ब्रेकिंग न्यूज़
Kanpur Municipal Corporation to Collect Fees from 2,500 Hoardings Across City, Seven-Day Deadline Given | Lucknow Airport Security Scare: Live Cartridge Found in Bags of Two Nepali Women During Screening | India vs Afghanistan T20I Series to Use FIFA World Cup-Grade Broadcast Technology at Delhi's Arun Jaitley Stadium | Sensex Bounces Back with 497-Point Surge, Rupee Strengthens as Market Recovers from Five-Day Slide | UP Cabinet Minister Announces Cashless Treatment and Uniform Allowance for PRD Jawans | Rishabh Pant Creates History with 100 Test Sixes — Fastest Ever to the Landmark | Dhamaal 4 Box Office: Ajay Devgn, Arshad Warsi's Comedy Sequel Makes Strong Comeback | Iran Declares "Fully Offensive" Military Posture as Ceasefire Talks Collapse, Oil Tops $90 a Barrel
K
Kanpur.live
कानपुर की आवाज़ | Voice of Kanpur
Back to Home

UP Cyber Cell Busts Online Fraud Racket, Warns Citizens Against Digital Payment Scams

crime - Sat Aug 15

UP Cyber Cell Busts Online Fraud Racket, Warns Citizens Against Digital Payment Scams
उत्तर प्रदेश साइबर सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लंबे समय से फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट और फोन कॉल के जरिए आम नागरिकों को अपना निशाना बना रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी योजनाओं का प्रतिनिधि या ई-कॉमर्स कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। पीड़ितों को ओटीपी साझा करने, फर्जी लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता था, जिसके बाद उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरोह ने अलग-अलग राज्यों के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया, और इस तरह करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह के पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है, और आगे की जांच में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कानपुर में भी सतर्कता बढ़ी इस गिरफ्तारी के बाद कानपुर पुलिस ने भी शहर में साइबर धोखाधड़ी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल पर तुरंत भरोसा न करें, खासकर जब उसमें बैंक खाते, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही हो। साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को यह समझना बेहद जरूरी है कि कोई भी असली बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन या मैसेज के जरिए ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगती। आम नागरिकों के लिए सुरक्षा सुझाव पुलिस विभाग ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। इनमें अनजान नंबरों से आए लिंक पर क्लिक न करना, केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करना, नियमित रूप से अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट जांचना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) पर देना शामिल है। पुलिस ने खासतौर पर बुजुर्गों और डिजिटल भुगतान में नए लोगों को इस तरह के धोखाधड़ी के प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह वर्ग अक्सर इस तरह के गिरोहों का आसान निशाना बनता है। व्यापारियों के लिए भी चेतावनी साइबर सेल ने व्यापारियों को भी सतर्क किया है, खासतौर पर उन लोगों को जो ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल भुगतान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। पुलिस का कहना है कि व्यापारियों को अपने भुगतान गेटवे और क्यूआर कोड की नियमित रूप से जांच करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ का समय रहते पता चल सके। जांच एजेंसियों का समन्वय इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया है, क्योंकि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ पाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अंतरराज्यीय समन्वय से भविष्य में इस तरह के गिरोहों पर और प्रभावी ढंग से नकेल कसी जा सकेगी। डिजिटल साक्षरता की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने का सबसे कारगर तरीका डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना है। कई सामाजिक संगठन और स्कूल-कॉलेज अब छात्रों और आम नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, ताकि लोग खुद इस तरह के खतरों को पहचान सकें और उनसे बच सकें। आगे की कार्रवाई पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, जांच एजेंसियां पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने की दिशा में भी काम कर रही हैं। कानपुर लाइव साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर लगातार नजर बनाए रखेगा, ताकि पाठक सतर्क और सुरक्षित रह सकें।

यूपी साइबर सेल ने पकड़ा ऑनलाइन धोखाधड़ी गिरोह, डिजिटल भुगतान घोटालों से सतर्क रहने की सलाह

उत्तर प्रदेश साइबर सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लंबे समय से फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट और फोन कॉल के जरिए आम नागरिकों को अपना निशाना बना रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी योजनाओं का प्रतिनिधि या ई-कॉमर्स कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। पीड़ितों को ओटीपी साझा करने, फर्जी लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता था, जिसके बाद उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरोह ने अलग-अलग राज्यों के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया, और इस तरह करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान गिरोह के पूरे नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है, और आगे की जांच में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कानपुर में भी सतर्कता बढ़ी इस गिरफ्तारी के बाद कानपुर पुलिस ने भी शहर में साइबर धोखाधड़ी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल पर तुरंत भरोसा न करें, खासकर जब उसमें बैंक खाते, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही हो। साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को यह समझना बेहद जरूरी है कि कोई भी असली बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन या मैसेज के जरिए ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगती। आम नागरिकों के लिए सुरक्षा सुझाव पुलिस विभाग ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। इनमें अनजान नंबरों से आए लिंक पर क्लिक न करना, केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करना, नियमित रूप से अपने बैंक खातों की स्टेटमेंट जांचना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन (1930) पर देना शामिल है। पुलिस ने खासतौर पर बुजुर्गों और डिजिटल भुगतान में नए लोगों को इस तरह के धोखाधड़ी के प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि यह वर्ग अक्सर इस तरह के गिरोहों का आसान निशाना बनता है। व्यापारियों के लिए भी चेतावनी साइबर सेल ने व्यापारियों को भी सतर्क किया है, खासतौर पर उन लोगों को जो ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल भुगतान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। पुलिस का कहना है कि व्यापारियों को अपने भुगतान गेटवे और क्यूआर कोड की नियमित रूप से जांच करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ का समय रहते पता चल सके। जांच एजेंसियों का समन्वय इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया है, क्योंकि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ पाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अंतरराज्यीय समन्वय से भविष्य में इस तरह के गिरोहों पर और प्रभावी ढंग से नकेल कसी जा सकेगी। डिजिटल साक्षरता की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने का सबसे कारगर तरीका डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना है। कई सामाजिक संगठन और स्कूल-कॉलेज अब छात्रों और आम नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, ताकि लोग खुद इस तरह के खतरों को पहचान सकें और उनसे बच सकें। आगे की कार्रवाई पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, जांच एजेंसियां पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने की दिशा में भी काम कर रही हैं। कानपुर लाइव साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर लगातार नजर बनाए रखेगा, ताकि पाठक सतर्क और सुरक्षित रह सकें।