्चों के साथ बैठे कुत्ते के पास न जाएं।
दोपहिया वाहन पर कुत्ते पीछा करें तो रफ्तार अचानक न बढ़ाएं, संभव हो तो वाहन रोक दें।
बच्चों को समझाएं कि आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखें।
सुबह-शाम टहलते समय हाथ में छड़ी रखें।
आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान
आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के तहत नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसमें कुत्तों की नसबंदी कर उन्हें रेबीज का टीका लगाया जाता है और फिर उसी इलाके में छोड़ा जाता है। इससे धीरे-धीरे कुत्तों की संख्या कम होती है और रेबीज का खतरा घटता है। आक्रामक कुत्तों की शिकायत नगर निगम से की जा सकती है। साथ ही, कुत्तों को मारना या उन्हें नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है।
शिकायत कहां करें?
आवारा कुत्तों से परेशानी होने पर नगर निगम के कंट्रोल रूम या पशु कल्याण विभाग में शिकायत की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
kanpur.live की राय
कुत्तों के हमले की लगातार घटनाएं चिंता का विषय हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए। नसबंदी और टीकाकरण अभियान को तेज करने के साथ लोगों को भी जागरूक होना होगा। कुत्ते के काटने पर लापरवाही न करें और तुरंत इलाज कराएं। हम पाठकों से अपील करते हैं कि अपने इलाके में आक्रामक कुत्तों की जानकारी नगर निगम तक जरूर पहुंचाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. कुत्तों ने किन लोगों को काटा? नौबस्ता के 56 वर्षीय दिव्यांग प्रमोद मिश्रा और रायबरेली से आए 16 वर्षीय छात्र मोहम्मद कैफ को।
प्रश्न 2. घायलों का इलाज कहां हुआ? कांशीराम अस्पताल में।
प्रश्न 3. प्रमोद मिश्रा पर कहां हमला हुआ? घर से करीब 500 मीटर दूर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास।
प्रश्न 4. मोहम्मद कैफ कानपुर क्यों आया था? बेगमपुरवा में अपने भाई कामरान की शादी में।
प्रश्न 5. कुत्ते के काटने पर सबसे पहले क्या करें? घाव को बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं।
प्रश्न 6. क्या रेबीज से बचा जा सकता है? हां, समय पर घाव धोने और एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स लेने से।
प्रश्न 7. आवारा कुत्तों की शिकायत कहां करें? नगर निगम में या जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर।
स्रोत: पीड़ितों और स्थानीय लोगों के बयानों पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 15 अक्टूबर 2026। स्वास्थ्य जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
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