कानपुर: पनकी में घर के अंदर चल रहा था बोतलबंद पानी का प्लांट, न जांच लैब न यूवी सिस्टम, 312 बोतलें सीज, पंजीकरण रद्द
Kanpur Panki: illegal home RO water plant raided, 312 bottles seized
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर के पनकी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने एक घर में चल रहे बोतलबंद पानी के प्लांट पर छापा मारा। शुक्रवार 30 अक्टूबर को हुई कार्रवाई में पाया गया कि घर में लगे आरओ प्लांट से पानी भरकर बोतलें पैक की जा रही थीं, जबकि वहां पानी की जांच के लिए न कोई लैब थी और न ही यूवी व आयोनाइजेशन जैसी जरूरी व्यवस्था।
टीम ने मौके पर बची 312 बोतलें सीज कर दीं, एक ब्रांड के पानी का नमूना जांच के लिए लैब भेजा और संचालक का खाद्य पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
छापे में क्या मिला
पनकी के ब्लॉक 1051 बी स्थित परिसर में बोतलबंद पानी की पैकिंग खाद्य कारोबार के जरूरी मानकों के बिना की जा रही थी। जांच में ये कमियां पाई गईं:
पैकेजिंग: पैकिंग सामग्री के फूड ग्रेड होने का प्रमाणपत्र नहीं।
कर्मचारी: कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र नहीं।
सफाई: सफाई का कोई रिकॉर्ड नहीं, और सफाई शेड्यूल-4 के मानकों के अनुरूप नहीं थी।
बैच: बैच नंबर का कोई विवरण नहीं।
लैब जांच: जैविक संदूषण, भारी धातुओं और कीटनाशक अवशेषों की जांच की कोई रिपोर्ट नहीं।
कीट नियंत्रण: पेस्ट कंट्रोल का कोई रिकॉर्ड नहीं।
तकनीक: पानी की जांच की लैब और यूवी-आयोनाइजेशन व्यवस्था नहीं।
क्या कार्रवाई हुई
मौके पर बची 312 बोतलें सीज कर संचालक की सुपुर्दगी में दी गईं।
एक ब्रांड के पानी का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
संचालक का खाद्य पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार संचालक ने कहा कि उसे पानी की पैकिंग के नियमों की जानकारी नहीं थी। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
मिठाई के नमूने भी लिए
इसी दौरान जिले की मोबाइल टीम ने कलक्टरगंज में एक दुकान से इमरती और बेसन के दो कानूनी नमूने लिए। इन्हें भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। दिवाली से पहले मिठाइयों और खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग अभियान चला रहा है।
बोतलबंद पानी के लिए क्या हैं नियम
पैकेज्ड पेयजल यानी बोतलबंद पानी बेचना एक खाद्य कारोबार है, जिसके लिए सख्त नियम हैं:
लाइसेंस: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से लाइसेंस या पंजीकरण जरूरी है।
बीआईएस प्रमाणन: पैकेज्ड पेयजल के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन अनिवार्य है।
जांच लैब: प्लांट में पानी की नियमित जांच की व्यवस्था होनी चाहिए।
शुद्धिकरण: पानी को सही तरीके से छानने और कीटाणुरहित करने की तकनीक, जैसे यूवी या ओजोनेशन होनी चाहिए।
साफ-सफाई: प्लांट, बोतलों और कर्मचारियों की साफ-सफाई के तय मानक हैं।
लेबल: बोतल पर ब्रांड, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी, लाइसेंस नंबर और पता होना चाहिए।
घर में बना पानी क्यों खतरनाक
घर में लगे साधारण आरओ से निकला पानी परिवार के इस्तेमाल के लिए तो ठीक हो सकता है, लेकिन उसे बड़े पैमाने पर बोतलों में भरकर बेचना जोखिम भरा है। बिना जांच के ऐसे पानी में:
बैक्टीरिया: गंदी बोतलों या पाइप से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे दस्त, उल्टी, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
भारी धातुएं: स्रोत के पानी में मौजूद भारी धातुएं पूरी तरह न हटें, तो लंबे समय में नुकसान हो सकता है।
गंदी बोतलें: बार-बार इस्तेमाल होने वाली बोतलों और जारों की ठीक से सफाई न होने से संक्रमण का खतरा रहता है।
असली और नकली बोतलबंद पानी की पहचान
बोतल पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और आईएसआई (बीआईएस) का निशान देखें।
बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी की तारीख जरूर जांचें।
बोतल की सील ठीक से बंद होनी चाहिए। टूटी या ढीली सील वाली बोतल न खरीदें।
पानी में कोई कण, गंदगी या अजीब गंध हो तो इस्तेमाल न करें।
अनजान या बिना पते वाले ब्रांड से बचें।
20 लीटर के जार खरीदते समय भी सील और लेबल जांचें।
शिकायत कहां करें
अगर आपको किसी दुकान या प्लांट पर मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थ या पानी बेचे जाने का शक है, तो:
जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी या खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से शिकायत करें।
एफएसएसएआई के 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
आईजीआरएस पोर्टल या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत कर सकते हैं।
दिवाली पर मिलावट से सावधान
त्योहारों में मिठाई, खोया, पनीर, घी और तेल की मांग बढ़ने के साथ मिलावट के मामले भी बढ़ जाते हैं। भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें, ज्यादा रंगीन मिठाइयों से बचें और घर पर बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दें। खरीदारी का बिल जरूर लें।
घर पर पानी कैसे रखें सुरक्षित
घर के आरओ या वाटर प्यूरीफायर की सर्विस और फिल्टर समय पर बदलवाएं।
पानी के बर्तन और टंकी को नियमित रूप से साफ करें।
पानी हमेशा ढककर रखें।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए जरूरत हो तो पानी उबालकर ठंडा करके दें।
बोतलबंद पानी की खाली बोतलें बार-बार दोबारा न भरें, क्योंकि उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
नियमित जांच की जरूरत
शहर में कई जगह छोटे-छोटे प्लांट 20 लीटर के जार में पानी भरकर घरों और दफ्तरों में सप्लाई करते हैं। इनमें से कई बिना लाइसेंस और जांच के चल रहे हो सकते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को ऐसे प्लांटों की नियमित जांच करनी चाहिए। ग्राहकों को भी जार सप्लाई करने वाले से उसके लाइसेंस और जांच रिपोर्ट के बारे में पूछना चाहिए।
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निष्कर्ष
पनकी में घर के अंदर चल रहा बोतलबंद पानी का प्लांट बताता है कि बिना जांच के बिक रहा पानी लोगों की सेहत के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ग्राहकों को भी बोतल खरीदते समय लाइसेंस, सील और लेबल जरूर जांचने चाहिए। लैब रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
कानपुर की सेहत से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
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टीम ने मौके पर बची 312 बोतलें सीज कर दीं, एक ब्रांड के पानी का नमूना जांच के लिए लैब भेजा और संचालक का खाद्य पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
छापे में क्या मिला
पनकी के ब्लॉक 1051 बी स्थित परिसर में बोतलबंद पानी की पैकिंग खाद्य कारोबार के जरूरी मानकों के बिना की जा रही थी। जांच में ये कमियां पाई गईं:
पैकेजिंग: पैकिंग सामग्री के फूड ग्रेड होने का प्रमाणपत्र नहीं।
कर्मचारी: कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र नहीं।
सफाई: सफाई का कोई रिकॉर्ड नहीं, और सफाई शेड्यूल-4 के मानकों के अनुरूप नहीं थी।
बैच: बैच नंबर का कोई विवरण नहीं।
लैब जांच: जैविक संदूषण, भारी धातुओं और कीटनाशक अवशेषों की जांच की कोई रिपोर्ट नहीं।
कीट नियंत्रण: पेस्ट कंट्रोल का कोई रिकॉर्ड नहीं।
तकनीक: पानी की जांच की लैब और यूवी-आयोनाइजेशन व्यवस्था नहीं।
क्या कार्रवाई हुई
मौके पर बची 312 बोतलें सीज कर संचालक की सुपुर्दगी में दी गईं।
एक ब्रांड के पानी का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
संचालक का खाद्य पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार संचालक ने कहा कि उसे पानी की पैकिंग के नियमों की जानकारी नहीं थी। लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
मिठाई के नमूने भी लिए
इसी दौरान जिले की मोबाइल टीम ने कलक्टरगंज में एक दुकान से इमरती और बेसन के दो कानूनी नमूने लिए। इन्हें भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। दिवाली से पहले मिठाइयों और खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग अभियान चला रहा है।
बोतलबंद पानी के लिए क्या हैं नियम
पैकेज्ड पेयजल यानी बोतलबंद पानी बेचना एक खाद्य कारोबार है, जिसके लिए सख्त नियम हैं:
लाइसेंस: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से लाइसेंस या पंजीकरण जरूरी है।
बीआईएस प्रमाणन: पैकेज्ड पेयजल के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का प्रमाणन अनिवार्य है।
जांच लैब: प्लांट में पानी की नियमित जांच की व्यवस्था होनी चाहिए।
शुद्धिकरण: पानी को सही तरीके से छानने और कीटाणुरहित करने की तकनीक, जैसे यूवी या ओजोनेशन होनी चाहिए।
साफ-सफाई: प्लांट, बोतलों और कर्मचारियों की साफ-सफाई के तय मानक हैं।
लेबल: बोतल पर ब्रांड, बैच नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी, लाइसेंस नंबर और पता होना चाहिए।
घर में बना पानी क्यों खतरनाक
घर में लगे साधारण आरओ से निकला पानी परिवार के इस्तेमाल के लिए तो ठीक हो सकता है, लेकिन उसे बड़े पैमाने पर बोतलों में भरकर बेचना जोखिम भरा है। बिना जांच के ऐसे पानी में:
बैक्टीरिया: गंदी बोतलों या पाइप से बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे दस्त, उल्टी, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
भारी धातुएं: स्रोत के पानी में मौजूद भारी धातुएं पूरी तरह न हटें, तो लंबे समय में नुकसान हो सकता है।
गंदी बोतलें: बार-बार इस्तेमाल होने वाली बोतलों और जारों की ठीक से सफाई न होने से संक्रमण का खतरा रहता है।
असली और नकली बोतलबंद पानी की पहचान
बोतल पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और आईएसआई (बीआईएस) का निशान देखें।
बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी की तारीख जरूर जांचें।
बोतल की सील ठीक से बंद होनी चाहिए। टूटी या ढीली सील वाली बोतल न खरीदें।
पानी में कोई कण, गंदगी या अजीब गंध हो तो इस्तेमाल न करें।
अनजान या बिना पते वाले ब्रांड से बचें।
20 लीटर के जार खरीदते समय भी सील और लेबल जांचें।
शिकायत कहां करें
अगर आपको किसी दुकान या प्लांट पर मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थ या पानी बेचे जाने का शक है, तो:
जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी या खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से शिकायत करें।
एफएसएसएआई के 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
आईजीआरएस पोर्टल या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी शिकायत कर सकते हैं।
दिवाली पर मिलावट से सावधान
त्योहारों में मिठाई, खोया, पनीर, घी और तेल की मांग बढ़ने के साथ मिलावट के मामले भी बढ़ जाते हैं। भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें, ज्यादा रंगीन मिठाइयों से बचें और घर पर बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दें। खरीदारी का बिल जरूर लें।
घर पर पानी कैसे रखें सुरक्षित
घर के आरओ या वाटर प्यूरीफायर की सर्विस और फिल्टर समय पर बदलवाएं।
पानी के बर्तन और टंकी को नियमित रूप से साफ करें।
पानी हमेशा ढककर रखें।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए जरूरत हो तो पानी उबालकर ठंडा करके दें।
बोतलबंद पानी की खाली बोतलें बार-बार दोबारा न भरें, क्योंकि उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
नियमित जांच की जरूरत
शहर में कई जगह छोटे-छोटे प्लांट 20 लीटर के जार में पानी भरकर घरों और दफ्तरों में सप्लाई करते हैं। इनमें से कई बिना लाइसेंस और जांच के चल रहे हो सकते हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को ऐसे प्लांटों की नियमित जांच करनी चाहिए। ग्राहकों को भी जार सप्लाई करने वाले से उसके लाइसेंस और जांच रिपोर्ट के बारे में पूछना चाहिए।
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