महेंद्र सिंह तंवर बने कानपुर नगर के 59वें जिलाधिकारी, पहले ही दिन कलेक्ट्रेट का निरीक्षण
Mahendra Singh Tanwar takes charge as Kanpur Nagar's 59th District Magistrate
Kanpur Live News Desk ·

कानपुर नगर को नया जिलाधिकारी मिल गया है। आईएएस अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जिले की प्रशासनिक कमान संभाल ली है। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
कोषागार में ग्रहण किया कार्यभार
नवागत जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कोषागार में कानपुर नगर के 59वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय लिया, फिर परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न पटलों और कार्यालयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
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प्रशासनिक परंपरा के अनुसार नया जिलाधिकारी कोषागार (ट्रेजरी) में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करता है। इसके बाद वह जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सभी विभागों के समन्वय, कानून-व्यवस्था, राजस्व और विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है।
प्राथमिकता: अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ
कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में पत्रकारों से बात की और अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनसमस्याओं का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर नगर की जरूरतों को समझते हुए विकास कार्यों और जनसुविधाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा, शासन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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2015 बैच के आईएएस, कानपुर तीसरा जिला
महेंद्र सिंह तंवर 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और जिलाधिकारी के रूप में कानपुर नगर उनका तीसरा जिला है। इससे पहले वह संतकबीरनगर और कुशीनगर में डीएम रह चुके हैं।
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अपने करियर में वह गाजियाबाद के नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी तैनात रहे हैं, साथ ही एटा और बहराइच में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
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उनका यह अनुभव कानपुर जैसे बड़े शहर के लिए अहम माना जा रहा है। गाजियाबाद में नगर आयुक्त के रूप में शहरी प्रबंधन और गोरखपुर विकास प्राधिकरण में शहरी विकास का अनुभव, कानपुर की शहरी चुनौतियों जैसे यातायात, सफाई, जलभराव और नियोजित विकास में उपयोगी हो सकता है।
कलेक्ट्रेट के पटलों पर पहुंचकर लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अलग-अलग पटलों और कार्यालयों में जाकर कामकाज, अभिलेखों के रखरखाव और मामलों के निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली, और अभिलेखों को व्यवस्थित रखने व साफ-सफाई बेहतर करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि सरकारी काम समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाए जाएं, और कार्यालय आने वाले लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण हो।
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निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, आईएएस संदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ सिंह और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नए डीएम के सामने क्या होंगी चुनौतियां
कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर और प्रदेश के सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में से एक है। नए जिलाधिकारी के सामने कई अहम काम होंगे:
बारिश और जलभराव: इन दिनों शहर में लगातार बारिश हो रही है। जलभराव वाले इलाकों में राहत और आपदा प्रबंधन की तैयारी अहम रहेगी।
त्योहारी सीजन: नवरात्र, दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था।
सड़क मरम्मत: नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय से सड़कों की मरम्मत को गति देना।
स्वास्थ्य: बारिश के बाद डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम।
जनसुनवाई: तहसील दिवस, समाधान दिवस और आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण।
विकास परियोजनाएं: मेट्रो विस्तार समेत शहर में चल रही परियोजनाओं की निगरानी।
जिलाधिकारी की भूमिका क्या होती है
जिलाधिकारी जिले का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। उसके पास राजस्व प्रशासन, जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकार, आपदा प्रबंधन, चुनाव संचालन में जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका, और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी जैसी कई जिम्मेदारियां होती हैं। जिले के लगभग सभी विभागों के बीच तालमेल बिठाना भी डीएम की अहम जिम्मेदारी है। कानपुर नगर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, इसलिए यहां शहरी क्षेत्र की पुलिसिंग पुलिस कमिश्नर के अधीन है, जबकि राजस्व, विकास और प्रशासनिक समन्वय का जिम्मा जिलाधिकारी के पास है।
आम लोग डीएम तक कैसे पहुंचाएं अपनी बात
कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में सीधे पहुंचकर शिकायत दें।
तहसील स्तर पर होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराएं।
आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें और उसका स्टेटस ट्रैक करें।
शिकायत के साथ जरूरी दस्तावेजों की प्रति और अपना मोबाइल नंबर जरूर दें।
शहरवासियों को उम्मीदें
नए जिलाधिकारी की ओर से जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शिता को प्राथमिकता बताए जाने से शहरवासियों में उम्मीद है कि सरकारी दफ्तरों में लंबित मामलों का निपटारा तेज होगा। आने वाले दिनों में उनकी कार्यशैली और फैसलों पर शहर की नजर रहेगी।
कानपुर प्रशासन से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ बने रहें।
महेंद्र सिंह तंवर बने कानपुर नगर के 59वें जिलाधिकारी, पहले ही दिन कलेक्ट्रेट का निरीक्षण
कानपुर नगर को नया जिलाधिकारी मिल गया है। आईएएस अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जिले की प्रशासनिक कमान संभाल ली है। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए।
कोषागार में ग्रहण किया कार्यभार
नवागत जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कोषागार में कानपुर नगर के 59वें जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय लिया, फिर परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न पटलों और कार्यालयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
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प्रशासनिक परंपरा के अनुसार नया जिलाधिकारी कोषागार (ट्रेजरी) में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण करता है। इसके बाद वह जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सभी विभागों के समन्वय, कानून-व्यवस्था, राजस्व और विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है।
प्राथमिकता: अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ
कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में पत्रकारों से बात की और अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जनसमस्याओं का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर नगर की जरूरतों को समझते हुए विकास कार्यों और जनसुविधाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा, शासन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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2015 बैच के आईएएस, कानपुर तीसरा जिला
महेंद्र सिंह तंवर 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और जिलाधिकारी के रूप में कानपुर नगर उनका तीसरा जिला है। इससे पहले वह संतकबीरनगर और कुशीनगर में डीएम रह चुके हैं।
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अपने करियर में वह गाजियाबाद के नगर आयुक्त, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और शाहजहांपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी तैनात रहे हैं, साथ ही एटा और बहराइच में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
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उनका यह अनुभव कानपुर जैसे बड़े शहर के लिए अहम माना जा रहा है। गाजियाबाद में नगर आयुक्त के रूप में शहरी प्रबंधन और गोरखपुर विकास प्राधिकरण में शहरी विकास का अनुभव, कानपुर की शहरी चुनौतियों जैसे यातायात, सफाई, जलभराव और नियोजित विकास में उपयोगी हो सकता है।
कलेक्ट्रेट के पटलों पर पहुंचकर लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अलग-अलग पटलों और कार्यालयों में जाकर कामकाज, अभिलेखों के रखरखाव और मामलों के निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली, और अभिलेखों को व्यवस्थित रखने व साफ-सफाई बेहतर करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि सरकारी काम समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाए जाएं, और कार्यालय आने वाले लोगों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण हो।
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निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, आईएएस संदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ सिंह और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विवेक चतुर्वेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नए डीएम के सामने क्या होंगी चुनौतियां
कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर और प्रदेश के सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में से एक है। नए जिलाधिकारी के सामने कई अहम काम होंगे:
बारिश और जलभराव: इन दिनों शहर में लगातार बारिश हो रही है। जलभराव वाले इलाकों में राहत और आपदा प्रबंधन की तैयारी अहम रहेगी।
त्योहारी सीजन: नवरात्र, दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था।
सड़क मरम्मत: नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय से सड़कों की मरम्मत को गति देना।
स्वास्थ्य: बारिश के बाद डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम।
जनसुनवाई: तहसील दिवस, समाधान दिवस और आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण।
विकास परियोजनाएं: मेट्रो विस्तार समेत शहर में चल रही परियोजनाओं की निगरानी।
जिलाधिकारी की भूमिका क्या होती है
जिलाधिकारी जिले का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है। उसके पास राजस्व प्रशासन, जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकार, आपदा प्रबंधन, चुनाव संचालन में जिला निर्वाचन अधिकारी की भूमिका, और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी जैसी कई जिम्मेदारियां होती हैं। जिले के लगभग सभी विभागों के बीच तालमेल बिठाना भी डीएम की अहम जिम्मेदारी है। कानपुर नगर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है, इसलिए यहां शहरी क्षेत्र की पुलिसिंग पुलिस कमिश्नर के अधीन है, जबकि राजस्व, विकास और प्रशासनिक समन्वय का जिम्मा जिलाधिकारी के पास है।
आम लोग डीएम तक कैसे पहुंचाएं अपनी बात
कलेक्ट्रेट में होने वाली जनसुनवाई में सीधे पहुंचकर शिकायत दें।
तहसील स्तर पर होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराएं।
आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें और उसका स्टेटस ट्रैक करें।
शिकायत के साथ जरूरी दस्तावेजों की प्रति और अपना मोबाइल नंबर जरूर दें।
शहरवासियों को उम्मीदें
नए जिलाधिकारी की ओर से जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शिता को प्राथमिकता बताए जाने से शहरवासियों में उम्मीद है कि सरकारी दफ्तरों में लंबित मामलों का निपटारा तेज होगा। आने वाले दिनों में उनकी कार्यशैली और फैसलों पर शहर की नजर रहेगी।
कानपुर प्रशासन से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए कानपुर लाइव के साथ बने रहें।
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