कानपुर: दिवाली से छठ तक सड़कों पर उतरेंगी परिवहन निगम की सभी 741 बसें, चालक-परिचालकों की छुट्टियां रद्द
Kanpur: all 741 UPSRTC buses to run from Diwali to Chhath
Kanpur Live News Desk ·

दिवाली और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने कानपुर क्षेत्र की सभी 741 बसें सड़क पर उतारने का फैसला किया है। इनमें रिजर्व कोटे की 74 बसें भी शामिल हैं।
त्योहारों के दौरान बेहतर सेवा के लिए चालकों और परिचालकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। वर्कशॉप के कर्मचारी भी ड्यूटी पर रहेंगे और ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
क्या है व्यवस्था
कुल बसें: कानपुर क्षेत्र की सभी 741 बसें, जिनमें रिजर्व की 74 बसें शामिल।
अवधि: दिवाली से छठ पर्व तक।
फेरे: यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे।
छुट्टियां रद्द: चालक और परिचालकों की छुट्टियां रद्द।
वर्कशॉप: वर्कशॉप कर्मचारी भी ड्यूटी पर रहेंगे।
प्रोत्साहन: ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि।
अधिकारी ने क्या कहा
क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि दिवाली से छठ तक सभी बसें चलाई जाएंगी। वर्कशॉप में बसों की खामियां दूर की जा रही हैं, ताकि त्योहार के दौरान कोई बस रास्ते में खराब न हो। उन्होंने बताया कि बसों के फेरे और रूट यात्रियों की संख्या के अनुसार तय किए जाएंगे।
त्योहारों में क्यों बढ़ती है भीड़
कानपुर एक बड़ा औद्योगिक और व्यापारिक शहर है, जहां पूर्वांचल, बिहार, बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के हजारों लोग काम करते हैं। दिवाली और छठ पर ये लोग बड़ी संख्या में अपने घर जाते हैं। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब और दूसरे राज्यों से लौटने वाले यात्री भी कानपुर होकर गुजरते हैं। ऐसे में ट्रेनों में लंबी वेटिंग के बाद रोडवेज बसें यात्रियों का सबसे बड़ा सहारा बनती हैं।
दिवाली और छठ कब
इस साल दीपावली रविवार 8 नवंबर को है। छठ महापर्व दीपावली के करीब छह दिन बाद मनाया जाता है। पूर्वांचल और बिहार के लोगों के लिए छठ सबसे बड़ा त्योहार है और इस दौरान घर जाने वालों की भीड़ सबसे ज्यादा होती है। यात्री छठ की सटीक तारीख अपने स्थानीय पंचांग से पता कर लें।
यात्री रखें इन बातों का ध्यान
समय से पहले पहुंचें: त्योहारों में बस अड्डों पर भारी भीड़ होती है, इसलिए समय से पहले पहुंचें।
ऑनलाइन बुकिंग: जिन बसों में ऑनलाइन आरक्षण की सुविधा है, उनमें यूपीएसआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से पहले से टिकट बुक करें।
टिकट जरूर लें: बिना टिकट यात्रा न करें, हमेशा टिकट लें।
सामान का ध्यान: भीड़ में अपने सामान, पर्स और मोबाइल पर नजर रखें।
अनजान लोगों से सावधान: किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीज न लें।
डग्गामार वाहनों से बचें: निजी अवैध वाहनों में ओवरलोडिंग से हादसों का खतरा रहता है, इसलिए सरकारी या अधिकृत बसों से ही सफर करें।
बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान: भीड़ में बच्चों और बुजुर्गों को साथ रखें।
डग्गामार वाहन बड़ा खतरा
त्योहारों में यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर कई निजी और अवैध वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं और क्षमता से कई गुना ज्यादा सवारियां भरते हैं। ऐसे वाहनों में हादसों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। रोडवेज की सभी बसें चलने से यात्रियों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा और अवैध वाहनों पर निर्भरता कम होगी। परिवहन विभाग और पुलिस को भी इस दौरान डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए।
ट्रेनों में भी भारी भीड़
त्योहारों पर कानपुर सेंट्रल से पूर्वांचल, बिहार और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग रहती है। रेलवे भी इस दौरान त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाता है। यात्री दोनों विकल्पों पर नजर रखें और जल्द से जल्द अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
चालक-परिचालकों की बड़ी भूमिका
त्योहारों में जब पूरा शहर घर पर परिवार के साथ जश्न मनाता है, तब रोडवेज के चालक और परिचालक हजारों लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए सड़क पर रहते हैं। छुट्टियां रद्द होने के बावजूद ये कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाते हैं। अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि उनकी मेहनत की सराहना है। यात्रियों को भी उनके साथ सहयोग और सम्मान से पेश आना चाहिए।
सुरक्षित सफर के लिए जरूरी
बसों की फिटनेस, ब्रेक और लाइट की जांच हो।
लंबे रूट पर चालकों को पर्याप्त आराम मिले, ताकि थकान से हादसे न हों।
बसों में क्षमता से ज्यादा सवारियां न बैठाई जाएं।
बस अड्डों पर पीने के पानी, शौचालय और बैठने की व्यवस्था हो।
बस अड्डों पर पूछताछ केंद्र और पुलिस सहायता बूथ सक्रिय रहें।
बस अड्डों पर व्यवस्था
कानपुर में झकरकटी अंतरराज्यीय बस अड्डा और दूसरे बस स्टेशनों पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है। बस अड्डों पर पूछताछ काउंटर, बसों की समय सारणी के डिस्प्ले बोर्ड और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। यात्रियों को बसों के प्लेटफॉर्म और समय की सही जानकारी मिले, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
महिला यात्रियों की सुरक्षा
भीड़ के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। किसी भी परेशानी में महिलाएं 1090 वीमेन पावर लाइन या आपात सेवा 112 पर संपर्क कर सकती हैं। बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का सम्मान करें।
वापसी की भी योजना बनाएं
त्योहार के बाद लौटते समय भी भारी भीड़ होती है। इसलिए घर जाते समय ही वापसी की योजना बना लें और जहां संभव हो, वापसी का टिकट पहले से बुक कर लें।
शिकायत कहां करें
बस में किसी परेशानी, ज्यादा किराया वसूलने या दुर्व्यवहार की शिकायत परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय या निगम के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है। शिकायत करते समय बस का नंबर और समय जरूर नोट करें।
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निष्कर्ष
दिवाली से छठ तक कानपुर क्षेत्र की सभी 741 बसें चलाने का परिवहन निगम का फैसला त्योहार पर घर जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। यात्री अपनी यात्रा पहले से तय करें, सरकारी बसों से सफर करें और अवैध वाहनों से बचें, ताकि त्योहार की खुशियां सुरक्षित रहें।
कानपुर की ट्रैफिक और यात्रा से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
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त्योहारों के दौरान बेहतर सेवा के लिए चालकों और परिचालकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। वर्कशॉप के कर्मचारी भी ड्यूटी पर रहेंगे और ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
क्या है व्यवस्था
कुल बसें: कानपुर क्षेत्र की सभी 741 बसें, जिनमें रिजर्व की 74 बसें शामिल।
अवधि: दिवाली से छठ पर्व तक।
फेरे: यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार फेरे बढ़ाए जाएंगे।
छुट्टियां रद्द: चालक और परिचालकों की छुट्टियां रद्द।
वर्कशॉप: वर्कशॉप कर्मचारी भी ड्यूटी पर रहेंगे।
प्रोत्साहन: ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि।
अधिकारी ने क्या कहा
क्षेत्रीय प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि दिवाली से छठ तक सभी बसें चलाई जाएंगी। वर्कशॉप में बसों की खामियां दूर की जा रही हैं, ताकि त्योहार के दौरान कोई बस रास्ते में खराब न हो। उन्होंने बताया कि बसों के फेरे और रूट यात्रियों की संख्या के अनुसार तय किए जाएंगे।
त्योहारों में क्यों बढ़ती है भीड़
कानपुर एक बड़ा औद्योगिक और व्यापारिक शहर है, जहां पूर्वांचल, बिहार, बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के हजारों लोग काम करते हैं। दिवाली और छठ पर ये लोग बड़ी संख्या में अपने घर जाते हैं। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब और दूसरे राज्यों से लौटने वाले यात्री भी कानपुर होकर गुजरते हैं। ऐसे में ट्रेनों में लंबी वेटिंग के बाद रोडवेज बसें यात्रियों का सबसे बड़ा सहारा बनती हैं।
दिवाली और छठ कब
इस साल दीपावली रविवार 8 नवंबर को है। छठ महापर्व दीपावली के करीब छह दिन बाद मनाया जाता है। पूर्वांचल और बिहार के लोगों के लिए छठ सबसे बड़ा त्योहार है और इस दौरान घर जाने वालों की भीड़ सबसे ज्यादा होती है। यात्री छठ की सटीक तारीख अपने स्थानीय पंचांग से पता कर लें।
यात्री रखें इन बातों का ध्यान
समय से पहले पहुंचें: त्योहारों में बस अड्डों पर भारी भीड़ होती है, इसलिए समय से पहले पहुंचें।
ऑनलाइन बुकिंग: जिन बसों में ऑनलाइन आरक्षण की सुविधा है, उनमें यूपीएसआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से पहले से टिकट बुक करें।
टिकट जरूर लें: बिना टिकट यात्रा न करें, हमेशा टिकट लें।
सामान का ध्यान: भीड़ में अपने सामान, पर्स और मोबाइल पर नजर रखें।
अनजान लोगों से सावधान: किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीज न लें।
डग्गामार वाहनों से बचें: निजी अवैध वाहनों में ओवरलोडिंग से हादसों का खतरा रहता है, इसलिए सरकारी या अधिकृत बसों से ही सफर करें।
बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान: भीड़ में बच्चों और बुजुर्गों को साथ रखें।
डग्गामार वाहन बड़ा खतरा
त्योहारों में यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर कई निजी और अवैध वाहन मनमाना किराया वसूलते हैं और क्षमता से कई गुना ज्यादा सवारियां भरते हैं। ऐसे वाहनों में हादसों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। रोडवेज की सभी बसें चलने से यात्रियों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा और अवैध वाहनों पर निर्भरता कम होगी। परिवहन विभाग और पुलिस को भी इस दौरान डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए।
ट्रेनों में भी भारी भीड़
त्योहारों पर कानपुर सेंट्रल से पूर्वांचल, बिहार और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग रहती है। रेलवे भी इस दौरान त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाता है। यात्री दोनों विकल्पों पर नजर रखें और जल्द से जल्द अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
चालक-परिचालकों की बड़ी भूमिका
त्योहारों में जब पूरा शहर घर पर परिवार के साथ जश्न मनाता है, तब रोडवेज के चालक और परिचालक हजारों लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए सड़क पर रहते हैं। छुट्टियां रद्द होने के बावजूद ये कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाते हैं। अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि उनकी मेहनत की सराहना है। यात्रियों को भी उनके साथ सहयोग और सम्मान से पेश आना चाहिए।
सुरक्षित सफर के लिए जरूरी
बसों की फिटनेस, ब्रेक और लाइट की जांच हो।
लंबे रूट पर चालकों को पर्याप्त आराम मिले, ताकि थकान से हादसे न हों।
बसों में क्षमता से ज्यादा सवारियां न बैठाई जाएं।
बस अड्डों पर पीने के पानी, शौचालय और बैठने की व्यवस्था हो।
बस अड्डों पर पूछताछ केंद्र और पुलिस सहायता बूथ सक्रिय रहें।
बस अड्डों पर व्यवस्था
कानपुर में झकरकटी अंतरराज्यीय बस अड्डा और दूसरे बस स्टेशनों पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है। बस अड्डों पर पूछताछ काउंटर, बसों की समय सारणी के डिस्प्ले बोर्ड और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। यात्रियों को बसों के प्लेटफॉर्म और समय की सही जानकारी मिले, ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
महिला यात्रियों की सुरक्षा
भीड़ के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। किसी भी परेशानी में महिलाएं 1090 वीमेन पावर लाइन या आपात सेवा 112 पर संपर्क कर सकती हैं। बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का सम्मान करें।
वापसी की भी योजना बनाएं
त्योहार के बाद लौटते समय भी भारी भीड़ होती है। इसलिए घर जाते समय ही वापसी की योजना बना लें और जहां संभव हो, वापसी का टिकट पहले से बुक कर लें।
शिकायत कहां करें
बस में किसी परेशानी, ज्यादा किराया वसूलने या दुर्व्यवहार की शिकायत परिवहन निगम के क्षेत्रीय कार्यालय या निगम के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है। शिकायत करते समय बस का नंबर और समय जरूर नोट करें।
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दिवाली 2026: 8 नवंबर को मनेगी दीपावली (लिंक जोड़ें)
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निष्कर्ष
दिवाली से छठ तक कानपुर क्षेत्र की सभी 741 बसें चलाने का परिवहन निगम का फैसला त्योहार पर घर जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। यात्री अपनी यात्रा पहले से तय करें, सरकारी बसों से सफर करें और अवैध वाहनों से बचें, ताकि त्योहार की खुशियां सुरक्षित रहें।
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