Fake Document Gang Busted in Kanpur Raid on Cyber Cafe 3 Arrested Thousands of Fake IDs Seized
crime - Mon Jul 20

कानपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक साइबर कैफे पर छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से हजारों नकली ID cards, certificates और अन्य documents बरामद हुए हैं।
कैसे काम करता था यह गिरोह:
यह गिरोह Aadhar card, Pan card, driving license, marksheets, income certificates और जाति प्रमाण पत्र — सब फर्जी बनाता था। ग्राहक आते थे, पैसे देते थे और कुछ घंटों में नकली documents तैयार हो जाते थे।
गिरोह ने पूरी supply chain बना रखी थी। Printer, lamination machine, government seals के duplicates — सब कुछ इस साइबर कैफे में था।
कौन थे ग्राहक:
जांच में पता चल रहा है कि इन फर्जी documents का इस्तेमाल कई जगह होता था। बैंक loans के लिए, नौकरी पाने के लिए, सरकारी schemes का फायदा उठाने के लिए और कभी-कभी criminal activities के लिए भी।
यह सिर्फ एक local crime नहीं — यह एक organized network था।
पुलिस की कार्रवाई:
तीनों आरोपियों पर Forgery, cheating और IT Act की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। Cyber cafe का सारा equipment जब्त कर लिया गया है। Police अब यह पता लगा रही है कि इन documents का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ।
बढ़ता खतरा:
कानपुर में ऐसे फर्जी document centers पहले भी पकड़े जा चुके हैं। Digital verification system होने के बावजूद लोग फर्जी documents बना रहे हैं और use कर रहे हैं। यह एक systemic problem है जिसके लिए strict enforcement जरूरी
कानपुर में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ — साइबर कैफे पर छापा, 3 आरोपी गिरफ्तार, हजारों नकली ID बरामद
कानपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एक साइबर कैफे पर छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से हजारों नकली ID cards, certificates और अन्य documents बरामद हुए हैं।
कैसे काम करता था यह गिरोह:
यह गिरोह Aadhar card, Pan card, driving license, marksheets, income certificates और जाति प्रमाण पत्र — सब फर्जी बनाता था। ग्राहक आते थे, पैसे देते थे और कुछ घंटों में नकली documents तैयार हो जाते थे।
गिरोह ने पूरी supply chain बना रखी थी। Printer, lamination machine, government seals के duplicates — सब कुछ इस साइबर कैफे में था।
कौन थे ग्राहक:
जांच में पता चल रहा है कि इन फर्जी documents का इस्तेमाल कई जगह होता था। बैंक loans के लिए, नौकरी पाने के लिए, सरकारी schemes का फायदा उठाने के लिए और कभी-कभी criminal activities के लिए भी।
यह सिर्फ एक local crime नहीं — यह एक organized network था।
पुलिस की कार्रवाई:
तीनों आरोपियों पर Forgery, cheating और IT Act की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। Cyber cafe का सारा equipment जब्त कर लिया गया है। Police अब यह पता लगा रही है कि इन documents का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ।
बढ़ता खतरा:
कानपुर में ऐसे फर्जी document centers पहले भी पकड़े जा चुके हैं। Digital verification system होने के बावजूद लोग फर्जी documents बना रहे हैं और use कर रहे हैं। यह एक systemic problem है जिसके लिए strict enforcement जरूरी