Hardoi: Sleeper Bus Overturns into 25-Foot Ditch on Ganga Expressway — 44 Passengers Injured, Rescue Underway
traffic - Mon Jul 06

कानपुर के पास हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। सिद्धार्थनगर से आ रही एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर 25 फीट गहरी खाई में जा पलटी। बस में 44 यात्री सवार थे — सभी घायल हो गए।
हादसे का विवरण:
रात के अंधेरे में बस तेज रफ्तार से चल रही थी। किसी कारण से driver का control छूट गया और बस सीधे खाई में जा गिरी। बस के पलटते ही भीतर बैठे यात्री इधर-उधर फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।
राहत और बचाव:
खबर मिलते ही पुलिस, ambulance और NDRF की टीम मौके पर पहुंची। घायल यात्रियों को एक-एक करके खाई से निकाला गया। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर है और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे:
गंगा एक्सप्रेसवे पर यह इस साल का बड़ा हादसा है। इस expressway पर vehicles की speed बहुत ज्यादा होती है। रात के वक्त heavy vehicles और passenger buses के लिए speed limit enforcement बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि expressways पर regular rest zones और speed monitoring cameras लगाना जरूरी है। Driver fatigue भी बड़ी वजह होती है — लंबे routes पर एक से ज्यादा drivers होने चाहिए।
हरदोई: गंगा एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस 25 फीट गहरी खाई में पलटी — सिद्धार्थनगर के 44 यात्री घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
कानपुर के पास हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। सिद्धार्थनगर से आ रही एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर 25 फीट गहरी खाई में जा पलटी। बस में 44 यात्री सवार थे — सभी घायल हो गए।
हादसे का विवरण:
रात के अंधेरे में बस तेज रफ्तार से चल रही थी। किसी कारण से driver का control छूट गया और बस सीधे खाई में जा गिरी। बस के पलटते ही भीतर बैठे यात्री इधर-उधर फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।
राहत और बचाव:
खबर मिलते ही पुलिस, ambulance और NDRF की टीम मौके पर पहुंची। घायल यात्रियों को एक-एक करके खाई से निकाला गया। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर है और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे:
गंगा एक्सप्रेसवे पर यह इस साल का बड़ा हादसा है। इस expressway पर vehicles की speed बहुत ज्यादा होती है। रात के वक्त heavy vehicles और passenger buses के लिए speed limit enforcement बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि expressways पर regular rest zones और speed monitoring cameras लगाना जरूरी है। Driver fatigue भी बड़ी वजह होती है — लंबे routes पर एक से ज्यादा drivers होने चाहिए।