Kanpur Food Safety Raid: 13 Suspicious Samples Found, Goods Worth ₹75,000 Destroyed
kanpur - Fri Jun 19

कानपुर नगर के दादा नगर, दबौली, शारदा नगर, जूही और रूमा क्षेत्र में बिक रहे अचार, सॉस, सरसों तेल और विनेगर की गुणवत्ता पर उठा बड़ा सवाल — जाँच रिपोर्ट आते ही होगी कड़ी कार्यवाही
संवाददाता : जे.ए. खान | कानपुर नगर
प्रकाशन : 15 जून 2026
कानपुर नगर। आप रोज़ाना जो अचार, सॉस और खाद्य तेल खाते हैं — क्या वह वाकई सुरक्षित है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए सोमवार को जनपद कानपुर नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने एक बड़ा अभियान चलाया और जो सामने आया, वह हर कानपुरवासी को सोचने पर मजबूर कर देता है।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उ०प्र०, लखनऊ के निर्देश और जिलाधिकारी कानपुर नगर के आदेश पर सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने आज दिनाँक 15 जून 2026 को नगर के पाँच इलाकों में एक साथ छापेमारी करते हुए विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 13 नमूने संग्रहीत किए। इन सभी नमूनों को जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
⚡ अभियान की मुख्य बातें एक नज़र में
📍 पाँच इलाकों में एक साथ छापेमारी — दादा नगर, दबौली, शारदा नगर, जूही, रूमा
🧪 13 खाद्य उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला को भेजे गए
💰 ₹75,000 मूल्य के संदिग्ध कॉन्टिनेंटल सॉस व ग्रीन चिली सॉस नष्ट
🏭 विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़, जाजमऊ — व्यापारी अनुपस्थित, परिसर सीज
⚖️ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की कार्यवाही जारी
📌 ₹75,000 का माल — बाज़ार से वापस आया, तो नष्ट कराया
अभियान का सबसे चौंकाने वाला प्रकरण तब सामने आया जब एक व्यापारी के परिसर में 175 किलो कॉन्टिनेंटल सॉस और 200 किलो ग्रीन चिली सॉस मिला — जिसे बाज़ार से वापस मँगाया गया था। संदेह था कि यह माल उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इस अनुमानित ₹75,000 मूल्य के माल को मौके पर ही नष्ट करा दिया। यह कार्यवाही इस बात का प्रमाण है कि मिलावटखोर कितनी चालाकी से माल को 'रिकवर' करके दोबारा बेचने की फिराक में रहते हैं।
"जो माल बाज़ार से संदिग्ध समझकर वापस मँगाया जाए, उसे दोबारा बेचने की कोशिश करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है।"
— खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ, कानपुर | (FSDA कार्यवाही के सन्दर्भ में)
🏭 विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़ : व्यापारी फ़रार, परिसर सीज
दौरान निरीक्षण जाजमऊ स्थित विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़ पर पहुँची टीम को सन्नाटा मिला — खाद्य कारोबारकर्ता मौके पर अनुपस्थित था। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए परिसर को सीज कर दिया। यह सवाल उठना स्वाभाविक है — क्या व्यापारी को छापे की भनक पहले ही मिल गई थी? जाँच में यह पहलू भी उजागर होना चाहिए
थाली तक पहुँच रहा था ज़हर — खाद्य विभाग की छापेमारी में 13 नमूने संदिग्ध, ₹75,000 का माल नष्ट
कानपुर नगर के दादा नगर, दबौली, शारदा नगर, जूही और रूमा क्षेत्र में बिक रहे अचार, सॉस, सरसों तेल और विनेगर की गुणवत्ता पर उठा बड़ा सवाल — जाँच रिपोर्ट आते ही होगी कड़ी कार्यवाही
संवाददाता : जे.ए. खान | कानपुर नगर
प्रकाशन : 15 जून 2026
कानपुर नगर। आप रोज़ाना जो अचार, सॉस और खाद्य तेल खाते हैं — क्या वह वाकई सुरक्षित है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए सोमवार को जनपद कानपुर नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने एक बड़ा अभियान चलाया और जो सामने आया, वह हर कानपुरवासी को सोचने पर मजबूर कर देता है।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उ०प्र०, लखनऊ के निर्देश और जिलाधिकारी कानपुर नगर के आदेश पर सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने आज दिनाँक 15 जून 2026 को नगर के पाँच इलाकों में एक साथ छापेमारी करते हुए विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 13 नमूने संग्रहीत किए। इन सभी नमूनों को जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
⚡ अभियान की मुख्य बातें एक नज़र में
📍 पाँच इलाकों में एक साथ छापेमारी — दादा नगर, दबौली, शारदा नगर, जूही, रूमा
🧪 13 खाद्य उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला को भेजे गए
💰 ₹75,000 मूल्य के संदिग्ध कॉन्टिनेंटल सॉस व ग्रीन चिली सॉस नष्ट
🏭 विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़, जाजमऊ — व्यापारी अनुपस्थित, परिसर सीज
⚖️ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की कार्यवाही जारी
📌 ₹75,000 का माल — बाज़ार से वापस आया, तो नष्ट कराया
अभियान का सबसे चौंकाने वाला प्रकरण तब सामने आया जब एक व्यापारी के परिसर में 175 किलो कॉन्टिनेंटल सॉस और 200 किलो ग्रीन चिली सॉस मिला — जिसे बाज़ार से वापस मँगाया गया था। संदेह था कि यह माल उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इस अनुमानित ₹75,000 मूल्य के माल को मौके पर ही नष्ट करा दिया। यह कार्यवाही इस बात का प्रमाण है कि मिलावटखोर कितनी चालाकी से माल को 'रिकवर' करके दोबारा बेचने की फिराक में रहते हैं।
"जो माल बाज़ार से संदिग्ध समझकर वापस मँगाया जाए, उसे दोबारा बेचने की कोशिश करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है।"
— खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ, कानपुर | (FSDA कार्यवाही के सन्दर्भ में)
🏭 विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़ : व्यापारी फ़रार, परिसर सीज
दौरान निरीक्षण जाजमऊ स्थित विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़ पर पहुँची टीम को सन्नाटा मिला — खाद्य कारोबारकर्ता मौके पर अनुपस्थित था। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए परिसर को सीज कर दिया। यह सवाल उठना स्वाभाविक है — क्या व्यापारी को छापे की भनक पहले ही मिल गई थी? जाँच में यह पहलू भी उजागर होना चाहिए।
⚠️ जन अधिकार समाचार की जाँच में उठे सवाल
◆ क्या इन 13 नमूनों की जाँच रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से सार्वजनिक होगी?
◆ जिन प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए, क्या उनके FSSAI लाइसेंस वैध हैं?
◆ विशाल भारत इण्डस्ट्रीज़ के कारोबारकर्ता की अनुपस्थिति महज़ संयोग है या कुछ और?
◆ बाज़ार से वापस आया ₹75,000 का माल — किसने, कब और क्यों वापस मँगाया था?
◆ क्या FSDA का यह अभियान नियमित है, या शिकायतों के दबाव में हुई कार्यवाही?
📋 संग्रहीत नमूनों का विवरण — 15 जून 2026
क्र. खाद्य पदार्थ क्षेत्र स्थिति
01 मिक्स अचार दादा नगर जाँचाधीन
02 चिली सॉस दादा नगर जाँचाधीन
03 स्नैक्स सॉस दादा नगर जाँचाधीन
04 स्नैक्स सॉस दबौली जाँचाधीन
05 ग्रीन चिली सॉस दबौली जाँचाधीन
06 आम का अचार शारदा नगर जाँचाधीन
07 लहसुन अचार शारदा नगर जाँचाधीन
08 नॉन फूट विनेगर जूही जाँचाधीन
09 ग्रीन चिली सॉस जूही जाँचाधीन
10 कॉन्टिनेंटल सॉस जूही जाँचाधीन
11 सरसों का तेल रूमा जाँचाधीन
12 विनेगर रूमा जाँचाधीन
13 आम का अचार रूमा जाँचाधीन
🔍 आगे क्या होगा?
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार जाँच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत आवश्यक अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। यदि नमूने मानक से नीचे पाए गए तो सम्बन्धित व्यापारियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्यवाही हो सकती है जिसमें लाइसेंस रद्द, भारी जुर्माना और कारावास तक के प्रावधान हैं।
और जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही उसे पाठकों तक पहुँचाएगा। आम जनता से अपील है कि यदि आपके क्षेत्र में मिलावटी या संदिग्ध खाद्य पदार्थ बिकते हैं तो FSDA हेल्पलाइन 1800-180-5533 पर शिकायत दर्ज करें।