Kanpur 250 Crore Cyber Fraud 25000 Reward Accused Arrested from Agra California Connection Jennifer Florence Revealed
crime - Sun Jul 26

कानपुर पुलिस ने 250 करोड़ रुपये के बहुचर्चित साइबर फ्रॉड मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार को पुलिस ने इस गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पेशे से स्क्रैप कारोबारी है, और जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है — इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क का एक धागा अमेरिका के कैलीफोर्निया तक जुड़ा है।
कैसे हुई गिरफ्तारी:
इससे पहले पुलिस इस साइबर फ्रॉड मामले में नौ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। लेकिन गिरोह का एक महत्वपूर्ण सदस्य अभी भी फरार था, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि वो आगरा में छुपा हुआ है। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा।
आरोपी की पहचान एक स्क्रैप कारोबारी के तौर पर हुई है, जो ऊपर से एक साधारण व्यापारी दिखता था, लेकिन असल में वो इस बड़े fraud नेटवर्क की एक अहम कड़ी था।
कैसे चलता था यह फ्रॉड नेटवर्क:
जांच में पुलिस को आरोपी के पास से तीन फर्जी फर्में मिली हैं — राजाराम ट्रेडर्स, श्रीश्याम और राधा ट्रेडर्स। इन्हीं फर्जी कंपनियों के नाम पर पूरा गोरखधंधा चलाया जा रहा था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच इन खातों के जरिए करीब 53 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ। इसके साथ ही इन्हीं फर्जी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर fake GST claims भी दाखिल किए गए, जिससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ।
कैलीफोर्निया कनेक्शन — सबसे चौंकाने वाला खुलासा:
इस पूरी जांच का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा वो है जो अमेरिका से जुड़ा है। पुलिस को पता चला कि आरोपी ने ठगी की एक बड़ी रकम कैलीफोर्निया में रहने वाली एक महिला — जेनिफर फ्लोरेंस — के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी।
यह खुलासा इस पूरे मामले को सिर्फ एक local fraud से आगे बढ़ाकर एक international money laundering network की तरफ इशारा करता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेनिफर फ्लोरेंस का इस नेटवर्क में क्या रोल है — क्या वो जानबूझकर शामिल थी या उसे भी किसी तरह इस्तेमाल किया गया।
कुल कितना बड़ा है यह घोटाला:
पुलिस अधिकारी विपिन ताडा के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए अब तक 250 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि यह UP में हाल के सालों के सबसे बड़े organized cyber crime cases में से एक बन गया है।
International Cooperation की जरूरत:
चूंकि इस मामले में एक विदेशी नागरिक का नाम सामने आया है, इसलिए पुलिस को अब Interpol और US law enforcement agencies के साथ coordination करने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे cross-border financial crimes में जांच अक्सर जटिल और लंबी होती है, क्योंकि इसमें अलग-अलग देशों के कानूनी ढांचे और cooperation treaties शामिल होते हैं।
कानपुर के व्यापारिक जगत के लिए सबक:
यह मामला दिखाता है कि कैसे scrap dealing और trading जैसे साधारण दिखने वाले व्यवसाय भी बड़े पैमाने पर वित्तीय अपराधों की आड़ बन सकते हैं। GST department और banks को ऐसे संदिग्ध transactions पर ज्यादा सतर्क निगरानी रखने की जरूरत है।
पुलिस ने कहा है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कानपुर: 250 करोड़ के साइबर फ्रॉड में 25 हजार का इनामी आगरा से गिरफ्तार — कैलीफोर्निया की जेनिफर फ्लोरेंस का कनेक्शन आया सामने
कानपुर पुलिस ने 250 करोड़ रुपये के बहुचर्चित साइबर फ्रॉड मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार को पुलिस ने इस गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पेशे से स्क्रैप कारोबारी है, और जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है — इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क का एक धागा अमेरिका के कैलीफोर्निया तक जुड़ा है।
कैसे हुई गिरफ्तारी:
इससे पहले पुलिस इस साइबर फ्रॉड मामले में नौ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। लेकिन गिरोह का एक महत्वपूर्ण सदस्य अभी भी फरार था, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि वो आगरा में छुपा हुआ है। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा।
आरोपी की पहचान एक स्क्रैप कारोबारी के तौर पर हुई है, जो ऊपर से एक साधारण व्यापारी दिखता था, लेकिन असल में वो इस बड़े fraud नेटवर्क की एक अहम कड़ी था।
कैसे चलता था यह फ्रॉड नेटवर्क:
जांच में पुलिस को आरोपी के पास से तीन फर्जी फर्में मिली हैं — राजाराम ट्रेडर्स, श्रीश्याम और राधा ट्रेडर्स। इन्हीं फर्जी कंपनियों के नाम पर पूरा गोरखधंधा चलाया जा रहा था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच इन खातों के जरिए करीब 53 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ। इसके साथ ही इन्हीं फर्जी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर fake GST claims भी दाखिल किए गए, जिससे सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ।
कैलीफोर्निया कनेक्शन — सबसे चौंकाने वाला खुलासा:
इस पूरी जांच का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा वो है जो अमेरिका से जुड़ा है। पुलिस को पता चला कि आरोपी ने ठगी की एक बड़ी रकम कैलीफोर्निया में रहने वाली एक महिला — जेनिफर फ्लोरेंस — के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी।
यह खुलासा इस पूरे मामले को सिर्फ एक local fraud से आगे बढ़ाकर एक international money laundering network की तरफ इशारा करता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेनिफर फ्लोरेंस का इस नेटवर्क में क्या रोल है — क्या वो जानबूझकर शामिल थी या उसे भी किसी तरह इस्तेमाल किया गया।
कुल कितना बड़ा है यह घोटाला:
पुलिस अधिकारी विपिन ताडा के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए अब तक 250 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि यह UP में हाल के सालों के सबसे बड़े organized cyber crime cases में से एक बन गया है।
International Cooperation की जरूरत:
चूंकि इस मामले में एक विदेशी नागरिक का नाम सामने आया है, इसलिए पुलिस को अब Interpol और US law enforcement agencies के साथ coordination करने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे cross-border financial crimes में जांच अक्सर जटिल और लंबी होती है, क्योंकि इसमें अलग-अलग देशों के कानूनी ढांचे और cooperation treaties शामिल होते हैं।
कानपुर के व्यापारिक जगत के लिए सबक:
यह मामला दिखाता है कि कैसे scrap dealing और trading जैसे साधारण दिखने वाले व्यवसाय भी बड़े पैमाने पर वित्तीय अपराधों की आड़ बन सकते हैं। GST department और banks को ऐसे संदिग्ध transactions पर ज्यादा सतर्क निगरानी रखने की जरूरत है।
पुलिस ने कहा है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।