कानपुर: बिधनू में डीईसी कॉलेज के बाहर युवक की लात-घूंसों से पिटाई, वीडियो वायरल
Kanpur Bidhnu: youth beaten outside DEC College, video viral
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर के बिधनू क्षेत्र में डीईसी कॉलेज के बाहर एक युवक की कई लोगों ने लात-घूंसों से पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लालपुर निवासी पीड़ित अभिषेक ने बिधनू थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित की तहरीर के अनुसार घटना 27 अक्टूबर की रात करीब तीन बजे की है और उसे इसमें चोटें आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार मारपीट में तीन नामजद समेत कई लोग शामिल थे।
क्या है मामला
रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज के बाहर कुछ लोगों ने युवक को घेरकर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। मारपीट की वजह क्या थी, यह अभी साफ नहीं है।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने बिधनू थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मामले की जांच की मांग की है। रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि एफआईआर दर्ज हुई है या किसी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस से उम्मीद है कि वह वायरल वीडियो और पीड़ित के बयान के आधार पर जल्द कार्रवाई करेगी।
रात में कॉलेज के बाहर क्यों
घटना रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है। इतनी रात में कॉलेज के बाहर युवकों का जमावड़ा और मारपीट कई सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच में ही साफ होगा कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या कोई और वजह।
बिधनू में बढ़ती घटनाएं
बिधनू क्षेत्र में हाल के दिनों में कई आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। 22 अक्टूबर को बिधनू के रमईपुर में एक रेलवे अधिकारी के घर से 40 लाख रुपये की चोरी हुई थी। इससे पहले इसी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों से तेल और तांबा चोरी करने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ था। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके के लोगों में चिंता है।
वायरल वीडियो: सावधानी जरूरी
सोशल मीडिया पर मारपीट के वीडियो तेजी से वायरल होते हैं। ऐसे वीडियो पुलिस जांच में सबूत के तौर पर मददगार हो सकते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं:
बिना पुष्टि के किसी वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी न ठहराएं।
पीड़ित की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को बेवजह शेयर न करें।
अगर आपके पास किसी अपराध का वीडियो है, तो उसे पुलिस को सौंपें।
भड़काऊ टिप्पणियों और अफवाहों से बचें।
मारपीट के मामलों में कानून
भारतीय न्याय संहिता में मारपीट, चोट पहुंचाने और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होकर हमला करने जैसे अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है। चोट की गंभीरता के हिसाब से धाराएं और सजा तय होती हैं। कई लोगों के मिलकर हमला करने पर मामला और गंभीर माना जाता है।
पीड़ित क्या करें
अगर कोई व्यक्ति मारपीट का शिकार होता है, तो उसे ये कदम उठाने चाहिए:
तुरंत इलाज: सबसे पहले चोटों का इलाज कराएं।
मेडिकल जांच: सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण (मेडिको-लीगल जांच) कराएं, यह सबूत के रूप में अहम होता है।
एफआईआर: नजदीकी थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर की कॉपी जरूर लें।
सबूत सुरक्षित रखें: वीडियो, फोटो और गवाहों की जानकारी पुलिस को दें।
सुनवाई न हो तो: थाने में सुनवाई न होने पर पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत करें या आईजीआरएस पोर्टल का इस्तेमाल करें।
आपात स्थिति: तुरंत 112 पर कॉल करें।
युवाओं से अपील
छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा और मारपीट युवाओं का भविष्य बर्बाद कर सकती है। एक आपराधिक मुकदमा पढ़ाई, नौकरी और पासपोर्ट जैसे कामों में बड़ी रुकावट बन सकता है। किसी विवाद की स्थिति में बातचीत से हल निकालें या पुलिस की मदद लें। कानून अपने हाथ में न लें।
कॉलेज प्रशासन की भूमिका
कॉलेज परिसर और उसके आसपास छात्रों की सुरक्षा के लिए कॉलेज प्रशासन को भी सतर्क रहना चाहिए। गेट पर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और रात में रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। पुलिस और कॉलेज प्रशासन के बीच तालमेल से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
परिजनों की चिंता
ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ित के परिवार में डर और चिंता का माहौल रहता है। परिवार को आशंका रहती है कि कहीं आरोपी दोबारा हमला न करें। ऐसी स्थिति में पुलिस से सुरक्षा की मांग की जा सकती है। अगर पीड़ित या उसके परिवार को धमकी मिलती है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए, क्योंकि गवाह या पीड़ित को धमकाना भी अपने आप में अपराध है।
रात में गश्त बढ़ाने की जरूरत
घटना रात करीब तीन बजे की बताई गई है। ऐसे समय में शहर के बाहरी इलाकों और सुनसान सड़कों पर पुलिस गश्त की अहमियत बढ़ जाती है। बिधनू जैसे क्षेत्रों में, जहां शहर और गांव का मिला-जुला इलाका है, रात की गश्त और पीआरवी (112) वाहनों की मौजूदगी से अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। स्थानीय लोग भी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 पर दे सकते हैं।
सोशल मीडिया और कानून
किसी घटना का वीडियो बनाना और पुलिस को देना मददगार हो सकता है, लेकिन हिंसा के वीडियो को बार-बार शेयर करने से पीड़ित और उसके परिवार की परेशानी बढ़ती है। कई बार अधूरे वीडियो से गलत धारणा भी बन जाती है। इसलिए किसी भी वायरल वीडियो पर राय बनाने से पहले पुलिस जांच का इंतजार करना चाहिए।
कानपुर पुलिस से संपर्क
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस से आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है। महिलाएं 1090 वीमेन पावर लाइन पर शिकायत कर सकती हैं। ऑनलाइन शिकायत के लिए यूपी पुलिस की वेबसाइट और 'यूपीकॉप' ऐप उपलब्ध है।
यह भी पढ़ें
कानपुर: अहिरवां चौकी से 100 मीटर दूर दो दुकानों में चोरी (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें)
कानपुर: ट्रांसफार्मर चोर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, 111 किलो तांबा बरामद (लिंक जोड़ें)
कानपुर: बिल्हौर में जीटी रोड पर अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
बिधनू में कॉलेज के बाहर युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला गंभीर है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह जल्द एफआईआर दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई करे। कानपुर लाइव इस मामले में पुलिस कार्रवाई पर नजर रखेगा।
कानपुर की हर क्राइम खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
कानपुर: बिधनू में डीईसी कॉलेज के बाहर युवक की लात-घूंसों से पिटाई, वीडियो वायरल
कानपुर के बिधनू क्षेत्र में डीईसी कॉलेज के बाहर एक युवक की कई लोगों ने लात-घूंसों से पिटाई कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लालपुर निवासी पीड़ित अभिषेक ने बिधनू थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित की तहरीर के अनुसार घटना 27 अक्टूबर की रात करीब तीन बजे की है और उसे इसमें चोटें आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार मारपीट में तीन नामजद समेत कई लोग शामिल थे।
क्या है मामला
रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज के बाहर कुछ लोगों ने युवक को घेरकर लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है। मारपीट की वजह क्या थी, यह अभी साफ नहीं है।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने बिधनू थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मामले की जांच की मांग की है। रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि एफआईआर दर्ज हुई है या किसी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस से उम्मीद है कि वह वायरल वीडियो और पीड़ित के बयान के आधार पर जल्द कार्रवाई करेगी।
रात में कॉलेज के बाहर क्यों
घटना रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है। इतनी रात में कॉलेज के बाहर युवकों का जमावड़ा और मारपीट कई सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच में ही साफ होगा कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या कोई और वजह।
बिधनू में बढ़ती घटनाएं
बिधनू क्षेत्र में हाल के दिनों में कई आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। 22 अक्टूबर को बिधनू के रमईपुर में एक रेलवे अधिकारी के घर से 40 लाख रुपये की चोरी हुई थी। इससे पहले इसी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों से तेल और तांबा चोरी करने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ था। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके के लोगों में चिंता है।
वायरल वीडियो: सावधानी जरूरी
सोशल मीडिया पर मारपीट के वीडियो तेजी से वायरल होते हैं। ऐसे वीडियो पुलिस जांच में सबूत के तौर पर मददगार हो सकते हैं, लेकिन इनके साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं:
बिना पुष्टि के किसी वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी न ठहराएं।
पीड़ित की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को बेवजह शेयर न करें।
अगर आपके पास किसी अपराध का वीडियो है, तो उसे पुलिस को सौंपें।
भड़काऊ टिप्पणियों और अफवाहों से बचें।
मारपीट के मामलों में कानून
भारतीय न्याय संहिता में मारपीट, चोट पहुंचाने और गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होकर हमला करने जैसे अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है। चोट की गंभीरता के हिसाब से धाराएं और सजा तय होती हैं। कई लोगों के मिलकर हमला करने पर मामला और गंभीर माना जाता है।
पीड़ित क्या करें
अगर कोई व्यक्ति मारपीट का शिकार होता है, तो उसे ये कदम उठाने चाहिए:
तुरंत इलाज: सबसे पहले चोटों का इलाज कराएं।
मेडिकल जांच: सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण (मेडिको-लीगल जांच) कराएं, यह सबूत के रूप में अहम होता है।
एफआईआर: नजदीकी थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर की कॉपी जरूर लें।
सबूत सुरक्षित रखें: वीडियो, फोटो और गवाहों की जानकारी पुलिस को दें।
सुनवाई न हो तो: थाने में सुनवाई न होने पर पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत करें या आईजीआरएस पोर्टल का इस्तेमाल करें।
आपात स्थिति: तुरंत 112 पर कॉल करें।
युवाओं से अपील
छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा और मारपीट युवाओं का भविष्य बर्बाद कर सकती है। एक आपराधिक मुकदमा पढ़ाई, नौकरी और पासपोर्ट जैसे कामों में बड़ी रुकावट बन सकता है। किसी विवाद की स्थिति में बातचीत से हल निकालें या पुलिस की मदद लें। कानून अपने हाथ में न लें।
कॉलेज प्रशासन की भूमिका
कॉलेज परिसर और उसके आसपास छात्रों की सुरक्षा के लिए कॉलेज प्रशासन को भी सतर्क रहना चाहिए। गेट पर सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और रात में रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। पुलिस और कॉलेज प्रशासन के बीच तालमेल से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
परिजनों की चिंता
ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ित के परिवार में डर और चिंता का माहौल रहता है। परिवार को आशंका रहती है कि कहीं आरोपी दोबारा हमला न करें। ऐसी स्थिति में पुलिस से सुरक्षा की मांग की जा सकती है। अगर पीड़ित या उसके परिवार को धमकी मिलती है, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए, क्योंकि गवाह या पीड़ित को धमकाना भी अपने आप में अपराध है।
रात में गश्त बढ़ाने की जरूरत
घटना रात करीब तीन बजे की बताई गई है। ऐसे समय में शहर के बाहरी इलाकों और सुनसान सड़कों पर पुलिस गश्त की अहमियत बढ़ जाती है। बिधनू जैसे क्षेत्रों में, जहां शहर और गांव का मिला-जुला इलाका है, रात की गश्त और पीआरवी (112) वाहनों की मौजूदगी से अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। स्थानीय लोग भी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत 112 पर दे सकते हैं।
सोशल मीडिया और कानून
किसी घटना का वीडियो बनाना और पुलिस को देना मददगार हो सकता है, लेकिन हिंसा के वीडियो को बार-बार शेयर करने से पीड़ित और उसके परिवार की परेशानी बढ़ती है। कई बार अधूरे वीडियो से गलत धारणा भी बन जाती है। इसलिए किसी भी वायरल वीडियो पर राय बनाने से पहले पुलिस जांच का इंतजार करना चाहिए।
कानपुर पुलिस से संपर्क
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस से आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है। महिलाएं 1090 वीमेन पावर लाइन पर शिकायत कर सकती हैं। ऑनलाइन शिकायत के लिए यूपी पुलिस की वेबसाइट और 'यूपीकॉप' ऐप उपलब्ध है।
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कानपुर: अहिरवां चौकी से 100 मीटर दूर दो दुकानों में चोरी (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें)
कानपुर: ट्रांसफार्मर चोर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, 111 किलो तांबा बरामद (लिंक जोड़ें)
कानपुर: बिल्हौर में जीटी रोड पर अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
बिधनू में कॉलेज के बाहर युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला गंभीर है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह जल्द एफआईआर दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई करे। कानपुर लाइव इस मामले में पुलिस कार्रवाई पर नजर रखेगा।
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