कानपुर: जयपुर जाना होगा आसान, कल से चलेगी संतरागाछी-खातीपुरा साप्ताहिक एक्सप्रेस, कानपुर सेंट्रल पर ठहराव
New weekly Santragachi-Khatipura train via Kanpur from Nov 4
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर से जयपुर और पश्चिम बंगाल-झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। संतरागाछी (पश्चिम बंगाल) से खातीपुरा (जयपुर, राजस्थान) के बीच नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार 4 नवंबर से नियमित रूप से चलेगी, जो कानपुर सेंट्रल होकर गुजरेगी।
इससे पहले 26 अक्टूबर को इस ट्रेन का उद्घाटन विशेष ट्रेन के रूप में हुआ था। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने ट्रेन की समय सारणी की जानकारी दी है।
18061 संतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस
शुरुआत: 4 नवंबर 2026 से नियमित
दिन: हर बुधवार
संतरागाछी से प्रस्थान: दोपहर 2:15 बजे
कानपुर सेंट्रल: दोपहर 2:00 बजे पहुंचेगी, 2:05 बजे रवाना होगी (संतरागाछी से चलने के अगले दिन, यानी गुरुवार को)
खातीपुरा पहुंचेगी: अगले दिन (गुरुवार) रात 11:00 बजे
नोट: रिपोर्ट में कानपुर पहुंचने के दिन का साफ उल्लेख नहीं है। संतरागाछी से बुधवार दोपहर चलने और गुरुवार रात खातीपुरा पहुंचने के हिसाब से यह गुरुवार दोपहर कानपुर आएगी। यात्री यात्रा से पहले रेलवे से इसकी पुष्टि कर लें।
18062 खातीपुरा-संतरागाछी एक्सप्रेस
शुरुआत: 6 नवंबर 2026 से
दिन: हर शुक्रवार
खातीपुरा से प्रस्थान: सुबह 9:15 बजे
कानपुर सेंट्रल: शाम 6:45 बजे पहुंचेगी, 6:50 बजे रवाना होगी
संतरागाछी पहुंचेगी: अगले दिन (शनिवार) शाम 7:45 बजे
कहां-कहां रुकेगी
दोनों दिशाओं में ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम, रांची और टाटानगर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच: ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे।
किसे होगा फायदा
जयपुर जाने वाले: कानपुर से जयपुर जाने वाले पर्यटकों, कारोबारियों और छात्रों को नया विकल्प मिलेगा।
झारखंड-बंगाल: कानपुर से रांची, टाटानगर और कोलकाता क्षेत्र (संतरागाछी) जाने वालों को सीधी ट्रेन मिलेगी।
धार्मिक यात्रा: प्रयागराज, मिर्जापुर (विंध्याचल) और जयपुर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
कारोबार: कानपुर का चमड़ा, कपड़ा और औद्योगिक कारोबार जयपुर, रांची और जमशेदपुर (टाटानगर) जैसे शहरों से जुड़ा है। सीधी ट्रेन से कारोबारियों को सुविधा होगी।
जयपुर: गुलाबी शहर
जयपुर राजस्थान की राजधानी है और 'पिंक सिटी' के नाम से मशहूर है। आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक स्थल इसे देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करते हैं। सर्दियों का मौसम जयपुर घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, इसलिए नवंबर से फरवरी तक यहां पर्यटकों की भीड़ रहती है। कानपुर से जयपुर के लिए सीधी ट्रेनों की संख्या सीमित है, इसलिए यह नई ट्रेन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी।
खातीपुरा स्टेशन क्या है
खातीपुरा जयपुर शहर का एक रेलवे स्टेशन है, जिसे जयपुर जंक्शन पर भीड़ कम करने के लिए विकसित किया गया है। कई नई ट्रेनें अब खातीपुरा से चलाई जा रही हैं। यात्री ध्यान दें कि ट्रेन जयपुर जंक्शन नहीं, खातीपुरा स्टेशन पर पहुंचेगी। वहां से शहर के दूसरे हिस्सों तक जाने के लिए स्थानीय परिवहन उपलब्ध है।
त्योहारों में राहत
दिवाली और छठ के मौसम में कानपुर से पूर्व की ओर, खासकर झारखंड और बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। ऐसे समय में यह नई साप्ताहिक ट्रेन यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प देगी। हालांकि साप्ताहिक होने के कारण यह हफ्ते में सिर्फ एक दिन ही उपलब्ध रहेगी।
बुकिंग और यात्रा के सुझाव
टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट और ऐप या आरक्षण काउंटर से बुक करें।
ट्रेन साप्ताहिक है, इसलिए यात्रा की तारीख ध्यान से चुनें।
यात्रा से पहले एनटीईएस ऐप या 139 पर ट्रेन का लाइव स्टेटस जांचें।
कानपुर सेंट्रल पर ठहराव सिर्फ 5 मिनट का है, इसलिए समय से प्लेटफॉर्म पर पहुंचें।
लंबी यात्रा में अपने सामान और कीमती चीजों का ध्यान रखें।
कानपुर का बढ़ता रेल नेटवर्क
हाल के दिनों में कानपुर को कई नई ट्रेनों की सौगात मिली है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कानपुर सेंट्रल पर रुकती है। इसके अलावा कानपुर होकर दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। उत्तर भारत के बड़े रेल जंक्शन के रूप में कानपुर से देश के हर हिस्से के लिए बेहतर कनेक्टिविटी शहर के कारोबार और लोगों के लिए फायदेमंद है।
कानपुर सेंट्रल पर समय का ध्यान रखें
कानपुर सेंट्रल देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां रोज सैकड़ों ट्रेनें और लाखों यात्री आते-जाते हैं। नई ट्रेन का ठहराव सिर्फ पांच मिनट का है, इसलिए यात्रियों को स्टेशन पर कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचना चाहिए। प्लेटफॉर्म नंबर की जानकारी स्टेशन पर लगे डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणा या रेलवे के ऐप से लें। भारी सामान हो तो अधिकृत कुली की मदद लें। बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री स्टेशन पर उपलब्ध व्हीलचेयर और बैटरी कार की सुविधा के बारे में पूछताछ काउंटर से जानकारी ले सकते हैं।
लंबी यात्रा की तैयारी
संतरागाछी से खातीपुरा तक का सफर दो दिन से ज्यादा का है, इसलिए लंबी यात्रा की तैयारी करके चलें। अपने साथ पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां, पानी की बोतल और हल्का खाना रखें। सर्दियों का मौसम शुरू हो रहा है, इसलिए गर्म कपड़े और कंबल साथ रखना अच्छा रहेगा, खासकर राजस्थान की ठंडी रातों के लिए। ट्रेन में किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीज न लें। किसी भी परेशानी या आपात स्थिति में रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।
जयपुर में क्या देखें
जयपुर पहुंचने वाले यात्री आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, नाहरगढ़ किला और जल महल जैसे प्रसिद्ध स्थल देख सकते हैं। यहां के बाजार राजस्थानी कपड़ों, हस्तशिल्प, आभूषणों और जूतियों के लिए मशहूर हैं। दाल-बाटी-चूरमा और घेवर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। घूमने की योजना पहले से बनाएं, ताकि कम समय में ज्यादा जगहें देखी जा सकें।
यह भी पढ़ें
कानपुर: वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर, कानपुर सेंट्रल पर ठहराव (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें)
कानपुर: सेंट्रल स्टेशन पर चार ट्रेनों का समय बदला (लिंक जोड़ें)
कानपुर: दो नई ट्रेनों को खटीपुरा में ठहराव (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
संतरागाछी-खातीपुरा साप्ताहिक एक्सप्रेस से कानपुर के यात्रियों को जयपुर, रांची, टाटानगर और पश्चिम बंगाल के लिए सीधी ट्रेन मिल गई है। 4 नवंबर से नियमित रूप से चलने वाली यह ट्रेन सर्दियों में जयपुर घूमने वालों और कारोबारियों के लिए खास तौर पर उपयोगी होगी।
कानपुर की ट्रेन और यात्रा से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
कानपुर: जयपुर जाना होगा आसान, कल से चलेगी संतरागाछी-खातीपुरा साप्ताहिक एक्सप्रेस, कानपुर सेंट्रल पर ठहराव
कानपुर से जयपुर और पश्चिम बंगाल-झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। संतरागाछी (पश्चिम बंगाल) से खातीपुरा (जयपुर, राजस्थान) के बीच नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार 4 नवंबर से नियमित रूप से चलेगी, जो कानपुर सेंट्रल होकर गुजरेगी।
इससे पहले 26 अक्टूबर को इस ट्रेन का उद्घाटन विशेष ट्रेन के रूप में हुआ था। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने ट्रेन की समय सारणी की जानकारी दी है।
18061 संतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस
शुरुआत: 4 नवंबर 2026 से नियमित
दिन: हर बुधवार
संतरागाछी से प्रस्थान: दोपहर 2:15 बजे
कानपुर सेंट्रल: दोपहर 2:00 बजे पहुंचेगी, 2:05 बजे रवाना होगी (संतरागाछी से चलने के अगले दिन, यानी गुरुवार को)
खातीपुरा पहुंचेगी: अगले दिन (गुरुवार) रात 11:00 बजे
नोट: रिपोर्ट में कानपुर पहुंचने के दिन का साफ उल्लेख नहीं है। संतरागाछी से बुधवार दोपहर चलने और गुरुवार रात खातीपुरा पहुंचने के हिसाब से यह गुरुवार दोपहर कानपुर आएगी। यात्री यात्रा से पहले रेलवे से इसकी पुष्टि कर लें।
18062 खातीपुरा-संतरागाछी एक्सप्रेस
शुरुआत: 6 नवंबर 2026 से
दिन: हर शुक्रवार
खातीपुरा से प्रस्थान: सुबह 9:15 बजे
कानपुर सेंट्रल: शाम 6:45 बजे पहुंचेगी, 6:50 बजे रवाना होगी
संतरागाछी पहुंचेगी: अगले दिन (शनिवार) शाम 7:45 बजे
कहां-कहां रुकेगी
दोनों दिशाओं में ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, सासाराम, रांची और टाटानगर समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच: ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे।
किसे होगा फायदा
जयपुर जाने वाले: कानपुर से जयपुर जाने वाले पर्यटकों, कारोबारियों और छात्रों को नया विकल्प मिलेगा।
झारखंड-बंगाल: कानपुर से रांची, टाटानगर और कोलकाता क्षेत्र (संतरागाछी) जाने वालों को सीधी ट्रेन मिलेगी।
धार्मिक यात्रा: प्रयागराज, मिर्जापुर (विंध्याचल) और जयपुर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
कारोबार: कानपुर का चमड़ा, कपड़ा और औद्योगिक कारोबार जयपुर, रांची और जमशेदपुर (टाटानगर) जैसे शहरों से जुड़ा है। सीधी ट्रेन से कारोबारियों को सुविधा होगी।
जयपुर: गुलाबी शहर
जयपुर राजस्थान की राजधानी है और 'पिंक सिटी' के नाम से मशहूर है। आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक स्थल इसे देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करते हैं। सर्दियों का मौसम जयपुर घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, इसलिए नवंबर से फरवरी तक यहां पर्यटकों की भीड़ रहती है। कानपुर से जयपुर के लिए सीधी ट्रेनों की संख्या सीमित है, इसलिए यह नई ट्रेन यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगी।
खातीपुरा स्टेशन क्या है
खातीपुरा जयपुर शहर का एक रेलवे स्टेशन है, जिसे जयपुर जंक्शन पर भीड़ कम करने के लिए विकसित किया गया है। कई नई ट्रेनें अब खातीपुरा से चलाई जा रही हैं। यात्री ध्यान दें कि ट्रेन जयपुर जंक्शन नहीं, खातीपुरा स्टेशन पर पहुंचेगी। वहां से शहर के दूसरे हिस्सों तक जाने के लिए स्थानीय परिवहन उपलब्ध है।
त्योहारों में राहत
दिवाली और छठ के मौसम में कानपुर से पूर्व की ओर, खासकर झारखंड और बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। ऐसे समय में यह नई साप्ताहिक ट्रेन यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प देगी। हालांकि साप्ताहिक होने के कारण यह हफ्ते में सिर्फ एक दिन ही उपलब्ध रहेगी।
बुकिंग और यात्रा के सुझाव
टिकट आईआरसीटीसी की वेबसाइट और ऐप या आरक्षण काउंटर से बुक करें।
ट्रेन साप्ताहिक है, इसलिए यात्रा की तारीख ध्यान से चुनें।
यात्रा से पहले एनटीईएस ऐप या 139 पर ट्रेन का लाइव स्टेटस जांचें।
कानपुर सेंट्रल पर ठहराव सिर्फ 5 मिनट का है, इसलिए समय से प्लेटफॉर्म पर पहुंचें।
लंबी यात्रा में अपने सामान और कीमती चीजों का ध्यान रखें।
कानपुर का बढ़ता रेल नेटवर्क
हाल के दिनों में कानपुर को कई नई ट्रेनों की सौगात मिली है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कानपुर सेंट्रल पर रुकती है। इसके अलावा कानपुर होकर दो जोड़ी स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। उत्तर भारत के बड़े रेल जंक्शन के रूप में कानपुर से देश के हर हिस्से के लिए बेहतर कनेक्टिविटी शहर के कारोबार और लोगों के लिए फायदेमंद है।
कानपुर सेंट्रल पर समय का ध्यान रखें
कानपुर सेंट्रल देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है, जहां रोज सैकड़ों ट्रेनें और लाखों यात्री आते-जाते हैं। नई ट्रेन का ठहराव सिर्फ पांच मिनट का है, इसलिए यात्रियों को स्टेशन पर कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचना चाहिए। प्लेटफॉर्म नंबर की जानकारी स्टेशन पर लगे डिस्प्ले बोर्ड, उद्घोषणा या रेलवे के ऐप से लें। भारी सामान हो तो अधिकृत कुली की मदद लें। बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री स्टेशन पर उपलब्ध व्हीलचेयर और बैटरी कार की सुविधा के बारे में पूछताछ काउंटर से जानकारी ले सकते हैं।
लंबी यात्रा की तैयारी
संतरागाछी से खातीपुरा तक का सफर दो दिन से ज्यादा का है, इसलिए लंबी यात्रा की तैयारी करके चलें। अपने साथ पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां, पानी की बोतल और हल्का खाना रखें। सर्दियों का मौसम शुरू हो रहा है, इसलिए गर्म कपड़े और कंबल साथ रखना अच्छा रहेगा, खासकर राजस्थान की ठंडी रातों के लिए। ट्रेन में किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीज न लें। किसी भी परेशानी या आपात स्थिति में रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करें।
जयपुर में क्या देखें
जयपुर पहुंचने वाले यात्री आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, नाहरगढ़ किला और जल महल जैसे प्रसिद्ध स्थल देख सकते हैं। यहां के बाजार राजस्थानी कपड़ों, हस्तशिल्प, आभूषणों और जूतियों के लिए मशहूर हैं। दाल-बाटी-चूरमा और घेवर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। घूमने की योजना पहले से बनाएं, ताकि कम समय में ज्यादा जगहें देखी जा सकें।
यह भी पढ़ें
कानपुर: वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर, कानपुर सेंट्रल पर ठहराव (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें)
कानपुर: सेंट्रल स्टेशन पर चार ट्रेनों का समय बदला (लिंक जोड़ें)
कानपुर: दो नई ट्रेनों को खटीपुरा में ठहराव (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
संतरागाछी-खातीपुरा साप्ताहिक एक्सप्रेस से कानपुर के यात्रियों को जयपुर, रांची, टाटानगर और पश्चिम बंगाल के लिए सीधी ट्रेन मिल गई है। 4 नवंबर से नियमित रूप से चलने वाली यह ट्रेन सर्दियों में जयपुर घूमने वालों और कारोबारियों के लिए खास तौर पर उपयोगी होगी।
कानपुर की ट्रेन और यात्रा से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
यह खबर अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:
किसी तथ्य में गलती दिखे तो हमें बताएं — हमारी संपादकीय नीति पढ़ें।
और पढ़ें | Related News
कानपुर: दादानगर पुल से ईंटों भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली नीचे बस्ती के मकान पर गिरी, सास-बहू की मौत, बाप-बेटी घायल
कानपुर: जीटी रोड पर कार्डियोलॉजी कट के पास डीसीएम ने स्कूटी को मारी टक्कर, तीन साल की बच्ची की मौत, माता-पिता घायल
कारों में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक होगा अनिवार्य, सड़क परिवहन मंत्रालय का मसौदा जारी
कानपुर आरटीओ में दलालों की वापसी: दोपहर में हटाए गए स्टॉल, घंटेभर में फिर सजे; अफसरों ने गेटों पर निगरानी के दिए निर्देश
कानपुर कैंट में अतिक्रमण हटा, अगले ही दिन फिर सजी दुकानें: छह दिन में 250 अतिक्रमण हटाए, जयपुरिया पुल पर लगा जाम; अगले हफ्ते फिर चलेगा बुलडोजर
हाईवे पर खड़े वाहनों से हादसे, सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से पूछे सवाल
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई | Most Read
- 1कानपुर: बिधनू में डीईसी कॉलेज के बाहर युवक की लात-घूंसों से पिटाई, वीडियो वायरल
- 2करवा चौथ 2026: कानपुर में रात 8:10 बजे निकलेगा चांद, जानें पूजा मुहूर्त और शुक्र के बालत्वकाल पर विद्वानों की राय
- 3कानपुर: पीएसआईटी टेक एक्सपो में दिखा छात्रों का हुनर, सेना के लिए एआई वॉकी-टॉकी से लेकर स्वचालित ड्रोन तक बनाए
- 4कानपुर: जीटी रोड पर कार्डियोलॉजी कट के पास डीसीएम ने स्कूटी को मारी टक्कर, तीन साल की बच्ची की मौत, माता-पिता घायल
- 5कानपुर: 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के आसार, बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम का असर