धनतेरस से पहले बड़ा कदम: अब चांदी की ईंट और सिक्कों पर भी हॉलमार्क
BIS launches Silver Refinery Scheme; hallmark for silver bullion and coins with three purity grades
Kanpur Live News Desk ·

धनतेरस और दीपावली पर चांदी के सिक्के और बर्तन खरीदने की परंपरा पूरे देश में है। कानपुर के सराफा बाजारों में भी इन दिनों रौनक बढ़ने लगी है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर आई है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने चांदी की शुद्धता की गारंटी के लिए "सिल्वर रिफाइनरी स्कीम" शुरू की है। इसके तहत चांदी की ईंट (बुलियन) और सिक्कों पर बीआईएस का हॉलमार्क लगाया जा सकेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में विश्व मानक दिवस के कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत की।
क्या है सिल्वर रिफाइनरी स्कीम
यह योजना सोने के लिए पहले से चल रही गोल्ड रिफाइनरी स्कीम की तर्ज पर बनाई गई है। इसके तहत बीआईएस चांदी की रिफाइनरियों और टकसालों (मिंट) को प्रमाणित करेगा। लाइसेंस देने से पहले बीआईएस उनकी तकनीकी क्षमता, रिफाइनिंग की प्रक्रिया और जांच की सुविधाओं का आकलन करेगा। लाइसेंस मिलने के बाद ये रिफाइनरियां और टकसालें अपनी चांदी की ईंटों और सिक्कों पर बीआईएस हॉलमार्क लगा सकेंगी। सरकार ने इसे चांदी की शुद्धता के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा बताया है।
तीन शुद्धता ग्रेड
योजना के तहत बारीक चांदी (फाइन सिल्वर) की ईंटों और सिक्कों के लिए तीन शुद्धता ग्रेड तय किए गए हैं:
999.9: यानी प्रति हजार भाग में 999.9 भाग शुद्ध चांदी
999.5: प्रति हजार भाग में 999.5 भाग शुद्ध चांदी
999.0: प्रति हजार भाग में 999 भाग शुद्ध चांदी
आसान भाषा में कहें तो 999.0 ग्रेड का मतलब है कि उस चांदी में 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी है।
हॉलमार्क में क्या-क्या होगा
हॉलमार्क वाली चांदी की ईंट या सिक्के पर ये निशान होंगे:
बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क: बीआईएस का आधिकारिक निशान
"SILVER" शब्द: धातु की पहचान
शुद्धता ग्रेड: जैसे 999.9 या 999.0
निर्माता की पहचान का निशान: किस रिफाइनरी या टकसाल ने बनाया
विशिष्ट सीरियल नंबर: बैच की पहचान और ट्रेसबिलिटी के लिए
इस सीरियल नंबर की मदद से यह पता लगाया जा सकेगा कि चांदी किस बैच की है और कहां बनी है। इससे नकली या कम शुद्धता वाली चांदी बेचने वालों पर लगाम लगेगी।
मंत्री ने क्या कहा
कार्यक्रम में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा, "क्वालिटी, क्वालिटी और सिर्फ क्वालिटी।" उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि प्रभावी उपभोक्ता संरक्षण रोकथाम पर आधारित होना चाहिए, जिसमें मजबूत जांच, डिजिटल प्रवर्तन और अनुरूपता आकलन की अहम भूमिका हो। बीआईएस के महानिदेशक संजय गर्ग ने कहा कि मानक नवाचार, तकनीकी विकास और औद्योगिक ताकत के अहम आधार हैं।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा
चांदी खरीदने वाले ज्यादातर लोग दुकानदार के भरोसे पर ही खरीदारी करते हैं। कई बार उन्हें पता ही नहीं चलता कि जो चांदी वे खरीद रहे हैं, वह कितनी शुद्ध है। हॉलमार्क की व्यवस्था से:
खरीदार को शुद्धता की सरकारी गारंटी मिलेगी।
मिलावटी और नकली चांदी की बिक्री पर रोक लगेगी।
निवेश के लिए चांदी खरीदने वालों का भरोसा बढ़ेगा।
चांदी बेचते समय भी सही कीमत मिलने में आसानी होगी।
ईमानदार कारोबारियों को बाजार में बेहतर पहचान मिलेगी।
चांदी में बढ़ता निवेश
पिछले कुछ वर्षों में चांदी निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरी है। सोने की तुलना में सस्ती होने के कारण आम परिवार भी चांदी के सिक्के और ईंटें खरीदकर बचत करते हैं। उद्योगों में भी चांदी की मांग बढ़ी है, क्योंकि इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई तकनीकी उत्पादों में होता है। ऐसे में चांदी की शुद्धता का प्रमाणन बाजार को और व्यवस्थित बनाएगा।
आभूषणों पर भी हॉलमार्किंग
चांदी के आभूषणों के लिए भी बीआईएस हॉलमार्किंग की व्यवस्था पहले से मौजूद है, जिसमें एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर दिया जाता है। मंत्री प्रह्लाद जोशी पहले भी बीआईएस से चांदी की कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की बात कह चुके हैं। नई योजना के बाद अब ईंट और सिक्कों के लिए भी एक व्यवस्थित ढांचा तैयार हो गया है।
धनतेरस पर चांदी खरीदते समय रखें ध्यान
हॉलमार्क देखें: बीआईएस हॉलमार्क वाली चांदी को प्राथमिकता दें।
शुद्धता पूछें: सिक्के या ईंट की शुद्धता ग्रेड के बारे में दुकानदार से साफ जानकारी लें।
पक्का बिल लें: बिल में वजन, शुद्धता, कीमत और मेकिंग चार्ज अलग-अलग लिखवाएं।
वजन जांचें: खरीदते समय अपने सामने वजन कराएं।
बीआईएस केयर ऐप: हॉलमार्क की जानकारी और शिकायत के लिए बीआईएस केयर ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
भरोसेमंद दुकान: पंजीकृत और भरोसेमंद सराफा दुकान से ही खरीदारी करें।
बहुत सस्ते ऑफर से सावधान: बाजार भाव से काफी कम कीमत पर बिक रही चांदी पर शक करें।
कार्यक्रम में और क्या लॉन्च हुआ
विश्व मानक दिवस के कार्यक्रम में बीआईएस ने कई और पहल भी शुरू कीं:
बीआईएस डिजिटल स्टैंडर्ड रीडर: एक वेब प्लेटफॉर्म, जिसमें भारतीय मानकों को आसानी से खोजा और पढ़ा जा सकेगा। इसमें भारतीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा भी होगी।
सात नए भारतीय मानक: इनमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के केबल, पैडल असिस्टेड साइकिल, पहनने योग्य सर्विस रोबोट, बच्चों के लिए पंचकर्म द्रोणी, थेरेप्यूटिक फुटवियर, फ्लेक्सिबल प्लाईवुड और पीवीसी कोटेड फाइबरग्लास कीट जाली से जुड़े मानक शामिल हैं।
मानकीकरण रोडमैप: टिकाऊ कृषि और विनिर्माण के लिए।
कानपुर के सराफा कारोबारियों के लिए
कानपुर के चौक सराफा और दूसरे बाजारों में त्योहारी सीजन में चांदी की भारी बिक्री होती है। कारोबारियों का मानना है कि हॉलमार्क वाली चांदी से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा। हालांकि यह योजना फिलहाल रिफाइनरियों और टकसालों के प्रमाणन से जुड़ी है। इसलिए दुकानदारों को अपने सप्लायरों से हॉलमार्क वाली चांदी की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेनी होगी।
पुरानी चांदी बेचते समय
अगर आप पुरानी चांदी बेच रहे हैं या बदलवा रहे हैं, तो भी सावधानी जरूरी है। दुकानदार से चांदी की शुद्धता की जांच अपने सामने कराने को कहें। कई जगह एक्सआरएफ मशीन से बिना नुकसान के शुद्धता जांची जाती है। वजन और शुद्धता के आधार पर ही कीमत तय होनी चाहिए। हॉलमार्क वाली चांदी बेचते समय उसकी शुद्धता पर विवाद की गुंजाइश कम रहती है।
निष्कर्ष
बीआईएस की सिल्वर रिफाइनरी स्कीम चांदी के बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम है। तीन शुद्धता ग्रेड, सीरियल नंबर और निर्माता की पहचान वाले हॉलमार्क से उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी मिलेगी। धनतेरस से पहले आई यह खबर चांदी खरीदने वालों के लिए राहत भरी है। खरीदारी करते समय हॉलमार्क और पक्के बिल पर जरूर ध्यान दें।
बाजार, उपभोक्ता और आपकी जेब से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
धनतेरस से पहले बड़ा कदम: अब चांदी की ईंट और सिक्कों पर भी हॉलमार्क
धनतेरस और दीपावली पर चांदी के सिक्के और बर्तन खरीदने की परंपरा पूरे देश में है। कानपुर के सराफा बाजारों में भी इन दिनों रौनक बढ़ने लगी है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं के लिए एक अहम खबर आई है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने चांदी की शुद्धता की गारंटी के लिए "सिल्वर रिफाइनरी स्कीम" शुरू की है। इसके तहत चांदी की ईंट (बुलियन) और सिक्कों पर बीआईएस का हॉलमार्क लगाया जा सकेगा। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में विश्व मानक दिवस के कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआत की।
क्या है सिल्वर रिफाइनरी स्कीम
यह योजना सोने के लिए पहले से चल रही गोल्ड रिफाइनरी स्कीम की तर्ज पर बनाई गई है। इसके तहत बीआईएस चांदी की रिफाइनरियों और टकसालों (मिंट) को प्रमाणित करेगा। लाइसेंस देने से पहले बीआईएस उनकी तकनीकी क्षमता, रिफाइनिंग की प्रक्रिया और जांच की सुविधाओं का आकलन करेगा। लाइसेंस मिलने के बाद ये रिफाइनरियां और टकसालें अपनी चांदी की ईंटों और सिक्कों पर बीआईएस हॉलमार्क लगा सकेंगी। सरकार ने इसे चांदी की शुद्धता के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा बताया है।
तीन शुद्धता ग्रेड
योजना के तहत बारीक चांदी (फाइन सिल्वर) की ईंटों और सिक्कों के लिए तीन शुद्धता ग्रेड तय किए गए हैं:
999.9: यानी प्रति हजार भाग में 999.9 भाग शुद्ध चांदी
999.5: प्रति हजार भाग में 999.5 भाग शुद्ध चांदी
999.0: प्रति हजार भाग में 999 भाग शुद्ध चांदी
आसान भाषा में कहें तो 999.0 ग्रेड का मतलब है कि उस चांदी में 99.9 प्रतिशत शुद्ध चांदी है।
हॉलमार्क में क्या-क्या होगा
हॉलमार्क वाली चांदी की ईंट या सिक्के पर ये निशान होंगे:
बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क: बीआईएस का आधिकारिक निशान
"SILVER" शब्द: धातु की पहचान
शुद्धता ग्रेड: जैसे 999.9 या 999.0
निर्माता की पहचान का निशान: किस रिफाइनरी या टकसाल ने बनाया
विशिष्ट सीरियल नंबर: बैच की पहचान और ट्रेसबिलिटी के लिए
इस सीरियल नंबर की मदद से यह पता लगाया जा सकेगा कि चांदी किस बैच की है और कहां बनी है। इससे नकली या कम शुद्धता वाली चांदी बेचने वालों पर लगाम लगेगी।
मंत्री ने क्या कहा
कार्यक्रम में मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा, "क्वालिटी, क्वालिटी और सिर्फ क्वालिटी।" उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा कि प्रभावी उपभोक्ता संरक्षण रोकथाम पर आधारित होना चाहिए, जिसमें मजबूत जांच, डिजिटल प्रवर्तन और अनुरूपता आकलन की अहम भूमिका हो। बीआईएस के महानिदेशक संजय गर्ग ने कहा कि मानक नवाचार, तकनीकी विकास और औद्योगिक ताकत के अहम आधार हैं।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा
चांदी खरीदने वाले ज्यादातर लोग दुकानदार के भरोसे पर ही खरीदारी करते हैं। कई बार उन्हें पता ही नहीं चलता कि जो चांदी वे खरीद रहे हैं, वह कितनी शुद्ध है। हॉलमार्क की व्यवस्था से:
खरीदार को शुद्धता की सरकारी गारंटी मिलेगी।
मिलावटी और नकली चांदी की बिक्री पर रोक लगेगी।
निवेश के लिए चांदी खरीदने वालों का भरोसा बढ़ेगा।
चांदी बेचते समय भी सही कीमत मिलने में आसानी होगी।
ईमानदार कारोबारियों को बाजार में बेहतर पहचान मिलेगी।
चांदी में बढ़ता निवेश
पिछले कुछ वर्षों में चांदी निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरी है। सोने की तुलना में सस्ती होने के कारण आम परिवार भी चांदी के सिक्के और ईंटें खरीदकर बचत करते हैं। उद्योगों में भी चांदी की मांग बढ़ी है, क्योंकि इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई तकनीकी उत्पादों में होता है। ऐसे में चांदी की शुद्धता का प्रमाणन बाजार को और व्यवस्थित बनाएगा।
आभूषणों पर भी हॉलमार्किंग
चांदी के आभूषणों के लिए भी बीआईएस हॉलमार्किंग की व्यवस्था पहले से मौजूद है, जिसमें एचयूआईडी (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर दिया जाता है। मंत्री प्रह्लाद जोशी पहले भी बीआईएस से चांदी की कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की बात कह चुके हैं। नई योजना के बाद अब ईंट और सिक्कों के लिए भी एक व्यवस्थित ढांचा तैयार हो गया है।
धनतेरस पर चांदी खरीदते समय रखें ध्यान
हॉलमार्क देखें: बीआईएस हॉलमार्क वाली चांदी को प्राथमिकता दें।
शुद्धता पूछें: सिक्के या ईंट की शुद्धता ग्रेड के बारे में दुकानदार से साफ जानकारी लें।
पक्का बिल लें: बिल में वजन, शुद्धता, कीमत और मेकिंग चार्ज अलग-अलग लिखवाएं।
वजन जांचें: खरीदते समय अपने सामने वजन कराएं।
बीआईएस केयर ऐप: हॉलमार्क की जानकारी और शिकायत के लिए बीआईएस केयर ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
भरोसेमंद दुकान: पंजीकृत और भरोसेमंद सराफा दुकान से ही खरीदारी करें।
बहुत सस्ते ऑफर से सावधान: बाजार भाव से काफी कम कीमत पर बिक रही चांदी पर शक करें।
कार्यक्रम में और क्या लॉन्च हुआ
विश्व मानक दिवस के कार्यक्रम में बीआईएस ने कई और पहल भी शुरू कीं:
बीआईएस डिजिटल स्टैंडर्ड रीडर: एक वेब प्लेटफॉर्म, जिसमें भारतीय मानकों को आसानी से खोजा और पढ़ा जा सकेगा। इसमें भारतीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा भी होगी।
सात नए भारतीय मानक: इनमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के केबल, पैडल असिस्टेड साइकिल, पहनने योग्य सर्विस रोबोट, बच्चों के लिए पंचकर्म द्रोणी, थेरेप्यूटिक फुटवियर, फ्लेक्सिबल प्लाईवुड और पीवीसी कोटेड फाइबरग्लास कीट जाली से जुड़े मानक शामिल हैं।
मानकीकरण रोडमैप: टिकाऊ कृषि और विनिर्माण के लिए।
कानपुर के सराफा कारोबारियों के लिए
कानपुर के चौक सराफा और दूसरे बाजारों में त्योहारी सीजन में चांदी की भारी बिक्री होती है। कारोबारियों का मानना है कि हॉलमार्क वाली चांदी से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा। हालांकि यह योजना फिलहाल रिफाइनरियों और टकसालों के प्रमाणन से जुड़ी है। इसलिए दुकानदारों को अपने सप्लायरों से हॉलमार्क वाली चांदी की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेनी होगी।
पुरानी चांदी बेचते समय
अगर आप पुरानी चांदी बेच रहे हैं या बदलवा रहे हैं, तो भी सावधानी जरूरी है। दुकानदार से चांदी की शुद्धता की जांच अपने सामने कराने को कहें। कई जगह एक्सआरएफ मशीन से बिना नुकसान के शुद्धता जांची जाती है। वजन और शुद्धता के आधार पर ही कीमत तय होनी चाहिए। हॉलमार्क वाली चांदी बेचते समय उसकी शुद्धता पर विवाद की गुंजाइश कम रहती है।
निष्कर्ष
बीआईएस की सिल्वर रिफाइनरी स्कीम चांदी के बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में अहम कदम है। तीन शुद्धता ग्रेड, सीरियल नंबर और निर्माता की पहचान वाले हॉलमार्क से उपभोक्ताओं को शुद्धता की गारंटी मिलेगी। धनतेरस से पहले आई यह खबर चांदी खरीदने वालों के लिए राहत भरी है। खरीदारी करते समय हॉलमार्क और पक्के बिल पर जरूर ध्यान दें।
बाजार, उपभोक्ता और आपकी जेब से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
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