बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव: 65.37% मतदान, पिछली बार से करीब 7% कम; फर्जी वोटिंग के शक में समर्थकों में कहासुनी, 15 अक्टूबर को मतगणना
Bithoor Nagar Panchayat Chairperson Bypoll Records 65.37% Turnout, Supporters Argue Over Suspected Bogus Voting; Counting on Oct 15
Kanpur Live News Desk ·

मुख्य बातें:
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में मंगलवार को 65.37% मतदान हुआ।
कुल 9,474 मतदाताओं में से 6,193 ने वोट डाला। पिछले चुनाव में 72% मतदान हुआ था।
पुरुषों का मतदान 69.07% और महिलाओं का 61.15% रहा।
ब्रह्मनगर के बूथ नंबर 8 पर सबसे कम करीब 53% मतदान हुआ।
पुराना बिठूर के एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग के शक में दो प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हुई। मतगणना 15 अक्टूबर को होगी।
कानपुर के ऐतिहासिक कस्बे बिठूर में मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव में मतदान हुआ। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चले मतदान में 65.37% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा, हालांकि शाम के समय एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग के शक को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हो गई, जिसे पुलिस ने शांत करा दिया।
आंकड़ों में मतदान
विवरण आंकड़ा
कुल पंजीकृत मतदाता 9,474
वोट डालने वाले मतदाता 6,193
कुल मतदान प्रतिशत 65.37%
पिछले चुनाव का मतदान 72%
मतदान केंद्र (बूथ) 10
पुरुष मतदाता (कुल / वोट डाले) 5,044 / 3,484 (69.07%)
महिला मतदाता (कुल / वोट डाले) 4,430 / 2,709 (61.15%)
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार मतदान पिछली बार के मुकाबले 6.63 प्रतिशत अंक कम रहा। महिलाओं का मतदान पुरुषों से 7.92 प्रतिशत अंक कम रहा।
सबसे कम मतदान ब्रह्मनगर में
रिपोर्टों के अनुसार ब्रह्मनगर के बूथ नंबर 8 पर सबसे कम, करीब 53% मतदान हुआ। यह कुल औसत से करीब 12 प्रतिशत अंक कम है। कम मतदान वाले बूथ अक्सर चुनावी विश्लेषण में अहम माने जाते हैं, क्योंकि कड़े मुकाबले में इनका असर नतीजों पर पड़ सकता है।
मौसम ने भी दिखाया असर
रिपोर्टों के अनुसार मतदान पर मौसम का भी असर देखने को मिला:
सुबह: हल्की ठंड के बीच मतदान केंद्रों पर अच्छी भीड़ रही।
दोपहर: धूप और उमस के कारण मतदान की रफ्तार धीमी पड़ गई।
दोपहर 3 बजे के बाद: तापमान कम होते ही फिर से कतारें लगने लगीं।
फर्जी वोटिंग के शक में कहासुनी
शाम के समय पुराना बिठूर स्थित बेसिक प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग के शक को लेकर विवाद हुआ। रिपोर्टों के अनुसार प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह और प्रत्याशी विभु द्विवेदी के समर्थक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। राणा समरेंद्र सिंह क्षेत्रीय विधायक अभिजीत सिंह सांगा के बड़े भाई हैं। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि फर्जी वोटिंग को लेकर यह केवल शक और आरोप था। किसी आधिकारिक शिकायत या कार्रवाई की जानकारी रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।
विधायक ने डाला वोट, डीसीपी ने किया निरीक्षण
बिठूर से विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने भी मतदान किया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने पुलिसकर्मियों के साथ मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
15 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
मतगणना 15 अक्टूबर को होगी। उसी दिन तय होगा कि बिठूर नगर पंचायत का नया अध्यक्ष कौन होगा। नतीजों पर पूरे क्षेत्र की नजर है, क्योंकि यह मुकाबला स्थानीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
उपचुनाव क्यों होता है?
जब किसी निर्वाचित पद पर कार्यकाल पूरा होने से पहले पद खाली हो जाता है, तो उस पद को भरने के लिए उपचुनाव कराया जाता है। पद खाली होने की वजह इस्तीफा, निधन, अयोग्य घोषित होना या कोई दूसरी कानूनी स्थिति हो सकती है। उपचुनाव में चुना गया प्रतिनिधि बाकी बचे कार्यकाल के लिए ही पद पर रहता है। नगर पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष की भूमिका
नगर पंचायत छोटे कस्बों का स्थानीय निकाय होता है। इसके अध्यक्ष की जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
कस्बे में सफाई, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव।
नगर पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करना।
विकास योजनाओं के लिए बजट और प्रस्ताव तैयार कराना।
सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराना।
बिठूर का महत्व
बिठूर कानपुर से करीब 20-25 किलोमीटर दूर गंगा किनारे बसा एक ऐतिहासिक और धार्मिक कस्बा है। इसे महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली और 1857 की क्रांति से जुड़े नाना साहब पेशवा की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है। ब्रह्मावर्त घाट, पत्थर घाट और नाना साहब स्मारक जैसे स्थलों के कारण यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसलिए यहां के स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के लिहाज से भी अहम है।
कम मतदान पर चिंता
पिछली बार के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत कम मतदान को लेकर लोगों में चर्चा है। जानकारों के अनुसार उपचुनाव में आम तौर पर मतदान आम चुनाव की तुलना में कम रहता है। नवरात्र का समय, कामकाजी दिन और मौसम भी इसकी वजह हो सकते हैं। फिर भी लोकतंत्र की मजबूती के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों का मतदान करना जरूरी है।
मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी
मतगणना के दिन नतीजों की आधिकारिक जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की ओर से जारी की जाएगी। लोगों से अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाले अपुष्ट दावों और अफवाहों पर भरोसा न करें। मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहने की उम्मीद है। प्रत्याशियों के समर्थकों से भी शांति और संयम बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी विवाद के पूरी हो सके।
नए अध्यक्ष से लोगों की उम्मीदें
बिठूर के लोगों की प्रमुख उम्मीदों में घाटों की नियमित सफाई, पर्यटकों के लिए पार्किंग और शौचालय की बेहतर व्यवस्था, गलियों में जलभराव से मुक्ति, पीने के साफ पानी की आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत शामिल हैं। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि पर्यटन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी, जिससे कस्बे के युवाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे।
kanpur.live की राय
स्थानीय निकाय के चुनाव सीधे लोगों की रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़े होते हैं। कस्बे की सफाई, पानी, सड़क और रोशनी जैसी जरूरतें इन्हीं प्रतिनिधियों के जरिए पूरी होती हैं। 15 अक्टूबर को आने वाले नतीजों की पूरी जानकारी kanpur.live पर सबसे पहले पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. बिठूर में किस पद के लिए उपचुनाव हुआ? नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए।
प्रश्न 2. कितना मतदान हुआ? 65.37%, यानी 9,474 में से 6,193 मतदाताओं ने वोट डाला।
प्रश्न 3. पिछली बार कितना मतदान हुआ था? 72%।
प्रश्न 4. सबसे कम मतदान कहां हुआ? ब्रह्मनगर के बूथ नंबर 8 पर, करीब 53%।
प्रश्न 5. मतगणना कब होगी? 15 अक्टूबर 2026 को।
प्रश्न 6. किन प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हुई? राणा समरेंद्र सिंह और विभु द्विवेदी के समर्थकों में।
प्रश्न 7. बिठूर किस लिए प्रसिद्ध है? महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली, ब्रह्मावर्त घाट और 1857 की क्रांति से जुड़े नाना साहब पेशवा के कारण।
स्रोत: मतदान के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 13 अक्टूबर 2026।
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव: 65.37% मतदान, पिछली बार से करीब 7% कम; फर्जी वोटिंग के शक में समर्थकों में कहासुनी, 15 अक्टूबर को मतगणना
मुख्य बातें:
बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में मंगलवार को 65.37% मतदान हुआ।
कुल 9,474 मतदाताओं में से 6,193 ने वोट डाला। पिछले चुनाव में 72% मतदान हुआ था।
पुरुषों का मतदान 69.07% और महिलाओं का 61.15% रहा।
ब्रह्मनगर के बूथ नंबर 8 पर सबसे कम करीब 53% मतदान हुआ।
पुराना बिठूर के एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग के शक में दो प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हुई। मतगणना 15 अक्टूबर को होगी।
कानपुर के ऐतिहासिक कस्बे बिठूर में मंगलवार को नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव में मतदान हुआ। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चले मतदान में 65.37% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा, हालांकि शाम के समय एक मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग के शक को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हो गई, जिसे पुलिस ने शांत करा दिया।
आंकड़ों में मतदान
विवरण आंकड़ा
कुल पंजीकृत मतदाता 9,474
वोट डालने वाले मतदाता 6,193
कुल मतदान प्रतिशत 65.37%
पिछले चुनाव का मतदान 72%
मतदान केंद्र (बूथ) 10
पुरुष मतदाता (कुल / वोट डाले) 5,044 / 3,484 (69.07%)
महिला मतदाता (कुल / वोट डाले) 4,430 / 2,709 (61.15%)
इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार मतदान पिछली बार के मुकाबले 6.63 प्रतिशत अंक कम रहा। महिलाओं का मतदान पुरुषों से 7.92 प्रतिशत अंक कम रहा।
सबसे कम मतदान ब्रह्मनगर में
रिपोर्टों के अनुसार ब्रह्मनगर के बूथ नंबर 8 पर सबसे कम, करीब 53% मतदान हुआ। यह कुल औसत से करीब 12 प्रतिशत अंक कम है। कम मतदान वाले बूथ अक्सर चुनावी विश्लेषण में अहम माने जाते हैं, क्योंकि कड़े मुकाबले में इनका असर नतीजों पर पड़ सकता है।
मौसम ने भी दिखाया असर
रिपोर्टों के अनुसार मतदान पर मौसम का भी असर देखने को मिला:
सुबह: हल्की ठंड के बीच मतदान केंद्रों पर अच्छी भीड़ रही।
दोपहर: धूप और उमस के कारण मतदान की रफ्तार धीमी पड़ गई।
दोपहर 3 बजे के बाद: तापमान कम होते ही फिर से कतारें लगने लगीं।
फर्जी वोटिंग के शक में कहासुनी
शाम के समय पुराना बिठूर स्थित बेसिक प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग के शक को लेकर विवाद हुआ। रिपोर्टों के अनुसार प्रत्याशी राणा समरेंद्र सिंह और प्रत्याशी विभु द्विवेदी के समर्थक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। राणा समरेंद्र सिंह क्षेत्रीय विधायक अभिजीत सिंह सांगा के बड़े भाई हैं। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि फर्जी वोटिंग को लेकर यह केवल शक और आरोप था। किसी आधिकारिक शिकायत या कार्रवाई की जानकारी रिपोर्ट में सामने नहीं आई है।
विधायक ने डाला वोट, डीसीपी ने किया निरीक्षण
बिठूर से विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने भी मतदान किया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने पुलिसकर्मियों के साथ मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
15 अक्टूबर को आएंगे नतीजे
मतगणना 15 अक्टूबर को होगी। उसी दिन तय होगा कि बिठूर नगर पंचायत का नया अध्यक्ष कौन होगा। नतीजों पर पूरे क्षेत्र की नजर है, क्योंकि यह मुकाबला स्थानीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
उपचुनाव क्यों होता है?
जब किसी निर्वाचित पद पर कार्यकाल पूरा होने से पहले पद खाली हो जाता है, तो उस पद को भरने के लिए उपचुनाव कराया जाता है। पद खाली होने की वजह इस्तीफा, निधन, अयोग्य घोषित होना या कोई दूसरी कानूनी स्थिति हो सकती है। उपचुनाव में चुना गया प्रतिनिधि बाकी बचे कार्यकाल के लिए ही पद पर रहता है। नगर पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष की भूमिका
नगर पंचायत छोटे कस्बों का स्थानीय निकाय होता है। इसके अध्यक्ष की जिम्मेदारियों में शामिल हैं:
कस्बे में सफाई, पानी, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना।
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव।
नगर पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करना।
विकास योजनाओं के लिए बजट और प्रस्ताव तैयार कराना।
सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराना।
बिठूर का महत्व
बिठूर कानपुर से करीब 20-25 किलोमीटर दूर गंगा किनारे बसा एक ऐतिहासिक और धार्मिक कस्बा है। इसे महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली और 1857 की क्रांति से जुड़े नाना साहब पेशवा की कर्मभूमि के रूप में जाना जाता है। ब्रह्मावर्त घाट, पत्थर घाट और नाना साहब स्मारक जैसे स्थलों के कारण यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसलिए यहां के स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी पर्यटन और धार्मिक आयोजनों के लिहाज से भी अहम है।
कम मतदान पर चिंता
पिछली बार के मुकाबले करीब 7 प्रतिशत कम मतदान को लेकर लोगों में चर्चा है। जानकारों के अनुसार उपचुनाव में आम तौर पर मतदान आम चुनाव की तुलना में कम रहता है। नवरात्र का समय, कामकाजी दिन और मौसम भी इसकी वजह हो सकते हैं। फिर भी लोकतंत्र की मजबूती के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों का मतदान करना जरूरी है।
मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी
मतगणना के दिन नतीजों की आधिकारिक जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की ओर से जारी की जाएगी। लोगों से अपील है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाले अपुष्ट दावों और अफवाहों पर भरोसा न करें। मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहने की उम्मीद है। प्रत्याशियों के समर्थकों से भी शांति और संयम बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी विवाद के पूरी हो सके।
नए अध्यक्ष से लोगों की उम्मीदें
बिठूर के लोगों की प्रमुख उम्मीदों में घाटों की नियमित सफाई, पर्यटकों के लिए पार्किंग और शौचालय की बेहतर व्यवस्था, गलियों में जलभराव से मुक्ति, पीने के साफ पानी की आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत शामिल हैं। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि पर्यटन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी, जिससे कस्बे के युवाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे।
kanpur.live की राय
स्थानीय निकाय के चुनाव सीधे लोगों की रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़े होते हैं। कस्बे की सफाई, पानी, सड़क और रोशनी जैसी जरूरतें इन्हीं प्रतिनिधियों के जरिए पूरी होती हैं। 15 अक्टूबर को आने वाले नतीजों की पूरी जानकारी kanpur.live पर सबसे पहले पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. बिठूर में किस पद के लिए उपचुनाव हुआ? नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए।
प्रश्न 2. कितना मतदान हुआ? 65.37%, यानी 9,474 में से 6,193 मतदाताओं ने वोट डाला।
प्रश्न 3. पिछली बार कितना मतदान हुआ था? 72%।
प्रश्न 4. सबसे कम मतदान कहां हुआ? ब्रह्मनगर के बूथ नंबर 8 पर, करीब 53%।
प्रश्न 5. मतगणना कब होगी? 15 अक्टूबर 2026 को।
प्रश्न 6. किन प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हुई? राणा समरेंद्र सिंह और विभु द्विवेदी के समर्थकों में।
प्रश्न 7. बिठूर किस लिए प्रसिद्ध है? महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली, ब्रह्मावर्त घाट और 1857 की क्रांति से जुड़े नाना साहब पेशवा के कारण।
स्रोत: मतदान के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 13 अक्टूबर 2026।
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