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Ebola Crisis Congo 300 Deaths Doctors Fighting Without Protective Gear One Doctors Story

health - Thu Jul 02

 Ebola Crisis Congo 300 Deaths Doctors Fighting Without Protective Gear One Doctors Story
अफ्रीका के मध्य में बसे Democratic Republic of Congo (DRC) में इन दिनों एक खामोश लेकिन खतरनाक जंग लड़ी जा रही है। यह जंग बंदूकों से नहीं, बल्कि Ebola वायरस के खिलाफ है। जून 2026 में शुरू हुए इस Ebola प्रकोप में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसे समय रहते नहीं रोका गया तो यह हालिया इतिहास का सबसे घातक Ebola outbreak बन सकता है। Ebola क्या है? Ebola एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने और शरीर के अन्य तरल पदार्थों से फैलती है। इसमें तेज बुखार, उल्टी, दस्त और अंदरूनी रक्तस्राव होता है। मृत्यु दर 25% से 90% तक हो सकती है। एक डॉक्टर की आपबीती Congo के Ituri प्रांत में ALIMA (Alliance for International Medical Action) के साथ काम करने वाले Dr. Richard Kojan ने अपनी स्थिति बयान करते हुए कहा: "हमारे पास मरीज हैं, दिल है, हिम्मत है — लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। हम Ebola के मरीजों को छूते हैं, उनकी देखभाल करते हैं, जानते हुए कि हम खुद भी संक्रमित हो सकते हैं। लेकिन कोई तो करे यह काम।" Dr. Kojan और उनकी टीम ऐसे इलाके में काम कर रही है जहां बिजली नहीं, सड़कें नहीं, और दवाइयां भी कम हैं। फिर भी वे हर दिन मरीजों के पास जाते हैं। क्लीनिक का हाल Ituri प्रांत के स्थानीय अस्पतालों में मरीज जमीन पर लेटे हैं। बेड नहीं हैं। दवाइयां खत्म हो रही हैं। डॉक्टर और नर्सें थकी हुई हैं लेकिन रुकने का नाम नहीं ले रहे। एक नर्स ने बताया: "मेरे तीन सहकर्मी पिछले महीने Ebola से मर गए। मैं डरती हूं, लेकिन मरीजों को देखकर रुक नहीं सकती।" दुनिया की प्रतिक्रिया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे International Public Health Emergency घोषित किया है। लेकिन जमीन पर मदद पहुंचने में देरी हो रही है। कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जैसे UNICEF, MSF (Doctors Without Borders) और ALIMA राहत काम में जुटी हैं। Congo और Ebola का पुराना रिश्ता Congo Ebola का "घर" माना जाता है — 1976 में Ebola वायरस की पहचान यहीं Congo River के पास हुई थी। तब से यहां कई बार Ebola फैल चुका है। 2018-2020 का outbreak अब तक का सबसे घातक था जिसमें 2,200 से ज्यादा लोग मरे। भारत के लिए कनेक्शन भारत से कई डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ काम करते हैं। यह उनकी वीरता और सेवाभाव की कहानी है जो दुनिया के सबसे मुश्किल हालात में भी मानवता की सेवा करते हैं। आप क्या कर सकते हैं? अगर आप इस Ebola प्रकोप में मदद करना चाहते हैं: MSF India: msfindia.in UNICEF India: unicef.in ये संस्थाएं Congo में राहत कार्य कर रही हैं दुनिया की रोचक और दिल छू लेने वाली कहानियों के लिए Kanpur Live Stories पढ़ते रहें।

Congo में Ebola का कहर — 300 से ज्यादा मौतें, डॉक्टर बिना सुरक्षा उपकरण के लड़ रहे जंग; एक डॉक्टर की आपबीती

अफ्रीका के मध्य में बसे Democratic Republic of Congo (DRC) में इन दिनों एक खामोश लेकिन खतरनाक जंग लड़ी जा रही है। यह जंग बंदूकों से नहीं, बल्कि Ebola वायरस के खिलाफ है। जून 2026 में शुरू हुए इस Ebola प्रकोप में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसे समय रहते नहीं रोका गया तो यह हालिया इतिहास का सबसे घातक Ebola outbreak बन सकता है। Ebola क्या है? Ebola एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने और शरीर के अन्य तरल पदार्थों से फैलती है। इसमें तेज बुखार, उल्टी, दस्त और अंदरूनी रक्तस्राव होता है। मृत्यु दर 25% से 90% तक हो सकती है। एक डॉक्टर की आपबीती Congo के Ituri प्रांत में ALIMA (Alliance for International Medical Action) के साथ काम करने वाले Dr. Richard Kojan ने अपनी स्थिति बयान करते हुए कहा: "हमारे पास मरीज हैं, दिल है, हिम्मत है — लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। हम Ebola के मरीजों को छूते हैं, उनकी देखभाल करते हैं, जानते हुए कि हम खुद भी संक्रमित हो सकते हैं। लेकिन कोई तो करे यह काम।" Dr. Kojan और उनकी टीम ऐसे इलाके में काम कर रही है जहां बिजली नहीं, सड़कें नहीं, और दवाइयां भी कम हैं। फिर भी वे हर दिन मरीजों के पास जाते हैं। क्लीनिक का हाल Ituri प्रांत के स्थानीय अस्पतालों में मरीज जमीन पर लेटे हैं। बेड नहीं हैं। दवाइयां खत्म हो रही हैं। डॉक्टर और नर्सें थकी हुई हैं लेकिन रुकने का नाम नहीं ले रहे। एक नर्स ने बताया: "मेरे तीन सहकर्मी पिछले महीने Ebola से मर गए। मैं डरती हूं, लेकिन मरीजों को देखकर रुक नहीं सकती।" दुनिया की प्रतिक्रिया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे International Public Health Emergency घोषित किया है। लेकिन जमीन पर मदद पहुंचने में देरी हो रही है। कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जैसे UNICEF, MSF (Doctors Without Borders) और ALIMA राहत काम में जुटी हैं। Congo और Ebola का पुराना रिश्ता Congo Ebola का "घर" माना जाता है — 1976 में Ebola वायरस की पहचान यहीं Congo River के पास हुई थी। तब से यहां कई बार Ebola फैल चुका है। 2018-2020 का outbreak अब तक का सबसे घातक था जिसमें 2,200 से ज्यादा लोग मरे। भारत के लिए कनेक्शन भारत से कई डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ काम करते हैं। यह उनकी वीरता और सेवाभाव की कहानी है जो दुनिया के सबसे मुश्किल हालात में भी मानवता की सेवा करते हैं। आप क्या कर सकते हैं? अगर आप इस Ebola प्रकोप में मदद करना चाहते हैं: MSF India: msfindia.in UNICEF India: unicef.in ये संस्थाएं Congo में राहत कार्य कर रही हैं दुनिया की रोचक और दिल छू लेने वाली कहानियों के लिए Kanpur Live Stories पढ़ते रहें।