Fake Bilty Fraud in Kanpur: Truck Drivers Duped in Transport Scam, Police Silent
kanpur - Fri Jun 19

फर्जी बिल्टी और झूठे भाड़े के नाम पर ट्रक ड्राइवरों से वसूली का नया गोरखधंधा — पुलिस मूकदर्शक, पीड़ित बेबस
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक नए किस्म का साइबर ठगी का जाल बिछा हुआ है जिसमें गरीब ट्रक ड्राइवर और रोड लाइन्स संचालक बार-बार शिकार हो रहे हैं, लेकिन पुलिस की नींद अभी तक नहीं टूटी। ठाकुर नामक शातिर व्यक्ति ने इस ठगी का एक सुनियोजित तरीका ईजाद किया है जिसमें फोन पर झूठे माल का लालच देकर, विश्वास जीतकर, ऑनलाइन कमीशन ऐंठ लिया जाता है और फिर ड्राइवर डीजल खर्च करके, 4 से 24 घंटे का समय गँवाकर खाली हाथ लौटता है।
ठगी का तरीका — झूठी बिल्टी, झूठा भाड़ा
पीड़ित ट्रक ऑपरेटरों ने दैनिक जन अधिकार समाचार को बताया कि अनजान नंबर से फोन आता है। सामने वाला इतनी विश्वासजनक भाषा में बात करता है कि भोला-भाला ड्राइवर उसकी बातों में आ जाता है और मनचाहा कमीशन ऑनलाइन ट्रांसफर कर देता है। ठगी का एहसास तब होता है जब वह गंतव्य पहुँचकर पाता है कि वहाँ न कोई माल है, न कोई व्यक्ति।
कृष्णा दिल्ली राजस्थान करियर के संचालक व उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के प्रदेश संगठन मन्त्री दीपू गुप्ता बयान और बिल्टियों का पर्दाफाश
दिल्ली-राजस्थान करियर के स्वामी एवं कमीशन एजेंट दीपू गुप्ता ने बताया कि वे स्वयं दो बार ऐसे ठगों को चौकी व थाने की सुपुर्दगी में दे चुके हैं, फिर भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने अपने कार्यालय में ठगी की शिकार फर्जी बिल्टियाँ दिखाईं जिनमें भाड़े की रकम हकीकत से दोगुनी तक दर्ज थी —
बिल्टी / रूट
फर्जी भाड़ा (₹)
वास्तविक भाड़ा (₹)
ठगा गया कमीशन
न्यू हैदराबाद MP रोड लाइन्स — कानपुर से राजकोट
27,500
~13,500
₹2,000 (ट्रांसपोर्ट) + ₹4,000 (दलाल)
खन्ना रोड लाइन्स — कानपुर से जम्मू
31,700
~20,000
₹6,700 (श्रीमती मुन्नी के खाते में)
खन्ना रोड लाइन्स प्रकरण में 8 अप्रैल 2026 को बाकर गंज चौकी में तहरीर दी गई, लेकिन ढाई माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समिति ने ज्ञापन दिया, फिर भी खामोश रही पुलिस
उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने इस मामले को डीपी पूर्वी के सामने ज्ञापन देकर उठाया था। इसके बावजूद न ठगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए, न उन्हें बुलाकर पूछताछ हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। लगभग आधा दर्जन बिल्टियाँ पीड़ितों द्वारा साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की जा चुकी हैं।
पीड़ितों की माँग — ठोस कार्रवाई हो
महँगाई और डीजल की मार झेल रहे गरीब ट्रक ड्राइवरों एवं रोड लाइन्स मालिकों ने माँग की है कि —
ठगी के लिए प्रयुक्त मोबाइल नंबरों को तत्काल ब्लॉक किया जाए।
फर्जी बिल्टी बनाने वालों के विरुद्ध IPC धारा 420 (अब BNS धारा 318) और IT Act 66D के तहत FIR दर्ज हो।
बाकर गंज चौकी के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फर्जी भाड़े की जाँच हेतु विशेष टास्क फोर्स गठित हो।
फर्जी बिल्टी और झूठे भाड़े के नाम पर ट्रक ड्राइवरों से वसूली का नया गोरखधंधा — पुलिस मूकदर्शक, पीड़ित बेबस
फर्जी बिल्टी और झूठे भाड़े के नाम पर ट्रक ड्राइवरों से वसूली का नया गोरखधंधा — पुलिस मूकदर्शक, पीड़ित बेबस
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक नए किस्म का साइबर ठगी का जाल बिछा हुआ है जिसमें गरीब ट्रक ड्राइवर और रोड लाइन्स संचालक बार-बार शिकार हो रहे हैं, लेकिन पुलिस की नींद अभी तक नहीं टूटी। ठाकुर नामक शातिर व्यक्ति ने इस ठगी का एक सुनियोजित तरीका ईजाद किया है जिसमें फोन पर झूठे माल का लालच देकर, विश्वास जीतकर, ऑनलाइन कमीशन ऐंठ लिया जाता है और फिर ड्राइवर डीजल खर्च करके, 4 से 24 घंटे का समय गँवाकर खाली हाथ लौटता है।
ठगी का तरीका — झूठी बिल्टी, झूठा भाड़ा
पीड़ित ट्रक ऑपरेटरों ने दैनिक जन अधिकार समाचार को बताया कि अनजान नंबर से फोन आता है। सामने वाला इतनी विश्वासजनक भाषा में बात करता है कि भोला-भाला ड्राइवर उसकी बातों में आ जाता है और मनचाहा कमीशन ऑनलाइन ट्रांसफर कर देता है। ठगी का एहसास तब होता है जब वह गंतव्य पहुँचकर पाता है कि वहाँ न कोई माल है, न कोई व्यक्ति।
कृष्णा दिल्ली राजस्थान करियर के संचालक व उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के प्रदेश संगठन मन्त्री दीपू गुप्ता बयान और बिल्टियों का पर्दाफाश
दिल्ली-राजस्थान करियर के स्वामी एवं कमीशन एजेंट दीपू गुप्ता ने बताया कि वे स्वयं दो बार ऐसे ठगों को चौकी व थाने की सुपुर्दगी में दे चुके हैं, फिर भी पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने अपने कार्यालय में ठगी की शिकार फर्जी बिल्टियाँ दिखाईं जिनमें भाड़े की रकम हकीकत से दोगुनी तक दर्ज थी —
बिल्टी / रूट
फर्जी भाड़ा (₹)
वास्तविक भाड़ा (₹)
ठगा गया कमीशन
न्यू हैदराबाद MP रोड लाइन्स — कानपुर से राजकोट
27,500
~13,500
₹2,000 (ट्रांसपोर्ट) + ₹4,000 (दलाल)
खन्ना रोड लाइन्स — कानपुर से जम्मू
31,700
~20,000
₹6,700 (श्रीमती मुन्नी के खाते में)
खन्ना रोड लाइन्स प्रकरण में 8 अप्रैल 2026 को बाकर गंज चौकी में तहरीर दी गई, लेकिन ढाई माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समिति ने ज्ञापन दिया, फिर भी खामोश रही पुलिस
उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने इस मामले को डीपी पूर्वी के सामने ज्ञापन देकर उठाया था। इसके बावजूद न ठगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए, न उन्हें बुलाकर पूछताछ हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। लगभग आधा दर्जन बिल्टियाँ पीड़ितों द्वारा साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की जा चुकी हैं।
पीड़ितों की माँग — ठोस कार्रवाई हो
महँगाई और डीजल की मार झेल रहे गरीब ट्रक ड्राइवरों एवं रोड लाइन्स मालिकों ने माँग की है कि —
ठगी के लिए प्रयुक्त मोबाइल नंबरों को तत्काल ब्लॉक किया जाए।
फर्जी बिल्टी बनाने वालों के विरुद्ध IPC धारा 420 (अब BNS धारा 318) और IT Act 66D के तहत FIR दर्ज हो।
बाकर गंज चौकी के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फर्जी भाड़े की जाँच हेतु विशेष टास्क फोर्स गठित हो।