UP IAS Conflict: Rinku Singh Rahi Reveals 'Threats and Inducements' — Submits 17-Point Response, Cold Storage Row Intensifies
kanpur - Fri Jul 10

उत्तर प्रदेश में एक IAS अधिकारी और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। IAS officer रिंकू सिंह राही ने एक 17-बिंदु का विस्तृत जवाब सौंपा है जिसमें उन्होंने 'धमकी और प्रलोभन' के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला एक cold storage विवाद से जुड़ा है जो अब UP bureaucracy में बड़ा controversy बन चुका है।
मामला क्या है:
Orai जिले में एक cold storage से जुड़े मामले में IAS officer रिंकू सिंह राही ने एक decision लिया था जो कुछ नेताओं और businessmen को पसंद नहीं आया। इसके बाद उन पर दबाव डाला गया।
राही ने अपने 17-बिंदु के जवाब में कहा है कि उन्हें decision बदलने के लिए धमकियां दी गईं। साथ ही तरह-तरह के प्रलोभन भी दिए गए। लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया।
IAS officers पर दबाव की बढ़ती घटनाएं:
UP में यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी honest IAS officer को राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा हो। Bureaucracy और political class के बीच tension की ऐसी घटनाएं आम नागरिकों के लिए governance को प्रभावित करती हैं।
जब honest officers को काम करने नहीं दिया जाता तो development रुकती है और corruption बढ़ती है।
विपक्ष का हमला:
SP और Congress ने इस मामले पर BJP सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि honest officers की आवाज दबाई जा रही है।
UP IAS विवाद: रिंकू सिंह राही ने खोला 'धमकी और प्रलोभन' का राज — 17 बिंदुओं में सौंपा जवाब, कोल्ड स्टोरेज विवाद गरमाया
उत्तर प्रदेश में एक IAS अधिकारी और सत्ता प्रतिष्ठान के बीच का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। IAS officer रिंकू सिंह राही ने एक 17-बिंदु का विस्तृत जवाब सौंपा है जिसमें उन्होंने 'धमकी और प्रलोभन' के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला एक cold storage विवाद से जुड़ा है जो अब UP bureaucracy में बड़ा controversy बन चुका है।
मामला क्या है:
Orai जिले में एक cold storage से जुड़े मामले में IAS officer रिंकू सिंह राही ने एक decision लिया था जो कुछ नेताओं और businessmen को पसंद नहीं आया। इसके बाद उन पर दबाव डाला गया।
राही ने अपने 17-बिंदु के जवाब में कहा है कि उन्हें decision बदलने के लिए धमकियां दी गईं। साथ ही तरह-तरह के प्रलोभन भी दिए गए। लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया।
IAS officers पर दबाव की बढ़ती घटनाएं:
UP में यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी honest IAS officer को राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा हो। Bureaucracy और political class के बीच tension की ऐसी घटनाएं आम नागरिकों के लिए governance को प्रभावित करती हैं।
जब honest officers को काम करने नहीं दिया जाता तो development रुकती है और corruption बढ़ती है।
विपक्ष का हमला:
SP और Congress ने इस मामले पर BJP सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि honest officers की आवाज दबाई जा रही है।