एशियाई खेल: 85 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से मिले पीएम मोदी
PM Modi felicitates India's Asian Games 2026 contingent after 85-medal haul
Kanpur Live News Desk ·

एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने 15 अक्टूबर को एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल से मुलाकात की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। जापान के आइची-नागोया में हुए इन खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें पहले कभी पदक नहीं मिला था।
पदक तालिका
स्वर्ण: 21
रजत: 27
कांस्य: 37
कुल: 85
स्थान: चौथा
बेटियों का दमदार प्रदर्शन
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ की। भारत के 85 पदकों में से 38 पदक महिला खिलाड़ियों ने जीते, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। यानी कुल पदकों में से लगभग आधे पदक बेटियों के नाम रहे। यह भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और ताकत का प्रमाण है।
हॉकी में दोहरी खुशी
इन खेलों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में हॉकी शामिल रही। पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता। महिला हॉकी टीम की जीत ऐतिहासिक रही, क्योंकि इसके साथ 44 साल का लंबा इंतजार खत्म हुआ। हॉकी को भारत का पारंपरिक खेल माना जाता है और दोनों टीमों का एक साथ स्वर्ण जीतना देश के लिए बड़े गर्व की बात है।
किन खेलों में चमका भारत
प्रधानमंत्री के संबोधन में कई खास उपलब्धियों का जिक्र हुआ:
तीरंदाजी: पांच स्वर्ण पदक
कबड्डी: दो स्वर्ण पदक
क्रिकेट: पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने लगातार पदक जीते
भारोत्तोलन: 28 साल बाद पदक
मैराथन: 1982 के बाद पहली सफलता
एथलेटिक्स: कई नए रिकॉर्ड बने
निशानेबाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती: शानदार प्रदर्शन
इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सॉफ्ट टेनिस और कुछ सेलिंग स्पर्धाओं में पहली बार एशियाई खेलों में पदक जीते।
क्रिकेट में स्वर्ण
क्रिकेट में भारतीय टीमों का प्रदर्शन खास रहा। पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। प्रधानमंत्री ने पुरुष टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर और महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भी सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी अपनी नहीं, बल्कि पूरे देश की है। उन्होंने कहा, "आज भारत उन खेलों में भी मेडल जीत रहा है, जिनमें हमने कभी मेडल नहीं जीता था।" प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर हम मुकाबले में उतरेंगे ही नहीं, तो पदक कैसे लाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि यही खिलाड़ी आने वाले समय में देश के लिए और पदक लाएंगे।
युवा खिलाड़ियों का कमाल
प्रधानमंत्री ने बताया कि दल में शामिल 15 से 17 साल के युवा खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इतनी कम उम्र में एशियाई स्तर पर पदक जीतना भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। इससे साफ है कि देश में जमीनी स्तर पर प्रतिभा को पहचानने और निखारने का काम रंग ला रहा है।
खेलो इंडिया पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि खेलो इंडिया का विस्तार करने और खेल संघों को मजबूत करने के लिए 36 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया गया है। खेलो इंडिया के तहत देशभर में खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने लाल किले से घोषित गांव स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान का भी जिक्र किया।
ओलंपिक का सपना
प्रधानमंत्री ने 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक, 2030 में भारत में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की आकांक्षा का भी जिक्र किया। एशियाई खेलों का यह प्रदर्शन इन बड़े लक्ष्यों की तैयारी का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश और कानपुर के लिए प्रेरणा
उत्तर प्रदेश के कई खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। कानपुर का ग्रीन पार्क स्टेडियम और शहर के अन्य खेल मैदान युवा खिलाड़ियों के लिए अभ्यास का केंद्र हैं। एशियाई खेलों में पहली बार कई नए खेलों में मिले पदक यह संदेश देते हैं कि क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी करियर बनाने के अवसर बढ़ रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानने और बढ़ावा देने की जरूरत है।
खिलाड़ी कैसे जुड़ें
स्कूल स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों को हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
जिला खेल कार्यालय और स्टेडियम में चलने वाले प्रशिक्षण शिविरों की जानकारी लें।
खेलो इंडिया के पोर्टल पर प्रतिभा खोज और छात्रवृत्ति से जुड़ी जानकारी देखें।
खेल हॉस्टल और स्पोर्ट्स कॉलेजों में चयन की प्रक्रिया पर नजर रखें।
आगे की प्रतियोगिताएं
एशियाई खेलों के बाद अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर दूसरी बड़ी प्रतियोगिताओं पर है। 18 से 24 अक्टूबर तक आइची-नागोया में एशियाई पैरा खेल होने हैं। वहीं 31 अक्टूबर से 13 नवंबर तक सेनेगल के डकार में ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक खेले जाएंगे।
खेलों से बदलती तस्वीर
एक समय था जब भारत में खेल को करियर के रूप में अपनाना जोखिम भरा माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए कोटा, पुरस्कार राशि, छात्रवृत्ति, प्रायोजन और पेशेवर लीगों ने खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई है। कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और मुक्केबाजी जैसे खेलों की लीग ने युवाओं को नया मंच दिया है। एशियाई खेलों में छोटे शहरों और गांवों से आए खिलाड़ियों का पदक जीतना बताता है कि प्रतिभा हर जगह है, बस उसे सही मौका और प्रशिक्षण मिलना चाहिए।
कोच और सहयोगी स्टाफ की भूमिका
हर पदक के पीछे केवल खिलाड़ी की मेहनत नहीं, बल्कि कोच, फिजियो, पोषण विशेषज्ञ और परिवार का भी बड़ा योगदान होता है। आधुनिक खेल विज्ञान, वीडियो विश्लेषण और फिटनेस पर ध्यान देने से भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने भी खिलाड़ियों के साथ उनके सहयोगियों की मेहनत को सराहा।
निष्कर्ष
एशियाई खेल 2026 में 85 पदकों के साथ चौथा स्थान भारतीय खेलों की बढ़ती ताकत का सबूत है। महिला खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, हॉकी में दोहरा स्वर्ण और कई नए खेलों में पहली बार पदक, ये सब भविष्य के लिए उम्मीद जगाते हैं। प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ाएगा।
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एशियाई खेल: 85 पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से मिले पीएम मोदी
एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान किया। प्रधानमंत्री ने 15 अक्टूबर को एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल से मुलाकात की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। जापान के आइची-नागोया में हुए इन खेलों में भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें पहले कभी पदक नहीं मिला था।
पदक तालिका
स्वर्ण: 21
रजत: 27
कांस्य: 37
कुल: 85
स्थान: चौथा
बेटियों का दमदार प्रदर्शन
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ की। भारत के 85 पदकों में से 38 पदक महिला खिलाड़ियों ने जीते, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। यानी कुल पदकों में से लगभग आधे पदक बेटियों के नाम रहे। यह भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और ताकत का प्रमाण है।
हॉकी में दोहरी खुशी
इन खेलों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में हॉकी शामिल रही। पुरुष और महिला, दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता। महिला हॉकी टीम की जीत ऐतिहासिक रही, क्योंकि इसके साथ 44 साल का लंबा इंतजार खत्म हुआ। हॉकी को भारत का पारंपरिक खेल माना जाता है और दोनों टीमों का एक साथ स्वर्ण जीतना देश के लिए बड़े गर्व की बात है।
किन खेलों में चमका भारत
प्रधानमंत्री के संबोधन में कई खास उपलब्धियों का जिक्र हुआ:
तीरंदाजी: पांच स्वर्ण पदक
कबड्डी: दो स्वर्ण पदक
क्रिकेट: पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने लगातार पदक जीते
भारोत्तोलन: 28 साल बाद पदक
मैराथन: 1982 के बाद पहली सफलता
एथलेटिक्स: कई नए रिकॉर्ड बने
निशानेबाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती: शानदार प्रदर्शन
इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सॉफ्ट टेनिस और कुछ सेलिंग स्पर्धाओं में पहली बार एशियाई खेलों में पदक जीते।
क्रिकेट में स्वर्ण
क्रिकेट में भारतीय टीमों का प्रदर्शन खास रहा। पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। प्रधानमंत्री ने पुरुष टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर और महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को भी सम्मानित किया।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी अपनी नहीं, बल्कि पूरे देश की है। उन्होंने कहा, "आज भारत उन खेलों में भी मेडल जीत रहा है, जिनमें हमने कभी मेडल नहीं जीता था।" प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर हम मुकाबले में उतरेंगे ही नहीं, तो पदक कैसे लाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि यही खिलाड़ी आने वाले समय में देश के लिए और पदक लाएंगे।
युवा खिलाड़ियों का कमाल
प्रधानमंत्री ने बताया कि दल में शामिल 15 से 17 साल के युवा खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इतनी कम उम्र में एशियाई स्तर पर पदक जीतना भविष्य के लिए अच्छा संकेत है। इससे साफ है कि देश में जमीनी स्तर पर प्रतिभा को पहचानने और निखारने का काम रंग ला रहा है।
खेलो इंडिया पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि खेलो इंडिया का विस्तार करने और खेल संघों को मजबूत करने के लिए 36 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया गया है। खेलो इंडिया के तहत देशभर में खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने लाल किले से घोषित गांव स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान का भी जिक्र किया।
ओलंपिक का सपना
प्रधानमंत्री ने 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक, 2030 में भारत में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की आकांक्षा का भी जिक्र किया। एशियाई खेलों का यह प्रदर्शन इन बड़े लक्ष्यों की तैयारी का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश और कानपुर के लिए प्रेरणा
उत्तर प्रदेश के कई खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। कानपुर का ग्रीन पार्क स्टेडियम और शहर के अन्य खेल मैदान युवा खिलाड़ियों के लिए अभ्यास का केंद्र हैं। एशियाई खेलों में पहली बार कई नए खेलों में मिले पदक यह संदेश देते हैं कि क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी करियर बनाने के अवसर बढ़ रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानने और बढ़ावा देने की जरूरत है।
खिलाड़ी कैसे जुड़ें
स्कूल स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों को हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
जिला खेल कार्यालय और स्टेडियम में चलने वाले प्रशिक्षण शिविरों की जानकारी लें।
खेलो इंडिया के पोर्टल पर प्रतिभा खोज और छात्रवृत्ति से जुड़ी जानकारी देखें।
खेल हॉस्टल और स्पोर्ट्स कॉलेजों में चयन की प्रक्रिया पर नजर रखें।
आगे की प्रतियोगिताएं
एशियाई खेलों के बाद अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर दूसरी बड़ी प्रतियोगिताओं पर है। 18 से 24 अक्टूबर तक आइची-नागोया में एशियाई पैरा खेल होने हैं। वहीं 31 अक्टूबर से 13 नवंबर तक सेनेगल के डकार में ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक खेले जाएंगे।
खेलों से बदलती तस्वीर
एक समय था जब भारत में खेल को करियर के रूप में अपनाना जोखिम भरा माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए कोटा, पुरस्कार राशि, छात्रवृत्ति, प्रायोजन और पेशेवर लीगों ने खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई है। कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और मुक्केबाजी जैसे खेलों की लीग ने युवाओं को नया मंच दिया है। एशियाई खेलों में छोटे शहरों और गांवों से आए खिलाड़ियों का पदक जीतना बताता है कि प्रतिभा हर जगह है, बस उसे सही मौका और प्रशिक्षण मिलना चाहिए।
कोच और सहयोगी स्टाफ की भूमिका
हर पदक के पीछे केवल खिलाड़ी की मेहनत नहीं, बल्कि कोच, फिजियो, पोषण विशेषज्ञ और परिवार का भी बड़ा योगदान होता है। आधुनिक खेल विज्ञान, वीडियो विश्लेषण और फिटनेस पर ध्यान देने से भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने भी खिलाड़ियों के साथ उनके सहयोगियों की मेहनत को सराहा।
निष्कर्ष
एशियाई खेल 2026 में 85 पदकों के साथ चौथा स्थान भारतीय खेलों की बढ़ती ताकत का सबूत है। महिला खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, हॉकी में दोहरा स्वर्ण और कई नए खेलों में पहली बार पदक, ये सब भविष्य के लिए उम्मीद जगाते हैं। प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ाएगा।
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