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crime - Thu Jun 25

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लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने भी शहर में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। KDA ने कानपुर के काकादेव इलाके में स्थित 22 कोचिंग सेंटरों सहित कुल 32 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया है। क्यों हुई यह कार्रवाई? लखनऊ में हाल ही में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। उस हादसे के बाद से पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी जांच शुरू हो गई है। इसी कड़ी में KDA की टीम ने काकादेव क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया और पाया कि बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक भवन बिना उचित फायर सेफ्टी इंतजाम के चल रहे थे। क्या-क्या खामियां मिलीं? जांच के दौरान इन भवनों में कई गंभीर उल्लंघन पाए गए: फायर एग्जिट नहीं — कई इमारतों में आपातकालीन निकास द्वार नहीं थे अग्निशमन यंत्र अनुपस्थित — अधिकतर भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं थे अवैध निर्माण — कई जगह अतिरिक्त मंजिलें बिना अनुमति के बनाई गई थीं बिजली की खामियां — ओवरलोडेड वायरिंग और खराब बिजली फिटिंग अग्निशमन NOC नहीं — इनमें से अधिकतर के पास फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था अग्निशमन विभाग की जांच इसके साथ ही कानपुर के अग्निशमन विभाग ने भी 22 कोचिंग सेंटरों में अलग से चेकिंग अभियान चलाया। इस जांच में भी कई खामियां सामने आईं। विभाग की ओर से संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। छात्रों और अभिभावकों में चिंता इस कार्रवाई के बाद काकादेव और आसपास के इलाकों में कोचिंग पढ़ने वाले हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई कोचिंग सेंटर बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। एक अभिभावक ने कहा कि यह जांच बहुत जरूरी थी — बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। कोचिंग सेंटर संचालकों की प्रतिक्रिया कुछ कोचिंग सेंटर संचालकों ने बताया कि उन्हें अपनी कमियां दूर करने के लिए कुछ समय दिया जाए। उनका कहना है कि वे जल्द से जल्द सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लेंगे। आगे क्या होगा? KDA और अग्निशमन विभाग की ओर से बताया गया है कि जब तक संबंधित भवनों में सभी फायर सेफ्टी मानक पूरे नहीं हो जाते, तब तक सील नहीं खोली जाएगी। इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी यह अभियान जारी रहेगा। छात्रों के लिए सलाह अगर आप किसी कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे हैं तो यह जांच जरूर करें: क्या वहां फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं? क्या इमरजेंसी एग्जिट दरवाजा है? क्या बिजली की फिटिंग सही है? अपनी सुरक्षा के बारे में जागरूक रहें। कानपुर की ताज़ा खबरों के लिए Kanpur Live पढ़ते रहें।

KDA की बड़ी कार्रवाई — काकादेव के 22 कोचिंग सेंटर सहित 32 व्यावसायिक भवन सील, फायर सेफ्टी उल्लंघन पाए गए

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने भी शहर में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। KDA ने कानपुर के काकादेव इलाके में स्थित 22 कोचिंग सेंटरों सहित कुल 32 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया है। क्यों हुई यह कार्रवाई? लखनऊ में हाल ही में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। उस हादसे के बाद से पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी जांच शुरू हो गई है। इसी कड़ी में KDA की टीम ने काकादेव क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया और पाया कि बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक भवन बिना उचित फायर सेफ्टी इंतजाम के चल रहे थे। क्या-क्या खामियां मिलीं? जांच के दौरान इन भवनों में कई गंभीर उल्लंघन पाए गए: फायर एग्जिट नहीं — कई इमारतों में आपातकालीन निकास द्वार नहीं थे अग्निशमन यंत्र अनुपस्थित — अधिकतर भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं थे अवैध निर्माण — कई जगह अतिरिक्त मंजिलें बिना अनुमति के बनाई गई थीं बिजली की खामियां — ओवरलोडेड वायरिंग और खराब बिजली फिटिंग अग्निशमन NOC नहीं — इनमें से अधिकतर के पास फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था अग्निशमन विभाग की जांच इसके साथ ही कानपुर के अग्निशमन विभाग ने भी 22 कोचिंग सेंटरों में अलग से चेकिंग अभियान चलाया। इस जांच में भी कई खामियां सामने आईं। विभाग की ओर से संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। छात्रों और अभिभावकों में चिंता इस कार्रवाई के बाद काकादेव और आसपास के इलाकों में कोचिंग पढ़ने वाले हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई कोचिंग सेंटर बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। एक अभिभावक ने कहा कि यह जांच बहुत जरूरी थी — बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए। कोचिंग सेंटर संचालकों की प्रतिक्रिया कुछ कोचिंग सेंटर संचालकों ने बताया कि उन्हें अपनी कमियां दूर करने के लिए कुछ समय दिया जाए। उनका कहना है कि वे जल्द से जल्द सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लेंगे। आगे क्या होगा? KDA और अग्निशमन विभाग की ओर से बताया गया है कि जब तक संबंधित भवनों में सभी फायर सेफ्टी मानक पूरे नहीं हो जाते, तब तक सील नहीं खोली जाएगी। इसके अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी यह अभियान जारी रहेगा। छात्रों के लिए सलाह अगर आप किसी कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे हैं तो यह जांच जरूर करें: क्या वहां फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं? क्या इमरजेंसी एग्जिट दरवाजा है? क्या बिजली की फिटिंग सही है? अपनी सुरक्षा के बारे में जागरूक रहें। कानपुर की ताज़ा खबरों के लिए Kanpur Live पढ़ते रहें।