ब्रेकिंग न्यूज़
Kanpur Municipal Corporation to Collect Fees from 2,500 Hoardings Across City, Seven-Day Deadline Given | Lucknow Airport Security Scare: Live Cartridge Found in Bags of Two Nepali Women During Screening | India vs Afghanistan T20I Series to Use FIFA World Cup-Grade Broadcast Technology at Delhi's Arun Jaitley Stadium | Sensex Bounces Back with 497-Point Surge, Rupee Strengthens as Market Recovers from Five-Day Slide | UP Cabinet Minister Announces Cashless Treatment and Uniform Allowance for PRD Jawans | Rishabh Pant Creates History with 100 Test Sixes — Fastest Ever to the Landmark | Dhamaal 4 Box Office: Ajay Devgn, Arshad Warsi's Comedy Sequel Makes Strong Comeback | Iran Declares "Fully Offensive" Military Posture as Ceasefire Talks Collapse, Oil Tops $90 a Barrel
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur
Back to Home

UP News: 69 Children Went Missing from Lucknow in Three Years, Search Continues

kanpur - Mon Aug 10

UP News: 69 Children Went Missing from Lucknow in Three Years, Search Continues
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बीते तीन वर्षों में करीब 69 बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इनमें से कई बच्चे घर से निकलने के बाद कभी वापस नहीं लौटे, जिससे उनके परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इनमें से कुछ मामलों में बच्चों को ढूंढ लिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में बच्चे अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ज्यादातर मामलों में यह देखा गया कि बच्चे या तो घर से किसी वजह से नाराज होकर निकले थे, या फिर उन्हें किसी बहकावे में लाकर ले जाया गया। परिजनों की पीड़ा लापता बच्चों के परिजनों का कहना है कि पुलिस थानों के लगातार चक्कर काटने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाती। कई परिवारों ने बताया कि शुरुआती दिनों में तो पुलिस सक्रियता दिखाती है, लेकिन समय बीतने के साथ मामलों की गंभीरता कम होती चली जाती है। बाल सुरक्षा विशेषज्ञों की राय बाल अधिकार संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में तेजी से कार्रवाई बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती 24 से 48 घंटे बच्चे को सुरक्षित ढूंढने के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उनका सुझाव है कि हर थाने में बाल सुरक्षा से जुड़ा एक विशेष प्रकोष्ठ होना चाहिए, जो सिर्फ ऐसे मामलों पर काम करे। तकनीक का इस्तेमाल पुलिस विभाग अब बच्चों की तलाश में सीसीटीवी नेटवर्क, फेस रिकग्निशन तकनीक और सोशल मीडिया की मदद ले रहा है। कई मामलों में इन्हीं तकनीकों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बरामद भी किया जा चुका है। कानपुर के लिए सबक कानपुर जैसे बड़े शहर में भी अभिभावकों को इस रिपोर्ट से सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को अजनबियों से बातचीत को लेकर जागरूक करें, स्कूल आने-जाने के रूट पर नजर रखें और किसी भी असामान्य व्यवहार पर तुरंत ध्यान दें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लापता बच्चे से जुड़ी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

यूपी न्यूज़: तीन साल में राजधानी से 69 मासूम लापता, तलाश में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बीते तीन वर्षों में करीब 69 बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इनमें से कई बच्चे घर से निकलने के बाद कभी वापस नहीं लौटे, जिससे उनके परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इनमें से कुछ मामलों में बच्चों को ढूंढ लिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में बच्चे अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ज्यादातर मामलों में यह देखा गया कि बच्चे या तो घर से किसी वजह से नाराज होकर निकले थे, या फिर उन्हें किसी बहकावे में लाकर ले जाया गया। परिजनों की पीड़ा लापता बच्चों के परिजनों का कहना है कि पुलिस थानों के लगातार चक्कर काटने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाती। कई परिवारों ने बताया कि शुरुआती दिनों में तो पुलिस सक्रियता दिखाती है, लेकिन समय बीतने के साथ मामलों की गंभीरता कम होती चली जाती है। बाल सुरक्षा विशेषज्ञों की राय बाल अधिकार संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में तेजी से कार्रवाई बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती 24 से 48 घंटे बच्चे को सुरक्षित ढूंढने के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उनका सुझाव है कि हर थाने में बाल सुरक्षा से जुड़ा एक विशेष प्रकोष्ठ होना चाहिए, जो सिर्फ ऐसे मामलों पर काम करे। तकनीक का इस्तेमाल पुलिस विभाग अब बच्चों की तलाश में सीसीटीवी नेटवर्क, फेस रिकग्निशन तकनीक और सोशल मीडिया की मदद ले रहा है। कई मामलों में इन्हीं तकनीकों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बरामद भी किया जा चुका है। कानपुर के लिए सबक कानपुर जैसे बड़े शहर में भी अभिभावकों को इस रिपोर्ट से सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को अजनबियों से बातचीत को लेकर जागरूक करें, स्कूल आने-जाने के रूट पर नजर रखें और किसी भी असामान्य व्यवहार पर तुरंत ध्यान दें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी लापता बच्चे से जुड़ी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
UP News: 69 Children Went Missing from Lucknow in Three Years, Search Continues | Kanpur Live | Kanpur Live