गांधी जयंती तक चलेगा 157 घंटे का अखंड महासफाई अभियान, सभी छह जोन में नाली सफाई से चूना छिड़काव तक
Kanpur Municipal Corporation launches 157-hour non-stop cleanliness drive till Gandhi Jayanti
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक खास अभियान शुरू किया है। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए 157 घंटे तक लगातार चलने वाला महासफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान शहर के सभी जोनों में सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
कब से कब तक चलेगा अभियान
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर नगर निगम का 157 घंटे का अखंड महासफाई अभियान शुक्रवार दोपहर चार बजे शुरू हुआ, जिसका समापन गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को सुबह आठ बजे होगा।
'अखंड' का मतलब है बिना रुके लगातार। यानी इस अवधि में दिन-रात अलग-अलग पालियों में सफाई का काम चलता रहेगा।
कल्याणपुर से शुरुआत, मोतीझील में समापन
अभियान की शुरुआत कल्याणपुर क्रॉसिंग से हुई और इसका समापन मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय के प्रांगण में होगा। स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) के तहत सभी छह जोन के मार्गों की सफाई, नाली सफाई, कूड़ा उठान और चूना छिड़काव किया जाएगा, साथ ही लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक किया जाएगा।
स्वच्छता ही सेवा अभियान क्या है
'स्वच्छता ही सेवा' हर साल सितंबर के मध्य से 2 अक्टूबर तक देशभर में चलाया जाने वाला अभियान है। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन को जन आंदोलन बनाना और लोगों को अपने आसपास सफाई रखने के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान सरकारी विभाग, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर सफाई अभियानों में हिस्सा लेते हैं।
बारिश के मौसम में क्यों अहम है यह अभियान
यह अभियान ऐसे समय पर चल रहा है, जब कानपुर में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के दौरान नालियों में कचरा जमा होने से जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। नाली सफाई से पानी की निकासी बेहतर होगी और सड़कों पर पानी भरने की समस्या कम होगी।
चूना छिड़काव भी इस मौसम में बेहद जरूरी है। जमा पानी और गंदगी में मच्छर और कीटाणु तेजी से पनपते हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। चूना छिड़काव से इन पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।
नागरिक कैसे करें सहयोग
सफाई केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। अगर शहरवासी थोड़ा सहयोग करें, तो अभियान का असर लंबे समय तक बना रह सकता है:
कूड़ा सड़क या नाली में न फेंकें: घर का कचरा केवल कूड़ा गाड़ी को दें।
गीला और सूखा कचरा अलग रखें: इससे कचरे का निस्तारण आसान होता है।
प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करें: पॉलीथिन नालियों को जाम करने की बड़ी वजह है।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें: कूलर, गमले और टायरों का पानी नियमित खाली करें।
मोहल्ले में अभियान से जुड़ें: अपने वार्ड में होने वाले सफाई कार्यक्रमों में हिस्सा लें।
शिकायत कहां करें
अगर आपके इलाके में कूड़ा नहीं उठ रहा, नाली चोक है या कहीं गंदगी जमा है, तो नगर निगम के जोनल कार्यालय या अपने वार्ड पार्षद को सूचना दें। उत्तर प्रदेश सरकार के आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत के साथ फोटो और सटीक लोकेशन देने से कार्रवाई जल्दी होती है।
गांधी जी और स्वच्छता
महात्मा गांधी स्वच्छता को स्वतंत्रता जितना ही जरूरी मानते थे। वे मानते थे कि साफ-सफाई हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी है और इसे किसी दूसरे पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। अपने आश्रमों में वे खुद सफाई का काम करते थे। इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए गांधी जयंती के आसपास हर साल स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण की दृष्टि से अहम
कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहर के लिए सफाई व्यवस्था हमेशा बड़ी चुनौती रही है। केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में शहरों की रैंकिंग सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नागरिकों की भागीदारी के आधार पर तय होती है। ऐसे अभियान शहर की छवि सुधारने के साथ-साथ रैंकिंग बेहतर करने में भी मददगार हो सकते हैं, बशर्ते सफाई की यह रफ्तार अभियान खत्म होने के बाद भी बनी रहे।
आगे क्या
अभियान का समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर नगर निगम मुख्यालय में होगा। इसके बाद नगर निगम की ओर से अभियान के दौरान किए गए कामों की जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है। कानपुर लाइव अभियान से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाएगा।
आइए, हम सब मिलकर अपने कानपुर को साफ और स्वस्थ बनाने में योगदान दें।
गांधी जयंती तक चलेगा 157 घंटे का अखंड महासफाई अभियान, सभी छह जोन में नाली सफाई से चूना छिड़काव तक
कानपुर नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए एक खास अभियान शुरू किया है। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती को ध्यान में रखते हुए 157 घंटे तक लगातार चलने वाला महासफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान शहर के सभी जोनों में सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
कब से कब तक चलेगा अभियान
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर नगर निगम का 157 घंटे का अखंड महासफाई अभियान शुक्रवार दोपहर चार बजे शुरू हुआ, जिसका समापन गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को सुबह आठ बजे होगा।
'अखंड' का मतलब है बिना रुके लगातार। यानी इस अवधि में दिन-रात अलग-अलग पालियों में सफाई का काम चलता रहेगा।
कल्याणपुर से शुरुआत, मोतीझील में समापन
अभियान की शुरुआत कल्याणपुर क्रॉसिंग से हुई और इसका समापन मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय के प्रांगण में होगा। स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) के तहत सभी छह जोन के मार्गों की सफाई, नाली सफाई, कूड़ा उठान और चूना छिड़काव किया जाएगा, साथ ही लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक किया जाएगा।
स्वच्छता ही सेवा अभियान क्या है
'स्वच्छता ही सेवा' हर साल सितंबर के मध्य से 2 अक्टूबर तक देशभर में चलाया जाने वाला अभियान है। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत मिशन को जन आंदोलन बनाना और लोगों को अपने आसपास सफाई रखने के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान सरकारी विभाग, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर सफाई अभियानों में हिस्सा लेते हैं।
बारिश के मौसम में क्यों अहम है यह अभियान
यह अभियान ऐसे समय पर चल रहा है, जब कानपुर में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के दौरान नालियों में कचरा जमा होने से जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। नाली सफाई से पानी की निकासी बेहतर होगी और सड़कों पर पानी भरने की समस्या कम होगी।
चूना छिड़काव भी इस मौसम में बेहद जरूरी है। जमा पानी और गंदगी में मच्छर और कीटाणु तेजी से पनपते हैं, जिससे डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। चूना छिड़काव से इन पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।
नागरिक कैसे करें सहयोग
सफाई केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। अगर शहरवासी थोड़ा सहयोग करें, तो अभियान का असर लंबे समय तक बना रह सकता है:
कूड़ा सड़क या नाली में न फेंकें: घर का कचरा केवल कूड़ा गाड़ी को दें।
गीला और सूखा कचरा अलग रखें: इससे कचरे का निस्तारण आसान होता है।
प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करें: पॉलीथिन नालियों को जाम करने की बड़ी वजह है।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें: कूलर, गमले और टायरों का पानी नियमित खाली करें।
मोहल्ले में अभियान से जुड़ें: अपने वार्ड में होने वाले सफाई कार्यक्रमों में हिस्सा लें।
शिकायत कहां करें
अगर आपके इलाके में कूड़ा नहीं उठ रहा, नाली चोक है या कहीं गंदगी जमा है, तो नगर निगम के जोनल कार्यालय या अपने वार्ड पार्षद को सूचना दें। उत्तर प्रदेश सरकार के आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत के साथ फोटो और सटीक लोकेशन देने से कार्रवाई जल्दी होती है।
गांधी जी और स्वच्छता
महात्मा गांधी स्वच्छता को स्वतंत्रता जितना ही जरूरी मानते थे। वे मानते थे कि साफ-सफाई हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारी है और इसे किसी दूसरे पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। अपने आश्रमों में वे खुद सफाई का काम करते थे। इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए गांधी जयंती के आसपास हर साल स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण की दृष्टि से अहम
कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहर के लिए सफाई व्यवस्था हमेशा बड़ी चुनौती रही है। केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में शहरों की रैंकिंग सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नागरिकों की भागीदारी के आधार पर तय होती है। ऐसे अभियान शहर की छवि सुधारने के साथ-साथ रैंकिंग बेहतर करने में भी मददगार हो सकते हैं, बशर्ते सफाई की यह रफ्तार अभियान खत्म होने के बाद भी बनी रहे।
आगे क्या
अभियान का समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर नगर निगम मुख्यालय में होगा। इसके बाद नगर निगम की ओर से अभियान के दौरान किए गए कामों की जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है। कानपुर लाइव अभियान से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाएगा।
आइए, हम सब मिलकर अपने कानपुर को साफ और स्वस्थ बनाने में योगदान दें।
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