ब्रेकिंग न्यूज़
India ODI, Test squads for NZ: Rohit, Kohli in; Bumrah for Tests | Kanpur rain today: Cyclone Arnab effect, temperature to drop | Kanpur Baradevi fire: eight makeshift shops gutted | Israel election 2026: no majority, Likud largest party | Kanpur Jajmau: balcony collapses, seven injured including infant | Kanpur theft: CCTV disabled, showrooms looted in 16 minutes | Kanpur gold silver rate: silver below ₹2 lakh, gold dips | Karwa Chauth 2026: Kanpur moonrise time and puja muhurat
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur

कानपुर: बारादेवी मंदिर के पास शॉर्ट सर्किट से लगी आग, आठ अस्थायी दुकानें खाक, केस्को पर लापरवाही का आरोप

Kanpur Baradevi fire: eight makeshift shops gutted

Kanpur Live News Desk ·

WhatsApp पर भेजेंFacebookX
कानपुर: बारादेवी मंदिर के पास शॉर्ट सर्किट से लगी आग, आठ अस्थायी दुकानें खाक, केस्को पर लापरवाही का आरोप
कानपुर में बारादेवी मंदिर के पास फुटपाथ पर लगी करीब आठ अस्थायी दुकानें गुरुवार 29 अक्टूबर की तड़के शॉर्ट सर्किट से लगी आग में जलकर खाक हो गईं। आग में दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने करीब छह गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकानों का ज्यादातर सामान राख हो चुका था। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। किनकी दुकानें जलीं रिपोर्ट के अनुसार आग की चपेट में आई दुकानों में: आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानें: रचना गुप्ता और राहुल सैनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान: संजय गुप्ता चूड़ियों की दुकान: सनी बाकी दुकानों के मालिकों के नाम रिपोर्ट में नहीं दिए गए हैं। त्योहार से पहले टूटा कारोबार करवा चौथ और दीपावली से पहले का समय इन छोटे दुकानदारों के लिए सबसे ज्यादा कमाई का होता है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी, चूड़ियां और कपड़े इन दिनों खूब बिकते हैं। दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए नया माल भरा था। आग ने उनकी पूरी पूंजी छीन ली। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले ज्यादातर छोटे कारोबारियों के पास बीमा भी नहीं होता, इसलिए नुकसान की भरपाई उनके लिए बेहद मुश्किल है। केस्को पर लापरवाही का आरोप दुकानदारों का आरोप है कि आग लगने पर उन्होंने केस्को (कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी) के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उनका कहना है कि अगर बिजली विभाग से समय पर मदद मिलती और बिजली की सप्लाई तुरंत काटी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। दुकानदारों ने इस मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। खबर लिखे जाने तक केस्को की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। बारादेवी मंदिर: आस्था का केंद्र बारादेवी मंदिर कानपुर के प्राचीन और प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है। नवरात्र और त्योहारों के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर के आसपास पूजा सामग्री, चूड़ियों, श्रृंगार के सामान और कपड़ों की कई अस्थायी दुकानें लगती हैं, जिनसे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। अस्थायी दुकानों में आग का खतरा क्यों ज्यादा कच्ची बिजली व्यवस्था: अस्थायी दुकानों में अक्सर ढीले और खुले तारों से बिजली ली जाती है। ज्वलनशील सामग्री: तिरपाल, प्लास्टिक, कपड़े और लकड़ी जल्दी आग पकड़ते हैं। पास-पास दुकानें: एक दुकान में लगी आग तेजी से दूसरी दुकानों तक फैल जाती है। रात में कोई नहीं: रात में दुकानें बंद रहती हैं, इसलिए आग का पता देर से चलता है। ओवरलोड: एक ही कनेक्शन पर कई बल्ब, पंखे और उपकरण चलाने से तार गर्म होकर पिघल जाते हैं। दुकानदार ऐसे करें बचाव बिजली का कनेक्शन हमेशा लाइसेंसी इलेक्ट्रीशियन से ही लगवाएं। अच्छी क्वालिटी के तार, स्विच और एमसीबी का इस्तेमाल करें। एमसीबी शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली अपने आप काट देता है। दुकान बंद करते समय मेन स्विच जरूर बंद करें। तारों के जोड़ खुले न छोड़ें, टेप से अच्छी तरह ढकें। दुकान में छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) रखें। एक ही सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं। बाजार के दुकानदार मिलकर पानी और रेत की बाल्टियां रखें। आग लगने पर क्या करें तुरंत फायर ब्रिगेड को 101 या आपात सेवा 112 पर सूचना दें। बिजली से लगी आग पर पानी न डालें, पहले बिजली की सप्लाई कटवाएं। बिजली की आग पर सूखी रेत या ड्राई केमिकल पाउडर वाला अग्निशामक इस्तेमाल करें। आसपास की दुकानों से गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामान हटाएं। भीड़ को दूर रखें, ताकि दमकल गाड़ियां आसानी से पहुंच सकें। केस्को के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर बिजली काटने के लिए कॉल करें। पीड़ित दुकानदारों को मदद की जरूरत आग में सब कुछ गंवा चुके इन छोटे दुकानदारों को आर्थिक मदद की जरूरत है। प्रशासन को नुकसान का आकलन कर मदद पर विचार करना चाहिए। आपदा राहत के तहत आग से हुए नुकसान पर कुछ मामलों में सहायता का प्रावधान है। पीड़ित दुकानदार तहसील या जिला प्रशासन में आवेदन देकर इसकी जानकारी ले सकते हैं। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं से कम ब्याज पर कर्ज लेकर फिर से कारोबार शुरू करने में मदद मिल सकती है। बाजारों में अग्नि सुरक्षा की जरूरत त्योहारों के मौसम में बाजारों में भीड़ और दुकानों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में अग्निशमन विभाग, केस्को और नगर निगम को मिलकर अस्थायी बाजारों में बिजली कनेक्शनों की जांच करनी चाहिए और अवैध व असुरक्षित कनेक्शन हटवाने चाहिए। दीपावली से पहले यह और भी जरूरी है, जब पटाखों की वजह से आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। फुटपाथ दुकानदारों की मजबूरी फुटपाथ पर अस्थायी दुकान लगाने वाले ज्यादातर कारोबारी कम पूंजी में परिवार का गुजारा करते हैं। उनके पास पक्की दुकान का किराया देने की क्षमता नहीं होती। ऐसे में नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन बनाकर उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित जगह देने की योजना पर काम होना चाहिए। स्ट्रीट वेंडर्स अधिनियम 2014 के तहत पथ विक्रेताओं को पहचान पत्र और तय जगह देने का प्रावधान है। सुरक्षित बिजली कनेक्शन के साथ व्यवस्थित वेंडिंग जोन से आग जैसे हादसों का खतरा भी कम होगा। धार्मिक स्थलों के पास अतिरिक्त सावधानी मंदिरों के आसपास दीपक, अगरबत्ती और कपूर का इस्तेमाल होता है। ऐसी जगहों पर लगी अस्थायी दुकानों में आग का खतरा और बढ़ जाता है। मंदिर प्रबंधन और दुकानदारों को मिलकर अग्निशामक यंत्र और पानी की व्यवस्था रखनी चाहिए। यह भी पढ़ें कानपुर: अफीम कोठी में सीसीटीवी बंद कर 16 मिनट में शोरूम में चोरी (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें) कानपुर: जाजमऊ में मकान का छज्जा गिरा, सात घायल (लिंक जोड़ें) कानपुर सराफा: चांदी दो लाख से नीचे आई (लिंक जोड़ें) निष्कर्ष बारादेवी मंदिर के पास लगी आग ने त्योहार से ठीक पहले आठ छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी छीन ली। शॉर्ट सर्किट से लगी यह आग बताती है कि अस्थायी दुकानों में बिजली की सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। केस्को पर लगे लापरवाही के आरोपों की जांच होनी चाहिए और पीड़ित दुकानदारों को मदद मिलनी चाहिए। कानपुर की हर बड़ी खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

कानपुर: बारादेवी मंदिर के पास शॉर्ट सर्किट से लगी आग, आठ अस्थायी दुकानें खाक, केस्को पर लापरवाही का आरोप

कानपुर में बारादेवी मंदिर के पास फुटपाथ पर लगी करीब आठ अस्थायी दुकानें गुरुवार 29 अक्टूबर की तड़के शॉर्ट सर्किट से लगी आग में जलकर खाक हो गईं। आग में दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने करीब छह गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकानों का ज्यादातर सामान राख हो चुका था। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। किनकी दुकानें जलीं रिपोर्ट के अनुसार आग की चपेट में आई दुकानों में: आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानें: रचना गुप्ता और राहुल सैनी रेडीमेड कपड़ों की दुकान: संजय गुप्ता चूड़ियों की दुकान: सनी बाकी दुकानों के मालिकों के नाम रिपोर्ट में नहीं दिए गए हैं। त्योहार से पहले टूटा कारोबार करवा चौथ और दीपावली से पहले का समय इन छोटे दुकानदारों के लिए सबसे ज्यादा कमाई का होता है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी, चूड़ियां और कपड़े इन दिनों खूब बिकते हैं। दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए नया माल भरा था। आग ने उनकी पूरी पूंजी छीन ली। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले ज्यादातर छोटे कारोबारियों के पास बीमा भी नहीं होता, इसलिए नुकसान की भरपाई उनके लिए बेहद मुश्किल है। केस्को पर लापरवाही का आरोप दुकानदारों का आरोप है कि आग लगने पर उन्होंने केस्को (कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी) के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उनका कहना है कि अगर बिजली विभाग से समय पर मदद मिलती और बिजली की सप्लाई तुरंत काटी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। दुकानदारों ने इस मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। खबर लिखे जाने तक केस्को की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। बारादेवी मंदिर: आस्था का केंद्र बारादेवी मंदिर कानपुर के प्राचीन और प्रमुख देवी मंदिरों में से एक है। नवरात्र और त्योहारों के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर के आसपास पूजा सामग्री, चूड़ियों, श्रृंगार के सामान और कपड़ों की कई अस्थायी दुकानें लगती हैं, जिनसे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। अस्थायी दुकानों में आग का खतरा क्यों ज्यादा कच्ची बिजली व्यवस्था: अस्थायी दुकानों में अक्सर ढीले और खुले तारों से बिजली ली जाती है। ज्वलनशील सामग्री: तिरपाल, प्लास्टिक, कपड़े और लकड़ी जल्दी आग पकड़ते हैं। पास-पास दुकानें: एक दुकान में लगी आग तेजी से दूसरी दुकानों तक फैल जाती है। रात में कोई नहीं: रात में दुकानें बंद रहती हैं, इसलिए आग का पता देर से चलता है। ओवरलोड: एक ही कनेक्शन पर कई बल्ब, पंखे और उपकरण चलाने से तार गर्म होकर पिघल जाते हैं। दुकानदार ऐसे करें बचाव बिजली का कनेक्शन हमेशा लाइसेंसी इलेक्ट्रीशियन से ही लगवाएं। अच्छी क्वालिटी के तार, स्विच और एमसीबी का इस्तेमाल करें। एमसीबी शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली अपने आप काट देता है। दुकान बंद करते समय मेन स्विच जरूर बंद करें। तारों के जोड़ खुले न छोड़ें, टेप से अच्छी तरह ढकें। दुकान में छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) रखें। एक ही सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं। बाजार के दुकानदार मिलकर पानी और रेत की बाल्टियां रखें। आग लगने पर क्या करें तुरंत फायर ब्रिगेड को 101 या आपात सेवा 112 पर सूचना दें। बिजली से लगी आग पर पानी न डालें, पहले बिजली की सप्लाई कटवाएं। बिजली की आग पर सूखी रेत या ड्राई केमिकल पाउडर वाला अग्निशामक इस्तेमाल करें। आसपास की दुकानों से गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामान हटाएं। भीड़ को दूर रखें, ताकि दमकल गाड़ियां आसानी से पहुंच सकें। केस्को के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर बिजली काटने के लिए कॉल करें। पीड़ित दुकानदारों को मदद की जरूरत आग में सब कुछ गंवा चुके इन छोटे दुकानदारों को आर्थिक मदद की जरूरत है। प्रशासन को नुकसान का आकलन कर मदद पर विचार करना चाहिए। आपदा राहत के तहत आग से हुए नुकसान पर कुछ मामलों में सहायता का प्रावधान है। पीड़ित दुकानदार तहसील या जिला प्रशासन में आवेदन देकर इसकी जानकारी ले सकते हैं। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं से कम ब्याज पर कर्ज लेकर फिर से कारोबार शुरू करने में मदद मिल सकती है। बाजारों में अग्नि सुरक्षा की जरूरत त्योहारों के मौसम में बाजारों में भीड़ और दुकानों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में अग्निशमन विभाग, केस्को और नगर निगम को मिलकर अस्थायी बाजारों में बिजली कनेक्शनों की जांच करनी चाहिए और अवैध व असुरक्षित कनेक्शन हटवाने चाहिए। दीपावली से पहले यह और भी जरूरी है, जब पटाखों की वजह से आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। फुटपाथ दुकानदारों की मजबूरी फुटपाथ पर अस्थायी दुकान लगाने वाले ज्यादातर कारोबारी कम पूंजी में परिवार का गुजारा करते हैं। उनके पास पक्की दुकान का किराया देने की क्षमता नहीं होती। ऐसे में नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन बनाकर उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित जगह देने की योजना पर काम होना चाहिए। स्ट्रीट वेंडर्स अधिनियम 2014 के तहत पथ विक्रेताओं को पहचान पत्र और तय जगह देने का प्रावधान है। सुरक्षित बिजली कनेक्शन के साथ व्यवस्थित वेंडिंग जोन से आग जैसे हादसों का खतरा भी कम होगा। धार्मिक स्थलों के पास अतिरिक्त सावधानी मंदिरों के आसपास दीपक, अगरबत्ती और कपूर का इस्तेमाल होता है। ऐसी जगहों पर लगी अस्थायी दुकानों में आग का खतरा और बढ़ जाता है। मंदिर प्रबंधन और दुकानदारों को मिलकर अग्निशामक यंत्र और पानी की व्यवस्था रखनी चाहिए। यह भी पढ़ें कानपुर: अफीम कोठी में सीसीटीवी बंद कर 16 मिनट में शोरूम में चोरी (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें) कानपुर: जाजमऊ में मकान का छज्जा गिरा, सात घायल (लिंक जोड़ें) कानपुर सराफा: चांदी दो लाख से नीचे आई (लिंक जोड़ें) निष्कर्ष बारादेवी मंदिर के पास लगी आग ने त्योहार से ठीक पहले आठ छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी छीन ली। शॉर्ट सर्किट से लगी यह आग बताती है कि अस्थायी दुकानों में बिजली की सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। केस्को पर लगे लापरवाही के आरोपों की जांच होनी चाहिए और पीड़ित दुकानदारों को मदद मिलनी चाहिए। कानपुर की हर बड़ी खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

यह खबर अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

WhatsApp पर भेजेंFacebookX

किसी तथ्य में गलती दिखे तो हमें बताएं — हमारी संपादकीय नीति पढ़ें।

और पढ़ें | Related News

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई | Most Read

  1. 1कानपुर: बिधनू में डीईसी कॉलेज के बाहर युवक की लात-घूंसों से पिटाई, वीडियो वायरल
  2. 2करवा चौथ 2026: कानपुर में रात 8:10 बजे निकलेगा चांद, जानें पूजा मुहूर्त और शुक्र के बालत्वकाल पर विद्वानों की राय
  3. 3कानपुर: जीटी रोड पर कार्डियोलॉजी कट के पास डीसीएम ने स्कूटी को मारी टक्कर, तीन साल की बच्ची की मौत, माता-पिता घायल
  4. 4कानपुर: 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के आसार, बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम का असर
  5. 5ऑस्ट्रेलिया वीजा के लिए अब भारत में फिंगरप्रिंट और फोटो जरूरी, 26 अक्टूबर से नए आवेदनों पर लागू हुआ नियम