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crime - Wed Jun 24

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कानपुर के ग्वालटोली इलाके में हुए चर्चित लेम्बोर्गिनी हादसे में एक नया मोड़ आया है। कानपुर की एक अदालत ने पुलिस के रिमांड आवेदन को खारिज कर दिया है, जिससे इस मामले के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को अस्थायी राहत मिली है। क्या है पूरा मामला? कुछ दिन पहले कानपुर के ग्वालटोली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार अनियंत्रित होकर राहगीरों, दोपहिया वाहनों और एक ऑटोरिक्शा से टकरा गई थी। इस हादसे में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद पता चला कि लेम्बोर्गिनी कार एक प्रमुख तंबाकू व्यापारी के बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे। शुरुआत में शिवम मिश्रा का नाम FIR से गायब था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ। बाद में विवाद बढ़ने पर पुलिस ने उनका नाम FIR में जोड़ा। कोर्ट का फैसला मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। लेकिन कानपुर की अदालत ने पुलिस का यह रिमांड आवेदन खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से शिवम मिश्रा को तत्काल राहत मिली है, हालांकि मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस की जांच अभी जारी है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सोशल मीडिया पर गुस्सा इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी को लोगों को रौंदते हुए देखा जा सकता था। वीडियो सामने आने के बाद पूरे शहर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी। लोगों ने सोशल मीडिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लखनऊ में भी हुई ऐसी घटना इसी तरह की एक घटना लखनऊ में भी हुई, जहां कानपुर लेम्बोर्गिनी केस के सिर्फ पांच दिन बाद एक 12वीं के छात्र ने कार से एक 6 साल के बच्चे को रौंद दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और रईसजादों की लापरवाही को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इन घटनाओं के बाद सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेज रफ्तार वाहन चलाना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि यह दूसरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ भी है। उनका कहना है कि शहरी क्षेत्रों में स्पीड कैमरे और नियमित जांच से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। आगे क्या होगा? पुलिस के रिमांड आवेदन खारिज होने के बावजूद यह मामला अदालत में जारी रहेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घायलों की स्थिति के बारे में अभी तक कोई अपडेट नहीं आई है। Kanpur Live इस मामले पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नई जानकारी मिलेगी, आपको अपडेट किया जाएगा। शहरवासियों की मांग कानपुर के नागरिकों ने मांग की है कि शहर में रात के समय तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नजर रखी जाए और ऐसे हादसों में किसी के साथ भी कोई रियायत न बरती जाए। कानपुर की Crime & Law खबरों के लिए Kanpur Live पढ़ते रहें।

कानपुर लेम्बोर्गिनी केस: कोर्ट ने पुलिस रिमांड आवेदन किया खारिज, आरोपी शिवम मिश्रा को मिली बड़ी राहत

कानपुर के ग्वालटोली इलाके में हुए चर्चित लेम्बोर्गिनी हादसे में एक नया मोड़ आया है। कानपुर की एक अदालत ने पुलिस के रिमांड आवेदन को खारिज कर दिया है, जिससे इस मामले के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को अस्थायी राहत मिली है। क्या है पूरा मामला? कुछ दिन पहले कानपुर के ग्वालटोली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार अनियंत्रित होकर राहगीरों, दोपहिया वाहनों और एक ऑटोरिक्शा से टकरा गई थी। इस हादसे में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद पता चला कि लेम्बोर्गिनी कार एक प्रमुख तंबाकू व्यापारी के बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे। शुरुआत में शिवम मिश्रा का नाम FIR से गायब था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ। बाद में विवाद बढ़ने पर पुलिस ने उनका नाम FIR में जोड़ा। कोर्ट का फैसला मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। लेकिन कानपुर की अदालत ने पुलिस का यह रिमांड आवेदन खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले से शिवम मिश्रा को तत्काल राहत मिली है, हालांकि मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस की जांच अभी जारी है और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सोशल मीडिया पर गुस्सा इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी को लोगों को रौंदते हुए देखा जा सकता था। वीडियो सामने आने के बाद पूरे शहर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी। लोगों ने सोशल मीडिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लखनऊ में भी हुई ऐसी घटना इसी तरह की एक घटना लखनऊ में भी हुई, जहां कानपुर लेम्बोर्गिनी केस के सिर्फ पांच दिन बाद एक 12वीं के छात्र ने कार से एक 6 साल के बच्चे को रौंद दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और रईसजादों की लापरवाही को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इन घटनाओं के बाद सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेज रफ्तार वाहन चलाना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि यह दूसरों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ भी है। उनका कहना है कि शहरी क्षेत्रों में स्पीड कैमरे और नियमित जांच से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। आगे क्या होगा? पुलिस के रिमांड आवेदन खारिज होने के बावजूद यह मामला अदालत में जारी रहेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घायलों की स्थिति के बारे में अभी तक कोई अपडेट नहीं आई है। Kanpur Live इस मामले पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नई जानकारी मिलेगी, आपको अपडेट किया जाएगा। शहरवासियों की मांग कानपुर के नागरिकों ने मांग की है कि शहर में रात के समय तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नजर रखी जाए और ऐसे हादसों में किसी के साथ भी कोई रियायत न बरती जाए। कानपुर की Crime & Law खबरों के लिए Kanpur Live पढ़ते रहें।