अक्टूबर से दिसंबर तक गांव-शहर में लगेंगे बैंक कैंप, जनधन से बीमा तक की सुविधा
Finance Ministry's financial inclusion saturation campaign: bank camps across 2.7 lakh panchayats and urban bodies till Decembe
Kanpur Live News Desk ·

बैंकिंग और सरकारी वित्तीय योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्रालय का "वित्तीय समावेशन योजनाओं का संतृप्ति अभियान" 21 अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत देशभर की 2.7 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में लोग जनधन खाता खुलवाने, बीमा और पेंशन योजनाओं से जुड़ने, केवाईसी अपडेट कराने और किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने जैसे काम एक ही जगह करा सकेंगे।
कैंप में क्या-क्या होगा
1. नए खाते: प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बिना बैंक खाते वाले लोगों के जीरो बैलेंस बचत खाते खोले जाएंगे।
2. बीमा और पेंशन में नामांकन:
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई): कम प्रीमियम पर जीवन बीमा
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई): कम प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा
अटल पेंशन योजना (एपीवाई): असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए बुढ़ापे की पेंशन
3. री-केवाईसी: जनधन और दूसरे बचत खातों की केवाईसी दोबारा अपडेट की जाएगी।
4. आधार सीडिंग: पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के लिए आधार जोड़ा जाएगा।
5. सी-केवाईसी आईडी: जहां लंबित है, वहां सेंट्रल केवाईसी आईडी बनाई जाएगी।
6. नॉमिनेशन अपडेट: बचत खातों और लॉकरों में नामांकन अपडेट किया जाएगा।
7. फसल बीमा: रबी सीजन से पहले किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन।
8. किसान क्रेडिट कार्ड: पीएम-किसान के पात्र लाभार्थियों के लिए केसीसी आवेदन लिए जाएंगे।
9. जागरूकता: डिजिटल धोखाधड़ी और वित्तीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
"आपकी पूंजी, आपका अधिकार"
इस अभियान का एक अहम हिस्सा लावारिस (अनक्लेम्ड) जमा राशि से जुड़ा है। "आपकी पूंजी, आपका अधिकार" थीम के तहत लोगों को बताया जाएगा कि वे अपनी या अपने परिजनों की भूली हुई जमा राशि कैसे वापस पा सकते हैं। देश के बैंकों में बड़ी मात्रा में ऐसा पैसा पड़ा है, जिसका कोई दावेदार नहीं है। कई बार लोग पुराने खाते भूल जाते हैं या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उनके खातों की जानकारी परिजनों को नहीं होती।
रिजर्व बैंक का उद्गम (यूडीजीएएम) पोर्टल ऐसी लावारिस जमा राशि खोजने में मदद करता है। कैंप में इसकी जानकारी और दावा करने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
प्रमुख योजनाओं की जानकारी
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 18 से 50 वर्ष के बैंक खाताधारक इससे जुड़ सकते हैं। इसमें किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नामांकित व्यक्ति को 2 लाख रुपये का बीमा मिलता है। सालाना प्रीमियम बहुत कम है और बैंक खाते से अपने आप कट जाता है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 18 से 70 वर्ष के खाताधारकों के लिए दुर्घटना बीमा योजना है। दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा मिलता है। इसका सालाना प्रीमियम भी बेहद कम है।
अटल पेंशन योजना: 18 से 40 वर्ष के लोग इससे जुड़ सकते हैं। 60 वर्ष की उम्र के बाद योगदान के हिसाब से 1,000 से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन मिलती है।
नोट: प्रीमियम और पात्रता से जुड़ी ताजा जानकारी कैंप या बैंक शाखा से जरूर लें।
री-केवाईसी क्यों जरूरी
रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंक खातों की केवाईसी समय-समय पर अपडेट करनी होती है। केवाईसी अपडेट न होने पर खाते से लेनदेन पर रोक लग सकती है। ऐसे में सरकारी योजनाओं का पैसा, जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति या किसान सम्मान निधि, खाते में आने के बावजूद निकालने में परेशानी हो सकती है। कैंप में री-केवाईसी कराकर इस परेशानी से बचा जा सकता है।
नॉमिनेशन है जरूरी
बहुत से लोग बैंक खाते या लॉकर में नॉमिनी का नाम नहीं जोड़ते। खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को पैसा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नॉमिनेशन होने पर यह प्रक्रिया आसान हो जाती है। कैंप में नॉमिनेशन अपडेट कराने की सुविधा का लाभ जरूर लें।
किसानों के लिए खास
रबी सीजन शुरू होने वाला है। इस समय किसानों के लिए फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड बेहद उपयोगी हैं।
फसल बीमा: प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से फसल खराब होने पर मुआवजा मिलता है।
किसान क्रेडिट कार्ड: खेती के लिए कम ब्याज पर कर्ज मिलता है। समय पर भुगतान करने पर ब्याज में अतिरिक्त छूट भी मिलती है।
कैंप में क्या लेकर जाएं
आधार कार्ड
पैन कार्ड (यदि हो)
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर (आधार से जुड़ा हो तो बेहतर)
पुराने बैंक खाते की पासबुक
किसानों के लिए खतौनी या जमीन के कागज
नॉमिनी की जानकारी
डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव
कैंपों में लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी बताए जाएंगे। याद रखें:
अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
बैंक कभी फोन पर आपकी निजी जानकारी नहीं मांगता।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनजान ऐप डाउनलोड न करें।
"डिजिटल अरेस्ट" जैसी धमकी वाली कॉल से डरें नहीं, यह ठगी का तरीका है।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
कानपुर के लोगों के लिए
कानपुर नगर और कानपुर देहात की ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में भी ये कैंप लगाए जाएंगे। कैंप की तारीख और जगह की जानकारी के लिए अपने नजदीकी बैंक शाखा, ग्राम प्रधान या नगर निगम कार्यालय से संपर्क करें।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खास फायदा
ग्रामीण इलाकों में कई महिलाओं और बुजुर्गों का अब तक अपना बैंक खाता नहीं है या उनके खाते निष्क्रिय पड़े हैं। ऐसे कैंप उनके लिए बड़ा मौका हैं, क्योंकि उन्हें बैंक शाखा तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपना बैंक खाता होने से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे उनके खाते में आएगा और वे आर्थिक रूप से ज्यादा आत्मनिर्भर बनेंगी। परिवार के युवा सदस्य उन्हें कैंप तक ले जाकर इस प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष
वित्त मंत्रालय का यह अभियान बैंकिंग और सरकारी वित्तीय योजनाओं को हर दरवाजे तक पहुंचाने की बड़ी कोशिश है। बेहद कम प्रीमियम पर बीमा, बुढ़ापे की पेंशन, किसानों के लिए कर्ज और फसल बीमा, ये सब एक ही कैंप में मिलेंगे। अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के साथ कैंप में जरूर जाएं और इन योजनाओं का लाभ उठाएं।
बैंकिंग, योजनाओं और आपकी जेब से जुड़ी हर खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ जुड़े रहें।
अक्टूबर से दिसंबर तक गांव-शहर में लगेंगे बैंक कैंप, जनधन से बीमा तक की सुविधा
बैंकिंग और सरकारी वित्तीय योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। वित्त मंत्रालय का "वित्तीय समावेशन योजनाओं का संतृप्ति अभियान" 21 अक्टूबर 2026 से दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत देशभर की 2.7 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में लोग जनधन खाता खुलवाने, बीमा और पेंशन योजनाओं से जुड़ने, केवाईसी अपडेट कराने और किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने जैसे काम एक ही जगह करा सकेंगे।
कैंप में क्या-क्या होगा
1. नए खाते: प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत बिना बैंक खाते वाले लोगों के जीरो बैलेंस बचत खाते खोले जाएंगे।
2. बीमा और पेंशन में नामांकन:
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई): कम प्रीमियम पर जीवन बीमा
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई): कम प्रीमियम पर दुर्घटना बीमा
अटल पेंशन योजना (एपीवाई): असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए बुढ़ापे की पेंशन
3. री-केवाईसी: जनधन और दूसरे बचत खातों की केवाईसी दोबारा अपडेट की जाएगी।
4. आधार सीडिंग: पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के लिए आधार जोड़ा जाएगा।
5. सी-केवाईसी आईडी: जहां लंबित है, वहां सेंट्रल केवाईसी आईडी बनाई जाएगी।
6. नॉमिनेशन अपडेट: बचत खातों और लॉकरों में नामांकन अपडेट किया जाएगा।
7. फसल बीमा: रबी सीजन से पहले किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन।
8. किसान क्रेडिट कार्ड: पीएम-किसान के पात्र लाभार्थियों के लिए केसीसी आवेदन लिए जाएंगे।
9. जागरूकता: डिजिटल धोखाधड़ी और वित्तीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
"आपकी पूंजी, आपका अधिकार"
इस अभियान का एक अहम हिस्सा लावारिस (अनक्लेम्ड) जमा राशि से जुड़ा है। "आपकी पूंजी, आपका अधिकार" थीम के तहत लोगों को बताया जाएगा कि वे अपनी या अपने परिजनों की भूली हुई जमा राशि कैसे वापस पा सकते हैं। देश के बैंकों में बड़ी मात्रा में ऐसा पैसा पड़ा है, जिसका कोई दावेदार नहीं है। कई बार लोग पुराने खाते भूल जाते हैं या परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उनके खातों की जानकारी परिजनों को नहीं होती।
रिजर्व बैंक का उद्गम (यूडीजीएएम) पोर्टल ऐसी लावारिस जमा राशि खोजने में मदद करता है। कैंप में इसकी जानकारी और दावा करने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
प्रमुख योजनाओं की जानकारी
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 18 से 50 वर्ष के बैंक खाताधारक इससे जुड़ सकते हैं। इसमें किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नामांकित व्यक्ति को 2 लाख रुपये का बीमा मिलता है। सालाना प्रीमियम बहुत कम है और बैंक खाते से अपने आप कट जाता है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 18 से 70 वर्ष के खाताधारकों के लिए दुर्घटना बीमा योजना है। दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा मिलता है। इसका सालाना प्रीमियम भी बेहद कम है।
अटल पेंशन योजना: 18 से 40 वर्ष के लोग इससे जुड़ सकते हैं। 60 वर्ष की उम्र के बाद योगदान के हिसाब से 1,000 से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन मिलती है।
नोट: प्रीमियम और पात्रता से जुड़ी ताजा जानकारी कैंप या बैंक शाखा से जरूर लें।
री-केवाईसी क्यों जरूरी
रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंक खातों की केवाईसी समय-समय पर अपडेट करनी होती है। केवाईसी अपडेट न होने पर खाते से लेनदेन पर रोक लग सकती है। ऐसे में सरकारी योजनाओं का पैसा, जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति या किसान सम्मान निधि, खाते में आने के बावजूद निकालने में परेशानी हो सकती है। कैंप में री-केवाईसी कराकर इस परेशानी से बचा जा सकता है।
नॉमिनेशन है जरूरी
बहुत से लोग बैंक खाते या लॉकर में नॉमिनी का नाम नहीं जोड़ते। खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को पैसा पाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। नॉमिनेशन होने पर यह प्रक्रिया आसान हो जाती है। कैंप में नॉमिनेशन अपडेट कराने की सुविधा का लाभ जरूर लें।
किसानों के लिए खास
रबी सीजन शुरू होने वाला है। इस समय किसानों के लिए फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड बेहद उपयोगी हैं।
फसल बीमा: प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से फसल खराब होने पर मुआवजा मिलता है।
किसान क्रेडिट कार्ड: खेती के लिए कम ब्याज पर कर्ज मिलता है। समय पर भुगतान करने पर ब्याज में अतिरिक्त छूट भी मिलती है।
कैंप में क्या लेकर जाएं
आधार कार्ड
पैन कार्ड (यदि हो)
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर (आधार से जुड़ा हो तो बेहतर)
पुराने बैंक खाते की पासबुक
किसानों के लिए खतौनी या जमीन के कागज
नॉमिनी की जानकारी
डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव
कैंपों में लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी बताए जाएंगे। याद रखें:
अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
बैंक कभी फोन पर आपकी निजी जानकारी नहीं मांगता।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनजान ऐप डाउनलोड न करें।
"डिजिटल अरेस्ट" जैसी धमकी वाली कॉल से डरें नहीं, यह ठगी का तरीका है।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
कानपुर के लोगों के लिए
कानपुर नगर और कानपुर देहात की ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में भी ये कैंप लगाए जाएंगे। कैंप की तारीख और जगह की जानकारी के लिए अपने नजदीकी बैंक शाखा, ग्राम प्रधान या नगर निगम कार्यालय से संपर्क करें।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खास फायदा
ग्रामीण इलाकों में कई महिलाओं और बुजुर्गों का अब तक अपना बैंक खाता नहीं है या उनके खाते निष्क्रिय पड़े हैं। ऐसे कैंप उनके लिए बड़ा मौका हैं, क्योंकि उन्हें बैंक शाखा तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपना बैंक खाता होने से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे उनके खाते में आएगा और वे आर्थिक रूप से ज्यादा आत्मनिर्भर बनेंगी। परिवार के युवा सदस्य उन्हें कैंप तक ले जाकर इस प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं।
निष्कर्ष
वित्त मंत्रालय का यह अभियान बैंकिंग और सरकारी वित्तीय योजनाओं को हर दरवाजे तक पहुंचाने की बड़ी कोशिश है। बेहद कम प्रीमियम पर बीमा, बुढ़ापे की पेंशन, किसानों के लिए कर्ज और फसल बीमा, ये सब एक ही कैंप में मिलेंगे। अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के साथ कैंप में जरूर जाएं और इन योजनाओं का लाभ उठाएं।
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