कानपुर: अशोकनगर में बैराज की मुख्य पाइपलाइन फिर फटी, सड़क धंसी, करीब 5,000 घरों में आज नहीं आएगा पानी
Kanpur: barrage main pipeline bursts in Ashoknagar, water cut
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर के अशोकनगर (वार्ड 34) में सोमवार रात करीब 7 बजे बैराज से पानी लाने वाली जल निगम की मुख्य पाइपलाइन फट गई। फातिमा स्कूल के गेट के सामने व्यस्त सड़क पर अचानक पानी के फव्वारे छूटने लगे और सड़क का एक हिस्सा धंस गया।
हजारों लीटर पानी नाले में बह गया। बैराज से पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे मंगलवार सुबह से करीब 5,000 घरों में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी।
एक साल में दूसरी बार फटी लाइन
वार्ड पार्षद पवन गुप्ता के अनुसार इसी जगह पर करीब एक साल पहले भी यही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। यानी एक ही जगह पर दोबारा पाइपलाइन फटना मरम्मत की गुणवत्ता और पाइपलाइन की हालत पर सवाल खड़े करता है।
क्या हुआ सोमवार रात
समय: करीब 7 बजे शाम
स्थान: अशोकनगर, वार्ड 34, फातिमा स्कूल गेट के सामने
पाइपलाइन: बैराज से आने वाली जल निगम की '11 नंबर' मुख्य पाइपलाइन
नुकसान: हजारों लीटर पानी बहा, सड़क का हिस्सा धंसा
ट्रैफिक: सड़क पर जाम, बैरिकेडिंग की गई
असर: करीब 5,000 घरों में पानी की आपूर्ति बाधित
कब तक होगी मरम्मत
जलकल विभाग के अवर अभियंता भोला शंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह से मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा। जोन-4 के अधिशासी अभियंता ईश्वर सिंह ने भी भोला शंकर के साथ मौके का निरीक्षण किया। मरम्मत पूरी होने के बाद ही आपूर्ति सामान्य होगी।
पार्षद ने उठाए सवाल
पार्षद पवन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने जलकल विभाग को सूचना दी, लेकिन सूचना देने के बावजूद रात तक जल निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे।
दक्षिण में पहले से संकट
इससे पहले दक्षिण कानपुर के 25 मोहल्लों में तीन दिन तक पानी की आपूर्ति बाधित रही थी, जहां मंगलवार से आपूर्ति बहाल होनी थी। शहर में बार-बार पाइपलाइन फटने और जलापूर्ति बाधित होने की घटनाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
बार-बार क्यों फटती हैं पाइपलाइनें
पुरानी पाइपलाइनें: शहर की कई मुख्य लाइनें दशकों पुरानी हैं और उनकी हालत कमजोर हो चुकी है।
ज्यादा दबाव: बैराज से आने वाली मुख्य लाइनों में पानी का दबाव बहुत ज्यादा होता है।
सड़क पर भारी वाहन: व्यस्त सड़कों के नीचे बिछी लाइनों पर लगातार भारी वाहनों का दबाव पड़ता है।
खुदाई: सड़क, सीवर, केबल और गैस लाइन बिछाने के लिए होने वाली खुदाई से पाइपलाइन कमजोर होती है।
अस्थायी मरम्मत: कई बार जल्दबाजी में की गई मरम्मत टिकाऊ नहीं होती और उसी जगह से लाइन फिर फट जाती है।
सड़क धंसना भी खतरनाक
पाइपलाइन फटने से सड़क के नीचे की मिट्टी बह जाती है और सड़क धंस जाती है। व्यस्त सड़क पर ऐसा गड्ढा वाहनों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा है, खासकर रात के समय। मरम्मत के बाद सड़क को ठीक से भरकर दोबारा बनाना जरूरी है, वरना कुछ दिन बाद वहां फिर गड्ढा बन सकता है।
लोग क्या करें
पानी स्टोर करें: आपूर्ति बहाल होने तक पीने और जरूरी कामों के लिए पानी बचाकर रखें।
टैंकर की मांग: पानी की ज्यादा किल्लत हो तो जलकल विभाग से टैंकर की मांग करें।
साफ पानी पिएं: पाइपलाइन फटने के बाद आपूर्ति शुरू होने पर कुछ देर तक पानी गंदा आ सकता है। शुरुआती पानी को पीने में इस्तेमाल न करें, उसे बहने दें या उबालकर पिएं।
शिकायत: पानी से जुड़ी शिकायत जलकल विभाग या नगर निगम के कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं।
पानी की बर्बादी भी चिंता
एक तरफ हजारों घर पानी के लिए परेशान हैं, दूसरी तरफ पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर साफ पानी नाले में बह जाता है। ऐसे हादसों में तुरंत आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था और तेज प्रतिक्रिया जरूरी है। जलकल विभाग को रात में भी आपात टीम तैयार रखनी चाहिए।
स्थायी समाधान की जरूरत
पुरानी मुख्य पाइपलाइनों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाए।
जहां बार-बार लाइन फटती है, वहां स्थायी मरम्मत हो।
पाइपलाइन के दबाव की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो।
जल निगम, जलकल विभाग और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल हो, ताकि सूचना मिलते ही टीम पहुंचे।
किन इलाकों पर असर
बैराज से आने वाली इस मुख्य लाइन से अशोकनगर और आसपास के कई मोहल्लों में पानी पहुंचता है। आपूर्ति बंद होने का असर उन सभी इलाकों पर पड़ेगा जो इस लाइन पर निर्भर हैं। जिन घरों में पानी की टंकी या भंडारण की व्यवस्था नहीं है, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी होगी। स्कूल, दुकानें और छोटे कारोबार भी पानी की कमी से प्रभावित हो सकते हैं। प्रभावित इलाकों के लोग अपने पार्षद या जलकल विभाग से टैंकर की व्यवस्था के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
सर्दियों में भी पानी का संकट
आमतौर पर पानी का संकट गर्मियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कानपुर में पाइपलाइन फटने की घटनाएं हर मौसम में लोगों को परेशान करती हैं। त्योहारों के इस मौसम में घरों में साफ-सफाई और मेहमानों के आने-जाने के कारण पानी की जरूरत और बढ़ जाती है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होना लोगों के लिए दोहरी परेशानी है। जलकल विभाग को मरम्मत का काम तेजी से पूरा करना चाहिए और लोगों को यह भी बताना चाहिए कि आपूर्ति कब तक बहाल होगी, ताकि वे अपनी तैयारी कर सकें।
पानी बचाने की आदत
ऐसी घटनाएं यह भी याद दिलाती हैं कि पानी कितना कीमती है। घरों में टपकते नल ठीक कराएं, टंकी भरने के बाद मोटर बंद करें और गाड़ी धोने या आंगन साफ करने में पाइप की जगह बाल्टी का इस्तेमाल करें। छोटी-छोटी आदतों से रोज कई लीटर पानी बचाया जा सकता है।
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निष्कर्ष
अशोकनगर में एक साल के भीतर दूसरी बार मुख्य पाइपलाइन फटना शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है। करीब 5,000 घर पानी के लिए परेशान हैं। जलकल विभाग को जल्द मरम्मत के साथ स्थायी समाधान पर भी काम करना होगा, ताकि लोगों को बार-बार इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
कानपुर की हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
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कानपुर के अशोकनगर (वार्ड 34) में सोमवार रात करीब 7 बजे बैराज से पानी लाने वाली जल निगम की मुख्य पाइपलाइन फट गई। फातिमा स्कूल के गेट के सामने व्यस्त सड़क पर अचानक पानी के फव्वारे छूटने लगे और सड़क का एक हिस्सा धंस गया।
हजारों लीटर पानी नाले में बह गया। बैराज से पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे मंगलवार सुबह से करीब 5,000 घरों में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी।
एक साल में दूसरी बार फटी लाइन
वार्ड पार्षद पवन गुप्ता के अनुसार इसी जगह पर करीब एक साल पहले भी यही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। यानी एक ही जगह पर दोबारा पाइपलाइन फटना मरम्मत की गुणवत्ता और पाइपलाइन की हालत पर सवाल खड़े करता है।
क्या हुआ सोमवार रात
समय: करीब 7 बजे शाम
स्थान: अशोकनगर, वार्ड 34, फातिमा स्कूल गेट के सामने
पाइपलाइन: बैराज से आने वाली जल निगम की '11 नंबर' मुख्य पाइपलाइन
नुकसान: हजारों लीटर पानी बहा, सड़क का हिस्सा धंसा
ट्रैफिक: सड़क पर जाम, बैरिकेडिंग की गई
असर: करीब 5,000 घरों में पानी की आपूर्ति बाधित
कब तक होगी मरम्मत
जलकल विभाग के अवर अभियंता भोला शंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह से मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा। जोन-4 के अधिशासी अभियंता ईश्वर सिंह ने भी भोला शंकर के साथ मौके का निरीक्षण किया। मरम्मत पूरी होने के बाद ही आपूर्ति सामान्य होगी।
पार्षद ने उठाए सवाल
पार्षद पवन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने जलकल विभाग को सूचना दी, लेकिन सूचना देने के बावजूद रात तक जल निगम के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे।
दक्षिण में पहले से संकट
इससे पहले दक्षिण कानपुर के 25 मोहल्लों में तीन दिन तक पानी की आपूर्ति बाधित रही थी, जहां मंगलवार से आपूर्ति बहाल होनी थी। शहर में बार-बार पाइपलाइन फटने और जलापूर्ति बाधित होने की घटनाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
बार-बार क्यों फटती हैं पाइपलाइनें
पुरानी पाइपलाइनें: शहर की कई मुख्य लाइनें दशकों पुरानी हैं और उनकी हालत कमजोर हो चुकी है।
ज्यादा दबाव: बैराज से आने वाली मुख्य लाइनों में पानी का दबाव बहुत ज्यादा होता है।
सड़क पर भारी वाहन: व्यस्त सड़कों के नीचे बिछी लाइनों पर लगातार भारी वाहनों का दबाव पड़ता है।
खुदाई: सड़क, सीवर, केबल और गैस लाइन बिछाने के लिए होने वाली खुदाई से पाइपलाइन कमजोर होती है।
अस्थायी मरम्मत: कई बार जल्दबाजी में की गई मरम्मत टिकाऊ नहीं होती और उसी जगह से लाइन फिर फट जाती है।
सड़क धंसना भी खतरनाक
पाइपलाइन फटने से सड़क के नीचे की मिट्टी बह जाती है और सड़क धंस जाती है। व्यस्त सड़क पर ऐसा गड्ढा वाहनों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा है, खासकर रात के समय। मरम्मत के बाद सड़क को ठीक से भरकर दोबारा बनाना जरूरी है, वरना कुछ दिन बाद वहां फिर गड्ढा बन सकता है।
लोग क्या करें
पानी स्टोर करें: आपूर्ति बहाल होने तक पीने और जरूरी कामों के लिए पानी बचाकर रखें।
टैंकर की मांग: पानी की ज्यादा किल्लत हो तो जलकल विभाग से टैंकर की मांग करें।
साफ पानी पिएं: पाइपलाइन फटने के बाद आपूर्ति शुरू होने पर कुछ देर तक पानी गंदा आ सकता है। शुरुआती पानी को पीने में इस्तेमाल न करें, उसे बहने दें या उबालकर पिएं।
शिकायत: पानी से जुड़ी शिकायत जलकल विभाग या नगर निगम के कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं।
पानी की बर्बादी भी चिंता
एक तरफ हजारों घर पानी के लिए परेशान हैं, दूसरी तरफ पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर साफ पानी नाले में बह जाता है। ऐसे हादसों में तुरंत आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था और तेज प्रतिक्रिया जरूरी है। जलकल विभाग को रात में भी आपात टीम तैयार रखनी चाहिए।
स्थायी समाधान की जरूरत
पुरानी मुख्य पाइपलाइनों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाए।
जहां बार-बार लाइन फटती है, वहां स्थायी मरम्मत हो।
पाइपलाइन के दबाव की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो।
जल निगम, जलकल विभाग और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल हो, ताकि सूचना मिलते ही टीम पहुंचे।
किन इलाकों पर असर
बैराज से आने वाली इस मुख्य लाइन से अशोकनगर और आसपास के कई मोहल्लों में पानी पहुंचता है। आपूर्ति बंद होने का असर उन सभी इलाकों पर पड़ेगा जो इस लाइन पर निर्भर हैं। जिन घरों में पानी की टंकी या भंडारण की व्यवस्था नहीं है, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी होगी। स्कूल, दुकानें और छोटे कारोबार भी पानी की कमी से प्रभावित हो सकते हैं। प्रभावित इलाकों के लोग अपने पार्षद या जलकल विभाग से टैंकर की व्यवस्था के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
सर्दियों में भी पानी का संकट
आमतौर पर पानी का संकट गर्मियों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कानपुर में पाइपलाइन फटने की घटनाएं हर मौसम में लोगों को परेशान करती हैं। त्योहारों के इस मौसम में घरों में साफ-सफाई और मेहमानों के आने-जाने के कारण पानी की जरूरत और बढ़ जाती है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होना लोगों के लिए दोहरी परेशानी है। जलकल विभाग को मरम्मत का काम तेजी से पूरा करना चाहिए और लोगों को यह भी बताना चाहिए कि आपूर्ति कब तक बहाल होगी, ताकि वे अपनी तैयारी कर सकें।
पानी बचाने की आदत
ऐसी घटनाएं यह भी याद दिलाती हैं कि पानी कितना कीमती है। घरों में टपकते नल ठीक कराएं, टंकी भरने के बाद मोटर बंद करें और गाड़ी धोने या आंगन साफ करने में पाइप की जगह बाल्टी का इस्तेमाल करें। छोटी-छोटी आदतों से रोज कई लीटर पानी बचाया जा सकता है।
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अशोकनगर में एक साल के भीतर दूसरी बार मुख्य पाइपलाइन फटना शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है। करीब 5,000 घर पानी के लिए परेशान हैं। जलकल विभाग को जल्द मरम्मत के साथ स्थायी समाधान पर भी काम करना होगा, ताकि लोगों को बार-बार इस परेशानी का सामना न करना पड़े।
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