कानपुर: कपिल देव बोले- 'मैदान हो या जिंदगी, प्लान ए सिर्फ जीत का होना चाहिए', युवाओं को दिए सफलता के मंत्र
Kapil Dev in Kanpur: Plan A should only be about winning
Kanpur Live News Desk ·

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता कपिल देव शुक्रवार 30 अक्टूबर को कानपुर पहुंचे और युवाओं को सफलता के मंत्र दिए। कैंट क्षेत्र के किंग्स्टन लॉन में आईसीआईसीआई बैंक के एक निजी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मैदान हो या जिंदगी, प्लान ए सिर्फ जीत का होना चाहिए, क्योंकि प्लान बी और सी व्यक्ति को कमजोर बनाते हैं।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा मुख्य अतिथि रहे। आरबीआई के पूर्व गवर्नर डॉ. दुव्वुरी सुब्बाराव ने भी निवेश और बैंकिंग क्षेत्र पर अपने विचार रखे।
'प्लान बी और सी बनाते हैं कमजोर'
कपिल देव ने कहा कि खेल हो या जीवन, मुख्य योजना हमेशा जीत की होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "प्लान बी और सी व्यक्ति को कमजोर बनाते हैं।" उनके अनुसार मैदान पर उतरते समय खिलाड़ी के मन में सिर्फ जीतने का इरादा होना चाहिए, बैकअप विकल्प का नहीं। जब मन में पहले से हार का विकल्प मौजूद होता है, तो पूरी ताकत नहीं लगती।
जिंदगी का अनुभव सबसे बड़ा शिक्षक
कपिल देव ने कहा कि 16 साल की उम्र में क्रिकेट खेलने वाला बच्चा दुनिया को सिर्फ खेल की नजर से देखता है। असली जिंदगी के अनुभव ही चुनौतियों का असली मतलब समझाते हैं, और इन चुनौतियों का सामना करने से ही चरित्र बनता है।
'सबसे अच्छा दिन, जिस दिन जन्म हुआ'
अपने जीवन के सबसे अच्छे दिन के बारे में पूछे जाने पर कपिल देव ने कहा कि उनकी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन वह था, जिस दिन उनका जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना उनके लिए खास सम्मान रहा और 1983 में भारत को विश्व कप जिताना उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल है।
युवाओं को संदेश
कपिल देव ने युवाओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य साफ तय करें और पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ आगे बढ़ें।
सेल्फी के लिए उमड़े प्रशंसक
किंग्स्टन लॉन पहुंचते ही कपिल देव को देखने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कानपुर में क्रिकेट के प्रति दीवानगी किसी से छिपी नहीं है और 1983 के विश्व कप हीरो को अपने बीच पाकर लोग उत्साहित नजर आए।
कारोबारी के घर पहुंचे, साथ किया लंच
इससे पहले दोपहर में कपिल देव काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तारुल अमीन के आवास पहुंचे। वहां वे केक लेकर गए और परिवार और करीबियों के साथ दोपहर का भोजन किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
संजय मल्होत्रा: आरबीआई गवर्नर, मुख्य अतिथि। वे आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं।
डॉ. दुव्वुरी सुब्बाराव: आरबीआई के पूर्व गवर्नर (2008 से 2013)।
मुख्तारुल अमीन: काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
जावेद इकबाल: काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष।
आनंद कुमार गुप्ता: डॉल्फिन डेवलपर्स के सीएफओ।
बैंक के ग्राहक और आमंत्रित अतिथि।
आरबीआई गवर्नर का कानपुर से नाता
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है। ऐसे में शहर में उनका आना कानपुर के लिए गौरव की बात रही। आईआईटी कानपुर से निकले कई पूर्व छात्र आज देश और दुनिया में अहम पदों पर हैं।
कौन हैं कपिल देव
पूरा नाम: कपिल देव रामलाल निखंज
जन्म: 6 जनवरी 1959, चंडीगढ़
भूमिका: दाएं हाथ के तेज गेंदबाज और आक्रामक बल्लेबाज, यानी ऑलराउंडर
सबसे बड़ी उपलब्धि: 1983 में भारत को पहला क्रिकेट विश्व कप जिताया
सम्मान: पद्म भूषण समेत कई बड़े सम्मान, 2002 में विजडन ने उन्हें 20वीं सदी का भारत का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना
1983 का ऐतिहासिक विश्व कप
1983 में इंग्लैंड में हुए विश्व कप में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने फाइनल में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार खिताब जीता। इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के खिलाफ 17 रन पर 5 विकेट गिरने के बाद कपिल देव की नाबाद 175 रन की पारी आज भी भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। इस जीत ने भारत में क्रिकेट की तस्वीर बदल दी और देश में क्रिकेट को जन-जन का खेल बना दिया।
कपिल देव के सफलता मंत्र: युवाओं के लिए सीख
कपिल देव की बातों से युवा ये सबक ले सकते हैं:
एक लक्ष्य पर पूरा ध्यान: जब लक्ष्य साफ हो, तो उसे पाने के लिए पूरी ताकत लगाएं।
आत्मविश्वास: खुद पर भरोसा सफलता की पहली सीढ़ी है।
चुनौतियों से न डरें: मुश्किलें ही इंसान को मजबूत बनाती हैं।
अनुभव से सीखें: हर अनुभव, चाहे जीत हो या हार, कुछ न कुछ सिखाता है।
समर्पण: किसी भी क्षेत्र में शिखर तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत जरूरी है।
कानपुर और क्रिकेट का रिश्ता
कानपुर का ग्रीन पार्क स्टेडियम भारत के ऐतिहासिक टेस्ट मैदानों में गिना जाता है, जहां कई यादगार मुकाबले खेले गए हैं। शहर में क्रिकेट का जबरदस्त क्रेज है। कानपुर ने भारतीय टीम को कई क्रिकेटर दिए हैं और यहां की अकादमियों में हजारों बच्चे क्रिकेट सीखते हैं। हाल ही में कानपुर मंडल की अंडर-19 टीम ने प्रदेश स्तरीय विद्यालयीय क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब जीता है। ऐसे में कपिल देव जैसे दिग्गज की बातें शहर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेंगी।
चमड़ा उद्योग से जुड़ाव
कपिल देव का काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के पदाधिकारी के घर जाना कानपुर के चमड़ा उद्योग की अहमियत को भी दिखाता है। कानपुर देश के प्रमुख चमड़ा उत्पादन और निर्यात केंद्रों में से एक है। जाजमऊ और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में टेनरियां हैं और यहां बने चमड़े के उत्पाद दुनियाभर में निर्यात होते हैं।
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निष्कर्ष
कपिल देव का कानपुर दौरा शहर के लोगों और युवाओं के लिए यादगार रहा। उनका संदेश साफ है: लक्ष्य एक हो, इरादा सिर्फ जीत का हो और पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ा जाए। 1983 के विश्व कप हीरो की ये बातें खेल ही नहीं, जिंदगी के हर मैदान में काम आने वाली हैं।
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कानपुर: कपिल देव बोले- 'मैदान हो या जिंदगी, प्लान ए सिर्फ जीत का होना चाहिए', युवाओं को दिए सफलता के मंत्र
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और 1983 विश्व कप विजेता कपिल देव शुक्रवार 30 अक्टूबर को कानपुर पहुंचे और युवाओं को सफलता के मंत्र दिए। कैंट क्षेत्र के किंग्स्टन लॉन में आईसीआईसीआई बैंक के एक निजी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मैदान हो या जिंदगी, प्लान ए सिर्फ जीत का होना चाहिए, क्योंकि प्लान बी और सी व्यक्ति को कमजोर बनाते हैं।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा मुख्य अतिथि रहे। आरबीआई के पूर्व गवर्नर डॉ. दुव्वुरी सुब्बाराव ने भी निवेश और बैंकिंग क्षेत्र पर अपने विचार रखे।
'प्लान बी और सी बनाते हैं कमजोर'
कपिल देव ने कहा कि खेल हो या जीवन, मुख्य योजना हमेशा जीत की होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "प्लान बी और सी व्यक्ति को कमजोर बनाते हैं।" उनके अनुसार मैदान पर उतरते समय खिलाड़ी के मन में सिर्फ जीतने का इरादा होना चाहिए, बैकअप विकल्प का नहीं। जब मन में पहले से हार का विकल्प मौजूद होता है, तो पूरी ताकत नहीं लगती।
जिंदगी का अनुभव सबसे बड़ा शिक्षक
कपिल देव ने कहा कि 16 साल की उम्र में क्रिकेट खेलने वाला बच्चा दुनिया को सिर्फ खेल की नजर से देखता है। असली जिंदगी के अनुभव ही चुनौतियों का असली मतलब समझाते हैं, और इन चुनौतियों का सामना करने से ही चरित्र बनता है।
'सबसे अच्छा दिन, जिस दिन जन्म हुआ'
अपने जीवन के सबसे अच्छे दिन के बारे में पूछे जाने पर कपिल देव ने कहा कि उनकी जिंदगी का सबसे अच्छा दिन वह था, जिस दिन उनका जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना उनके लिए खास सम्मान रहा और 1983 में भारत को विश्व कप जिताना उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल है।
युवाओं को संदेश
कपिल देव ने युवाओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य साफ तय करें और पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ आगे बढ़ें।
सेल्फी के लिए उमड़े प्रशंसक
किंग्स्टन लॉन पहुंचते ही कपिल देव को देखने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कानपुर में क्रिकेट के प्रति दीवानगी किसी से छिपी नहीं है और 1983 के विश्व कप हीरो को अपने बीच पाकर लोग उत्साहित नजर आए।
कारोबारी के घर पहुंचे, साथ किया लंच
इससे पहले दोपहर में कपिल देव काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तारुल अमीन के आवास पहुंचे। वहां वे केक लेकर गए और परिवार और करीबियों के साथ दोपहर का भोजन किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
संजय मल्होत्रा: आरबीआई गवर्नर, मुख्य अतिथि। वे आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं।
डॉ. दुव्वुरी सुब्बाराव: आरबीआई के पूर्व गवर्नर (2008 से 2013)।
मुख्तारुल अमीन: काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
जावेद इकबाल: काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष।
आनंद कुमार गुप्ता: डॉल्फिन डेवलपर्स के सीएफओ।
बैंक के ग्राहक और आमंत्रित अतिथि।
आरबीआई गवर्नर का कानपुर से नाता
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आईआईटी कानपुर से पढ़ाई की है। ऐसे में शहर में उनका आना कानपुर के लिए गौरव की बात रही। आईआईटी कानपुर से निकले कई पूर्व छात्र आज देश और दुनिया में अहम पदों पर हैं।
कौन हैं कपिल देव
पूरा नाम: कपिल देव रामलाल निखंज
जन्म: 6 जनवरी 1959, चंडीगढ़
भूमिका: दाएं हाथ के तेज गेंदबाज और आक्रामक बल्लेबाज, यानी ऑलराउंडर
सबसे बड़ी उपलब्धि: 1983 में भारत को पहला क्रिकेट विश्व कप जिताया
सम्मान: पद्म भूषण समेत कई बड़े सम्मान, 2002 में विजडन ने उन्हें 20वीं सदी का भारत का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना
1983 का ऐतिहासिक विश्व कप
1983 में इंग्लैंड में हुए विश्व कप में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने फाइनल में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार खिताब जीता। इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के खिलाफ 17 रन पर 5 विकेट गिरने के बाद कपिल देव की नाबाद 175 रन की पारी आज भी भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। इस जीत ने भारत में क्रिकेट की तस्वीर बदल दी और देश में क्रिकेट को जन-जन का खेल बना दिया।
कपिल देव के सफलता मंत्र: युवाओं के लिए सीख
कपिल देव की बातों से युवा ये सबक ले सकते हैं:
एक लक्ष्य पर पूरा ध्यान: जब लक्ष्य साफ हो, तो उसे पाने के लिए पूरी ताकत लगाएं।
आत्मविश्वास: खुद पर भरोसा सफलता की पहली सीढ़ी है।
चुनौतियों से न डरें: मुश्किलें ही इंसान को मजबूत बनाती हैं।
अनुभव से सीखें: हर अनुभव, चाहे जीत हो या हार, कुछ न कुछ सिखाता है।
समर्पण: किसी भी क्षेत्र में शिखर तक पहुंचने के लिए लगातार मेहनत जरूरी है।
कानपुर और क्रिकेट का रिश्ता
कानपुर का ग्रीन पार्क स्टेडियम भारत के ऐतिहासिक टेस्ट मैदानों में गिना जाता है, जहां कई यादगार मुकाबले खेले गए हैं। शहर में क्रिकेट का जबरदस्त क्रेज है। कानपुर ने भारतीय टीम को कई क्रिकेटर दिए हैं और यहां की अकादमियों में हजारों बच्चे क्रिकेट सीखते हैं। हाल ही में कानपुर मंडल की अंडर-19 टीम ने प्रदेश स्तरीय विद्यालयीय क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब जीता है। ऐसे में कपिल देव जैसे दिग्गज की बातें शहर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेंगी।
चमड़ा उद्योग से जुड़ाव
कपिल देव का काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के पदाधिकारी के घर जाना कानपुर के चमड़ा उद्योग की अहमियत को भी दिखाता है। कानपुर देश के प्रमुख चमड़ा उत्पादन और निर्यात केंद्रों में से एक है। जाजमऊ और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में टेनरियां हैं और यहां बने चमड़े के उत्पाद दुनियाभर में निर्यात होते हैं।
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अभिषेक शर्मा का तूफानी शतक, भारत ने 3-0 से जीती टी20 सीरीज (लिंक जोड़ें)
निष्कर्ष
कपिल देव का कानपुर दौरा शहर के लोगों और युवाओं के लिए यादगार रहा। उनका संदेश साफ है: लक्ष्य एक हो, इरादा सिर्फ जीत का हो और पूरे आत्मविश्वास से आगे बढ़ा जाए। 1983 के विश्व कप हीरो की ये बातें खेल ही नहीं, जिंदगी के हर मैदान में काम आने वाली हैं।
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