Kanpur Cyber Fraud Gang Busted Btech Youth Police Expose 2026
crime - Fri Jun 26

कानपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसके सदस्य कोई अनपढ़ या गरीब तबके के लोग नहीं थे — बल्कि BTech और इंटर पास पढ़े-लिखे युवा थे जो अपनी तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
गिरोह कैसे करता था ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को ठगता था। गिरोह के सदस्य खुद को बैंक अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, और सरकारी विभाग के कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे।
इसके बाद वे पीड़ितों से OTP, बैंक डिटेल्स, और आधार नंबर मांगते थे। एक बार जानकारी मिलने पर खातों से पैसे उड़ा देते थे।
BTech युवाओं की भूमिका
जांच में पता चला कि गिरोह में शामिल BTech पास युवा मुख्य रूप से तकनीकी काम संभालते थे। वे फर्जी वेबसाइट बनाना, फोन नंबर स्पूफ करना, और डेटा चुराना जानते थे।
पुलिस के अनुसार इन युवाओं के पास अच्छी नौकरियों के अवसर थे, लेकिन जल्दी पैसा कमाने के लालच में वे इस रास्ते पर चले गए।
पुलिस के खुलासे
कानपुर पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं:
गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों लोगों को ठगा
ठगी की रकम करोड़ों में बताई जा रही है
गिरोह के तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हैं
फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का जाल बिछाया गया था
साइबर ठगी से कैसे बचें?
इस घटना के बाद साइबर विशेषज्ञों ने आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं:
OTP किसी को न बताएं — न बैंक कर्मचारी को, न सरकारी अधिकारी को
अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें
बैंक डिटेल्स फोन पर कभी न दें
किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत पुलिस को दें
साइबर क्राइम की शिकायत कहां करें?
अगर आप साइबर ठगी का शिकार हुए हैं तो तुरंत यहां शिकायत करें:
राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल: cybercrime.gov.in
हेल्पलाइन नंबर: 1930
स्थानीय पुलिस थाना
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साइबर ठगों के गिरोह का पर्दाफाश — BTech और इंटर पास युवाओं ने बनाया था नेटवर्क, पुलिस ने किए कई खुलासे
कानपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसके सदस्य कोई अनपढ़ या गरीब तबके के लोग नहीं थे — बल्कि BTech और इंटर पास पढ़े-लिखे युवा थे जो अपनी तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल कर रहे थे।
गिरोह कैसे करता था ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को ठगता था। गिरोह के सदस्य खुद को बैंक अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, और सरकारी विभाग के कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते थे।
इसके बाद वे पीड़ितों से OTP, बैंक डिटेल्स, और आधार नंबर मांगते थे। एक बार जानकारी मिलने पर खातों से पैसे उड़ा देते थे।
BTech युवाओं की भूमिका
जांच में पता चला कि गिरोह में शामिल BTech पास युवा मुख्य रूप से तकनीकी काम संभालते थे। वे फर्जी वेबसाइट बनाना, फोन नंबर स्पूफ करना, और डेटा चुराना जानते थे।
पुलिस के अनुसार इन युवाओं के पास अच्छी नौकरियों के अवसर थे, लेकिन जल्दी पैसा कमाने के लालच में वे इस रास्ते पर चले गए।
पुलिस के खुलासे
कानपुर पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं:
गिरोह ने पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों लोगों को ठगा
ठगी की रकम करोड़ों में बताई जा रही है
गिरोह के तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हैं
फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का जाल बिछाया गया था
साइबर ठगी से कैसे बचें?
इस घटना के बाद साइबर विशेषज्ञों ने आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं:
OTP किसी को न बताएं — न बैंक कर्मचारी को, न सरकारी अधिकारी को
अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें
बैंक डिटेल्स फोन पर कभी न दें
किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत पुलिस को दें
साइबर क्राइम की शिकायत कहां करें?
अगर आप साइबर ठगी का शिकार हुए हैं तो तुरंत यहां शिकायत करें:
राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल: cybercrime.gov.in
हेल्पलाइन नंबर: 1930
स्थानीय पुलिस थाना
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