कानपुर में मानसून से पहले डेंगू का खतरा बढ़ा — स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानें लक्षण और बचाव के उपाय
health - Wed Jun 24

कानपुर में मानसून की दस्तक से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हर साल बारिश के मौसम में इन बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं और इस बार भी यही खतरा मंडरा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अभी से सावधानी बरतें ताकि बाद में परेशानी से बचा जा सके।
डेंगू क्या है और कैसे फैलता है?
डेंगू एक वायरल बीमारी है जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है।
डेंगू के मच्छर कहां पनपते हैं:
कूलर का पानी
फूलदान और गमलों में भरा पानी
छत पर जमा बारिश का पानी
पुराने टायर में रुका पानी
पानी की टंकी जो ढकी न हो
फ्रिज की ट्रे में भरा पानी
डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखते हैं।
सामान्य लक्षण:
अचानक तेज बुखार (104°F या उससे अधिक)
तेज सिरदर्द, खासकर आंखों के पीछे
जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द (इसीलिए इसे "हड्डीतोड़ बुखार" भी कहते हैं)
त्वचा पर लाल चकत्ते
जी मिचलाना और उल्टी
थकान और कमजोरी
गंभीर डेंगू के संकेत (तुरंत अस्पताल जाएं):
पेट में तेज दर्द
बार-बार उल्टी
मसूड़ों या नाक से खून आना
मल या उल्टी में खून आना
सांस लेने में तकलीफ
बेचैनी या बहुत थकान
मलेरिया के बारे में जानें
मलेरिया एनोफिलीज मच्छर से फैलता है जो रात में काटता है और गंदे, रुके पानी में पनपता है।
मलेरिया के लक्षण:
ठंड लगकर बुखार आना
पसीना आकर बुखार उतरना (यह चक्र दोहराता रहता है)
सिरदर्द और कमजोरी
उल्टी और जी मिचलाना
बचाव के उपाय — घर पर
मच्छर पनपने से रोकें:
हर हफ्ते कूलर का पानी बदलें और कूलर साफ करें
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
गमलों की तश्तरी में पानी न रहने दें
पानी की टंकी हमेशा ढककर रखें
छत पर जमा पानी तुरंत निकालें
मच्छरों से बचाव:
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
शाम के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें
मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें
घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं
घर में नीम का धुआं करें
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
कानपुर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने मानसून से पहले कई कदम उठाए हैं:
शहर के विभिन्न इलाकों में फॉगिंग की जा रही है
एंटी-लार्वा स्प्रे किया जा रहा है
स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा की जांच कर रही हैं
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध है
कहां करवाएं जांच?
अगर बुखार 2-3 दिन से ज्यादा है तो तुरंत जांच करवाएं।
सरकारी सुविधाएं (मुफ्त):
हैलट अस्पताल, कानपुर
जिला अस्पताल
नजदीकी CHC (Community Health Center)
PHC (Primary Health Center)
ध्यान दें: बुखार में खुद से कोई भी दवा न लें। पेरासिटामोल ले सकते हैं, लेकिन एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन बिल्कुल न लें — ये डेंगू में खतरनाक हो सकती हैं।
बच्चों का खास ख्याल
बच्चों में डेंगू और मलेरिया तेजी से गंभीर हो सकता है। अगर बच्चे को बुखार है तो:
बच्चे को खूब पानी और तरल पदार्थ दें
ठंडे पानी की पट्टी माथे पर रखें
तुरंत डॉक्टर से मिलें
घरेलू उपाय जो मदद करते हैं
पपीते के पत्तों का रस — प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक माना जाता है
गिलोय का काढ़ा — रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
नारियल पानी — शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता
जरूरी: ये उपाय डॉक्टरी इलाज के साथ सहायक के रूप में लिए जा सकते हैं, न कि इलाज की जगह।
कानपुर की स्वास्थ्य खबरों और जरूरी जानकारी के लिए Kanpur Live पढ़ते रहें।
कानपुर में मानसून से पहले डेंगू का खतरा बढ़ा — स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानें लक्षण और बचाव के उपाय
कानपुर में मानसून की दस्तक से पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हर साल बारिश के मौसम में इन बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं और इस बार भी यही खतरा मंडरा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अभी से सावधानी बरतें ताकि बाद में परेशानी से बचा जा सके।
डेंगू क्या है और कैसे फैलता है?
डेंगू एक वायरल बीमारी है जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है।
डेंगू के मच्छर कहां पनपते हैं:
कूलर का पानी
फूलदान और गमलों में भरा पानी
छत पर जमा बारिश का पानी
पुराने टायर में रुका पानी
पानी की टंकी जो ढकी न हो
फ्रिज की ट्रे में भरा पानी
डेंगू के लक्षण
डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखते हैं।
सामान्य लक्षण:
अचानक तेज बुखार (104°F या उससे अधिक)
तेज सिरदर्द, खासकर आंखों के पीछे
जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द (इसीलिए इसे "हड्डीतोड़ बुखार" भी कहते हैं)
त्वचा पर लाल चकत्ते
जी मिचलाना और उल्टी
थकान और कमजोरी
गंभीर डेंगू के संकेत (तुरंत अस्पताल जाएं):
पेट में तेज दर्द
बार-बार उल्टी
मसूड़ों या नाक से खून आना
मल या उल्टी में खून आना
सांस लेने में तकलीफ
बेचैनी या बहुत थकान
मलेरिया के बारे में जानें
मलेरिया एनोफिलीज मच्छर से फैलता है जो रात में काटता है और गंदे, रुके पानी में पनपता है।
मलेरिया के लक्षण:
ठंड लगकर बुखार आना
पसीना आकर बुखार उतरना (यह चक्र दोहराता रहता है)
सिरदर्द और कमजोरी
उल्टी और जी मिचलाना
बचाव के उपाय — घर पर
मच्छर पनपने से रोकें:
हर हफ्ते कूलर का पानी बदलें और कूलर साफ करें
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
गमलों की तश्तरी में पानी न रहने दें
पानी की टंकी हमेशा ढककर रखें
छत पर जमा पानी तुरंत निकालें
मच्छरों से बचाव:
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
शाम के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें
मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें
घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं
घर में नीम का धुआं करें
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
कानपुर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने मानसून से पहले कई कदम उठाए हैं:
शहर के विभिन्न इलाकों में फॉगिंग की जा रही है
एंटी-लार्वा स्प्रे किया जा रहा है
स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा की जांच कर रही हैं
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डेंगू जांच की सुविधा उपलब्ध है
कहां करवाएं जांच?
अगर बुखार 2-3 दिन से ज्यादा है तो तुरंत जांच करवाएं।
सरकारी सुविधाएं (मुफ्त):
हैलट अस्पताल, कानपुर
जिला अस्पताल
नजदीकी CHC (Community Health Center)
PHC (Primary Health Center)
ध्यान दें: बुखार में खुद से कोई भी दवा न लें। पेरासिटामोल ले सकते हैं, लेकिन एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन बिल्कुल न लें — ये डेंगू में खतरनाक हो सकती हैं।
बच्चों का खास ख्याल
बच्चों में डेंगू और मलेरिया तेजी से गंभीर हो सकता है। अगर बच्चे को बुखार है तो:
बच्चे को खूब पानी और तरल पदार्थ दें
ठंडे पानी की पट्टी माथे पर रखें
तुरंत डॉक्टर से मिलें
घरेलू उपाय जो मदद करते हैं
पपीते के पत्तों का रस — प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक माना जाता है
गिलोय का काढ़ा — रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
नारियल पानी — शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता
जरूरी: ये उपाय डॉक्टरी इलाज के साथ सहायक के रूप में लिए जा सकते हैं, न कि इलाज की जगह।
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