Parliament Monsoon Session Uproar Continues Opposition Aggressive on Ram Mandir Donation Embezzlement PM Modi Says 7.7 Percent Growth Despite West Asia Crisis is Matter of Pride
national - Sat Jul 25

भारतीय संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामेदार बना हुआ है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जिनमें अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन का मामला सबसे चर्चा में है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की 7.7 प्रतिशत की विकास दर को देश के लिए गर्व की बात बताया है।
राम मंदिर चंदा गबन का मुद्दा:
Congress सांसद KC वेणुगोपाल ने लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुए कथित गबन के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। यह मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं ने चंदा दिया था।
विपक्ष का आरोप है कि इस पवित्र कार्य के लिए इकट्ठा किए गए धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता की कमी रही है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। सरकार और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सारा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से रखा गया है।
NEET Paper Leak पर भी जारी है हंगामा:
राम मंदिर मुद्दे के साथ-साथ NEET परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और देशभर में हुए student protests पर भी विपक्ष सरकार को घेर रहा है। CPI सांसद P संदोष कुमार ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया है, जिसमें शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
E-20 पेट्रोल नीति पर भी सवाल:
एक और मुद्दा जो संसद में गूंज रहा है वो है E-20 पेट्रोल नीति। विपक्ष का कहना है कि इस नीति को लेकर आम जनता में कई तरह की भ्रांतियां और चिंताएं हैं, जिन्हें सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
PM Modi का बयान — 7.7% Growth Rate:
इन सभी विवादों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, जो देश के लिए बेहद गर्व की बात है।
PM Modi ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने राष्ट्रीय मंच, अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र और यहां तक कि अंतरिक्ष में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचा था, जो देश के लिए गर्व का पल था।
Cauvery Dam विवाद भी संसद में:
DMK ने Parliamentary Business Advisory Committee की बैठक में कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में कावेरी नदी पर प्रस्तावित बांध के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए समय देने की मांग की है। यह मुद्दा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से जल विवाद का हिस्सा रहा है।
FCRA Amendment Bill पर भी विरोध:
Parliamentary Business Advisory Committee की बैठक में DMK ने FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act में प्रस्तावित संशोधन बिल को एजेंडे में शामिल करने का भी विरोध किया है।
सरकार का रुख:
सरकार का कहना है कि वो सभी मुद्दों पर संसद में सार्थक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को व्यवस्थित तरीके से सदन चलने देना चाहिए ताकि जनहित के मुद्दों पर उचित बहस हो सके।
कानपुर और UP के लिए relevance:
संसद में उठ रहे यह सभी मुद्दे — चाहे वो NEET का मामला हो, राम मंदिर चंदे का विवाद हो या E-20 नीति — सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश और कानपुर के नागरिकों को प्रभावित करते हैं। खासकर NEET का मुद्दा प्रदेश के lakhs medical aspirants के लिए बेहद संवेदनशील है।
आगे का घटनाक्रम:
मानसून सत्र अभी काफी लंबा चलना बाकी है, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों पर सदन में गहन चर्चा होगी। लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
संसद के मानसून सत्र में हंगामा जारी — राम मंदिर चंदा गबन मामले पर विपक्ष आक्रामक, PM मोदी बोले पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की 7.7% विकास दर गर्व की बात
भारतीय संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामेदार बना हुआ है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जिनमें अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन का मामला सबसे चर्चा में है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत की 7.7 प्रतिशत की विकास दर को देश के लिए गर्व की बात बताया है।
राम मंदिर चंदा गबन का मुद्दा:
Congress सांसद KC वेणुगोपाल ने लोकसभा में अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुए कथित गबन के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। यह मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं ने चंदा दिया था।
विपक्ष का आरोप है कि इस पवित्र कार्य के लिए इकट्ठा किए गए धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता की कमी रही है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। सरकार और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सारा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से रखा गया है।
NEET Paper Leak पर भी जारी है हंगामा:
राम मंदिर मुद्दे के साथ-साथ NEET परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और देशभर में हुए student protests पर भी विपक्ष सरकार को घेर रहा है। CPI सांसद P संदोष कुमार ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया है, जिसमें शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
E-20 पेट्रोल नीति पर भी सवाल:
एक और मुद्दा जो संसद में गूंज रहा है वो है E-20 पेट्रोल नीति। विपक्ष का कहना है कि इस नीति को लेकर आम जनता में कई तरह की भ्रांतियां और चिंताएं हैं, जिन्हें सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
PM Modi का बयान — 7.7% Growth Rate:
इन सभी विवादों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, जो देश के लिए बेहद गर्व की बात है।
PM Modi ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने राष्ट्रीय मंच, अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र और यहां तक कि अंतरिक्ष में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचा था, जो देश के लिए गर्व का पल था।
Cauvery Dam विवाद भी संसद में:
DMK ने Parliamentary Business Advisory Committee की बैठक में कर्नाटक द्वारा मेकेदातु में कावेरी नदी पर प्रस्तावित बांध के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए समय देने की मांग की है। यह मुद्दा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच लंबे समय से जल विवाद का हिस्सा रहा है।
FCRA Amendment Bill पर भी विरोध:
Parliamentary Business Advisory Committee की बैठक में DMK ने FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act में प्रस्तावित संशोधन बिल को एजेंडे में शामिल करने का भी विरोध किया है।
सरकार का रुख:
सरकार का कहना है कि वो सभी मुद्दों पर संसद में सार्थक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को व्यवस्थित तरीके से सदन चलने देना चाहिए ताकि जनहित के मुद्दों पर उचित बहस हो सके।
कानपुर और UP के लिए relevance:
संसद में उठ रहे यह सभी मुद्दे — चाहे वो NEET का मामला हो, राम मंदिर चंदे का विवाद हो या E-20 नीति — सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश और कानपुर के नागरिकों को प्रभावित करते हैं। खासकर NEET का मुद्दा प्रदेश के lakhs medical aspirants के लिए बेहद संवेदनशील है।
आगे का घटनाक्रम:
मानसून सत्र अभी काफी लंबा चलना बाकी है, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इन सभी मुद्दों पर सदन में गहन चर्चा होगी। लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।