Car Was Speeding at 120KM/H, Airbags Burst on Impact with Truck — No Cut, No Nearby Hospital, Four Friends Dead
up-politics - Sat Jun 13

उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख हाईवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि कार लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी, जब वह सामने से आ रहे एक ट्रक से जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार कि एयरबैग फट गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। हादसे की रफ्तार इतनी तेज थी कि कार के एयरबैग खुलते ही फट गए, फिर भी चारों सवार बुरी तरह जख्मी हो गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मेडियन कट न होने से बढ़ी मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनास्थल के पास सड़क पर कोई मेडियन कट (यू-टर्न प्वाइंट) नहीं था, जिससे राहत और बचाव कार्य में देरी हुई। एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम को घुमावदार रास्ते से पहुंचना पड़ा।
नजदीकी अस्पताल की कमी बनी समस्या
हादसे की एक बड़ी वजह यह भी रही कि घटनास्थल के आसपास कोई बड़ा अस्पताल नहीं था। घायलों को काफी दूर अस्पताल ले जाना पड़ा, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका।
हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्ट्रेच पर मेडियन कट्स, साइनेज और इमरजेंसी रेस्पॉन्स पॉइंट्स बढ़ाए जाएं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ओवरस्पीडिंग को इस दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।
Kanpur Live अपने पाठकों से अपील करता है — हाईवे पर स्पीड लिमिट का पालन करें, यह छोटी सी सावधानी आपकी जान बचा सकती है।
120KM थी कार की रफ्तार, ट्रक में घुसते ही फटे एयरबैग — न कट था पास, न अस्पताल नजदीक, चार दोस्तों की दर्दनाक मौत
उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख हाईवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार दोस्तों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि कार लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी, जब वह सामने से आ रहे एक ट्रक से जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार कि एयरबैग फट गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। हादसे की रफ्तार इतनी तेज थी कि कार के एयरबैग खुलते ही फट गए, फिर भी चारों सवार बुरी तरह जख्मी हो गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मेडियन कट न होने से बढ़ी मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनास्थल के पास सड़क पर कोई मेडियन कट (यू-टर्न प्वाइंट) नहीं था, जिससे राहत और बचाव कार्य में देरी हुई। एंबुलेंस और रेस्क्यू टीम को घुमावदार रास्ते से पहुंचना पड़ा।
नजदीकी अस्पताल की कमी बनी समस्या
हादसे की एक बड़ी वजह यह भी रही कि घटनास्थल के आसपास कोई बड़ा अस्पताल नहीं था। घायलों को काफी दूर अस्पताल ले जाना पड़ा, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका।
हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्ट्रेच पर मेडियन कट्स, साइनेज और इमरजेंसी रेस्पॉन्स पॉइंट्स बढ़ाए जाएं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ओवरस्पीडिंग को इस दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है।
Kanpur Live अपने पाठकों से अपील करता है — हाईवे पर स्पीड लिमिट का पालन करें, यह छोटी सी सावधानी आपकी जान बचा सकती है।