Kanpur Police Pick Up Youth in Private Vehicle, Beat Him Brutally — Family Makes Serious Allegations, Video Goes Viral
crime - Sun Jul 12

कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ पुलिसकर्मी एक private car में आए, युवक को जबरदस्ती बिठाया और ले गए। जब वो घर वापस आया तो पूरे शरीर पर मार के निशान थे।
परिवार ने बताया कि न कोई notice था, न कोई official आदेश, न कोई FIR। बस अचानक पुलिसकर्मी आए और युवक को उठा ले गए। परिवार समझ नहीं पाया कि क्या हो रहा है।
वीडियो वायरल:
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह युवक को private vehicle में ले जाया गया। वीडियो देखने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।
यह कानूनी रूप से गलत है:
किसी को भी बिना warrant, बिना FIR के और private vehicle में उठाकर ले जाना पूरी तरह illegal है। यह भारतीय संविधान के Article 21 — Right to Life and Personal Liberty — का सीधा उल्लंघन है।
पुलिस को किसी को भी हिरासत में लेने से पहले legal procedure follow करना होता है। Official police vehicle में ले जाना होता है। Arrest memo बनाना होता है। परिवार को सूचित करना होता है।
इनमें से कुछ भी नहीं हुआ।
क्या कार्रवाई हुई:
SP को शिकायत दी गई है। Departmental inquiry के आदेश दिए गए हैं। लेकिन परिवार का कहना है कि सिर्फ inquiry से काम नहीं चलेगा — दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज होनी चाहिए।
बढ़ते Police Brutality के मामले:
UP में police brutality के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हर बार inquiry होती है, कुछ दिन बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा।
UP में police brutality के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। Private vehicle में उठाकर पीटना — यह न सिर्फ illegal है बल्कि human rights का उल्लंघन है। NHRC और UP Human Rights Commission को ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखनी चाहिए
पुलिस ने अभी तक कोई official बयान नहीं दिया है। SP से शिकायत की गई है और जांच के आदेश दिए गए हैं।
शिवराजपुर पुलिस ने युवक को निजी गाड़ी में उठाकर बर्बरता से पीटा — परिवार ने लगाया गंभीर आरोप, वीडियो वायरल
कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ पुलिसकर्मी एक private car में आए, युवक को जबरदस्ती बिठाया और ले गए। जब वो घर वापस आया तो पूरे शरीर पर मार के निशान थे।
परिवार ने बताया कि न कोई notice था, न कोई official आदेश, न कोई FIR। बस अचानक पुलिसकर्मी आए और युवक को उठा ले गए। परिवार समझ नहीं पाया कि क्या हो रहा है।
वीडियो वायरल:
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह युवक को private vehicle में ले जाया गया। वीडियो देखने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।
यह कानूनी रूप से गलत है:
किसी को भी बिना warrant, बिना FIR के और private vehicle में उठाकर ले जाना पूरी तरह illegal है। यह भारतीय संविधान के Article 21 — Right to Life and Personal Liberty — का सीधा उल्लंघन है।
पुलिस को किसी को भी हिरासत में लेने से पहले legal procedure follow करना होता है। Official police vehicle में ले जाना होता है। Arrest memo बनाना होता है। परिवार को सूचित करना होता है।
इनमें से कुछ भी नहीं हुआ।
क्या कार्रवाई हुई:
SP को शिकायत दी गई है। Departmental inquiry के आदेश दिए गए हैं। लेकिन परिवार का कहना है कि सिर्फ inquiry से काम नहीं चलेगा — दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज होनी चाहिए।
बढ़ते Police Brutality के मामले:
UP में police brutality के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हर बार inquiry होती है, कुछ दिन बाद मामला ठंडा पड़ जाता है। जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा।
UP में police brutality के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। Private vehicle में उठाकर पीटना — यह न सिर्फ illegal है बल्कि human rights का उल्लंघन है। NHRC और UP Human Rights Commission को ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखनी चाहिए
पुलिस ने अभी तक कोई official बयान नहीं दिया है। SP से शिकायत की गई है और जांच के आदेश दिए गए हैं।