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कानपुर: काकादेव में कुलवंती हॉस्पिटल के पास पीएनजी पाइपलाइन में रिसाव से भीषण आग, सप्लाई बंद कर पाया काबू

Kanpur Kakadeo: PNG pipeline leak fire near Kulwanti Hospital

Kanpur Live News Desk ·

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कानपुर: काकादेव में कुलवंती हॉस्पिटल के पास पीएनजी पाइपलाइन में रिसाव से भीषण आग, सप्लाई बंद कर पाया काबू
कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र में शुक्रवार 30 अक्टूबर को कुलवंती हॉस्पिटल के पास सड़क किनारे बिछी पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइपलाइन में अचानक रिसाव हुआ और गैस ने आग पकड़ ली। आग की लपटें उठते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास का इलाका खाली कराया और ट्रैफिक डायवर्ट किया। गैस कंपनी की तकनीकी टीम ने प्रभावित ब्लॉक की मेन सप्लाई लाइन बंद की, जिसके बाद कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। किसी के घायल होने या नुकसान की सूचना नहीं है। कैसे हुआ हादसा रिपोर्ट के अनुसार सड़क किनारे से गुजर रही पीएनजी पाइपलाइन में अचानक रिसाव हुआ और निकलती गैस में आग लग गई। रिसाव किस वजह से हुआ, जैसे खुदाई के दौरान पाइप को नुकसान या पाइप की खराबी, यह अभी साफ नहीं है। तेजी से हुई कार्रवाई स्थानीय लोगों ने तुरंत काकादेव पुलिस और गैस कंपनी के आपात नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को वहां से हटाया और ट्रैफिक का रास्ता बदल दिया। गैस कंपनी की तकनीकी रिस्पॉन्स टीम उपकरणों के साथ कुछ ही देर में पहुंच गई। टीम ने प्रभावित ब्लॉक की मेन सप्लाई लाइन बंद की। गैस का दबाव कम होते ही आग की लपटें धीमी पड़ गईं और कुछ ही देर में आग बुझ गई। आग बुझने के बाद इंजीनियरों ने रिसाव वाली पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी। अस्पताल के पास था बड़ा खतरा घटना एक बड़े अस्पताल के पास हुई, जहां मरीजों, तीमारदारों और वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में आग फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस और गैस कंपनी की तेज कार्रवाई और लोगों की समय पर दी गई सूचना से बड़ा हादसा टल गया। पीएनजी क्या है पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस, घरों और दुकानों तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचाई जाने वाली प्राकृतिक गैस है। कानपुर समेत देश के कई शहरों में रसोई गैस सिलेंडर की जगह अब पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। यह सिलेंडर के मुकाबले सुविधाजनक और आम तौर पर सस्ती मानी जाती है, क्योंकि इसमें बुकिंग और डिलीवरी का झंझट नहीं होता। प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह ऊपर उठकर फैल जाती है, लेकिन आग के संपर्क में आने पर तुरंत जल उठती है। गैस रिसाव की पहचान कैसे करें गंध: पीएनजी और एलपीजी में खास गंध मिलाई जाती है, ताकि रिसाव होने पर पता चल सके। सड़े अंडे जैसी तेज गंध आए तो सावधान हो जाएं। आवाज: पाइपलाइन से सीटी या फुफकार जैसी आवाज आना। मिट्टी या पानी में बुलबुले: जमीन के नीचे पाइपलाइन में रिसाव हो तो गीली मिट्टी या पानी में बुलबुले दिख सकते हैं। पौधे सूखना: पाइपलाइन के ऊपर की घास या पौधों का अचानक सूखना। रिसाव हो तो क्या करें, क्या न करें करें: तुरंत गैस कंपनी के आपात नंबर पर सूचना दें। यह नंबर पीएनजी बिल और पाइपलाइन के पीले मार्कर पर लिखा होता है। घर में रिसाव हो तो मीटर के पास लगा वाल्व बंद करें। खिड़की-दरवाजे खोल दें, ताकि गैस बाहर निकल जाए। आसपास के लोगों को सावधान करें और इलाका खाली कराएं। पुलिस को 112 और फायर ब्रिगेड को 101 पर सूचना दें। न करें: बिजली का कोई स्विच ऑन या ऑफ न करें, इससे चिंगारी निकल सकती है। माचिस, लाइटर या मोमबत्ती न जलाएं। रिसाव वाली जगह के पास मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। रिसाव वाली जगह पर वाहन स्टार्ट न करें। खुद पाइपलाइन की मरम्मत करने की कोशिश न करें। खुदाई से पहले जानकारी जरूरी कई शहरों में पाइपलाइन में रिसाव का बड़ा कारण सड़क, नाली, केबल या पानी की लाइन बिछाने के लिए होने वाली खुदाई होती है। खुदाई करने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों को काम शुरू करने से पहले गैस कंपनी को सूचना देनी चाहिए, ताकि पाइपलाइन की सही जगह चिह्नित की जा सके। सड़क किनारे लगे पीले रंग के मार्कर पाइपलाइन होने का संकेत देते हैं। इन मार्करों के पास बिना अनुमति खुदाई न करें। दीपावली पर खास सावधानी दीपावली में दीयों, मोमबत्तियों और पटाखों के कारण आग का खतरा बढ़ जाता है। पीएनजी पाइपलाइन, गैस मीटर और सिलेंडर के आसपास पटाखे न चलाएं और दीये न रखें। घर में गैस की गंध आए तो दीया या मोमबत्ती न जलाएं। नियमित जांच जरूरी गैस कंपनियों को शहर में बिछी पाइपलाइनों की नियमित जांच और रखरखाव करना चाहिए। उपभोक्ताओं को भी अपने घर के पाइप, रबर ट्यूब और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच करानी चाहिए। पुरानी या दरार वाली रबर ट्यूब तुरंत बदलें। पीएनजी उपभोक्ता रखें ध्यान घर में गैस मीटर और वाल्व की जगह परिवार के सभी सदस्यों को पता होनी चाहिए। गैस कंपनी का आपात नंबर फोन में सेव रखें और बच्चों को भी बताएं। रसोई में पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें। पाइपलाइन में कोई बदलाव या नया कनेक्शन खुद या किसी अनधिकृत व्यक्ति से न कराएं, केवल गैस कंपनी के अधिकृत तकनीशियन से ही कराएं। गैस कंपनी के नाम पर घर आने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र जरूर देखें। गैस कनेक्शन जांच के नाम पर ठगी के मामले भी सामने आते हैं। रात को सोने से पहले और घर से बाहर जाते समय चूल्हे का नॉब और मेन वाल्व बंद कर दें। यह भी पढ़ें कानपुर: बारादेवी मंदिर के पास शॉर्ट सर्किट से आग, आठ दुकानें खाक (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें) कानपुर: दादानगर पुल से ट्रैक्टर-ट्रॉली गिरी, सास-बहू की मौत (लिंक जोड़ें) कानपुर: जाजमऊ में मकान का छज्जा गिरा (लिंक जोड़ें) निष्कर्ष काकादेव में पीएनजी पाइपलाइन में लगी आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। लोगों की तुरंत सूचना, पुलिस की सतर्कता और गैस कंपनी की तेज कार्रवाई ने अहम भूमिका निभाई। यह घटना याद दिलाती है कि गैस रिसाव की पहचान और उससे निपटने के तरीके हर नागरिक को पता होने चाहिए। कानपुर की हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

कानपुर: काकादेव में कुलवंती हॉस्पिटल के पास पीएनजी पाइपलाइन में रिसाव से भीषण आग, सप्लाई बंद कर पाया काबू

कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र में शुक्रवार 30 अक्टूबर को कुलवंती हॉस्पिटल के पास सड़क किनारे बिछी पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइपलाइन में अचानक रिसाव हुआ और गैस ने आग पकड़ ली। आग की लपटें उठते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास का इलाका खाली कराया और ट्रैफिक डायवर्ट किया। गैस कंपनी की तकनीकी टीम ने प्रभावित ब्लॉक की मेन सप्लाई लाइन बंद की, जिसके बाद कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। किसी के घायल होने या नुकसान की सूचना नहीं है। कैसे हुआ हादसा रिपोर्ट के अनुसार सड़क किनारे से गुजर रही पीएनजी पाइपलाइन में अचानक रिसाव हुआ और निकलती गैस में आग लग गई। रिसाव किस वजह से हुआ, जैसे खुदाई के दौरान पाइप को नुकसान या पाइप की खराबी, यह अभी साफ नहीं है। तेजी से हुई कार्रवाई स्थानीय लोगों ने तुरंत काकादेव पुलिस और गैस कंपनी के आपात नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को वहां से हटाया और ट्रैफिक का रास्ता बदल दिया। गैस कंपनी की तकनीकी रिस्पॉन्स टीम उपकरणों के साथ कुछ ही देर में पहुंच गई। टीम ने प्रभावित ब्लॉक की मेन सप्लाई लाइन बंद की। गैस का दबाव कम होते ही आग की लपटें धीमी पड़ गईं और कुछ ही देर में आग बुझ गई। आग बुझने के बाद इंजीनियरों ने रिसाव वाली पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी। अस्पताल के पास था बड़ा खतरा घटना एक बड़े अस्पताल के पास हुई, जहां मरीजों, तीमारदारों और वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में आग फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस और गैस कंपनी की तेज कार्रवाई और लोगों की समय पर दी गई सूचना से बड़ा हादसा टल गया। पीएनजी क्या है पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस, घरों और दुकानों तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचाई जाने वाली प्राकृतिक गैस है। कानपुर समेत देश के कई शहरों में रसोई गैस सिलेंडर की जगह अब पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। यह सिलेंडर के मुकाबले सुविधाजनक और आम तौर पर सस्ती मानी जाती है, क्योंकि इसमें बुकिंग और डिलीवरी का झंझट नहीं होता। प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह ऊपर उठकर फैल जाती है, लेकिन आग के संपर्क में आने पर तुरंत जल उठती है। गैस रिसाव की पहचान कैसे करें गंध: पीएनजी और एलपीजी में खास गंध मिलाई जाती है, ताकि रिसाव होने पर पता चल सके। सड़े अंडे जैसी तेज गंध आए तो सावधान हो जाएं। आवाज: पाइपलाइन से सीटी या फुफकार जैसी आवाज आना। मिट्टी या पानी में बुलबुले: जमीन के नीचे पाइपलाइन में रिसाव हो तो गीली मिट्टी या पानी में बुलबुले दिख सकते हैं। पौधे सूखना: पाइपलाइन के ऊपर की घास या पौधों का अचानक सूखना। रिसाव हो तो क्या करें, क्या न करें करें: तुरंत गैस कंपनी के आपात नंबर पर सूचना दें। यह नंबर पीएनजी बिल और पाइपलाइन के पीले मार्कर पर लिखा होता है। घर में रिसाव हो तो मीटर के पास लगा वाल्व बंद करें। खिड़की-दरवाजे खोल दें, ताकि गैस बाहर निकल जाए। आसपास के लोगों को सावधान करें और इलाका खाली कराएं। पुलिस को 112 और फायर ब्रिगेड को 101 पर सूचना दें। न करें: बिजली का कोई स्विच ऑन या ऑफ न करें, इससे चिंगारी निकल सकती है। माचिस, लाइटर या मोमबत्ती न जलाएं। रिसाव वाली जगह के पास मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। रिसाव वाली जगह पर वाहन स्टार्ट न करें। खुद पाइपलाइन की मरम्मत करने की कोशिश न करें। खुदाई से पहले जानकारी जरूरी कई शहरों में पाइपलाइन में रिसाव का बड़ा कारण सड़क, नाली, केबल या पानी की लाइन बिछाने के लिए होने वाली खुदाई होती है। खुदाई करने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों को काम शुरू करने से पहले गैस कंपनी को सूचना देनी चाहिए, ताकि पाइपलाइन की सही जगह चिह्नित की जा सके। सड़क किनारे लगे पीले रंग के मार्कर पाइपलाइन होने का संकेत देते हैं। इन मार्करों के पास बिना अनुमति खुदाई न करें। दीपावली पर खास सावधानी दीपावली में दीयों, मोमबत्तियों और पटाखों के कारण आग का खतरा बढ़ जाता है। पीएनजी पाइपलाइन, गैस मीटर और सिलेंडर के आसपास पटाखे न चलाएं और दीये न रखें। घर में गैस की गंध आए तो दीया या मोमबत्ती न जलाएं। नियमित जांच जरूरी गैस कंपनियों को शहर में बिछी पाइपलाइनों की नियमित जांच और रखरखाव करना चाहिए। उपभोक्ताओं को भी अपने घर के पाइप, रबर ट्यूब और रेगुलेटर की समय-समय पर जांच करानी चाहिए। पुरानी या दरार वाली रबर ट्यूब तुरंत बदलें। पीएनजी उपभोक्ता रखें ध्यान घर में गैस मीटर और वाल्व की जगह परिवार के सभी सदस्यों को पता होनी चाहिए। गैस कंपनी का आपात नंबर फोन में सेव रखें और बच्चों को भी बताएं। रसोई में पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें। पाइपलाइन में कोई बदलाव या नया कनेक्शन खुद या किसी अनधिकृत व्यक्ति से न कराएं, केवल गैस कंपनी के अधिकृत तकनीशियन से ही कराएं। गैस कंपनी के नाम पर घर आने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र जरूर देखें। गैस कनेक्शन जांच के नाम पर ठगी के मामले भी सामने आते हैं। रात को सोने से पहले और घर से बाहर जाते समय चूल्हे का नॉब और मेन वाल्व बंद कर दें। यह भी पढ़ें कानपुर: बारादेवी मंदिर के पास शॉर्ट सर्किट से आग, आठ दुकानें खाक (एडिटर: kanpur.live पर इस खबर का लिंक जोड़ें) कानपुर: दादानगर पुल से ट्रैक्टर-ट्रॉली गिरी, सास-बहू की मौत (लिंक जोड़ें) कानपुर: जाजमऊ में मकान का छज्जा गिरा (लिंक जोड़ें) निष्कर्ष काकादेव में पीएनजी पाइपलाइन में लगी आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। लोगों की तुरंत सूचना, पुलिस की सतर्कता और गैस कंपनी की तेज कार्रवाई ने अहम भूमिका निभाई। यह घटना याद दिलाती है कि गैस रिसाव की पहचान और उससे निपटने के तरीके हर नागरिक को पता होने चाहिए। कानपुर की हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।

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