कानपुर: सुबह से झमाझम बारिश, चक्रवात 'अर्णब' के असर से 5 से 8 डिग्री तक गिरेगा पारा, 1 नवंबर से साफ होगा मौसम
Kanpur rain today: Cyclone Arnab effect, temperature to drop
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर में गुरुवार 29 अक्टूबर को सुबह से ही बारिश हो रही है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात 'अर्णब' के असर से कानपुर परिक्षेत्र में अधिकतम तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 30 अक्टूबर को भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। 31 अक्टूबर को बादलों की आवाजाही और छिटपुट बूंदाबांदी होगी, जबकि 1 नवंबर से आसमान साफ होने और मौसम शुष्क होने की उम्मीद है।
दिनवार पूर्वानुमान
29 अक्टूबर (गुरुवार): सुबह से बारिश। कानपुर परिक्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश, 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं।
30 अक्टूबर (शुक्रवार): चक्रवात का असर जारी, कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाएं।
31 अक्टूबर (शनिवार): बादलों की आवाजाही, छिटपुट बूंदाबांदी।
1 नवंबर से: आसमान साफ, मौसम शुष्क।
विशेषज्ञों ने क्या कहा
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्रा के अनुसार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कानपुर परिक्षेत्र में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
प्रदेश के एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि चक्रवात का सबसे ज्यादा असर अवध और पूर्वांचल के जिलों में है, लेकिन कानपुर परिक्षेत्र में भी नमी से भरे बादल छाए हैं और गरज-चमक की स्थिति बन रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अवध, पूर्वांचल, कानपुर और लखनऊ के लिए अलर्ट जारी किया है।
चक्रवात 'अर्णब' का असर यूपी तक कैसे
चक्रवात 'अर्णब' बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया था। तट पार करने के बाद यह कमजोर होता जा रहा है, लेकिन इसकी नमी उत्तर की ओर बढ़ रही है। यही नमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचकर बादल और बारिश ला रही है। समुद्र से दूर होने के बावजूद बड़े चक्रवातों का असर अक्सर उत्तर भारत के मौसम पर भी दिखता है।
करवा चौथ पर बादलों की चुनौती
आज करवा चौथ का पर्व है। पंचांग के अनुसार कानपुर में चंद्रोदय रात 8:10 बजे होना है। लेकिन बादल और बारिश की वजह से चांद के दर्शन में देरी हो सकती है। व्रती महिलाएं धैर्य रखें। बादल छाए होने पर कई परिवार चंद्रोदय के तय समय पर चांद की दिशा में अर्घ्य देकर व्रत खोलते हैं। इस बारे में अपने परिवार की परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार फैसला करें।
अब बढ़ेगी ठंड
तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट का मतलब है कि दिन में भी ठंडक महसूस होगी। बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से सुबह और रात में ठिठुरन बढ़ सकती है। यानी नवंबर की शुरुआत के साथ कानपुर में ठंड का असर साफ दिखने लगेगा।
क्या करें:
गर्म कपड़े निकाल लें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
बारिश में भीगने से बचें, छाता या रेनकोट साथ रखें।
गुनगुना पानी पिएं और ठंडी चीजों से परहेज करें।
दमा और सांस के मरीज खास सावधानी बरतें।
किसानों के लिए सलाह
कटी हुई धान की फसल खेत में खुली न छोड़ें, तिरपाल से ढकें।
मंडी में रखे अनाज को बारिश से बचाने के इंतजाम करें।
बारिश के दिनों में कीटनाशक या खाद का छिड़काव न करें।
गेहूं, सरसों और चने की बुवाई के लिए खेत में सही नमी आने का इंतजार करें। यह बारिश बुवाई के लिए फायदेमंद भी हो सकती है।
पशुओं को खुले में न बांधें।
सड़क पर सावधानी
बारिश में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, दोपहिया वाहन धीरे चलाएं।
जलभराव वाली सड़कों पर गड्ढों का ध्यान रखें।
तेज हवा में पेड़ों, होर्डिंग और बिजली के खंभों से दूर रहें।
बिजली कड़कने पर खुले मैदान में न रहें।
वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलें, ताकि दृश्यता बनी रहे।
बिजली कटौती की आशंका
तेज हवा और बारिश में पेड़ की डालियां टूटकर बिजली की लाइनों पर गिरती हैं, जिससे बिजली गुल हो सकती है। बिजली से जुड़ी शिकायत के लिए केस्को के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। गिरे हुए तारों के पास न जाएं और इसकी सूचना तुरंत बिजली विभाग को दें।
प्रदूषण से राहत
पिछले दिनों कानपुर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ था। बारिश हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को नीचे बैठा देती है। इसलिए अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
डेंगू से रहें सावधान
बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने का खतरा बढ़ जाता है। कानपुर में डेंगू के मामले पहले से सामने आ रहे हैं। बारिश थमने के बाद घर के आसपास, कूलर, गमलों और टायरों में जमा पानी तुरंत साफ करें।
स्कूल जाने वाले बच्चों का ध्यान
बारिश और ठंडी हवाओं के बीच स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। अभिभावक बच्चों को रेनकोट या छाता देकर भेजें और स्कूल बैग को पॉलीथिन से ढक दें, ताकि किताबें न भीगें। भीगकर आने पर बच्चों के कपड़े तुरंत बदलवाएं और उन्हें कुछ गर्म खाने-पीने को दें। सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें। स्कूल वैन और ऑटो चालक भी फिसलन भरी सड़कों पर रफ्तार धीमी रखें।
सब्जियों के दाम पर असर
बारिश का असर मंडियों में सब्जियों की आवक पर भी पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने और तुड़ाई प्रभावित होने से कुछ दिनों के लिए हरी सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। मौसम साफ होने के बाद आवक सामान्य होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें
कानपुर: 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के आसार (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें)
चक्रवात 'अर्णब' का आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल (लिंक जोड़ें)
करवा चौथ 2026: कानपुर में रात 8:10 बजे निकलेगा चांद (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
चक्रवात 'अर्णब' के असर से कानपुर में मौसम ने करवट ले ली है। दो दिन की बारिश के बाद तापमान में बड़ी गिरावट आएगी और ठंड दस्तक देगी। 1 नवंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है। तब तक सावधानी बरतें और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें।
कानपुर के मौसम की हर अपडेट के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
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मौसम विभाग के अनुसार 30 अक्टूबर को भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। 31 अक्टूबर को बादलों की आवाजाही और छिटपुट बूंदाबांदी होगी, जबकि 1 नवंबर से आसमान साफ होने और मौसम शुष्क होने की उम्मीद है।
दिनवार पूर्वानुमान
29 अक्टूबर (गुरुवार): सुबह से बारिश। कानपुर परिक्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश, 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं।
30 अक्टूबर (शुक्रवार): चक्रवात का असर जारी, कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाएं।
31 अक्टूबर (शनिवार): बादलों की आवाजाही, छिटपुट बूंदाबांदी।
1 नवंबर से: आसमान साफ, मौसम शुष्क।
विशेषज्ञों ने क्या कहा
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्रा के अनुसार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण कानपुर परिक्षेत्र में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
प्रदेश के एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि चक्रवात का सबसे ज्यादा असर अवध और पूर्वांचल के जिलों में है, लेकिन कानपुर परिक्षेत्र में भी नमी से भरे बादल छाए हैं और गरज-चमक की स्थिति बन रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अवध, पूर्वांचल, कानपुर और लखनऊ के लिए अलर्ट जारी किया है।
चक्रवात 'अर्णब' का असर यूपी तक कैसे
चक्रवात 'अर्णब' बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया था। तट पार करने के बाद यह कमजोर होता जा रहा है, लेकिन इसकी नमी उत्तर की ओर बढ़ रही है। यही नमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचकर बादल और बारिश ला रही है। समुद्र से दूर होने के बावजूद बड़े चक्रवातों का असर अक्सर उत्तर भारत के मौसम पर भी दिखता है।
करवा चौथ पर बादलों की चुनौती
आज करवा चौथ का पर्व है। पंचांग के अनुसार कानपुर में चंद्रोदय रात 8:10 बजे होना है। लेकिन बादल और बारिश की वजह से चांद के दर्शन में देरी हो सकती है। व्रती महिलाएं धैर्य रखें। बादल छाए होने पर कई परिवार चंद्रोदय के तय समय पर चांद की दिशा में अर्घ्य देकर व्रत खोलते हैं। इस बारे में अपने परिवार की परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार फैसला करें।
अब बढ़ेगी ठंड
तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट का मतलब है कि दिन में भी ठंडक महसूस होगी। बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से सुबह और रात में ठिठुरन बढ़ सकती है। यानी नवंबर की शुरुआत के साथ कानपुर में ठंड का असर साफ दिखने लगेगा।
क्या करें:
गर्म कपड़े निकाल लें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
बारिश में भीगने से बचें, छाता या रेनकोट साथ रखें।
गुनगुना पानी पिएं और ठंडी चीजों से परहेज करें।
दमा और सांस के मरीज खास सावधानी बरतें।
किसानों के लिए सलाह
कटी हुई धान की फसल खेत में खुली न छोड़ें, तिरपाल से ढकें।
मंडी में रखे अनाज को बारिश से बचाने के इंतजाम करें।
बारिश के दिनों में कीटनाशक या खाद का छिड़काव न करें।
गेहूं, सरसों और चने की बुवाई के लिए खेत में सही नमी आने का इंतजार करें। यह बारिश बुवाई के लिए फायदेमंद भी हो सकती है।
पशुओं को खुले में न बांधें।
सड़क पर सावधानी
बारिश में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, दोपहिया वाहन धीरे चलाएं।
जलभराव वाली सड़कों पर गड्ढों का ध्यान रखें।
तेज हवा में पेड़ों, होर्डिंग और बिजली के खंभों से दूर रहें।
बिजली कड़कने पर खुले मैदान में न रहें।
वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलें, ताकि दृश्यता बनी रहे।
बिजली कटौती की आशंका
तेज हवा और बारिश में पेड़ की डालियां टूटकर बिजली की लाइनों पर गिरती हैं, जिससे बिजली गुल हो सकती है। बिजली से जुड़ी शिकायत के लिए केस्को के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। गिरे हुए तारों के पास न जाएं और इसकी सूचना तुरंत बिजली विभाग को दें।
प्रदूषण से राहत
पिछले दिनों कानपुर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ था। बारिश हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को नीचे बैठा देती है। इसलिए अगले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
डेंगू से रहें सावधान
बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने का खतरा बढ़ जाता है। कानपुर में डेंगू के मामले पहले से सामने आ रहे हैं। बारिश थमने के बाद घर के आसपास, कूलर, गमलों और टायरों में जमा पानी तुरंत साफ करें।
स्कूल जाने वाले बच्चों का ध्यान
बारिश और ठंडी हवाओं के बीच स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। अभिभावक बच्चों को रेनकोट या छाता देकर भेजें और स्कूल बैग को पॉलीथिन से ढक दें, ताकि किताबें न भीगें। भीगकर आने पर बच्चों के कपड़े तुरंत बदलवाएं और उन्हें कुछ गर्म खाने-पीने को दें। सर्दी-जुकाम या बुखार के लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लें। स्कूल वैन और ऑटो चालक भी फिसलन भरी सड़कों पर रफ्तार धीमी रखें।
सब्जियों के दाम पर असर
बारिश का असर मंडियों में सब्जियों की आवक पर भी पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने और तुड़ाई प्रभावित होने से कुछ दिनों के लिए हरी सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। मौसम साफ होने के बाद आवक सामान्य होने की उम्मीद है।
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करवा चौथ 2026: कानपुर में रात 8:10 बजे निकलेगा चांद (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
चक्रवात 'अर्णब' के असर से कानपुर में मौसम ने करवट ले ली है। दो दिन की बारिश के बाद तापमान में बड़ी गिरावट आएगी और ठंड दस्तक देगी। 1 नवंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है। तब तक सावधानी बरतें और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें।
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