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Kanpur 100 Crore Fraud Racket Busted Training School for Scam Operating from Guest Hous

crime - Wed Jul 22

Kanpur 100 Crore Fraud Racket Busted Training School for Scam Operating from Guest Hous
कानपुर पुलिस ने एक ऐसे fraud racket का भंडाफोड़ किया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। शहर के एक guest house में एक पूरी "पाठशाला" चल रही थी — लेकिन यह पढ़ाई की नहीं, बल्कि लोगों को ठगने के तरीके सिखाने की पाठशाला थी। इस racket के जरिए अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी होने का अनुमान है। कैसे चलता था यह रैकेट: पुलिस की जांच में पता चला कि यह गिरोह guest house के एक कमरे में एक तरह की "training academy" चला रहा था। नए लोगों को यहां बुलाकर सिखाया जाता था कि कैसे fake calls किए जाएं, कैसे लोगों को झांसे में लिया जाए, कैसे OTP निकलवाया जाए और कैसे fake documents के जरिए पैसे transfer किए जाएं। Trainees को स्क्रिप्ट दी जाती थी — बिल्कुल वैसे जैसे किसी company में employees को sales training दी जाती है। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां "sales" का मतलब था आम लोगों को ठगना। कैसे खुला राज: पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक guest house में कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। कई लोग रोज सुबह वहां जाते और शाम को निकलते — बिल्कुल किसी office की तरह। पुलिस ने सादे कपड़ों में निगरानी की और फिर छापा मारा। छापे में जो सामान मिला उसने पुलिस को भी चौंका दिया — laptops, फर्जी sim cards, training manuals, calling scripts, और fake bank documents का जखीरा। 100 करोड़ का आंकड़ा कैसे आया: Investigation में पता चला कि इस गिरोह से जुड़े लोग पूरे देश में फैले थे। कानपुर सिर्फ एक training hub था। अलग-अलग राज्यों से पीड़ितों की complaints को cross-check करने पर कुल ठगी की रकम करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। पीड़ित कौन थे: ज्यादातर पीड़ित senior citizens, कम पढ़े-लिखे लोग और वो लोग थे जो digital transactions को अच्छी तरह नहीं समझते। कुछ मामलों में तो शिक्षित लोग भी fake investment schemes के जाल में फंसे। पुलिस की कार्रवाई: अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे network को track कर रही है — कौन-कौन इस "पाठशाला" से training लेकर निकला और कहां-कहां operate कर रहा है। आम जनता के लिए सबक: यह मामला दिखाता है कि cyber fraud अब कितना organized हो गया है — यह अब छोटे-मोटे बदमाशों का काम नहीं बल्कि एक पूरा "industry" बन चुका है। कभी भी किसी अनजान call पर OTP शेयर न करें, high-return investment schemes से सावधान रहें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 पर दें।

कानपुर में 100 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश — गेस्ट हाउस में चल रही थी ठगी सिखाने की पाठशाला, पुलिस भी रह गई हैरान

कानपुर पुलिस ने एक ऐसे fraud racket का भंडाफोड़ किया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। शहर के एक guest house में एक पूरी "पाठशाला" चल रही थी — लेकिन यह पढ़ाई की नहीं, बल्कि लोगों को ठगने के तरीके सिखाने की पाठशाला थी। इस racket के जरिए अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी होने का अनुमान है। कैसे चलता था यह रैकेट: पुलिस की जांच में पता चला कि यह गिरोह guest house के एक कमरे में एक तरह की "training academy" चला रहा था। नए लोगों को यहां बुलाकर सिखाया जाता था कि कैसे fake calls किए जाएं, कैसे लोगों को झांसे में लिया जाए, कैसे OTP निकलवाया जाए और कैसे fake documents के जरिए पैसे transfer किए जाएं। Trainees को स्क्रिप्ट दी जाती थी — बिल्कुल वैसे जैसे किसी company में employees को sales training दी जाती है। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां "sales" का मतलब था आम लोगों को ठगना। कैसे खुला राज: पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक guest house में कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। कई लोग रोज सुबह वहां जाते और शाम को निकलते — बिल्कुल किसी office की तरह। पुलिस ने सादे कपड़ों में निगरानी की और फिर छापा मारा। छापे में जो सामान मिला उसने पुलिस को भी चौंका दिया — laptops, फर्जी sim cards, training manuals, calling scripts, और fake bank documents का जखीरा। 100 करोड़ का आंकड़ा कैसे आया: Investigation में पता चला कि इस गिरोह से जुड़े लोग पूरे देश में फैले थे। कानपुर सिर्फ एक training hub था। अलग-अलग राज्यों से पीड़ितों की complaints को cross-check करने पर कुल ठगी की रकम करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। पीड़ित कौन थे: ज्यादातर पीड़ित senior citizens, कम पढ़े-लिखे लोग और वो लोग थे जो digital transactions को अच्छी तरह नहीं समझते। कुछ मामलों में तो शिक्षित लोग भी fake investment schemes के जाल में फंसे। पुलिस की कार्रवाई: अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे network को track कर रही है — कौन-कौन इस "पाठशाला" से training लेकर निकला और कहां-कहां operate कर रहा है। आम जनता के लिए सबक: यह मामला दिखाता है कि cyber fraud अब कितना organized हो गया है — यह अब छोटे-मोटे बदमाशों का काम नहीं बल्कि एक पूरा "industry" बन चुका है। कभी भी किसी अनजान call पर OTP शेयर न करें, high-return investment schemes से सावधान रहें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 पर दें।