ब्रेकिंग न्यूज़
Israel election 2026: no majority, Likud largest party | Kanpur Jajmau: balcony collapses, seven injured including infant | Kanpur theft: CCTV disabled, showrooms looted in 16 minutes | Kanpur gold silver rate: silver below ₹2 lakh, gold dips | Karwa Chauth 2026: Kanpur moonrise time and puja muhurat | Cyclone Arnab makes landfall on Andhra coast, winds up to 135 kmph | Kanpur Central train timings changed, exam special from Oct 29 | Kanpur GT Road accident: DCM kills 3-year-old girl near Cardiology
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur

चक्रवात 'अर्णब' का आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल, 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, ओडिशा-झारखंड तक भारी बारिश का अलर्ट

Cyclone Arnab makes landfall on Andhra coast, winds up to 135 kmph

Kanpur Live News Desk ·

WhatsApp पर भेजेंFacebookX
चक्रवात 'अर्णब' का आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल, 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, ओडिशा-झारखंड तक भारी बारिश का अलर्ट
अति गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्णब' ने बुधवार 28 अक्टूबर को तड़के आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू कर दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। आईएमडी ने आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों और आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। तूफान का असर ओडिशा, तेलंगाना और झारखंड तक पहुंचने की आशंका है। कहां है तूफान आईएमडी के अनुसार मंगलवार रात 11:30 बजे चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट के पास था। उस समय तूफान का केंद्र: नरसापुर से करीब 50 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व काकीनाडा से करीब 70 किमी दक्षिण मछलीपट्टनम से करीब 100 किमी पूर्व विशाखापत्तनम से करीब 200 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम बाद में आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 30 किमी और यानम से करीब 55 किमी दूर था। मछलीपट्टनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार से तूफान पर लगातार नजर रखी जा रही है। कहां से गुजरेगा आईएमडी के अनुसार तूफान पहले धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर मुड़ेगा। यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के दक्षिण के पास तट पार करेगा। विभाग ने बताया कि तूफान जमीन के संपर्क में आ चुका है और इसका उत्तरी हिस्सा अंदर तक फैल रहा है। इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा एपीएसडीएमए के अनुसार काकीनाडा, कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के अलावा राज्य के कई और जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। बारिश का पूर्वानुमान 28 अक्टूबर: आंध्र प्रदेश: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दक्षिण ओडिशा: कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश उत्तर ओडिशा: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश पूर्वी तेलंगाना: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश झारखंड: कुछ स्थानों पर भारी बारिश 29 अक्टूबर: आंतरिक ओडिशा: कुछ स्थानों पर भारी बारिश झारखंड: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश उत्तर प्रदेश पर असर बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर उत्तर भारत के मौसम पर भी दिख सकता है। कानपुर के सीएसए विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने पहले ही बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 29 और 30 अक्टूबर को कानपुर परिक्षेत्र में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद ठंड बढ़ने के आसार हैं। चक्रवात की श्रेणियां आईएमडी हवा की रफ्तार के आधार पर चक्रवातों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटता है: श्रेणी हवा की रफ्तार (किमी/घंटा) डिप्रेशन (अवदाब) 31-49 डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) 50-61 चक्रवाती तूफान 62-88 गंभीर चक्रवाती तूफान 89-117 अति गंभीर चक्रवाती तूफान 118-165 अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 166-220 सुपर साइक्लोन 221 से ज्यादा 'अर्णब' अति गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में है। लैंडफॉल क्या होता है जब समुद्र में बना चक्रवात तट को पार करके जमीन पर पहुंचता है, तो इसे लैंडफॉल कहते हैं। लैंडफॉल के समय सबसे तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठती हैं। जमीन पर पहुंचने के बाद समुद्र से नमी न मिलने के कारण तूफान धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है, लेकिन उसकी बची हुई ताकत अंदरूनी इलाकों में भारी बारिश कराती है। तूफान के दौरान क्या करें सरकारी अलर्ट और आईएमडी की चेतावनियों पर ध्यान दें। घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें। प्रशासन कहे तो सुरक्षित स्थान या राहत शिविर में जाएं। मोबाइल चार्ज रखें, टॉर्च, जरूरी दवाइयां, पीने का पानी और सूखा खाना पहले से रखें। बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। मछुआरे समुद्र में न जाएं। अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। यात्री भी रखें ध्यान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले यात्री, खासकर कानपुर से दक्षिण और पूर्व भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों और उड़ानों के यात्री, यात्रा से पहले रेलवे और एयरलाइंस से अपनी ट्रेन या उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। तूफान के कारण कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द या प्रभावित हो सकती हैं। पहले भी आ चुके हैं बड़े तूफान आंध्र प्रदेश और ओडिशा का तट बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातों से अक्सर प्रभावित होता है। अक्टूबर-नवंबर का समय, जिसे मानसून के बाद का मौसम कहा जाता है, बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने के लिहाज से सक्रिय माना जाता है। पिछले वर्षों में इस तट पर कई बड़े तूफान आ चुके हैं, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान हुआ। बेहतर पूर्वानुमान और समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था से अब जनहानि काफी कम हुई है। चक्रवातों के नाम कैसे रखे जाते हैं उत्तर हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (एस्केप) के पैनल के सदस्य देश मिलकर तय करते हैं। भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड समेत कई देश नामों की सूची देते हैं और क्रम से इन्हीं नामों का इस्तेमाल होता है। नाम रखने से चेतावनी और सूचना देना आसान होता है। किसानों पर असर तूफान और भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में धान समेत खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इस समय कई इलाकों में धान की फसल खेतों में खड़ी है या कटाई चल रही है। तूफान के बाद राज्य सरकारें फसल नुकसान का आकलन करती हैं। यह भी पढ़ें कानपुर: 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के आसार (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें) नौसेना की ताकत बढ़ाएगा जीसैट-7सी, स्वदेशी 'वरुणास्त्र' टॉरपीडो का सफल परीक्षण (लिंक जोड़ें) कानपुर में सुबह-शाम गुलाबी ठंड की दस्तक (लिंक जोड़ें) निष्कर्ष चक्रवात 'अर्णब' आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के लिए बड़ी चुनौती बनकर आया है। तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट पर है। तूफान का असर ओडिशा, तेलंगाना और झारखंड तक दिखेगा, जबकि उत्तर प्रदेश में भी बादल और बारिश का माहौल बन सकता है। प्रभावित इलाकों के लोग सरकारी निर्देशों का पालन करें। देश की हर बड़ी खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

चक्रवात 'अर्णब' का आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल, 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं, ओडिशा-झारखंड तक भारी बारिश का अलर्ट

अति गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्णब' ने बुधवार 28 अक्टूबर को तड़के आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू कर दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। आईएमडी ने आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों और आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। तूफान का असर ओडिशा, तेलंगाना और झारखंड तक पहुंचने की आशंका है। कहां है तूफान आईएमडी के अनुसार मंगलवार रात 11:30 बजे चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट के पास था। उस समय तूफान का केंद्र: नरसापुर से करीब 50 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व काकीनाडा से करीब 70 किमी दक्षिण मछलीपट्टनम से करीब 100 किमी पूर्व विशाखापत्तनम से करीब 200 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम बाद में आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि तूफान का केंद्र नरसापुर से करीब 30 किमी और यानम से करीब 55 किमी दूर था। मछलीपट्टनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार से तूफान पर लगातार नजर रखी जा रही है। कहां से गुजरेगा आईएमडी के अनुसार तूफान पहले धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर मुड़ेगा। यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के दक्षिण के पास तट पार करेगा। विभाग ने बताया कि तूफान जमीन के संपर्क में आ चुका है और इसका उत्तरी हिस्सा अंदर तक फैल रहा है। इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा एपीएसडीएमए के अनुसार काकीनाडा, कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों के अलावा राज्य के कई और जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। बारिश का पूर्वानुमान 28 अक्टूबर: आंध्र प्रदेश: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दक्षिण ओडिशा: कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश उत्तर ओडिशा: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश पूर्वी तेलंगाना: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश झारखंड: कुछ स्थानों पर भारी बारिश 29 अक्टूबर: आंतरिक ओडिशा: कुछ स्थानों पर भारी बारिश झारखंड: कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश उत्तर प्रदेश पर असर बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर उत्तर भारत के मौसम पर भी दिख सकता है। कानपुर के सीएसए विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने पहले ही बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 29 और 30 अक्टूबर को कानपुर परिक्षेत्र में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद ठंड बढ़ने के आसार हैं। चक्रवात की श्रेणियां आईएमडी हवा की रफ्तार के आधार पर चक्रवातों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटता है: श्रेणी हवा की रफ्तार (किमी/घंटा) डिप्रेशन (अवदाब) 31-49 डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) 50-61 चक्रवाती तूफान 62-88 गंभीर चक्रवाती तूफान 89-117 अति गंभीर चक्रवाती तूफान 118-165 अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 166-220 सुपर साइक्लोन 221 से ज्यादा 'अर्णब' अति गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में है। लैंडफॉल क्या होता है जब समुद्र में बना चक्रवात तट को पार करके जमीन पर पहुंचता है, तो इसे लैंडफॉल कहते हैं। लैंडफॉल के समय सबसे तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठती हैं। जमीन पर पहुंचने के बाद समुद्र से नमी न मिलने के कारण तूफान धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है, लेकिन उसकी बची हुई ताकत अंदरूनी इलाकों में भारी बारिश कराती है। तूफान के दौरान क्या करें सरकारी अलर्ट और आईएमडी की चेतावनियों पर ध्यान दें। घर के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें। प्रशासन कहे तो सुरक्षित स्थान या राहत शिविर में जाएं। मोबाइल चार्ज रखें, टॉर्च, जरूरी दवाइयां, पीने का पानी और सूखा खाना पहले से रखें। बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। मछुआरे समुद्र में न जाएं। अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। यात्री भी रखें ध्यान आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले यात्री, खासकर कानपुर से दक्षिण और पूर्व भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों और उड़ानों के यात्री, यात्रा से पहले रेलवे और एयरलाइंस से अपनी ट्रेन या उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। तूफान के कारण कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द या प्रभावित हो सकती हैं। पहले भी आ चुके हैं बड़े तूफान आंध्र प्रदेश और ओडिशा का तट बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवातों से अक्सर प्रभावित होता है। अक्टूबर-नवंबर का समय, जिसे मानसून के बाद का मौसम कहा जाता है, बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने के लिहाज से सक्रिय माना जाता है। पिछले वर्षों में इस तट पर कई बड़े तूफान आ चुके हैं, जिनसे जान-माल का भारी नुकसान हुआ। बेहतर पूर्वानुमान और समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था से अब जनहानि काफी कम हुई है। चक्रवातों के नाम कैसे रखे जाते हैं उत्तर हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (एस्केप) के पैनल के सदस्य देश मिलकर तय करते हैं। भारत, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान, मालदीव, ओमान, श्रीलंका, थाईलैंड समेत कई देश नामों की सूची देते हैं और क्रम से इन्हीं नामों का इस्तेमाल होता है। नाम रखने से चेतावनी और सूचना देना आसान होता है। किसानों पर असर तूफान और भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में धान समेत खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इस समय कई इलाकों में धान की फसल खेतों में खड़ी है या कटाई चल रही है। तूफान के बाद राज्य सरकारें फसल नुकसान का आकलन करती हैं। यह भी पढ़ें कानपुर: 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के आसार (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें) नौसेना की ताकत बढ़ाएगा जीसैट-7सी, स्वदेशी 'वरुणास्त्र' टॉरपीडो का सफल परीक्षण (लिंक जोड़ें) कानपुर में सुबह-शाम गुलाबी ठंड की दस्तक (लिंक जोड़ें) निष्कर्ष चक्रवात 'अर्णब' आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के लिए बड़ी चुनौती बनकर आया है। तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट पर है। तूफान का असर ओडिशा, तेलंगाना और झारखंड तक दिखेगा, जबकि उत्तर प्रदेश में भी बादल और बारिश का माहौल बन सकता है। प्रभावित इलाकों के लोग सरकारी निर्देशों का पालन करें। देश की हर बड़ी खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

यह खबर अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

WhatsApp पर भेजेंFacebookX

किसी तथ्य में गलती दिखे तो हमें बताएं — हमारी संपादकीय नीति पढ़ें।

और पढ़ें | Related News

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई | Most Read

  1. 1कानपुर: बिधनू में डीईसी कॉलेज के बाहर युवक की लात-घूंसों से पिटाई, वीडियो वायरल
  2. 2कानपुर: जीटी रोड पर कार्डियोलॉजी कट के पास डीसीएम ने स्कूटी को मारी टक्कर, तीन साल की बच्ची की मौत, माता-पिता घायल
  3. 3कानपुर: 29 और 30 अक्टूबर को बारिश के आसार, बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम का असर
  4. 4ऑस्ट्रेलिया वीजा के लिए अब भारत में फिंगरप्रिंट और फोटो जरूरी, 26 अक्टूबर से नए आवेदनों पर लागू हुआ नियम
  5. 5भारत-न्यूजीलैंड: 30 अक्टूबर को ऑकलैंड में चौथा टी20, अब क्लीन स्वीप पर नजर, 4 नवंबर से वनडे सीरीज, जानें पूरा शेड्यूल