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कानपुर में तेज बारिश से सड़कें बनीं तालाब, कई इलाकों में फिर फेल हुआ जल निकासी तंत्र

Heavy Rain Floods Kanpur Streets, Drainage System Fails Again in Multiple Areas

Kanpur Live News Desk ·

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कानपुर में तेज बारिश से सड़कें बनीं तालाब, कई इलाकों में फिर फेल हुआ जल निकासी तंत्र
कानपुर शहर में हाल के दिनों में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर शहर के जल निकासी तंत्र की पोल खोल दी है। महज डेढ़ से दो घंटे की बारिश में शहर के दो दर्जन से ज्यादा इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जीटी रोड, कालपी रोड, ज़रीब चौकी क्रॉसिंग, रावतपुर, मथुरा नगर, सर्वोदय नगर, शास्त्री नगर, संत नगर, कौशलपुरी मार्ग, वीआईपी रोड, पांडु नगर, चावला मार्केट चौराहा, साकेत नगर, किदवई नगर और नौबस्ता जैसे इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही नालियों और गली-पिट से पानी बैकफ्लो होकर सड़कों पर आने लगा। कई जगहों पर तो पानी घरों की दहलीज तक पहुंच गया, जिससे लोगों को अपने घरेलू सामान को नुकसान से बचाने के लिए जूझना पड़ा। दुकानदारों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में पानी घुसने की शिकायत की, जिससे उनका माल खराब होने का खतरा पैदा हो गया। यातायात व्यवस्था पर असर जलभराव के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी, क्योंकि सड़कों पर जमा पानी में गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया था। कई जगहों पर दोपहिया वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए, जिससे यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। ऑटो और टेम्पो चालकों ने भी बताया कि सामान्य से दोगुना समय लगकर वे अपने रूट पूरे कर पाए। स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई अभिभावकों ने बताया कि जलभराव की वजह से वे समय पर बच्चों को स्कूल नहीं पहुंचा पाए, जबकि कुछ स्कूलों ने एहतियातन बच्चों को जल्दी छुट्टी दे दी। पुराना और जर्जर जल निकासी तंत्र शहर के जानकारों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह समस्या हर मानसून में दोहराई जाती है, क्योंकि शहर का सीवर और नाला नेटवर्क वर्षों पुराना और शहर की मौजूदा आबादी के हिसाब से अपर्याप्त हो चुका है। कई इलाकों में नालों की नियमित सफाई न होने की वजह से बारिश का पानी ठीक से नहीं निकल पाता। कुछ जगहों पर तो नाले कूड़े-कचरे और प्लास्टिक से पूरी तरह जाम मिले, जिससे पानी की निकासी की गति और धीमी हो गई। व्यापारी वर्ग ने भी अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, जिससे उनके कारोबार को सीधा नुकसान होता है। कुछ दुकानदारों ने अस्थायी तौर पर पानी को दुकान में घुसने से रोकने के लिए बोरियों और लकड़ी के तख्तों का सहारा लिया। राहत कार्य जारी स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग मशीनों के जरिए पानी निकालने के काम में जुटी रहीं। कई जगहों पर नगर निगम के कर्मचारी नालों की सफाई करते और जाम खोलते नजर आए। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे नालों में कूड़ा न फेंकें और जलभराव वाले क्षेत्रों से होकर गुजरते समय सावधानी बरतें, खासकर खुले मैनहोल और गड्ढों से बचें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी शहर में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। नागरिकों की मांग स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून से पहले ही नालों की गहन सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या से राहत मिल सके। कई निवासियों का कहना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए शहर के जल निकासी नेटवर्क का आधुनिकीकरण और विस्तार बेहद जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जहां हाल के वर्षों में तेजी से निर्माण और आबादी बढ़ी है। फिलहाल शहर के लोग एक बार फिर बारिश के मौसम की इस पुरानी समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं, और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में इसका स्थायी हल निकाला जाएगा।

कानपुर में तेज बारिश से सड़कें बनीं तालाब, कई इलाकों में फिर फेल हुआ जल निकासी तंत्र

कानपुर शहर में हाल के दिनों में हुई तेज बारिश ने एक बार फिर शहर के जल निकासी तंत्र की पोल खोल दी है। महज डेढ़ से दो घंटे की बारिश में शहर के दो दर्जन से ज्यादा इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जीटी रोड, कालपी रोड, ज़रीब चौकी क्रॉसिंग, रावतपुर, मथुरा नगर, सर्वोदय नगर, शास्त्री नगर, संत नगर, कौशलपुरी मार्ग, वीआईपी रोड, पांडु नगर, चावला मार्केट चौराहा, साकेत नगर, किदवई नगर और नौबस्ता जैसे इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही नालियों और गली-पिट से पानी बैकफ्लो होकर सड़कों पर आने लगा। कई जगहों पर तो पानी घरों की दहलीज तक पहुंच गया, जिससे लोगों को अपने घरेलू सामान को नुकसान से बचाने के लिए जूझना पड़ा। दुकानदारों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में पानी घुसने की शिकायत की, जिससे उनका माल खराब होने का खतरा पैदा हो गया। यातायात व्यवस्था पर असर जलभराव के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी, क्योंकि सड़कों पर जमा पानी में गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया था। कई जगहों पर दोपहिया वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए, जिससे यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। ऑटो और टेम्पो चालकों ने भी बताया कि सामान्य से दोगुना समय लगकर वे अपने रूट पूरे कर पाए। स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई अभिभावकों ने बताया कि जलभराव की वजह से वे समय पर बच्चों को स्कूल नहीं पहुंचा पाए, जबकि कुछ स्कूलों ने एहतियातन बच्चों को जल्दी छुट्टी दे दी। पुराना और जर्जर जल निकासी तंत्र शहर के जानकारों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह समस्या हर मानसून में दोहराई जाती है, क्योंकि शहर का सीवर और नाला नेटवर्क वर्षों पुराना और शहर की मौजूदा आबादी के हिसाब से अपर्याप्त हो चुका है। कई इलाकों में नालों की नियमित सफाई न होने की वजह से बारिश का पानी ठीक से नहीं निकल पाता। कुछ जगहों पर तो नाले कूड़े-कचरे और प्लास्टिक से पूरी तरह जाम मिले, जिससे पानी की निकासी की गति और धीमी हो गई। व्यापारी वर्ग ने भी अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, जिससे उनके कारोबार को सीधा नुकसान होता है। कुछ दुकानदारों ने अस्थायी तौर पर पानी को दुकान में घुसने से रोकने के लिए बोरियों और लकड़ी के तख्तों का सहारा लिया। राहत कार्य जारी स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग मशीनों के जरिए पानी निकालने के काम में जुटी रहीं। कई जगहों पर नगर निगम के कर्मचारी नालों की सफाई करते और जाम खोलते नजर आए। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे नालों में कूड़ा न फेंकें और जलभराव वाले क्षेत्रों से होकर गुजरते समय सावधानी बरतें, खासकर खुले मैनहोल और गड्ढों से बचें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी शहर में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। नागरिकों की मांग स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून से पहले ही नालों की गहन सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या से राहत मिल सके। कई निवासियों का कहना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए शहर के जल निकासी नेटवर्क का आधुनिकीकरण और विस्तार बेहद जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जहां हाल के वर्षों में तेजी से निर्माण और आबादी बढ़ी है। फिलहाल शहर के लोग एक बार फिर बारिश के मौसम की इस पुरानी समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं, और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में इसका स्थायी हल निकाला जाएगा।

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